कैमूर: जिले के रामपुर प्रखंड के सबार गांव निवासी रिटायर्ड दारोगा गुदरी शर्मा गंवई खेल प्रतिभाओं को एक नई उड़ान दे रहे हैं। गुदरी शर्मा सबार गांव के निवासी हैं और वे अपने ही गांव से महिला व पुरुष की फुटबाल टीम तैयार किए हैं। उनका प्रयास है कि सबार गांव के लड़के तथा लड़कियां दोनों ही किसी मैदान पर उतरे तो पदक अपनी झोली में डाले। वे अपने गांव तथा कैमूर जिले का नाम रोशन करें। इसी उम्मीद में रिटायर्ड दारोगा अपने गांव के 20 लड़के व 20 लड़कियों को फुटबाल खेलने की ट्रेनिग दे रहे है।

70 वर्ष की उम्र में भी वह हर दिन सबार गांव के खेल मैदान पर खिलाड़ियों को दो घंटा सुबह-शाम अभ्यास कराते हैं। गुदरी शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 से वे ट्रेनिग दे रहे हैं। सिर्फ कोरोना काल में यह कार्य बाधित था। अभी तक उनकी बनाई गई टीम कुल छह मैच खेली है। जिसमें पांच में जीत दर्ज की है। बिहार की यह पहली टीम है जो सिर्फ एक गांव से ही तैयार की गई है। गुदरी शर्मा फुटबाल के कोच भी बिहार पुलिस में थे। गुदरी शर्मा ने बताया कि खेल विधा से जहां शरीर स्वस्थ रहेगा तो दूसरी ओर नौकरी में भी लाभ मिलेगा।

गया जिले से रिटायर हुए गुदरी शर्मा:

रामपुर प्रखंड के सबार गांव निवासी गुदरी शर्मा पुलिस विभाग में थे। गया जिले के मुफसिल थाना से वे वर्ष 2018 में रिटायर हुए। बतौर पुलिस विभाग में कोच रहने के दौरान उन्होंने फुटबाल के कई मैच खेले। इसके बाद गांव आने पर भी उनकी खेल के प्रति रुचि कम नहीं हुई। तब उन्होंने अपने गांव के लड़के व लड़कियों को फुटबाल खेल के प्रति प्रेरित किया। उनकी प्रेरणा से वर्तमान समय में यहां के अभिभावक अपने बच्चों के साथ बच्चियों को भी अपने घर की दहलीज को पार करने की इजाजत देकर एक खिलाड़ी बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

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