संचारी रोगो तथा दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा इनका त्वरित उपचार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – सीडीओ

बस्ती – संचारी रोगो तथा दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा इनका त्वरित एवं समुचित उपचार प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आगामी 01 जुलाई से प्रारम्भ हो रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 16 जुलाई से शुरू हो रहे दस्तक अभियान की कलेक्टेªट सभागार में आयोजित तैयारी बैठक मे सीडीओ डा. राजेश कुमार प्रजापति ने उक्त जानकारी दी। उन्होने बताया कि पिछले चार वर्षो मंे संचालित इस अभियान के बेहतर नतीजे आये है, तथा दिमागी बुखार लगभग समाप्त हो गया है। उन्होने हाईरिस्क विलेज पर विशेष ध्यान देने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है।
उन्होने कहा कि अभियान के दौरान 11 विभागों द्वारा समन्वित प्रयास करके इन रोगों पर सफलतापूर्वक नियंत्रण के लिए कार्यवाही की जायेंगी। उन्होने कहा कि चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग इस अभियान का नोडल विभाग होंगा, जो जनपद, तहसील, ब्लाक एवं ग्राम स्तर पर विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करके अभियान संचालित करेंगा। अभियान के दौरान बुखार, इनफ्लुएन्जा लाइक इलनेस (आईएलआई), क्षय रोग तथा कुपोषित बच्चों, मच्छरो का प्रजनन वाले घर की सूची बनायी जायेंगी। विभाग द्वारा अभियान की मानीटरिंग, पर्यवेक्षण, रिपोर्टिंग, अभिलेखीकरण तथा विश्लेषण किया जायेंगा।
उन्होने कहा कि नगर पालिका एवं नगर पंचायते मोहल्ला निगरानी समितियों के माध्यम से कोविड तथा संचारी रोगो के साथ-साथ शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, खुले में शौच न करना तथा मच्छरों के रोक-थाम के लिए जागरूकता के लिए कार्य करेंगी। खुली नालियों को ठकने की व्यवस्था की जायेंगी, फॉगिंग कराया जायेंगा, झाड़ियों की सफाई करायी जायेंगी।
उन्होने कहा कि पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, हाथ धोना, शौचालय की सफाई तथा जल निकासी की व्यवस्था करायी जायेंगी। ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान अभियान के नोडल होंगे। वी0एच0एस0एन0सी0 के माध्यम से संचारी रोगो तथा दिमागी बुखार के रोकथाम के लिए सघन प्रचार-प्रसार कराया जायेंगा। उथले हैण्डपम्प को लाल रंग से चिन्हित किया जायेंगा, खराब इण्डिया मार्क टू हैण्डपम्प ठीक कराया जायेंगा, जलाशय एवं नालियों की सफाई करायी जायेंगी, झाड़ियों की काट-छाट किया जायेंगा तथा मैलाथियान से फॉगिग करायी जायेंगी। गॉव में कूडेदान की व्यवस्था करायी जायेंगी।
उन्होने कहा कि पशुपालन विभाग सूकर पालको को अन्य व्यवसाय जैसे पोल्ट्री उद्योग को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। सूअरबाड़ो पर वेक्टर नियंत्रण एंव सीरो सर्विलेन्स की व्यवस्था करायेंगें। सूअरबाड़े आबादी से दूर स्थापित किए जायेंगे। सूअरबाडो की नियमित सफाई करायी जायेंगी तथा कीटनाशक का छिड़काव किया जायेंगा। सभी प्रकार के पशुबाड़ो की स्वच्छता, कचरा निस्तारण तथा मच्छररोधी जाली के प्रयोग के लिए पशुपालको को प्रेरित किया जायेंगा।
उन्होने कहा कि आगनबाड़ी कार्यकत्री वी0एच0एस0एन0डी0 की बैठक कराकर कुपोषित बच्चों को चिन्हित करके उन्हें पोषाहार का वितरण करेंगी। बेसिक शिक्षा विभाग अभिभावको एंव शिक्षको का व्हाट्सएप गु्रप बनाकर कोविड-2019 दिमागी बुखार एवं अन्य संचारी रोग से बचाव, रोकथाम एंव उपचार के लिए प्रशिक्षण दिया जायेंगा। उन्हें क्लोरीनेशन डेमो, पेयजल को उबालना, साबुन से हाथ धोना, शौचालय का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जायेंगा।
उन्होने कहा कि एईएस/जेई रोग से दिव्याग हुए बच्चों को भारत सरकार द्वारा रू0 01 लाख की सहायता दी जाती है। विगत दो वर्षो से इस तरह का कोई केस संज्ञान में नही आया है। डीडीआरसी सेण्टर द्वारा उनका उपचार किया जायेंगा तथा सहायक उपकरण दिव्यांग विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जायेंगे। कृषि एवं सिंचाई विभाग एकत्र हुए पानी में मच्छरों के प्रजनन को रोकने तथा सिंचाई के वैकल्पिक उपाय पर अपनी तकनीकी सलाह देगा। उद्यान विभाग मच्छररोधी पौधे लगायेगा। नहरो तथा तालाबों के किनारे अवान्छित वनस्पतियों को साफ करायेगा। सूचना विभाग सभी गतिविधियों का जनमानस में व्यापक प्रचार-प्रसार करायेंगा।
बैठक का संचालन जिला मलेरिया अधिकारी आइ. ए. अंसारी ने किया। उन्होंने अभियान से संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे 1 सप्ताह के भीतर अपनी कार्य योजना उपलब्ध करा दें। बैठक में सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर, एसीएमओ डा. फखरेयार हुसैन, डॉ. सी. के. वर्मा, डॉ. सी. एल. कनौजिया, एस.आई.सी. डॉ. आरके वर्मा, उप जिलाधिकारी जी.के.झा. गुलाब चन्द्र, यूनिसेफ के मनोज कुमार एवं अनीता सिंह, डॉ. एके कुशवाहा, डीपीआरओ एस.एस.सिंह, संदीप वर्मा, मनीष सिंह, एल.के. पाण्डेय विनोद कुमार, तथा सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीडीओ, सीडीपीओ तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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