खेती से खुशहाल होंगे किसान

कैमूर। स्थानीय प्रखंड कार्यालय परिसर में शुक्रवार को खरीफ महा अभियान 2022 के तहत प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आत्मा कैमूर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मोहनिया की प्रखंड प्रमुख पुनीता देवी एवं भाग तीन की जिला पार्षद गीता पासी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

मौके पर उपस्थित किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र अधौरा के वैज्ञानिक डा. अमित कुमार सिंह व डा. मनीष कुमार सिंह ने खरीफ फसल की खेती के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। डा. अमित कुमार सिंह ने कहा की मौसम के बदलते परिवेश में धान की सीधी बोआई, जैविक खेती, मिट्टी स्वास्थ्य, संरक्षण एवं उर्वरक, संकर धान की खेती, जीरो टिलेज मशीन से धान की खेती व अरहर की खेती के बारे में विस्तार से बताया। बिहार राज्य में धान की खेती मुख्यत: खरीफ मौसम में करीब 34 लाख हेक्टेयर में की जाती है।

इसका 25 प्रतिशत ऊपर ही जमीन में, 25 प्रतिशत मध्यम जमीन में, 40 प्रतिशत निचली जमीन में व 10 प्रतिशत गहरे पानी वाले क्षेत्र में की जाती है। इधर कुछ वर्षों से वर्षा कम होने से या आवश्यकतानुसार समय पर वर्षा नहीं होने पर धान की रोपाई समय से नहीं हो पाती है। इससे मजदूरों के पलायन होने से किसानों को धान की रोपाई में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। किसान धान की खेती करना धीरे धीरे कम करते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में वैज्ञानिकों के द्वारा किसानों को जीरो टिलेज द्वारा धान की बोआई करने की सलाह दी जाती है।

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