नहरे सूखी व बिगड़े नलकूप की वजह से किसानों के धान की रोपाई खटाई में।
नहरे सूखी व बिगड़े नलकूप की वजह से किसानों के धान की रोपाई खटाई में।

नहरे सूखी व बिगड़े नलकूप की वजह से किसानों के धान की रोपाई खटाई में।

बीकेटी, लखनऊ, स्थानीय तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सूखी नहरे बिगड़े नलकूपों के चलते सिंचाई के अभाव में किसान अपने खेतों में धान की रोपाई नहीं कर पा रहा है। क्षेत्र में बहुत से किसान अपने खेतों में धान की नर्सरी भी नहीं कर पा रहे हैं। जिससे किसानों की आजीविका खटाई में पड़ गई है।
    जानकारी के अनुसार क्षेत्र में एक दर्जन नहरे तथा 84 राजकीय नलकूप हैं। इटौंजा महोना रजबहा  चंदनापुर रजबहा रायपुर माइनर डेरवा अल्पिका भगौतीपुर माइनर महिंगवां नहर अन्य नहरों में पानी ना आने की वजह से किसानों के धान की रोपाई तथा बेड़न की बुवाई खटाई में पड़ी हुई है। इतना ही नहीं राजकीय नलकूप परसहिया की हौजिया टूटी फूटी सिंघामऊ की नालियां ध्वस्त सरावा वह शिवपुरी नलकूप बंद है। इसके अलावा इन नलकूपों में बिजली लो वो्ल्टे्ज् पर आने की वजह से ठप पड़े हैं। अब किसान के पास कोई विकल्प नहीं है कि वह अपने खेतों में धान की रोपाई कर सकें। वह दिन रात बादलों की ओर टकटकी लगाए हुए देख रहे हैं कि शायद वर्षा हो जाए और वह अपने खेतों में धान की रोपाई कर सके तथा बेड़ की बुवाई हो सके।
     किसानों ने बताया कि एक दशक पूर्व में नहरे किसानों के लिए वरदान थी। पर अब उनके लिए अभिशाप बनी हुई है जिससे कुम्हरावां महिंगवां इंदारा चंदनापुर भगवतीपुर  तथा अन्य दर्जनों गांव के किसानों की खेती नहरों के पानी पर निर्भर थी। बताते चलें इन नहरों मे झाड़ झंखाड लगी हुई है। नहरों की सफाई के नाम पर मात्र फर्ज अदायगी की जाती है। अब किसान दूसरे के निजी सिंचाई साधनों की तरफ ताक रहा है। इधर शासन का कहना है कि किसानों की इस फरियाद पर शीघ्र अमल किया जाएगा।
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