मिट्टी के मोल बिक रही किसानों की सब्जियां 

मिट्टी के मोल बिक रही किसानों की सब्जियां 

 बीकेटी  लखनऊ:  इटौंजा क्षेत्र के थोक एवं फुटकर  सब्जी व्यापारियों ने बताया कि स्थानीय बाजारों तथा मानपुर सब्जी मंडी में किसानों की सब्जियां मिट्टी के मोल बिक रही है। किसानों की लागत तो दूर यहां तक कि उनकी सिंचाई के पैसे तक नहीं आ रहे हैं। जिससे किसान की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।  क्षेत्र के सब्जी व्यापारियों ने बताया कि बाजारों व सब्जी मंडी में तरोई ₹5 प्रति किलोग्राम लौकी ₹1 प्रति किलोग्राम भिंडी 10 से ₹10 प्रति किलोग्राम करेला ₹20प्रति किलोग्राम परवल ₹20 प्रति किलोग्राम टमाटर ₹40 प्रति किलोग्राम आलू 15 से ₹20 प्रति किलोग्राम कटहल ₹35 प्रति किलोग्राम तथा प्याज ₹15 प्रति किलोग्राम स्थानीय बाजार में खुलेआम बिक रहा है। सब्जियां बेभाव बिकने से किसानों को अपनी गांठ की पूंजी भी खोनी पड़ रही है। सब्जियों ने किसानों की आशाओं पर पानी फेर दिया।अब किसानों को अपने परिवार को दोजून का निवाला जुटा पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है खेत है।

क्षेत्र के किसान रामदेव, विनीत,पप्पू, मेवालाल, लल्ला, हामिद तथा सैकड़ों किसान सब्जी का उत्पादन करते हैं। उन्होंने बताया कि सब्जी इतनी सस्ती बिक रही है कि किसान को घाटा उठाना पड़ रहा है। वे इस समय आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। किसानों ने शासन से मांग की है कि इटौंजा क्षेत्र में सब्जी मंडी का निर्माण करवाया जाए। जिससे किसानों को सब्जियों का उचित मूल्य मिल सके। इसके अलावा व्यापारियों तथा बिचौलियों के शोषण से मुक्ति पा सके।
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