ऐसा हिंदुस्तान हमें नहीं चाहिए, अन्याय का हिंदुस्तान है

भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि इस हिंदुस्तान में 3-4 अरबपतियों के हाथ में सारी इंडस्ट्री हैं। पोर्ट, हवाई अड्डे, सड़कें, टेलीकॉम और रेलवे उनके हाथ में जा रही हैं। ऐसा हिंदुस्तान हमें नहीं चाहिए। यह अन्याय का हिंदुस्तान है। जब हमने यात्रा शुरू की थी तो विपक्ष ने कहा था की हिंदुस्तान 3,600 किमी लंबा है जिसे पैदल नहीं किया जा सकता और इस तिरंगे को श्रीनगर लहराएंगे।यह यात्रा हिंदुस्तान में फैलाए जा रहे नफरत, हिंसा और डर के ख़िलाफ़ है।

बंजारा लोकनर्तक रीना नरेंद्र पवार ने राहुल गांधी के स्वागत में अपना खास नृत्य पेश किया। सिर पर गिलास और गिलास पर 51 मटकियां रखकर प्रस्तुति दी। यात्रा सुबह सात बजे बोदरली से रवाना हुई। सुबह 10 बजे सेंटर जेवियर स्कूल पहुंचने के बाद यात्रा विश्राम करेगी। राहुल और उनके साथ आए यात्री सात किमी पैदल चलेंगे। शाम चार बजे यात्रा दोबारा शुरू होगी। ट्रांसपोर्ट नगर में एक सभा रखी गई है। झिरी में राहुल रात्रि विश्राम करेंगे।

लोगों के मन से डर मिटाना हमारा लक्ष्य
राहुल ने बुरहानपुर में कहा कि इस प्यार भरे स्वागत के लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद। महाराष्ट्र से हमारे साथ आए लोग लौट जाएंगे। महाराष्ट्र में इन्होंने यात्रा बहुत अच्छे से आयोजित की। बहुत अच्छा मैसेज महाराष्ट्र और भारत में गया। यह यात्रा कन्याकुमारी में शुरू की थी। विपक्ष के लोगों ने कहा था कि हिंदुस्तान तीन हजार 600 किमी लंबा है। यह पैदल नहीं तय किया जा सकता। हम मध्यप्रदेश आ गए हैं। 370 किमी यहां चलेंगे। यह तिरंगा श्रीनगर तक जाएगा और हम डरने वाले नहीं हैं।

See also  बीजेपी प्रत्याशी ने एमपी में महापौर पद के सबसे अमीर उम्मीदवार ( richest candidate)को हराया

राहुल ने कहा कि यात्रा के पीछे दो-तीन लक्ष्य है। यह यात्रा उस नफरत, हिंसा और डर के खिलाफ है, जिसे हिंदुस्तान में फैलाया जा रहा है। भाजपा का तरीका यही है। सबसे पहले, डर फैलाना। युवाओं, किसानों और आम लोगों में डर फैलाना। जब डर फैल जाता है तो उसे हिंसा में बदल देते हैं। हिंसा डर का ही रूप है। जो डरता नहीं है, वह हिंसा भी नहीं कर सकता। जो डरता है, वह ही हिंसा करता है। डर मिटाना हमारा लक्ष्य है। इस हिंदुस्तान में किसी से डरने की जरूरत नहीं है।

युवाओं के सपने पूरे नहीं हो सकते
राहुल ने एक पांच साल के बच्चे रुद्रा को मंच पर बुलाया। उन्होंने कहा कि रुद्रा पांच साल का है। यह डॉक्टर बनना चाहता है। इसने अपना सपना बना लिया है। यह उसके लिए काम करेगा। आज के हिंदुस्तान में रुद्रा का सपना पूरा नहीं हो सकता। मैं ऐसे नहीं बोल रहा। सत्तर दिन से चल रहा हूं। हर प्रदेश में रुद्रा जैसे युवाओं से मिला। कोई इंजीनियर बनना चाहता है, कोई डॉक्टर तो कोई लॉयर। सारे के सारे स्कूल प्राइवेटाइज हो गए। लाखों रुपये जेब से निकालने होंगे। उसके बाद रुद्रा को पता चलेगा कि माता-पिता के खून-पसीने ने उसे शिक्षा दिलाई। वह डॉक्टरी नहीं कर सकेगा और मजदूरी करने लगेगा। बेरोजगारों का हिंदुस्तान हम नहीं चाहते। तीन-चार उद्योगपतियों के हाथ में सारी की सारी इंडस्ट्री है। एयरपोर्ट, टेलीफोन और रेलवे तक उनके हाथ में जा रही है। हमें न्याय चाहिए। गरीबों को न्याय मिलना चाहिए। तीसरी बात महंगाई की है।