उन्नाव। जिले में वैसे तो अवैध चल रहे निजी अस्पतालों को बंद कराने में स्वास्थ विभाग कोई कोर कसर नही छोड रहा है। इधर एक निजी अस्पताल पर यही विभाग कृपा दृष्टि बनाए है। वैसे तो फिलहाल इस अस्पताल को तीन दिन का नोटिस दे दिया गया है। और नोटिस में यह उल्लेख किया गया कि मरीजों को यहां शिफ्ट कर दिया जाए। लेकिन इतने लंबे अरसे से यह अस्पताल बेरोकटोक संचालित होता रहा सवाल इस बात पर भी खडे होते है। लोगो का तो यहां तक मानना है कि नोटिस देकर इन निजी नर्सिंग होम संचालकों को मौका दे दिया जाता है। जब कि नवीनीकरण न हो पाने के पीछे के कारण में जाए तो कही न कही मानक पूरे न होना ही सामने आएगा।
ऐसे में जब नवीनीकरण के मानकों पर ऐसे अस्पताल बिल्कुल खरे नही उतरते लेकिन स्वास्थ विभाग कुछ पर कार्यवाही तो करता है लेकिन ऐसे कुछ अस्पतालों को छोड भी देता है। बता दें कि शहर के दारोगाखेडा में स्थित आशा हास्पिटल बिना नवीनीकरण के संचालित हो रहा है। कई बार की नोटिस के बाद फिर से तीन दिन की मरीज शिफ्टिंग नोटिस दी गयी है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि उक्त अस्पताल पर आगे क्या कार्यवाही होती है। क्यों कि यह भी बडी बात है कि बिना नवीनीकरण के अब तक यह अस्पताल समय पर समय लेता रहा और मानक अब तक पूरे नही कर सका। ऐसे में विभाग को गुमराह करने को लेकर भी जांच होनी चाहिए।
क्या बोले मुख्य चिकित्सा अधिकारी
इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी सत्य प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आशा हॉस्पिटल को नोटिस दिए दो दिन पूरे हो चुके हैं। नोडल ट्रेनी पर है आते ही कार्यवाही की जाएंगी।