पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन होंगे निलंबित
आगरा । जिले में ऐसे उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन निलंबित किए जाने की तैयारी की जा रही है, जिनके घरों में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध है और इसके बावजूद वे एलपीजी कनेक्शन का भी उपयोग कर रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर पूर्ति विभाग ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार जिले में 50 हजार से अधिक ऐसे उपभोक्ता चिन्हित किए जा रहे हैं, जिनके पास पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं।
जिलापूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि जिले में 87 गैस वितरक कार्यरत हैं और करीब 13.57 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें 3.40 लाख लाभार्थी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े हैं। वहीं शहर में 75 हजार से अधिक पीएनजी उपभोक्ता भी हैं। जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोगों ने पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद भी अपना एलपीजी कनेक्शन चालू रखा है और सिलिंडर भी ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इससे पहले मंत्रालय की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं से स्वेच्छा से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की अपील की गई थी। हालांकि, कई लोगों ने ऐसा नहीं किया। अब विभाग पीएनजी और एलपीजी उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। इसके लिए आधार कार्ड को प्रमुख आधार बनाया गया है। आधार संख्या के माध्यम से दोनों डेटाबेस की जांच कर दोहरे कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं की पहचान की जा रही है।
विभाग के अनुसार एलपीजी कनेक्शन पूरी तरह समाप्त नहीं किए जाएंगे, बल्कि उन्हें निलंबित किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी उपभोक्ता को एलपीजी की आवश्यकता पड़ती है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने कनेक्शन को दोबारा बहाल करा सकेगा।
दूसरी ओर जिले में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। ग्रीन गैस लिमिटेड (गेल) को 30 जून तक पांच हजार नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य दिया गया है। पांच जून तक करीब तीन हजार नए कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। विभाग ने लोगों से सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक पीएनजी सेवा का लाभ लेने की अपील की है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
