<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.tarunmitra.in/jansangharsh-samiti/tag-95797" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Tarun Mitra RSS Feed Generator</generator>
                <title>Jansangharsh Samiti - Tarun Mitra</title>
                <link>https://www.tarunmitra.in/tag/95797/rss</link>
                <description>Jansangharsh Samiti RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जनसंघर्ष समिति ने सीजेपी आंदोलन में माओवादी शामिल होने का किया दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> नक्सलवाद से प्रभावित लोगों के लिए काम करने वाली जनसंघर्ष समिति ने दावा किया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हाल में हुए छात्र आंदोलन में कुछ माओवादी पृष्ठभूमि के लोग भी शामिल थे। समिति ने सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। समिति ने सरकार से इस पूरे मामले की जांच कराने की भी गुहार लगाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">नीट प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर दिल्ली समेत देशभर में आंदोलन हुए थे। इस आंदोलन को लेकर जनसंघर्ष समिति ने दावा किया है कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/national/jan-sangharsh-samiti-claimed-maoist-involvement-in-cjp-movement/article-158576"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/722279e9e630b3e731464b69968ea4b4_282758974.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> नक्सलवाद से प्रभावित लोगों के लिए काम करने वाली जनसंघर्ष समिति ने दावा किया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हाल में हुए छात्र आंदोलन में कुछ माओवादी पृष्ठभूमि के लोग भी शामिल थे। समिति ने सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। समिति ने सरकार से इस पूरे मामले की जांच कराने की भी गुहार लगाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">नीट प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर दिल्ली समेत देशभर में आंदोलन हुए थे। इस आंदोलन को लेकर जनसंघर्ष समिति ने दावा किया है कि सीजेपी की ओर से जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन में अरुण भेलके नामक व्यक्ति शामिल हुए थे। भेलके की माओवादी पृष्ठभूमि को लेकर समिति ने अभिजीत दीपके से स्पष्टीकरण की मांग की है। समिति ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या आयोजकों को उनके आंदोलन में शामिल होने की जानकारी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष दत्ता शिर्के ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों की पृष्ठभूमि, उनकी भूमिका और कथित बयानों की सत्यता की जांच की जानी चाहिए। शिर्के ने कहा, “छात्रों की नीट परीक्षा के मुद्दे पर आयोजित आंदोलन में अरुण भेलके की भागीदारी आखिर किस भूमिका में थी? उनके कथित बयान की सच्चाई क्या है? और इस भागीदारी को लेकर आंदोलन के आयोजक क्या स्पष्टीकरण देंगे?”</p>
<p style="text-align:justify;">आंदोलन के दौरान अरुण भेलके द्वारा संसद के संबंध में आपत्तिजनक और धमकी भरे बयान दिए जाने का आरोप समिति ने लगाया है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में वह संसद के संबंध में आपत्तिजनक बयान देता हुआ दिखाई दे रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति के अनुसार, अरुण भेलके मूल रूप से चंद्रपुर के रहने वाले हैं और शुरुआती दौर में छात्र आंदोलन से जुड़े थे। इसके बाद उनके माओवादी आंदोलन से संबंध स्थापित होने तथा चंद्रपुर-गढ़चिरौली क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों के साथ काम करने का दावा समिति ने किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति के दावे के अनुसार, जांच एजेंसियों का आरोप था कि अरुण भेलके ने माओवादी कमांडर मिलिंद तेलतुंबडे के साथ काम किया था। माओवादी संगठन के कथित नेटवर्क की ओर से उन्हें मुंबई-पुणे क्षेत्र में काम करने के लिए भेजा गया था। महाराष्ट्र एटीएस ने वर्ष 2014 में पुणे के कासेवाड़ी इलाके से भेलके को गिरफ्तार किया था। उनके पास से माओवादी आंदोलन से संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद होने की बात भी समिति ने कही है। जांच एजेंसियों का आरोप था कि गिरफ्तारी के समय भेलके किसी दूसरे नाम और कथित फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति का दावा है कि भेलके के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई थी और इस मामले में विशेष अदालत ने उन्हें आठ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। समिति के अनुसार वर्ष 2023 में सजा पूरी करने के बाद वह जेल से बाहर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति का मुख्य सवाल यह है कि यदि अरुण भेलके की पिछली न्यायिक पृष्ठभूमि और संबंधित मामले रिकॉर्ड में मौजूद थे, तो छात्रों की नीट परीक्षा के मुद्दे पर दिल्ली में आयोजित आंदोलन में उनकी वास्तविक भूमिका क्या थी? समिति ने सवाल उठाया है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई संसद के संबंध में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोपी व्यक्ति की आंदोलन में भागीदारी के बारे में क्या आयोजकों को जानकारी थी? उनकी भूमिका क्या थी और उनके आंदोलन में शामिल होने के पीछे उद्देश्य क्या था?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/national/jan-sangharsh-samiti-claimed-maoist-involvement-in-cjp-movement/article-158576</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/national/jan-sangharsh-samiti-claimed-maoist-involvement-in-cjp-movement/article-158576</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 17:17:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-08/722279e9e630b3e731464b69968ea4b4_282758974.jpeg"                         length="97913"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        