महिला राष्ट्र निर्माण की अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रही है :डॉ. विभा दत्ता
गोरखपुर । भारतीय जनता पार्टी द्वारा संचालित “ *नारी शक्ति वंदन* *अधिनियम” अभियान के* *अंतर्गत आज* *सर्किट हाउस,महिला सशक्तिकरण विषय पर एक गरिमामयी प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं_ इसके व्यापक सामाजिक प्रभावों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में एम्स गोरखपुर की निदेशक डॉ. विभा दत्ता एवं प्रसिद्द अधिवक्ता रूपल त्रिपाठी की विशिष्ट उपस्थिति रही।
अपने विस्तृत उद्बोधन में डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक विधायी पहल नहीं, बल्कि भारतीय समाज में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त और सम्मानित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का आधार है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के प्रत्येक क्षेत्र—शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति और आर्थिक गतिविधियों—में महिलाओं की सक्रिय और निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक समग्र विकास की कल्पना अधूरी रहेगी।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज की महिला केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण की अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रही है। ऐसे में यह अधिनियम उन्हें नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का सशक्त अवसर प्रदान करेगा। डॉ. दत्ता ने स्वास्थ्य क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका से समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और सेवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि इस अधिनियम को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे जन-जन तक पहुंचाया जाए, ताकि हर महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो और समाज में समान अवसर प्राप्त कर सके।
अपने संबोधन में रूपल त्रिपाठी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सशक्त भागीदारी का अवसर मिलेगा, जिससे नीति निर्माण में उनकी आवाज और दृष्टिकोण को उचित स्थान प्राप्त होगा।
उन्होंने आगे कहा कि संविधान ने महिलाओं को समान अधिकार प्रदान किए हैं, किंतु वास्तविक सशक्तिकरण तब संभव है जब उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान भागीदारी मिले। यह अधिनियम उस दिशा में एक ठोस पहल है।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष अमीता गुप्ता, संध्या त्रिपाठी, रागिनी जायसवाल, मीना श्रीवास्तव, रानी मिश्रा गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए इस अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया और इसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा इसी के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 33 वर्षों का अनुभव रखने वाले संजय श्रीवास्तव वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के गोरखपुर ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय और प्रशासनिक मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग के साथ वह निरंतर समाचार कवरेज करते हैं।
