अधिकार के लिए सफाई कर्मियों ने बुलंद की आवाज

अरवल। कुर्था नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को अपने हक व अधिकार के लिए प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि राज्य सरकार के निर्देश पर कुर्था प्रखंड की खेमकरण सराय पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा तो दे दिया, लेकिन काम पर लगाए गए सफाई कर्मियों को विगत कई माह से न तो किसी अधिकारी की चिट्ठी प्राप्त हुई और ना ही किसी प्रकार का आईकार्ड निर्गत किया गया। पहचान के लिए किसी तरह की वर्दी भी नहीं मिली है। इसके चलते हम लोगों को कार्य करने में परेशानी हो रही है।

हां, मजदूरी का भुगतान जरूर किया जा रहा। कुर्था नगर पंचायत में लगभग दो दर्जन सफाई कर्मचारियों को डेली बेसिक के आधार पर दिहाड़ी मजदूर के तौर पर सफाई कार्य में लगाया गया है। सफाई कर्मी पवन, सुरेंद्र, रॉकी, अमरजीत कुमार, उमेश, अभिजीत, दिलीप, चंदन, बिट्टू, सुनीता देवी, शांति देवी, बेवी देवी, उर्मिला देवी, मालती देवी, सुषमा देवी, प्रियंका देवी, ममता देवी ने बताया कि प्रत्येक दो या तीन माह पर 304 रुपए प्रतिदिन के दर से मजदूरी का भुगतान किया जाता है।

पर सफाई के लिए झाड़ू, कुदाल आदि उपकरण नहीं दिए जाते। पूर्व में जब एनजीओ के माध्यम से हम लोग कार्य करते थे, तो सारी सुविधाएं दी जाती थी। सफाई कर्मियों ने अरवल जिला पदाधिकारी से मांग की है कि हम लोगों को स्थाई रूप से बहाल कर चिट्ठी निर्गत किया जाए और प्रत्येक माह का मानदेय खाते में स्थानांतरण किया जाए। ऋण माफ करने को लेकर माले ने निकाला जुलूस

विद्यापति नगर समस्तीपुर एवं लोचनपुर सुक्की वैशाली में दो परिवारों की खुदकुशी मामले में दोषियों को सजा देने और सभी छोटे ऋण सरकार से माफ करने के लिए प्रतिवाद जुलूस निकाला गया। जुलूस भाकपा माले कार्यालय निकल विभिन्न मार्ग होते हुए प्रखंड मुख्यालय परिसर में पहुंच सभा में तब्दील हो गया।

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