कर्मचारियों की समस्याओं पर की बेबाक बातचीत

शासन स्तर पर की गई कार्रवाई से कराया अवगत

अग्निपथ योजना पर भी स्थिति को किया स्पष्ट

लखनऊ। राज्य (problems) कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने एक आनलाइन कार्यक्रम में प्रदेश के कर्मचारियों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं (problems) पर विस्तार से चर्चा की। इस मौके पर वेतन विसंगतियों पर मुख्य सचिव समिति का निर्णय कराया जाना, काटे गए नगर प्रतिकर भत्ता की बहाली, रिक्त पदों को भरे जाने, समय से पदोन्नतियां किया जाना, आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित नियुक्तियों में वरीयता दिये जाने, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, समाज कल्याण विभाग के आश्रम पद्धति विद्यालय में संविदा शिक्षकों का नियमितीकरण और सातवें वेतन आयोग का लाभ दिये जाने सहित अन्य मुद्दों पर बेबाकी से बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को वह निरंतर शासन स्तर पर सक्षम अधिकारियों के संज्ञान में लाकर निराकरण का प्रयास कर रहे हैं। इसी प्रयास के तहत उन्होंने 19 मई को अपर मुख्य सचिव कार्मिक और 30 जून को प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र से भी मुलाकात की थी। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को विभागीय संगठनों के साथ वार्ता करकेकार्यवृत्त कार्मिक विभाग को प्रेषित करने तथा कर्मचारियों की मांगों पर तत्परता के साथ कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर शीघ्र निर्णय का आश्वासन दे चुके हैं। जेएन तिवारी ने कहा कि अगर जल्द कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद कार्यकारिणी की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। जेएन तिवारी ने अग्निवीर योजना पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए इस योजना को फौरी तौर पर बेरोजगारी दूर करने के लिए उपयुक्त बताया।

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कहा कि 4 साल सेना का प्रशिक्षण लेने के बाद 11.71 लाख का पैकेज युवाओं के भविष्य की काम आएगा। इस प्रशिक्षण के बाद युवाओं के पास कहीं भी सेवा करने का अवसर होगा। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री से मांग की है कि अग्निवीरों को पेंशन योजना में रखा जाए तथा सेना, अर्ध सैनिक बलों व पुलिस की भर्तियों में इनको ही रखने का प्रावधान किया जाए। इस संवाद कार्यक्रम में प्रदेश से सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। मुख्य रूप से नारायण दुबे, संजय कुमार, अभिषेक पांडे, सुमित पांडे, रविशंकर श्रीवास्तव , नितिन गोस्वामी, निरुपमा सिंह, नितिन गोस्वामी ने अपनी बातें भी रखी।