उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों की समाप्ति आवश्यक:संघर्ष समिति
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा है कि ऊर्जा निगमों में कर्मचारियों एवं अभियंताओं के विरुद्ध लगातार की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों,लिखित समझौतों के अनुपालन में हो रही अनदेखी तथा कर्मचारी संगठनों के साथ संवादहीनता के कारण कार्य वातावरण लगातार प्रभावित हो रहा है। इसका प्रतिकूल प्रभाव प्रदेश की विद्युत व्यवस्था पर भी पड़ रहा है,विशेषकर ऐसे समय में जब भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि ऊर्जा निगमों में तत्काल जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल का गठन किया जाए तथा कर्मचारियों और अभियंताओं के विरुद्ध चल रही सभी उत्पीड़नात्मक एवं दमनात्मक कार्यवाहियां वापस ली जाएं। संघर्ष समिति का कहना है कि प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच नियमित संवाद एवं सहयोग की व्यवस्था स्थापित होने से उपभोक्ताओं को बेहतर, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी तथा मुख्यमंत्री के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा। संघर्ष समिति ने बताया कि जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल में प्रबंधन एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं तथा नियमित बैठकों के माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक, तकनीकी एवं कार्मिक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ एवं राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की परंपरा रही है। ऐसी व्यवस्था से पारस्परिक विश्वास बढ़ता है, समस्याओं का समयबद्ध समाधान होता है तथा समझौतों के अनुपालन की प्रभावी निगरानी संभव होती है।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
