विश्व कप से पहले झटका: अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ रेफरी का टूटा सपना , वीज़ा होने पर भी रोक
नई दिल्ली।सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन, जिन्हें फीफा विश्व कप में मैच अधिकारियों की सूची में शामिल किया गया था, को अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके साथ ही फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट में मैच संचालित करने वाले अपने देश के पहले रेफरी बनने का उनका सपना टूट गया।
वर्ष 2025 में अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ रेफरी चुने गए उमर आर्टन को मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसी ने रोक दिया। सोमवार को जारी बयान में एजेंसी ने कहा कि आर्टन को नियमित प्रक्रिया के तहत “अतिरिक्त जांच” के लिए रोका गया था।
बयान में कहा गया,“जांच के बाद पाया गया कि विश्व कप रेफरी के रूप में यात्रा कर रहे व्यक्ति को सत्यापन संबंधी चिंताओं के कारण प्रवेश के लिए अयोग्य माना गया और उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया।” हालांकि एजेंसी ने इन चिंताओं के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
उमर आर्टन फीफा विश्व कप के लिए चुने गए सोमालिया के एकमात्र रेफरी थे। जून 2025 से सोमालिया उन देशों की सूची में शामिल है जिन पर अमेरिका ने पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लागू किया हुआ है, हालांकि विशेष परिस्थितियों में कुछ मामलों में छूट दी जा सकती है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आर्टन के पास वैध वीज़ा और राजनयिक पासपोर्ट दोनों मौजूद थे, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश के लिए पर्याप्त नहीं माना। सोमालिया के युवा एवं खेल मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार सीसे अदन अबशीर ने इस फैसले की आलोचना की।
उन्होंने कहा, एक आधिकारिक बयान में कहा, “उमर आर्टन अफ्रीका के सबसे सम्मानित रेफरियों में से एक हैं और उन्हें पूरे फुटबॉल समुदाय का समर्थन मिलना चाहिए। अमेरिका में प्रवेश से इनकार करना और उन्हें निर्धारित मुकाबलों में रेफरी की भूमिका निभाने से रोकना केवल उनके साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह फुटबॉल के निष्पक्षता, योग्यता और खेल भावना के सिद्धांतों को भी कमजोर करता है।”
उमर आर्टन इससे पहले वर्ष 2023 अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में भी रेफरी की भूमिका निभा चुके हैं और वर्ष 2025 में उन्हें महाद्वीप का सर्वश्रेष्ठ रेफरी चुना गया था। विश्व कप की शुरुआत से पहले यात्रा संबंधी यह नया विवाद सामने आया है।
इससे पहले ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों को अमेरिका में प्रवेश के लिए वीज़ा मिल गया था, लेकिन ईरान फुटबॉल महासंघ ने दावा किया था कि उसके 14 अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों को वीज़ा देने से इनकार कर दिया गया। महासंघ ने इसे अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद “प्रतिशोधात्मक व्यवहार” बताया था।
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