अनामधर्मा के विश्व गुरु दिनेश जी का मनाया गया प्रथम पुण्यतिथि

खगड़िया। अनामधर्मा नगर,लक्ष्मी सिनेमा रोड में विश्व गुरु दार्शनिक दिनेश जी का प्रथम पुण्यतिथि मनाया गया। पुण्यतिथि का उद्घाटन बरिष्ठ पत्रकार सतीश आनंद, राष्ट्रीय पचपोनिया विकास संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष सह प्रथम अनुयायी उमेश ठाकुर, जिला अध्यक्ष गुड्डू ठाकुर , पंच सरपंच संघ जिला अध्यक्ष किरणदेव यादव,महिला विकास सेवा संस्थान की संरक्षिका मधुबाला देवी,सरपंच रंजू देवी, नाई संघ के प्रांतीय मीडिया प्रभारी पांडव कुमार,नगर परिषद प्रत्यासी किन्नर लाली देवी, वार्ड सदस्य विजय कुमार यादव , समाजसेवी रेणु देवी , देश बचाओ अभियान के धर्मेंद्र कुमार,समाजसेवी गौतम गुप्ता, डॉक्टर सर्वोदय कुमार
आदि ने संयुक्त रूप से दार्शनिक दिनेश जी के तैैलिय चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ट पत्रकार सतीश आनंद, मंच संचालन गुड्डू ठाकुर व धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक साकेत रमन ने किया।
मौके पर अर्जुन शर्मा ने कहा कि आस्था व विश्वास सबके मन व दिलो में रहनी चाहिए. आज के राजनीतिक जीवन में सभी लोगो की भागीदारी आवश्यक है. जो व्यक्ति ज्ञान, बल और बुद्धि से आगे बढ़ता है, उनका भविष्य उज्ज्वल होता है. साथ ही उन्होंने कहा कि स्व दिनेश जी के आदर्श को अपना कर अपने जीवन को सौभाग्य व सफल बनाने की आवश्यकता है. अनामधर्मा ने सभी धर्मों को साथ लेकर मानव जीवन का विकास इंसानियत के मार्ग को दिखाया ।
वहीं उमेश ठाकुर ने कहा कि स्वर्गीय दिनेश जी का जन्म 2 नवंबर 1935  में ,13 अगस्त 2021 को स्वर्गवास हो गये। उनके पिता का नाम स्व. सच्चिदानंद  गुप्ता व माता का नाम स्व.लक्ष्मी देवी था।वे यांत्रिक कर्मशाला में अभियंता पद से अवकाश प्राप्त किये थे। वे अपने  नौकरी से पूर्व ही समाज के लिए कार्य करते रहे. वे ईमानदार पदाधिकारी के साथ-साथ समाजसेवी भी थे. वे जात-पात, ऊंच-नीच, धर्मांतरण से ऊपर उठकर समाज व देश हित में अपने दार्शनिक विचारों को कविता एवं लेखों के माध्यम से पुस्तक में प्रकाशित किये. उन्होंने चर्चित पुस्तक अनामधर्मा, क्या और क्यों, धार्मिक समाजवाद, अनन्या जैसे दर्जन भर पुस्तक लिखे। जिसके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल व प्रणब मुखर्जी, पूर्व मुख्यमंत्री राम सुंदर दास, पूर्व शिक्षा मंत्री रामचंद्र पूर्वे के अलावे कई मंत्री, सांसद, विधायक, सरकारी बड़े पदाधिकारी व समाजसेवियों ने उन्हें बधाई व शुभकामना दी। साथ ही बताया गा कि स्वर्गीय दिनेश जी अनामधर्मा नगर के संस्थापक थे। जिसका उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री राम सुंदर दास ने किया था। उनका कहना था कि ईश्वर एक है, धर्म एक है व सम्पूर्ण मानव जाति एक है. उनका तर्क था कि धर्म और विज्ञान को एक कसौटी पर रखनी चाहिए।
सतीश आनंद,  किरणदेव यादव ,गुड्डू ठाकुर, गौतम गुप्ता ,मधुबाला देवी,रेणु देवी, लाली देवी, विजय यादव, पांडव कुमार, धर्मेंद्र कुमार,रंजू देवी,डॉक्टर सर्वोदय कुमार आदि ने अनामधर्मा एवं विश्व गुरु दिनेश जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा विश्व मे इंसान जीवित रहे न रहे, लेकिन उनके द्वारा दिये गए इंसानियत का पाठ सदैव याद रहती है। धर्म इंसान को इंसानियत सिखलाती है. इंसानियत धर्म का पालन करना ही अनामधर्मा है। धर्म एक दूसरे को जोड़ने के लिए होता है, तोड़ने के लिए नही। वक्ताओं ने दिनेश जी के अनेकों पुस्तकों का प्रकाशन व विमोचन के साथ-साथ स्व दिनेश जी के प्रतिमा व उनके नाम से आश्रम स्थापना का विचार रखा। वहीं अनामधर्मा के पदाधिकारियों द्वारा इसे धरातल पर उतारने व पूर्ण करने का संकल्प भी लिया गया।
मौके पर दिनेश जी के पुत्र शरत कुमार, प्रसून परिमल, सत्य सौरव, साकेत रमन, भारतीय नाई समाज के संगठन मंत्री रंजन ठाकुर, युवा जिलाध्यक्ष राकेश रौशन, अरुण कुमार सिन्हा, प्रवीण शर्मा, राजू कुमार, पिंटू मिश्रा, नवीन ठाकुर, अशोक कुमार आदि वक्ताओं ने कहा स्वर्गीय दिनेश जी अच्छे लेखक व समाजसेवी थे।जिन्होंने समाज में फैल रहे कुरीति, अंधविश्वास व जात पात के खिलाफ हर वक्त समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। उनके द्वारा समाज को दिया गया पुस्तक सदैव समाज हित में अग्रणी भूमिका निभाएगा और उनकी कमी समाज हर वक़्त महसूस करता रहेगा। वक्ताओं ने कहा अनामधर्मा एक ऐसी पुस्तक है जो तमाम धर्मों को एक मानता है। अनामधर्मा सभी धर्म के पुस्तक गीता,रामायण ,वेद- पुराण को मानते है।
See also  पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का कार्यक्रम 3 को खगड़िया में