एक एप सौ भाषाओं में करेगा किसानों की मदद…

नोएडा: कहीं सवाल का जवाब उपलब्ध नहीं होता तो कहीं पर भाषाई अड़चन सामने आती है। इस समस्या का हल यूनेस्को इंडिया अफ्रीका हैकाथन- 2022 में भारतीय व अफ्रीकी युवाओं ने खोजा है। बीते दिनों हुई 36 घंटे की इस हैकाथन में इन युवाओं ने खेती के संबंध में किसानों की समस्याओं का जवाब देने के लिए एक एप तैयार किया है। एप पर सौ भाषाओं में सवालों के जवाब उपलब्ध होंगे। यह जवाब लिखित के साथ आडियो प्रारूप में भी होंगे।

भाषाई सीमाओं के पार किसानों की समस्याओं के निवारण के लिए बनाए गए इस एप में लिए इस नवोन्मेष के लिए एप तैयार करने वाली टीम को हैकाथन के शीर्ष 20 में पहला स्थान मिला। युवाओं को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पुरस्कृत किया। युवाओं की योजना एप का पेटेंट करा सरकार के सहयोग से स्टार्टअप शुरू करने की है।

सेल्फी लेते एप बनाने वाली टीम के सदस्य।

टीम की सदस्य रुद्राक्षी ने बताया कि हैकाथान में दी गई समस्या पर कई अन्य टीमों ने भी काम किया था। अन्य टीमों के द्वारा तैयार एप में केवल दो भाषा, हिंदी व अंग्रेजी का विकल्प था, इसके अलावा एसएमएस के माध्यम से सवाल का जवाब पाने का विकल्प भी नहीं था। जज मंडल ने इसलिए उनके एप को पहला पुरस्कार दिया। रुद्राक्षी ने बताया कि एप बनाने से पहले सर्वे किया गया कि खेती के संबंध में किसानों को कौन सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इस सर्वे में सामने आया कि मिट्टी की गुणवत्ता, पर्याप्त पानी की उपलब्धता न होना, फसल में खाद का सही उपयोग, कीड़े लगना सहित अन्य समस्याएं हैं। किसानों को फसलों का सही मूल्य भी नहीं मिल पाता। सभी बातों को ध्यान में रखते हुए एप तैयार किया गया। जो किसान शिक्षित हैं व इंटरनेट युक्त स्मार्ट मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं, उन्हें एप पर सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा। इसके लिए उन्हें मृदा हेल्थ कार्ड की जानकारी देनी होगी, जो किसान साधारण मोबाइल फोन उपयोग करते हैं वह अपनी भाषा में वाइस एसएमएस भेज कर जवाब प्राप्त कर सकते हैं।

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