भारत के मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि अपनी अनोखी परंपराओं, स्थापत्य कला और रहस्यमयी मान्यताओं के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। हजारों वर्षों पुराना धार्मिक इतिहास। अनोखी वास्तुकला और वैज्ञानिक पहलू। रहस्यमयी घटनाओं से जुड़े मंदिर। देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र।
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर (केरल) मंदिर के विशाल खजाने और गुप्त कक्षों ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। मंदिर की वास्तुकला और परंपराएं बेहद प्राचीन हैं। भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। जगन्नाथ मंदिर (पुरी) मंदिर की रसोई दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक रसोइयों में गिनी जाती है। ध्वज और परंपराओं से जुड़ी कई अनोखी मान्यताएं प्रसिद्ध हैं। वार्षिक रथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है।
बृहदेश्वर मंदिर (तमिलनाडु) चोल वंश की शानदार स्थापत्य कला का उदाहरण। विशाल पत्थर की संरचना और गुंबद इसकी खास पहचान हैं। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में प्रसिद्ध। दिलवाड़ा मंदिर (राजस्थान) संगमरमर पर की गई बारीक नक्काशी के लिए प्रसिद्ध। जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल। इसकी कलाकारी देखकर पर्यटक आश्चर्यचकित रह जाते हैं।
कोणार्क सूर्य मंदिर (ओडिशा) सूर्य देव को समर्पित ऐतिहासिक मंदिर। रथ के आकार की इसकी संरचना अद्भुत है। पत्थरों पर की गई नक्काशी इसकी विशेष पहचान है। कामाख्या मंदिर (असम) शक्तिपीठों में प्रमुख स्थान रखता है। यहां की धार्मिक परंपराएं इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाती हैं। अंबुबाची मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
विरुपाक्ष मंदिर (हम्पी) विजयनगर साम्राज्य की प्राचीन विरासत। अपनी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध। केदारनाथ मंदिर (उत्तराखंड) हिमालय में स्थित प्रमुख शिव धाम। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र। बांके बिहारी मंदिर (वृंदावन) भगवान कृष्ण की भक्ति परंपरा का प्रमुख केंद्र। यहां की पूजा-पद्धति और भक्तों की आस्था विशेष आकर्षण है।
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