चांदपुर विधानसभा सीट पर सबसे अधिक मतदान

बिजनौर । इस विधानसभा चुनाव में भी मतदाताओं ने पिछले विधानसभा की कहानी दोहराई। मिनी छपरौली के नाम से मशहूर चांदपुर विधानसभा सीट पर सबसे अधिक मतदान हुआ तो नूरपुर सीट इस बार मतदान में फिसड्डी रही। पांच विधानसभा सीटों पर पिछले चुनाव से कम मतदान हुआ है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रत्याशियों और प्रशासन ने भी पूरी ताकत झोंक रखी थी। एक-एक वोटर पर प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की नजर थी। मतदान में सुबह से ही वोटरों की लाइन लगनी शुरू हुई तो लगा कि मतदान प्रतिशत पुराने रिकॉर्ड तोड़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। मतदान के लिए अब सबसे ज्यादा जोश चांदपुर विधानसभा सीटों के मतदाताओं ने ही दिखाया। चांदपुर विधानसभा सीट पर साल 2017 के विधानसभा चुनाव में 69.84 प्रतिशत मतदान हुआ था।

इस बार भी चांदपुर के ही मतदाताओं ने वोट की अपनी जिम्मेदारी सबसे ज्यादा निभाई और 69.59 प्रतिशत मतदान कर दिया। नजीबाबाद, नगीना और बढ़ापुर विधानसभा सीटों पर पिछले साल के मुकाबले मतदान प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन बाकी पांच सीटों पर प्रत्याशी मतदाताओं को वोट डालने के लिए ज्यादा लुभा नहीं सके। सबसे अधिक मतदान होने के बाद भी चांदपुर विधानसभा सीट पर मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव से घटा है। बिजनौर, धामपुर, नहटौर व नूरपुर सीट पर भी मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव के मुकाबले कम ही रहा। इन विधानसभा सीटों पर मतदाताओं ने पहले से कम उत्साह दिखाया। मतदान प्रतिशत को लेकर प्रत्याशियों के कैंपों में भी असमंजस का माहौल है। वे पता करने में जुट गए हैं कि किस क्षेत्र में मतदान प्रतिशत कितना रहा। इन आंकड़ों को लेकर ही प्रत्याशी अब जीत-हार के समीकरण बैठाने में लग गए हैं। खासतौर से जाट और मुस्लिम क्षेत्रों के मतदान प्रतिशत के बारे में पता किया जा रहा है।

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