एक महीने में चीनी 15.6% महंगी

20 जुलाई को चीनी की कीमत ₹48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त तक बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो पहुंच गई। यानी एक महीने में कीमत करीब 15.6% बढ़ी।

क्या इथेनॉल है महंगाई की वजह?

सरकार ने साफ किया है कि चीनी की कीमत बढ़ने की वजह इथेनॉल के लिए चीनी डायवर्ट करना नहीं है। इथेनॉल के लिए डायवर्ट होने वाली चीनी की हिस्सेदारी 2022-23 के करीब 12% से घटकर 2025-26 में करीब 9% रह गई है।

चीनी महंगी होने की 5 बड़ी वजहें

अनुमान से कम चीनी उत्पादन,त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी मांग,बारिश और मौसम से गन्ने को नुकसान,रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियां, जमाखोरी और सट्टेबाजी के आरोप

उत्पादन अनुमान से कम

मौजूदा सीजन में चीनी उत्पादन करीब 306 लाख टन रहने का अनुमान है। शुरुआत में गन्ना उत्पादक राज्यों ने करीब 343 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया था।

सरकार बोली-स्टॉक की कमी नहीं

सरकार के मुताबिक अक्टूबर में नई क्रशिंग सीजन शुरू होने तक घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी स्टॉक मौजूद है। वहीं देश में बनने वाले इथेनॉल का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अनाज, खासकर मक्के से आता है।

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