113 अवैध इमारतों पर प्रशासन का शिकंजा, MCD-SDM को भेजी गई रिपोर्ट
जल्द चल सकता है बुलडोजर
नीरज अवस्थी
नई दिल्ली। सैदुलाजाब में हाल ही में हुए सात मंजिला अवैध इमारत हादसे के बाद महरौली क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। महरौली थाना पुलिस ने इलाके में व्यापक सर्वे अभियान चलाकर 113 अवैध निर्माणों की पहचान की है और उनकी विस्तृत रिपोर्ट एमसीडी तथा एसडीएम कार्यालय को भेज दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बीट स्टाफ ने इग्नू रोड, छतरपुर, नेब सराय, फ्रीडम फाइटर एनक्लेव सहित कई क्षेत्रों में चल रहे अवैध निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान ऐसे 113 निर्माण चिन्हित किए गए जो निर्धारित भवन नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाए गए।
रिपोर्ट में प्रत्येक निर्माण का पूरा पता, निर्माण की वर्तमान स्थिति, फोटोग्राफ और संबंधित संपत्ति मालिकों का विवरण शामिल किया गया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभाग अब कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेंगे। जिन भवनों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिना स्वीकृत नक्शों और सुरक्षा मानकों के बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है। सैदुलाजाब हादसे के बाद प्रशासन पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।
ये खबर भी पढ़े : भुवनेश्वर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस परदी शुभकामनाएंपुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माणों की जानकारी संबंधित विभागों को उपलब्ध करा दी गई है और अब आगे की कार्रवाई एमसीडी एवं राजस्व विभाग के स्तर पर की जाएगी। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते हैं तो भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। इस कार्रवाई को महरौली क्षेत्र में अवैध निर्माण माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त पहल माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कई अवैध इमारतों पर बुलडोजर चल सकता है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
