(right cease)

सुल्तानपुर नगरपालिका चेयरमैन की प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज

सुल्तानपुर । BJP (right cease) की नगरपालिका चेयरमैन बबीता जायसवाल की मुश्किलें बढ़ गई है। वित्तीय अनियमितता को लेकर सभासदों की शिकायत और जल निगम कार्यों में कमियों के चलते उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज (right cease) कर दिए गए हैं। सभासद राज देव शुक्ल कहते हैं कि इनके खिलाफ मुकदमा चलाते हुए नागरिकों का जो पैसा इन्होंने हजम किया है उसकी रिकवरी का प्रावधान शासन स्तर से किया जाना चाहिए।

शासन स्तर से हुई कार्रवाई के बाद DM ने अनुपालन कार्य शुरू कर दिया है। सभासदों की तरफ से हुई शिकायत और जल निगम कार्यों में हुई अनियमितता समेत कई शिकायतों के सामूहिक जांच के बाद उन्हें नोटिस जारी की गई है। कार्यवाही पूरी होने तक यह कार्रवाई शासन स्तर से की गई है। तत्कालीन DM सी. इंदुमती को प्रार्थना देकर वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग भी उठाई थी।

जांच में चेयरमैन के अनियमितता के आरोपों की पुष्टि भी हुई थी लेकिन शासन स्तर से कार्रवाई लंबे समय तक लंबित रही। सभासद अमोल वाजपेई का कहना है कि करोड़ों का हेरफेर भगवाधारी चेयरमैन की तरफ से किया गया है। इसका ही शासन स्तर से रिकवरी की जानी चाहिए। आखिरी चरण में बोर्ड की बैठक हुई थी जिसमें सभासदों की सहमति नहीं मिलने के बावजूद बजट पास किया गया और शासन स्तर से बजट भी जारी कर दिया गया था।

DM रवीश गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका चेयरमैन के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। दूसरी तरफ सभासदों की लंबी फौज रही। कई बार सभासदों के विरोध और चेयरमैन बबीता जायसवाल के तानाशाही रवैया के दौरान पुलिसिया कार्रवाई भी हुई, मुकदमे हुए। इससे प्रशासनिक अधिकारी पशोपेश में रहे।

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