जिलाधिकारी ने लापरवाह सचिवों पर शिकंजा कस दिया

भदोही । आलम यह है कि करीब डेढ़ सौ करोड़ खर्च होने के बाद भी आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं। कहीं पर अभी तक छत नहीं पड़ी है तो कहीं पर दीवारों को अभी तक प्लास्टर नहीं कराया जा सका है। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाह सचिवों पर शिकंजा कस दिया है। 17 ग्राम पंचायत अधिकारियों का जहां अग्रिम आदेश तक वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया है तो वहीं एक सचिव को निलंबित कर दिया गया है। हिदायत दी गई है कि यदि समय रहते आवास पूर्ण नहीं कराया गया तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

गरीबों को आशियाना उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना सचिवों की लापरवाही के भेंट चढ़ चुकी है। बजट आवंटन के बाद भी आवासों का निर्माण नहीं किया जा सका है। खास बात तो यह है कि इन दोनों वित्तीय वर्ष की सभी किस्त लाभार्थियों के खाते में भेजी जा चुकी है। इसके बाद भी कहीं पर अभी तक छत तक नहीं पड़ी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्राम पंचायत अधिकारी ऊदल को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही गणेश राय, संतोष कुमार, मनोज श्रीवास्तव, संदीप कुमार, नीरज कुमार, रुचि मौर्य, मनोज, अरुण चौबे, विजय सोनी सहित 17 ग्राम पंचायत अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आवास निर्माण में खराब प्रगति पर सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बीच यदि आवास पूर्ण नहीं कराए तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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