जिंदा चिता पर लेटकर विरोध कर रहे हैं आदिवासी केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ 📍 छतरपुर, मध्य प्रदेश | 2026
आदिवासी परिवार प्रतीकात्मक रूप से लकड़ियों की चिता पर लेटकर विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त पुनर्वास और मुआवजे के बिना उन्हें अपनी जमीन और घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना के तहत बनने वाले ढोडन बांध से 24 से अधिक गांव प्रभावित होने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जमीन, जंगल और आजीविका पर संकट है, जबकि सरकार का कहना है कि पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था की गई है।
यह विरोध अप्रैल 2026 में शुरू हुआ था और जुलाई में फिर तेज हो गया। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं। यह आंदोलन अब विकास परियोजनाओं और आदिवासी अधिकारों के बीच संतुलन पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है.
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