माँ दुर्गा की पंडाल व प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार

नवादा:- आगामी 26 सितम्बर को पूरे प्रखण्ड व नगर में माँ दुर्गा पूजनोत्सव व शारदीय नवरात्र को लेकर पंडाल निर्माता व मूर्ति कलाकारों ने माँ दुर्गा की प्रतिमाएं बनाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। वही माँ के भक्त दुर्गा माँ को अपने घरों में स्थापित करने के लिए घरों की साफ-सफाई का खास ध्यान रख रहे है। अब शारदीय नवरात्र यानी दुर्गापूजा शुरू होने के चार दिन ही बचे हैं। प्रतिमा के रंग-रोगन कहीं मशीन तो कहीं अपने हाथ से किया जा रहा है। प्रखण्ड व नगर स्थित हरिहारगंज, धुस, इटिम्हाँ मेदनीपुर, जमालपुर, पवनी, अमियावर, मरोझिया, पटखोलिया, मंगराव, खिरयावं, पडुरी, बसडीहा व जमालपुर समेत पूरे प्रखण्ड में दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा है।

जिसको ले प्रखण्ड के सभी गांव में दुर्गा पूजा को लेकर साफ-सफाई तथा पंडाल व प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। वही इटिम्हाँ बाजार के मूर्ति कलाकार बिट्टू प्रजापति व अजीत प्रजापति ने बताया कि डिजिटल युग में नई तकनीक के साथ प्रतिमा का रंग-रोगन किया जा रहा है। वही मूर्तिकार ने बताया कि इस साल दस स्थानों पर माँ दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण हो रहा है। सभी प्रतिमाओं का अंतिम रूप दिया जा रहा है। डिजिटल युग में नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा। मूर्तिकारों को कहना है कि नवरात्रि से दो महीने पहले से तैयारियां शुरू कर देते हैं और मूर्तिकारों का कहना हैं की उनके पास मूर्तियों के लिए माँ के भक्तों का डिमांड भी आता है।

जिससे उन्हें तय समय पर माँ की प्रतिमाओं को तैयार करना पड़ता है। बताया कि एक मूर्ति बनाने में लगभग 15 से 20 दिन लग जाते हैं। मूर्तियों को बनाने में विशेष मिट्टी का प्रयोग में लाई जाती है।वही मूर्ति की हाइट लगभग नौ से दस फिट बनाया जा रहा है। इन मूर्तियों को आकर्षक आकार देने के लिए सभी मूर्तिकार अपनी तरफ से जीतोड़ मेहनत करते हैं।वही पंडाल निर्माता प्रभु देवा ने बताया इटिम्हां में पंडाल को केरल के एक मंदिर का डिजाइन की तरह तैयार किया जा रहा है। वही पंडाल में काम लगभग तीस दिन से चल रहा है और एक सप्ताह तक चलेगा। सतमी तक पूरा कर दिया जाएगा। उसी दिन माँ दुर्गा की पट खुल जाता है।

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