CM ऑनलाइन ट्रांसफर करेंगे 1866 करोड़ रुपये

रायपुर। राज्य सरकार की 3 महत्वाकांक्षी योजनाओं राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 1866 करोड़ 39 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करेंगे। दिवाली से पहले किसानों के खातों में राज्य सरकार बड़ी रकम पहुंचाने जा रही है। इस दिवाली किसानों को बल्ले-बल्ले रहेगी। वे उत्साह से त्यौहार मनाएंगे। दीपावली में बाजार में पैसा पहुंचेगा। व्यापारियों को भी अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। धान कटाई से पहले किसानों, भूमिहीन श्रमिकों और गोपालकों के खातों में रुपये पहुंचने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ’राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ की वर्ष 2021-22 की तीसरी किस्त के रूप में प्रदेश के 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को कुल 1745 करोड़ रुपये, ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 की राशि के रूप में 4 लाख 66 हजार 880 हितग्राहियों को 115 करोड़ 80 लाख 32 हजार रुपये और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ 59 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे। मुख्यमंत्री एक ही दिन में तीनों योजनाओं के हितग्राहियों के खाते में कुल 1866 करोड़ 39 लाख 32 हजार रुपये ट्रांसफर करेंगे।

सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में इतना भुगतान
‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत खरीफ सीजन 2019, खरीफ सीजन 2020 और खरीफ सीजन 2021 की 2 किस्तों को मिलाकर किसानों को अब तक 14670 करोड़ 10 लाख की आदान सहायता दी जा चुकी है। 17 अक्टूबर को जारी तीसरी किस्त को मिलाकर यह राशि बढ़कर 16,415 करोड़ 10 लाख रुपये हो जाएगी। ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत अब तक हितग्राहियों को 210 करोड़ 95 लाख 32 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 17 अक्टूबर की राशि को मिलाकर 326 करोड़ 75 लाख 64 हजार रुपये हो जाएगी। वहीं गोधन न्याय योजना के तहत 17 अक्टूबर को वितरित की जाने वाली राशि को मिलाकर गोबर विक्रेताओं, पशुपालकों और ग्रामीणों का भुगतान बढ़कर 174 करोड़ 56 लाख हो जाएगी।

आरक्षण-धान खरीदी के मुद्दे पर कैबिनेट में चर्चा
सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में 1 नवंबर से शुरू हो रही सरकारी धान खरीदी की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। वहीं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ड द्वारा रद्द किए गए आदिवासियों के आरक्षण मसले पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर भी चर्चा हो सकती है। हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण रिवर्ट किए जाने के बाद से आदिवासियों में भारी आक्रोश है। वहीं भाजपा-कांग्रेस के नेताओं के बीच जमकर जुबानी जंग चल रही है।

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