निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना बनी श्रमिक परिवारों का सहारा
श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर आश्रितों को 2.25 लाख और दुर्घटना में मृत्यु होने पर मिलता है 5.25 लाख की सहायता राशि
बस्ती - श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना जनपद बस्ती में जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक संबल साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की मृत्यु अथवा दुर्घटना से दिव्यांग होने की स्थिति में उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे कठिन परिस्थितियों में परिवार को सहारा मिल सके।
योजना के अंतर्गत यदि किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की सामान्य परिस्थितियों में मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रितों को ₹2.25 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाती है। वहीं दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को ₹5.25 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने की स्थिति में भी निर्धारित मानकों के अनुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद बस्ती में इस योजना के तहत 53 लाभार्थियों को लगभग ₹25 लाख की आर्थिक सहायता वितरित की गई। यह सहायता उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई, जिनके कमाऊ सदस्य की मृत्यु या दुर्घटना के कारण आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था। योजना से प्राप्त धनराशि के माध्यम से परिवारों ने अपने दैनिक खर्चों, बच्चों की शिक्षा तथा अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहायता प्राप्त की।श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण कराना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि पंजीकरण के बाद ही श्रमिक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विभाग लगातार श्रमिकों को जागरूक करने तथा अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पंजीकरण कराने के लिए प्रयासरत है।
निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक अक्सर जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे में दुर्घटना या अप्रत्याशित घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए यह योजना सुरक्षा कवच का कार्य कर रही है। सरकार की यह पहल न केवल श्रमिकों के जीवन में सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि उनके परिवारों को कठिन समय में आर्थिक मजबूती भी प्रदान कर रही है।
जनपद बस्ती में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से श्रमिक परिवारों में भरोसा बढ़ा है और जरूरत पड़ने पर मिलने वाली आर्थिक सहायता ने अनेक परिवारों को संकट की घड़ी में राहत पहुंचाई है। निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना वास्तव में श्रमिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल बनकर उभरी है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
