जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष की अध्यक्षता में धान अधिप्राप्ति की समीक्षात्मक बैठक

 जिलाधिकारी की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2022-23 अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित, धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2040 प्रति क्विंटल निर्धारित, इस वर्ष 42,790 मेट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जाएगी, किसानों को भुगतान में हो रही देरी तकनीकी समस्या के कारण, निराकरण का प्रयास किया जा रहा है*
जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष की अध्यक्षता में धान अधिप्राप्ति की समीक्षात्मक बैठक उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने खगड़िया हेतु निर्धारित लक्ष्य 42,790 मेट्रिक टन को प्राप्त करने के लिए सभी पैक्सों को सक्रिय करने का निर्देश दिया।
बैठक के प्रारंभ में जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि किस वर्ष जिले में अधिक उत्पादन को देखते हुए 42,790 मेट्रिक टन धान के अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है जिसके समतुल्य चावल की मात्रा 28669 मेट्रिक टन है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि साधारण धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2040 प्रति क्विंटल एवं ग्रेड ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2060 प्रति क्विंटल पर ही किसानों से धान की अधिप्राप्ति  सुनिश्चित किया जाए। अधिप्राप्ति का कार्य 15 फरवरी 2023 तक सभी पैक्सों एवं धान अधिप्राप्ति केंद्रों में किया जाएगा एवं इस अवधि तक धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाए।‌रैयत किसानों से 250 क्विंटल एवं गैर रैयत किसानों से 100 क्विंटल धान अधिप्राप्ति की सीमा निर्धारित की गई है।
धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि सभी इच्छुक किसानों को धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं धान के विक्रय के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की जानकारी हो। धान विक्रय के इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल www.dbtagriculture.bihar.gov.in पर निबंधन एवं भूमि संबंधी विवरण अपलोड कर सकते हैं।
धान अधिप्राप्ति के लिए जिलाधिकारी ने जिले के सभी पैक्सों एवं व्यापार मंडलों के क्रय केंद्रों को क्रियाशील करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्रों की संख्या भी बढ़ानी होगी एवं अक्रियाशील पैक्सों को भी सक्रिय करना होगा। जिलाधिकारी ने सभी पैक्स अध्यक्षों के साथ बैठक करने का निर्देश जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि इस विपणन वर्ष में अभी तक 90 अधिप्राप्ति केंद्र खोले गए हैं।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जलकौड़ा, गौड़ाशक्ति, शहरबन्नी एवं बोबिल पैक्स ने धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिस पैक्स अथवा व्यापार मंडल द्वारा धान अधिप्राप्ति के अपने लक्ष्य की प्राप्ति की गई है, उन्हें अतिरिक्त सीसी प्रदान किया जाए। लक्ष्य बढ़ाने के लिए कृषि विभाग से रिपोर्ट प्राप्त कर लिया जाए कि लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है अथवा नहीं।
48 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान नहीं होने के संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि इस वर्ष भुगतान की प्रक्रिया बदल दी गई है और राज्य भर में तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई है, जिसके निराकरण के लिए सहकारिता विभाग की टीम काम कर रही है। शीघ्र ही समस्या दूर करते हुए किसानों के खाते में धान अधिप्राप्ति के एवज में राशि का भुगतान कार्य शुरू हो जाएगा।
इस वर्ष पैक्स स्तर से एडवाइस जेनरेट करने के उपरांत अध्यक्ष एवं प्रबंधक का हस्ताक्षर एवं मोहर लगाकर संबंधित प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी को भेज देते हैं, जो किसानों एवं पैक्स में रखे धान की जांच कर अपने हस्ताक्षर उपरांत विभागीय आईडी से एडवाइस को ऑनलाइन अपलोड कर बैंक को भेजते हैं। बैंक द्वारा उक्त एडवाइज की राशि को जोड़कर कुल राशि पैक्स खाता के सीसी खाता से एसएफसी के खाता में ऑनलाइन एडवाइस भेजते हुए हस्तांतरित कर दी जाती है। पुनः एसएससी द्वारा उक्त एडवाइस को पीएफएमएस में चढ़ाते हुए बैंक को भेज दी जाती है। फिलहाल बैंक द्वारा भेजे गए एडवाइज को एसएससी द्वारा पीएफएमएस के वेबसाइट पर चढ़ाने में समस्या की वजह से भुगतान में समस्या उत्पन्न हुई है इसके निराकरण का राज्य स्तर से प्रयास किया जा रहा है।
धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी को बताया गया कि अभी तक कुल 191 किसानों से 974 मेट्रिक टन धान का क्रय हो चुका है।
जिलाधिकारी ने पैक्सों के बीच सीसी लिमिट को नए सिरे से टैग करने का निर्देश देते हुए इसे तय करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया।
उन्होंने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों के बीच प्रचारित करने का निर्देश दिया, ताकि किसान बिचौलियों को धान न बेच कर संबंधित पैक्सों एवं व्यापार मंडलों को बेचें तथा इस हेतु कृषि विभाग के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन भी कराएं।
जिलाधिकारी ने चावल प्राप्त करने के लिए मिलरों के रजिस्ट्रेशन एवं उनके साथ अनुबंध के समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी मिलरों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। उसना चावल के संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने जिलाधिकारी को बताया  कि जिले में उसना चावल की आपूर्ति का लक्ष्य विभाग द्वारा सूर्य निर्धारित किया गया है अर्थात किसी भी मिल द्वारा उसना चावल की आपूर्ति नहीं की जानी है। जिलाधिकारी ने सभी मिलों का  भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को धान अधिप्राप्ति हेतु गनी बैगों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया, ताकि समय पर सीएमआर उपलब्ध कराया जा सके।
धान अधिप्राप्ति हेतु आयोजित इस समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त श्री संतोष कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी श्री दीपक कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी श्री शैलेश कुमार,  जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री आनंद प्रकाश, जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी आदि ने भाग लिया।
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