‘कोल्ड वॉर’ ने बढ़ाई सरगर्मी, डीएम-जेसीपी पहुंचे आरटीओ!
सड़क सुरक्षा मीटिंग छोड़ यकायक ट्रांसपोर्टनगर पहुंचे जिलाधिकारी
- डीएम बोले, परिसर में रोजाना आने वाली बाहरी गाड़ियों को चिन्हित करें
लखनऊ। मंगलवार के दिन एक ओर जहां राजधानी में भीषण ठंडक के चलते मौसमी पारा लगातार गिरता जा रहा था जोकि लखनऊ वासियों के लिये काफी मुश्किलें खड़ा कर रहा था...इसी बीच यकायक जब जिलाधिकारी, जेसीपी और डीसीपी के पूरे दल-बल के साथ ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो वहां पर कुछ समय के लिये अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
स्थिति यह रही कि कार्यालय में मौजूद जो परिवहन अधिकारी कहीं एसी कमरे में बैठकर अपने दैनिक वाद-संवाद कार्यक्रम में मशरूफ थे और जो परिवहन कर्मचारी कहीं परिसर में जहां-तहां और कहीं काउंटरों पर बड़े ही आरामतलबी से कामकाज कर रहे थे...उनके कानों तक जब यह खबर पहुंची कि डीएम साहब का काफिला यहां कार्यालय आया हुआ है तो भयंकर ठंडक में उनके चेहरों पर हवाईयां कुछ समय के लिये उड़ गई।
वैसे बता दें कि अभी कुछ ही माह पहले लखनऊ कार्यालय को छोड़कर प्रदेश के कई जनपदों में स्थित आरटीओ-एआरटीओ कार्यालयों में वहां के डीएम, कप्तान, एसडीएम आदि प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने छापा मारने की कार्रवाई की थी जिसमें काफी सारे दलाल उनके हत्थे चढ़े थे। बल्कि प्रशासनिक टीम की जिलों में इस प्रकार की ताबड़तोड़ कार्रवाई की धमक परिवहन आयुक्त कार्यालय तक भी पहुंच गई थी और ऐसे में तमाम परिवहन अफसरों को यह बिल्कुल भी रास नहीं आ रहा था।
विभागीय जानकारों की माने तो दरअसल, मंगलवार को जब आरटीओ के बाहर दलाली की कुछ प्रमुख खबरें सार्वजनिक हुईं तो डीएम सूर्यपाल गंगवार बिना समय गंवाये और अपने कलेक्ट्रेट में होने वाली सड़क सुरक्षा समिति बैठक को छोड़कर अचानक टीपीनगर आरटीओ कार्यालय की जमीनी पड़ताल को निकल पड़े। इनके काफिले के साथ जेसीपी एलओ अमित वर्मा और डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल व पुलिस-प्रशासन की पूरी टीम रही। डीएम का काफिला देखते ही कार्यालय परिसर के बाहर जमे अनधिकृत लोग और दलाल आदि कागज-बस्ता आदि लेकर यहां-वहां भागने लगे।
डीएम ने अफसरों को चेताते हुए कहा कि परिसर में आने वाले संबंधित लोगों का काम सही समय पर कराया जाये। साथ ही उन्होंने आरटीओ प्रशासन संजय कुमार तिवारी और एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह को स्पष्ट रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि यहां परिसर पार्किंग में और बाहर रोजाना खड़ी होने वाली गाड़ियों का पूरा ब्यौरा रखा जाये और उन्हें चिन्हित किया जाये। इसके साथ ही विभाग के अतिरिक्त जो भी व्यक्ति रोजाना आरटीओ कार्यालय आ-जा रहा है तो उसका भी ब्यौरा रखा जाये।
हालांकि इस दौरान डीएम और जेसीपी टीम के हाथ कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या फिर दलाल नहीं लगा। इस दौरान आरआई विष्णु कुमार सहित अन्य सभी परिवहन कर्मी मौके पर मौजूद रहे।
परिवहन मंत्री से लेकर चीफ सेके्रटरी भी कर चुके पड़ताल...!
वहीं विभागीय सूत्रों का इससे कुछ इतर कहना है चूंकि कुछ विभागीय कामकाज से जुडेÞ विषयों को लेकर आरटीओ प्रशासन और एआरटीओ प्रशासन के बीच शुरूआती दौर से ही ‘कोल्ड वॉर’ जैसा कुछ चल रहा है और यह अब तक इतना बढ़ गया कि विभागीय परिसर से लेकर परिवहन आयुक्त कार्यालय और फिर धीरे-धीरे करके सार्वजनिक होता गया।
उनका मत है कि यह भी एक प्रमुख कारण रहा कि जिसके चलते इतने अर्से बाद कोई डीएम इतने पुलिस टीम के दल-बल संग आरटीओ कार्यालय परिसर पहुंच गये। इससे पहले राजशेखर जब लखनऊ के डीएम रहे तो आरटीओ टीपीनगर पड़ताल करने पहुंचे थे। जबकि इसके बाद योगी सरकार में खुद तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी आरके तिवारी भी आरटीओ ऑफिस के कामकाज को परखने पहुंचे थे, तो वहीं सपा शासन में उस समय के परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव और एक बार योगी शासन में विभागीय मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय जांच-पड़ताल करने पहुंच गये थे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
