भारत जोड़ो यात्रा: योजना तो थी कि दिक्कत ना हो मगर…

केरल से लौट कर दीपक असीम

भारत जोड़ो पदयात्रा के कारण रोड जाम होने का मामला अदालत में जाने के बाद एक बार फिर अंदर यह चर्चा हो रही है कि कैसे यात्रा को इस तरह निकाला जाए कि एक तरफ से सड़क चालू भी रहे। वैसे शुरू दिन यानी छह सितंबर को दिग्विजय सिंह ने कन्याकुमारी में जब पदयात्रियों की मीटिंग ली थी, तब कहा था कि हम सड़क के एक तरफ से चलेंगे ताकि आने जाने वालों को तकलीफ ना हो। नर्मदा यात्रा में दिग्विजय सिंह के सामने कहीं यातायात समस्या नहीं बना था, मगर यहां वे जानते थे कि यह चीज़ समस्या बन सकती है।

केरल में एक शहर से दूसरे शहर जाते हुए कोई जंगल नहीं आता। एक शहर कब खत्म होकर दूसरा शहर लग जाता है पता ही नहीं चलता। वही दुकाने वही मकान…। कोई सड़क चौड़ी होती है और अचानक वो आगे से पतली हो जाती है। यही केरल के हाइवे हैं। अंदर गांवों के रास्ते फिर चौड़े हैं और जंगल भी दिखता है। मगर हाइवे पर तो ना जंगल हैं और ना सड़कें चौड़ी हैं।

इसका हल केरल में इस तरह निकाला जा रहा है कि सुबह जब यात्रा शुरू होती है तो जिस मार्ग से यात्रा जा रही है, उस मार्ग से ट्रेफिक डायवर्ट कर दिया जाता है। बसें या तो बंद हो जाती हैं या फिर अंदर के रास्तों से जाती हैं। सुबह साढ़े छह से दस साढ़े दस ग्यारह तक यही होता है। यात्रा के आरंभ बिंदु से लेकर पहले पड़ाव तक केवल दो पहिया वाहनों और ऑटो रिक्शा वालों को जाने दिया जाता है। शाम को भी कुछ देर के लिए यही किया जाता है। बेशक इससे लोगों को तकलीफ तो हो रही है। मगर इसका कोई हल नहीं है।

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यात्रा के आरंभ में सोचा था कि तीन-चार सौ लोग लाइन से चलेंगे। सौ भारत यात्री, सौ प्रदेश यात्री, सौ जिला यात्री और बाकी अतिथि यात्री। मगर कन्याकुमारी से ही इतनी भीड़ यात्रा में उमड़ी कि इस तरह का कोई इंतजाम संभव नहीं। अगर इतने लोगों को तीन तीन की कतार में चलाते हैं, तब उन लोगों का क्या किया जाएगा, जो रास्ते के दोनों तरफ राहुल गांधी को देखने, छूने, मिलने, गले लगाने के लिए खड़े रहते हैं। फिर अगर ऐसा होता है तो पहला सिरा और दूसरे सिरे के बीच तीन चार किलोमीटर का अंतर हो सकता है। कोच्ची में तो करीब एक लाख लोग होने की बात कही जा रही है। जैसे जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे लोग बढ़ रहे हैं। अब तो जहां से यात्रा गुजरेगी यही होना है। तीन चार घंटे सुबह और दो तीन घंटे शाम को रूट डायवर्ट या जाम।