(condition):

सुधरेगी महिलाओं की आर्थिक स्थिति

कुशीनगर । ग्रामीण (condition) क्षेत्रों की महिलाओं को मिलेगा रोजगारजिला संसाधन व्यक्ति राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कुशीनगर के अधिकारी संतोष कुमार पाण्डेय ने बताया कि गांव की महिलाओं को रोजगार (condition) के अवसर उपलब्ध कराने के लिए बांस की नर्सरी तैयार कराने की योजना पर कार्य चल रहा है।

नर्सरी तैयार करने से लेकर इसकी बिक्री तक का सारा खर्च मनरेगा से किया जाएगा। नर्सरी से प्राप्त होने वाली आय के लाभांश को समूह की महिलाओं में बांट दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थित सुदृढ़ होगी।

अगरबत्ती बनाने,आंवला,गेंदा का फूल हल्दी का पैकेट समेत अन्य छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना कर गांव की महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा है। अब जिले के 34 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बांस की नर्सरी तैयारी करने की जिम्मेदारी देने की कार्य योजना पर कार्य चल रहा है।

इसके लिए जिले के 14 ब्लॉकों में 34 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को चिह्नित किया गया है। बांस की नर्सरी करीब एक फीट बड़ी होने के बाद इसकी खरीदारी मनरेगा से की जाएगी। मनरेगा से जिले के गांवों में खाली पड़ी सरकारी भूमि पर बॉस की पौधे लगाये जाएंगे।। इसकी नर्सरी तैयार करने से लेकर बिक्री तक की व्यवस्था मनरेगा से की जा रही है।

बांस का उपयोग विभिन्न कार्यों में होता है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से कई प्रयास किए जा रहे हैं।स्वयं सहायता समूहों की तरफ से तैयार किए जाने वाले बांस की लंबाई 70 से 80 फीट होगी। यह करीब दो वर्ष में तैयार हो जाएगा।

See also  सर्वे के लिए देरी से हाईकोर्ट नाराज

इसकी मजबूती जिले में पाए जाने वाले अन्य बांस से अधिक है। इसलिए इसका प्रयोग कुर्सी, ड्राइंग टेबल समेत अन्य सजावटी सामान बनाने में किया जा सकता है।बांस की नर्सरी तैयार करने के लिए जिले के 34 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।