पटना पुलिस ने चोरी के चार केस में नहीं भेजा चार्जशीट ,दो रूपया गिरोह के सरगना सोनू को जमानत

पुलिस कप्तान को देना पड़ता है जबाब, थानाध्यक्ष को मिलती है डांट और केस आईओ, आरोपी से मिलकर चाभते है मलाई

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । चोरी के बढ़ते घटनाओं से शहरवासी कराह रहे हैं । पुलिस कप्तान तो जबाब देना पड़ता है, बदमाश नहीं पकड़े जाते तो थानाध्यक्ष को डांट मिलती हैं । सेल पुलिस के सहयोग से बदमाश के गिरफ्तारी में कामयाबी तो मिलती है लेकिन जेल भेजे जाने के बाद केस आईओ समय पर चार्जशीट नहीं भेजते नतीजा कोर्ट ससमय चार्जशीट नहीं भेजने पर सीआरपीसी 167 (3 ) के तहत जमानत दे देती हैं ।
      चोरी के मामले में पटना शहर का बुरा हाल हैं । घर छोड़ के गांव या किसी रिश्तेदार के यहां गये की आपका घर चोरों द्वारा खाली कर दिया जाता हैं । मई माह के 12 तारीख को रूपसपुर में एक दिनों में दो चोरी की घटनाएं घटित हुई । ज्योति रेजीडेन्सी में रहने वाले सोहन प्रसाद यादव ने कांड संख्या 267 /22 दर्ज कराया तो वहीं उमा रेजीडेन्सी में रहने वाली सूची सिन्हा ने कांड संख्या 268/22 ,धारा 457/380 दर्ज कराई ।
     पुलिस अनुसंधान में जुटी तो स्पष्ट हुआ की चोरी में दो रूपया गिरोह का हाथ हैं । एसएसपी के सेल के सहयोग से दो रूपा गिरोह के सरगना सोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । पूछताछ में पता चला की दो रूपया गिरोह ने ही रूपसपुर में दर्ज चोरी कांड संख्या 279/22 एवं 190 /22 को अंजाम दिया हैं ।
     दो रूपया गिरोह का सरगना सोनू को पुलिस ने उक्त चोरी के चार मामले में जेल भेज दिया । उक्त केस के आईओ ने 77 दिन बीत जाने के बाद भी कोर्ट में चार्जशीट नहीं भेजा। जबकि 60 दिन के अंदर चार्जशीट भेजना होता हैं । नतीजा कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 167 (3) का लाभ देते हुये दो रूपया गिरोह के सरगना सोनू को नियमित जमानत दे दिया । चार केस में चार्जशीट नहीं भेजना कोई लापरवाही नहीं बल्कि मिलीभगत की ओर संकेत करता हैं । अन्य केस में जमानत नहीं मिलने के कारण सोनू को जेल में ही रहना पड़ेगा ।
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