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                <title>अंतर्राष्ट्रीय - Tarun Mitra</title>
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                            <item>
                <title>इंडोनेशिया में भूकंप ने मचाई तबाही, मृतकों का आंकड़ा 54 पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>प्रभावित इलाकों में सरकार का राहत और बचाव अभियान जारी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जकार्ता। </strong>इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा (एनटीटी) प्रांत में शनिवार को 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) ने सोमवार को यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) प्रमुख सुहारयांतो ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। अधिकारी लगातार जान-माल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं, जबकि बचाव दल घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। भूकंप में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/earthquake-wreaks-havoc-in-indonesia-death-toll-reaches-54/article-158400"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/202608173907659.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>प्रभावित इलाकों में सरकार का राहत और बचाव अभियान जारी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जकार्ता। </strong>इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा (एनटीटी) प्रांत में शनिवार को 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) ने सोमवार को यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) प्रमुख सुहारयांतो ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। अधिकारी लगातार जान-माल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं, जबकि बचाव दल घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। भूकंप में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रविवार तक 12,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके थे। भूकंप से बड़ी संख्या में मकानों के साथ सार्वजनिक सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में भूकंप के बाद के झटके लगातार महसूस किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूरदराज के इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए थल, जल और हवाई परिवहन के साधनों को लगाया गया है। राहत अभियान में 11 विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। सिका रीजेंसी के पालेउ द्वीप जैसे दुर्गम इलाकों में विशेष रूप से राहत पहुंचाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">भूकंप के कारण मंगगराई क्षेत्रीय अस्पताल को नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसके मद्देनजर गोलो दुकाल स्टेडियम में एक फील्ड अस्पताल तैयार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत की सरकार ने 15 से 28 अगस्त तक 14 दिनों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया स्थिति घोषित की है। प्रांतीय सरकार के एक आदेश के अनुसार, यह कदम राहत एवं बचाव कार्यों, लोगों की निकासी, सहायता सामग्री के वितरण और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास को तेजी देने के लिए उठाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप से 914 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 126 मकानों को मध्यम और 317 को मामूली नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 93 शैक्षणिक संस्थानों, 36 स्वास्थ्य केंद्रों और 38 सरकारी कार्यालयों को भी नुकसान हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रांतीय गवर्नर मेल्की लाका लेना ने बताया कि कुछ सड़कें भूस्खलन के कारण कट गई हैं या मलबे से अवरुद्ध हो गई हैं। भूकंप के बाद प्रांत में कई उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं। भूकंप का केंद्र नगेकेओ रीजेंसी के म्बाय शहर से करीब 30 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में 15 किलोमीटर की गहराई पर था। शनिवार तड़के आए इस भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने वापस ले लिया। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल अब भी मलबे की जांच, घायलों की मदद और नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 17:49:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेलेंस्की का दावा- यूक्रेन में 437 नागरिक मारे गए, जबकि 2,610 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>जेलेंस्की ने यूएन रिपोर्ट का दिया हवाला</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कीव।</strong> यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट के हवाले से देश को पहुंचे नुकसान के बारे में बताया है। उनके अनुसार, जुलाई में हुए रूसी हमलों में यूक्रेन में 437 नागरिक मारे गए और 2,610 घायल हुए। उन्होंने कहा कि मई 2022 के बाद यह एक महीने में नागरिकों के हताहत होने का सबसे बड़ा आंकड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जेलेंस्की ने कहा, " जुलाई में 17 बच्चों की मौत हुई, जबकि 166 अन्य घायल हुए। अप्रैल 2022 के बाद किसी एक महीने में बच्चों के हताहत होने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/zelensky-claims-437-civilians-were-killed-in-ukraine-while-2610/article-158395"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/whatsapp_image_2023-07-31_at_09.22.36.jpeg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>जेलेंस्की ने यूएन रिपोर्ट का दिया हवाला</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कीव।</strong> यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट के हवाले से देश को पहुंचे नुकसान के बारे में बताया है। उनके अनुसार, जुलाई में हुए रूसी हमलों में यूक्रेन में 437 नागरिक मारे गए और 2,610 घायल हुए। उन्होंने कहा कि मई 2022 के बाद यह एक महीने में नागरिकों के हताहत होने का सबसे बड़ा आंकड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जेलेंस्की ने कहा, " जुलाई में 17 बच्चों की मौत हुई, जबकि 166 अन्य घायल हुए। अप्रैल 2022 के बाद किसी एक महीने में बच्चों के हताहत होने का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।" उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों की ओर पूरी दुनिया को ध्यान देना चाहिए। जेलेंस्की ने नागरिकों की मौत के लिए सीधे तौर पर रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यूक्रेन के शहरों पर मिसाइल, ड्रोन और बम हमलों को तेज किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि जुलाई में लंबी दूरी के हथियारों से किए गए हमलों में कुल नागरिक हताहतों में 38 प्रतिशत मामले सामने आए। उन्होंने इसे नागरिक आबादी के खिलाफ सुनियोजित पैटर्न का हिस्सा बताया और कहा कि ऐसे हमलों का दस्तावेजीकरण और जांच की जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">जेलेंस्की ने कहा कि रूस के हमलों के लिए जिम्मेदार प्रत्येक कमांडर और अधिकारी को यह समझना चाहिए कि उनके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से केवल चिंता जताने के बजाय ठोस कदम उठाने की अपील की। जेलेंस्की के अनुसार, "रूस पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने, यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता मजबूत करने और मास्को पर ऐसा दबाव बनाने की जरूरत है, जिससे उसकी रणनीतिक गणनाएं बदलें।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जवाबदेही ऐसी होनी चाहिए जिससे रूस बच न सके। जेलेंस्की ने कहा कि अधिक यूक्रेनी नागरिकों की हत्या से रूस को न तो युद्धक्षेत्र में अपनी स्थिति बेहतर करने में मदद मिलेगी और न ही बातचीत की मेज पर उसका पक्ष मजबूत होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 17:42:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घुसपैठ करने वाले 31 चीनी नागरिकों को दक्षिण कोरिया ने पकड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सोल। </strong>साउथ कोरियन कोस्ट गार्ड ने चीनी घुसपैठ को लेकर एक आंकड़ा पेश किया। बताया कि पिछले आठ सालों में चीन से घुसपैठ कर दक्षिण कोरिया के ताइआन प्रांत पहुंचे 30 से ज्यादा चीनी नागरिकों को पकड़ने में उन्होंने कामयाबी हासिल की है। </p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को कोस्ट गार्ड ने बताया कि सितंबर 2019 से इस साल मई तक, 31 चीनी नागरिकों को गैर कानूनी तरीके से ताइआन काउंटी में जल मार्ग से प्रवेश करते पकड़ा गया। काउंटी (जैसे जिला), सोल से 100 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर दक्षिण पश्चिम में स्थित है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2019 में तीन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/south-korea-caught-31-infiltrating-chinese-citizens/article-158394"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/202608173907393.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सोल। </strong>साउथ कोरियन कोस्ट गार्ड ने चीनी घुसपैठ को लेकर एक आंकड़ा पेश किया। बताया कि पिछले आठ सालों में चीन से घुसपैठ कर दक्षिण कोरिया के ताइआन प्रांत पहुंचे 30 से ज्यादा चीनी नागरिकों को पकड़ने में उन्होंने कामयाबी हासिल की है। </p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को कोस्ट गार्ड ने बताया कि सितंबर 2019 से इस साल मई तक, 31 चीनी नागरिकों को गैर कानूनी तरीके से ताइआन काउंटी में जल मार्ग से प्रवेश करते पकड़ा गया। काउंटी (जैसे जिला), सोल से 100 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर दक्षिण पश्चिम में स्थित है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2019 में तीन चीनी नागरिक रबर बोट पर सवार होकर ताइआन तट के पास पहुंचने पर पकड़े गए थे। वहीं, पिछले साल आठ और लोगों को 4.3 मीटर लंबी बोट पर सवार होकर काउंटी पहुंचने पर पकड़ा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">योनहाप न्यूज एजेंसी ने कोस्ट गार्ड के हवाले से बताया कि ताजा घटना इसी साल 25 मई की है। शख्स डोंग गुआंगपिंग नाम का एक अपराधी किस्म का शख्स डोंग समुद्र मार्ग से देश में घुसा तो तुरंत पकड़ लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">डोंग, चीन का सजायाफ्ता मुजरिम था। उसे बाद में दक्षिण कोरिया छोड़ने की इजाजत मिल गई थी। डोंग को लेकर एक खबर न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी छापी थी। बताया कि वह इस साल जून में कनाडा आया था।</p>
<p style="text-align:justify;">कोस्ट गार्ड ने कहा कि 31 में से 25 लोग ऐसे थे जो पहले दक्षिण कोरिया में काम कर चुके थे। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर लोगों को डिपोर्ट कर दिया गया था, लेकिन फिर वो गैर-कानूनी तरीके से घुस गए। जांच हुई तो पता चला कि उनके पास कानूनी तरीके से प्रवेश करने के दस्तावेज नहीं थे, इसलिए गलत तरीका अपनाया।</p>
<p style="text-align:justify;">कोस्ट गार्ड अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर गैर-कानूनी एंट्री की कोशिशें अप्रैल और मई या सितंबर और अक्टूबर के बीच हुईं, जब समुद्र में ज्यादा हलचल नहीं होती और इस वजह से पानी में नेविगेट करना आसान हो जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/international/south-korea-caught-31-infiltrating-chinese-citizens/article-158394</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 17:34:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेश के पीएम का भारत दौरा जल्द होना चाहिए: दिनेश त्रिवेदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ढाका।</strong> उच्च स्तरीय बैठक और बातचीत के जरिए किसी भी मुद्दे को सुलझाने की अपनी उम्मीद दोहराते हुए, बांग्लादेश में भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने रविवार रात कहा कि उन्हें लगता है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा "बहुत जल्द होना चाहिए।"</p>
<p style="text-align:justify;">बांग्लादेश की समाचार एजेंसी यूएनबी के अनुसार, उन्होंने कहा, "मुद्दों को सिर्फ बैठक और बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है, और मैं इसे लेकर आशान्वित हूं। हमारे दिल काफी करीब हैं और मैं बांग्लादेश-भारत के रिश्तों में एक सुनहरे अध्याय की शुरुआत होते देखना चाहता हूं। "</p>
<p style="text-align:justify;">बांग्लादेश में आयरलैंड के ऑनरेरी कॉन्सुल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/bangladesh-pm-should-visit-india-soon-dinesh-trivedi/article-158361"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/202608173907312.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ढाका।</strong> उच्च स्तरीय बैठक और बातचीत के जरिए किसी भी मुद्दे को सुलझाने की अपनी उम्मीद दोहराते हुए, बांग्लादेश में भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने रविवार रात कहा कि उन्हें लगता है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा "बहुत जल्द होना चाहिए।"</p>
<p style="text-align:justify;">बांग्लादेश की समाचार एजेंसी यूएनबी के अनुसार, उन्होंने कहा, "मुद्दों को सिर्फ बैठक और बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है, और मैं इसे लेकर आशान्वित हूं। हमारे दिल काफी करीब हैं और मैं बांग्लादेश-भारत के रिश्तों में एक सुनहरे अध्याय की शुरुआत होते देखना चाहता हूं। "</p>
<p style="text-align:justify;">बांग्लादेश में आयरलैंड के ऑनरेरी कॉन्सुल मसूद जमील खान और उनकी पत्नी केट जारो खान की ओर से आयोजित वेलकम डिनर के दौरान त्रिवेदी ने कहा कि बांग्लादेश और भारत सिर्फ एक बॉर्डर शेयर नहीं करते; वे असल में एक सपना शेयर करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय दूत ने कहा कि बांग्लादेश और भारत दो संप्रभु देश हैं। "इसमें कोई शक नहीं कि हमारे सामने कई चुनौतियां हैं और ये भी मानिए कि अगर आपके पास चुनौती नहीं हैं, तो वह लोकतंत्र नहीं है। फिर चाहें इस व्यवस्था में कई परेशानियां ही क्यों न हो!"</p>
<p style="text-align:justify;">उनके मुताबिक, भले ही दोनों देशों के बीच मतभेद हों और उन्हें लेकर अपने-अपने तर्क भी हों फिर भी हम चाहते हैं कि भारत-बांग्लादेश के लोग ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया हमें इज्जत और सम्मान से देखे। उन्होंने आगे कहा, "इसके लिए प्रयास जारी हैं और मैं दिल से चाहता हूं कि भारत और बांग्लादेश के बीच एक सुनहरे दौर की शुरुआत हो।"</p>
<p style="text-align:justify;">त्रिवेदी के अनुसार प्रधानमंत्री तारिक रहमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ही जन नेता हैं। उन्होंने कहा, " मैंने मीडिया में कई बार कहा है, जहां भी मुझसे पूछा गया है कि जब दो ऐसे नेता मिलते हैं और बातचीत करते हैं, तो कोई समस्या बाकी नहीं रह जाती, कोई ऐसा मुद्दा नहीं होता, जिस पर संवाद न हो सके और जिसे सुलझाया न जा सके।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 14:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आईडी धमाका, हमले में दो की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>क्वेटा।</strong> पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुए आईईडी धमाके में दो लोगों की मौत हो गई। धमाका एक वाहन में हुआ। स्थानीय पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।  सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर सिंहुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि यह घटना रविवार को दोपहर करीब 3 बजे राजधानी क्वेटा में हुई। पुलिस ने बताया कि गाड़ी पानी के पाइपलाइन का सामान ले जा रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, मृतकों के शवों और कुछ घायलों को क्वेटा के एक अस्पताल ले जाया गया। अभी तक किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह हमला पिछले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/two-killed-in-id-blast-attack-in-pakistans-balochistan/article-158349"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/202608173907408.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>क्वेटा।</strong> पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुए आईईडी धमाके में दो लोगों की मौत हो गई। धमाका एक वाहन में हुआ। स्थानीय पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।  सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर सिंहुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि यह घटना रविवार को दोपहर करीब 3 बजे राजधानी क्वेटा में हुई। पुलिस ने बताया कि गाड़ी पानी के पाइपलाइन का सामान ले जा रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, मृतकों के शवों और कुछ घायलों को क्वेटा के एक अस्पताल ले जाया गया। अभी तक किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह हमला पिछले हफ्ते पाकिस्तानी एयर फोर्स द्वारा सुराब के गिदर इलाके में रिहायशी इलाकों में अंधाधुंध बमबारी करने के कुछ दिनों बाद हुआ है। उस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज्यादा मासूम नागरिक मारे गए थे और कई घायल हो गए थे, जबकि प्रॉपर्टी को भी काफी नुकसान हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">हमले की निंदा करते हुए, बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सबिहा बलूच ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि पाकिस्तान कैसे बच्चों समेत बेगुनाह बलूच नागरिकों की हत्या करके अपने बनने और होने का दम भरता है, जिसे उन्होंने "नरसंहार" बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सबिहा ने कहा, “वो इलाका पाकिस्तानी सेना से घिरा हुआ है। बचाव टीम, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और पत्रकारों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। मानवीय मदद और स्वतंत्र दस्तावेजीकरण होने देने से रोकना मानवाधिकार संबंधी नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन है और इस पर तुरंत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देने की जरूरत है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने पत्रकारों, मेडिकल टीमों, मानवीय संगठनों और दुनिया भर के लोगों से अपील की कि वे पीड़ितों तक तुरंत मदद पहुंचाने की कोशिशों को अंजाम दें। इस बीच, ह्यूमन राइट्स बॉडी बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने घटना की तुरंत, स्वतंत्र, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी वाली जांच की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">बीवीजे ने कहा, “मारे गए और घायल हुए लोगों की पहचान और जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आम लोगों – खासकर महिलाओं और बच्चों – की सुरक्षा करना देश की बुनियादी जिम्मेदारी है, और सभी सैन्य अभियान को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और आम लोगों की जिंदगी की सुरक्षा से जुड़े सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 13:54:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांगो में इबोला की दस्तक, हजारों लोगों की जान पर संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, देश के कई प्रांत में फैल सकता संक्रमण</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>किन्शासा।</strong> इबोला अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) पर कहर बनकर टूटा है। आंकड़ों के लिहाज से ये देश के इतिहास का सबसे घातक प्रकोप बन गया है। संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2,300 का आंकड़ा पार कर गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकोप ने 2018-20 के उस इबोला संकट को भी पीछे छोड़ दिया है, जिसमें 2,299 लोगों की मौत हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, इस बार संक्रमण तेजी से फैल रहा है और देश के कई प्रांत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/ebola-hits-congo-thousands-of-lives-in-danger/article-158346"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/20260707182.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, देश के कई प्रांत में फैल सकता संक्रमण</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>किन्शासा।</strong> इबोला अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) पर कहर बनकर टूटा है। आंकड़ों के लिहाज से ये देश के इतिहास का सबसे घातक प्रकोप बन गया है। संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2,300 का आंकड़ा पार कर गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकोप ने 2018-20 के उस इबोला संकट को भी पीछे छोड़ दिया है, जिसमें 2,299 लोगों की मौत हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, इस बार संक्रमण तेजी से फैल रहा है और देश के कई प्रांत इसकी चपेट में आ चुके हैं। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में इतुरी प्रांत शामिल है, जहां स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इबोला एक अत्यंत संक्रामक और गंभीर वायरल बीमारी है। संक्रमित व्यक्ति के रक्त और शरीर के अन्य तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से इसका संक्रमण फैल सकता है।  इस प्रकोप को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि बड़ी संख्या में नए संक्रमित लोगों का पहले से निगरानी में रहे मरीजों से कोई स्पष्ट संपर्क सामने नहीं आ रहा है। इसका मतलब है कि संक्रमण की श्रृंखला का पता लगाना स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कांगो में जारी संघर्ष, लोगों का विस्थापन, कमजोर स्वास्थ्य ढांचा और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बड़ी संख्या में लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के कारण संक्रमण के नए क्षेत्रों में पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा प्रकोप में बुंडिबुग्यो स्ट्रेन का वायरस सामने आया है। इस स्ट्रेन के खिलाफ फिलहाल व्यापक रूप से उपलब्ध और स्वीकृत विशिष्ट उपचार या वैक्सीन की कमी चुनौती बनी हुई है। वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संगठन संभावित टीकों तथा उपचारों पर काम कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी संक्रमित लोगों को जल्द पहचानने, उन्हें अलग रखने और उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। लेकिन बीमारी की देर से पहचान और इलाज तक पहुंच में मुश्किलें मृत्यु दर को बढ़ा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कांगो पहले भी कई बार इबोला के प्रकोप का सामना कर चुका है। 2018 से 2020 के बीच आया प्रकोप देश के लिए सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकटों में से एक था। अब मौजूदा संकट के उससे भी आगे निकल जाने ने अफ्रीका में संक्रामक बीमारियों से निपटने की तैयारियों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/international/ebola-hits-congo-thousands-of-lives-in-danger/article-158346</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 13:43:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण कोरिया के ‘नो थैंक्स’ से क्यों नाराज हुए ट्रंप?</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दक्षिण कोरिया से तल्खी के बीच ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों में की कटौती</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दिलो दिमाग में क्या चल रहा है इसका संकेत पहले ही दे देते हैं। ठीक ऐसा ही कुछ उन्होंने दक्षिण कोरिया के मामले में किया। रविवार शाम दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में ‘बड़ी कटौती’ का आदेश देकर भले ही उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के साथ रिश्तों को सुधारने का संकेत दिया हो, लेकिन इस फैसले से कुछ घंटे पहले उनके एक बयान ने सोल के साथ बढ़ती तल्खी का संकेत दे दिया था। ये 'नो थैंक्स'</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/why-did-trump-get-angry-with-south-koreas-no-thanks/article-158343"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/20260616321f.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दक्षिण कोरिया से तल्खी के बीच ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों में की कटौती</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दिलो दिमाग में क्या चल रहा है इसका संकेत पहले ही दे देते हैं। ठीक ऐसा ही कुछ उन्होंने दक्षिण कोरिया के मामले में किया। रविवार शाम दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में ‘बड़ी कटौती’ का आदेश देकर भले ही उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के साथ रिश्तों को सुधारने का संकेत दिया हो, लेकिन इस फैसले से कुछ घंटे पहले उनके एक बयान ने सोल के साथ बढ़ती तल्खी का संकेत दे दिया था। ये 'नो थैंक्स' मोमेंट था।</p>
<p style="text-align:justify;"> ट्रंप ने शनिवार को नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ तस्वीर साझा की। कहा कि तस्वीरों में वो भले ही अनमने दिख रहे हैं लेकिन दोनों के बीच रिश्ते बड़े अच्छे हैं। फिर रविवार सुबह ट्रुथ सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने हाल में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से पूछा था कि क्या सोल ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अमेरिकी प्रयास में शामिल होना चाहेगा। ट्रंप के मुताबिक, उन्हें जवाब मिला-“ नो थैंक्स (नहीं, धन्यवाद)।” हालांकि इसके साथ उन्होंने इस बातचीत का कोई ब्योरा नहीं दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इसके बाद ट्रंप ने जिस तरह दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यासों पर टिप्पणी की, उससे दोनों घटनाओं को जोड़कर देखने की वजह जरूर बनती है। उसी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों को ‘काफी हद तक’ कम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अभ्यासों को महंगा बताते हुए कहा कि इनकी लागत का बड़ा हिस्सा अमेरिका उठाता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ये अभ्यास उत्तर कोरिया को ‘पूरी तरह अनुचित और शत्रुतापूर्ण’ संदेश भेजते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">'नो थैंक्स' से क्या ट्रंप नाराज हुए? सवाल ये मौजूं है। ट्रंप के बयान का सबसे अहम हिस्सा यही है। दक्षिण कोरिया अमेरिका का प्रमुख एशियाई सहयोगी है और उसकी धरती पर करीब 28,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ऐसे में ट्रंप का यह कहना कि सोल ने ईरान के मुद्दे पर अमेरिकी प्रयास में शामिल होने से इनकार कर दिया, केवल एक सामान्य कूटनीतिक टिप्पणी नहीं माना जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">योनहाप के मुताबिक, ट्रंप के इस बयान से यह धारणा बनती है कि ईरान के साथ जारी युद्ध के दौरान उन्हें दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगियों से उतना समर्थन नहीं मिला, जितनी वह अपेक्षा कर रहे थे। इससे पहले अप्रैल में व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में भी ट्रंप दक्षिण कोरिया को अमेरिका के लिए ‘मददगार नहीं’ बता चुके थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यानी सैन्य अभ्यासों में कटौती का फैसला अचानक उठाया गया कदम नहीं लगता। इसके ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह बता दिया था कि सोल से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की शिकायत है। यहां कहानी का दूसरा पहलू उत्तर कोरिया भी है। ट्रंप ने साफ कहा कि उनका फैसला किम जोंग-उन के साथ उनके ‘बहुत अच्छे संबंधों’ को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे सैन्य अभ्यासों से खुश नहीं हैं, जिन्हें प्योंगयांग लंबे समय से युद्ध की तैयारी करार देता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिलचस्प बात यह है कि सैन्य अभ्यासों में कटौती की घोषणा से एक दिन पहले ट्रंप ने 2019 में पनमुनजोम में किम के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की थी और दोहराया था कि दोनों के बीच संबंध ‘बहुत अच्छे’ हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह संकेत देता है कि ट्रंप एक तरफ सोल से अपने रणनीतिक सहयोग को लेकर असंतोष जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्योंगयांग के साथ व्यक्तिगत कूटनीति की खिड़की फिर से खोलना चाहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका और दक्षिण कोरिया का सुरक्षा गठबंधन दशकों पुराना है और उत्तर कोरिया का परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम दोनों देशों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद ट्रंप का मौजूदा रुख असामान्य जरूर है। जिस समय उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है और हाल में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण भी कर चुका है, उसी समय अमेरिकी राष्ट्रपति संयुक्त सैन्य अभ्यासों को कम करने की बात कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर कोरिया ने हालिया संयुक्त सैन्य अभ्यासों की आलोचना करते हुए इन्हें युद्ध की तैयारी बताया था। दूसरी ओर, अमेरिका और दक्षिण कोरिया इन्हें अपनी सैन्य तैयारी और प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने का जरूरी हिस्सा मानते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप के फैसले को केवल कोरियाई प्रायद्वीप तक सीमित करके देखना भी सही नहीं होगा। ईरान संघर्ष पांच महीने से अधिक समय से चल रहा है और इसने अमेरिका की विदेश नीति, ऊर्जा कीमतों और घरेलू राजनीति पर दबाव बढ़ाया है। योनहाप के अनुसार, कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि सैन्य अभ्यासों में कटौती से ट्रंप ईरान युद्ध से जुड़े घरेलू दबाव से भी ध्यान हटाने की कोशिश कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रंप की यह रणनीति किम जोंग-उन को बातचीत की मेज पर वापस ला पाएगी। अमेरिका ने पहले ही संकेत दिया है कि ट्रंप प्योंगयांग के साथ बिना पूर्व शर्त बातचीत के लिए तैयार हैं। दक्षिण कोरिया के लिए भी यह फैसला आसान नहीं है। एक तरफ राष्ट्रपति ली जे-म्युंग उत्तर कोरिया के साथ संवाद और स्थायी शांति व्यवस्था की वकालत कर रहे हैं। दूसरी तरफ प्योंगयांग लगातार अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को मजबूत कर रहा है। ली ने 15 अगस्त को उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर शुरू करने की अपील की थी, लेकिन प्योंगयांग ने अब तक इसका सकारात्मक जवाब नहीं दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/international/why-did-trump-get-angry-with-south-koreas-no-thanks/article-158343</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 13:32:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांग्लादेश में बंगबंधु की बरसी पर जुटे 15 वकील गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पेरिस।</strong> बांग्लादेश में बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की पुण्यतिथि पर निजी प्रार्थना और स्मृति सभा में शामिल हुए 15 वकीलों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने इन गिरफ्तारियों को मनमाना बताते हुए बांग्लादेशी अधिकारियों की आलोचना की है।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार किए गए वकीलों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी चटगांव जिला बार एसोसिएशन से जुड़े बताए गए। बाद में 5 महिला वकीलों को कोर्ट ने रविवार दोपहर जमानत दे दी जबकि 10 को बेल नहीं दी गई।बांग्लादेशी दैनिक प्रथोम आलो के अनुसार, पुलिस ने शनिवार रात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/15-lawyers-arrested-for-gathering-on-bangabandhus-death-anniversary-in/article-158342"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/202608173907350.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पेरिस।</strong> बांग्लादेश में बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की पुण्यतिथि पर निजी प्रार्थना और स्मृति सभा में शामिल हुए 15 वकीलों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने इन गिरफ्तारियों को मनमाना बताते हुए बांग्लादेशी अधिकारियों की आलोचना की है।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार किए गए वकीलों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी चटगांव जिला बार एसोसिएशन से जुड़े बताए गए। बाद में 5 महिला वकीलों को कोर्ट ने रविवार दोपहर जमानत दे दी जबकि 10 को बेल नहीं दी गई।बांग्लादेशी दैनिक प्रथोम आलो के अनुसार, पुलिस ने शनिवार रात चटगांव के डबल मूरिंग इलाके में एक घर से इन वकीलों को हिरासत में लिया। स्थानीय पुलिस स्टेशन के ओसी शाहीन आलम ने बताया कि ये वकील अवामी लीग के समर्थक और कार्यकर्ता हैं और इन्हें आतंक विरोधी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">ये सभी 15 अगस्त को बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की पुण्यतिथि मनाने के लिए एकत्र हुए थे।  मानवाधिकार संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण निजी प्रार्थना और स्मृति सभा में भाग लेने के लिए वकीलों पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत कार्रवाई करना गंभीर चिंता का विषय है। संगठन ने अधिकारियों से गिरफ्तार किए गए वकीलों के अधिकारों का सम्मान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">बांग्लादेश में शेख मुजीबुर रहमान की पुण्यतिथि को लेकर इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक तनाव के बीच कई घटनाएं सामने आई हैं। 15 अगस्त को ढाका में भी मुजीबुर रहमान के चित्र पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में उसके खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">शेख मुजीबुर रहमान की 15 अगस्त 1975 को उनके परिवार के कई सदस्यों के साथ हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 15 अगस्त बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक बेहद संवेदनशील तारीख बन गया। एक शांतिपूर्ण और निजी स्मृति सभा पर "आतंक विरोधी" कानून का इस्तेमाल खतरनाक है। जेएमबीएफ ने कहा, “वकीलों को हिंसा या आतंकवादी गतिविधि से संबंधित सबूत की कमी के बावजूद मनमानी गिरफ्तारी, सही प्रक्रिया, अभिव्यक्ति की आजादी, शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और संगठन बनाने, राजनीतिक भागीदारी, और आतंकवाद विरोधी कानून के संभावित गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">संगठन के संस्थापक अध्यक्ष और मानवाधिकार वकील शाहनूर इस्लाम ने कहा, " चटगांव में 15 वकीलों की गिरफ्तारी कोई पहला मामला नहीं है। ये बांग्लादेश में राजनीतिक गतिविधियों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के बेजा इस्तेमाल का एक पैटर्न है। पिछली अंतरिम सरकार के दौरान ये चरम पर था लेकिन वर्तमान सत्ता भी इसे रोक नहीं पाई है।"</p>
<p style="text-align:justify;">जेएमबीएफ ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन, बांग्लादेश स्थित मिशनों, अंतरराष्ट्रीय बार एसोसिएशन समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय संगठनों से ऐसे मामलों में हस्तक्षेप की अपील की। कहा कि हर नागरिक को आजादी और सम्मान से जीने का अधिकार है। हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय वकीलों के इन मूलभूत अधिकारों को बनाए रखने में योगदान दे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 13:25:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तारिक रहमान की दिल्ली यात्रा से पहले बांग्लादेश ने भारत के सामने रखी शर्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली । बांग्लादेश सरकार ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर बड़ा संकेत दिया है। तारिक रहमान के भारत आने से पहले बांग्लादेश ने शर्तें थोपने की कोशिश की। बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि उसके प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा तब तक संभव नहीं है जब तक नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और ढाका द्वारा वांछित अन्य भगोड़ों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाती।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बांग्लादेश ने रखी शर्त</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रथोम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने इसके लिए भारतीय अधिकारियों से द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/before-tariq-rahmans-visit-to-delhi-bangladesh-put-a-condition/article-158336"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/17aug31234.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली । बांग्लादेश सरकार ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर बड़ा संकेत दिया है। तारिक रहमान के भारत आने से पहले बांग्लादेश ने शर्तें थोपने की कोशिश की। बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि उसके प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा तब तक संभव नहीं है जब तक नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और ढाका द्वारा वांछित अन्य भगोड़ों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाती।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बांग्लादेश ने रखी शर्त</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रथोम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने इसके लिए भारतीय अधिकारियों से द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य फरार अपराधियों को जल्द वापस करने के साथ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को बांग्लादेश को सौंपने का अनुरोध किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बांग्लादेश ने कहा-अनुकूल माहौल की जरूरत</h3>
<p style="text-align:justify;">बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, दोनों देशों के अधिकारी रहमान की नई दिल्ली की द्विपक्षीय यात्रा की संभावना के बारे में कई हफ्तों से संपर्क में हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एकेएम शाहिदुल करीम ने कहा कि 5 अगस्त को नई दिल्ली में हसीना की सार्वजनिक बातचीत से चर्चा प्रभावित हुई थी। करीम ने कहा, "हमारा मानना है कि इस यात्रा के लिए अनुकूल वातावरण बनाना आवश्यक है। </p>
<h3 style="text-align:justify;">शेख हसीना की प्रेस कांफ्रेंस से बढ़ा विवाद</h3>
<p style="text-align:justify;">बयान में आगे कहा गया, "हम दोहराते हैं कि हम संप्रभु समानता, राष्ट्रीय गरिमा, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप और पारस्परिक लाभ के आधार पर अपने पड़ोसियों सहित अन्य देशों के साथ मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए अपनी 'बांग्लादेश प्रथम' नीति का अनुसरण करना जारी रखेंगे।" बांग्लादेश ने कहा कि रहमान की संभावित यात्रा से जुड़ी प्रक्रिया हसीना द्वारा नई दिल्ली में की गई खुली प्रेस वार्ता से "दूषित" हो गई है, जबकि उन्हें बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तारिक रहमान को न्योता</h3>
<p style="text-align:justify;">यह बयान 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तारिक रहमान की नई दिल्ली यात्रा को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। विदेश मंत्रालय ने 14 अगस्त को कहा था, "हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया है। हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र के लिए भारत आने का भी निमंत्रण दिया है।"</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 12:26:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shishir Patel]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में भारी बारिश का कहर, भूस्खलन में 21 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल में प्राकृतिक आपदा के कारण पिछले चार दिनों में रोल्पा और जाजरकोट में कुल 21 लोगों की जान चली गई ।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार हो रही बारिश के बाद आए भूस्खलन में एक व्यक्ति के अब तक लापता होने और 11 लोगो के घायल होने की भी खबर है। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दी ।<br /><br />प्राधिकरण के अनुसार, लगातार बारिश के बाद रोल्पा के थवाड़, सुनछहरी और लुंग्री गांवपालिकाओं में भीषण भूस्खलन हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन घटनाओं में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अकेले थवाड़ में हुए भूस्खलन में 12 लोगों की जान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/heavy-rain-wreaks-havoc-in-nepal-21-people-killed-in/article-158323"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/c3a3a3c8762b4176a5ba9b63d5017ab1_2087516353.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल में प्राकृतिक आपदा के कारण पिछले चार दिनों में रोल्पा और जाजरकोट में कुल 21 लोगों की जान चली गई ।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार हो रही बारिश के बाद आए भूस्खलन में एक व्यक्ति के अब तक लापता होने और 11 लोगो के घायल होने की भी खबर है। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दी ।<br /><br />प्राधिकरण के अनुसार, लगातार बारिश के बाद रोल्पा के थवाड़, सुनछहरी और लुंग्री गांवपालिकाओं में भीषण भूस्खलन हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन घटनाओं में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अकेले थवाड़ में हुए भूस्खलन में 12 लोगों की जान गई है। एक व्यक्ति लापता है, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।<br /><br />इसी तरह सुनछहरी में चार और लुंग्री में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके अलावा जाजरकोट की भेरी नगरपालिका में हुए भूस्खलन में चार और लोगों की मौत हुई है।<br /><br />प्राधिकरण की प्रवक्ता शान्ति महत ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद विभिन्न स्थानों पर हुए भीषण भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 21 पहुंच गई है। एक व्यक्ति अभी भी लापता है और घायलों की संख्या 11 हो गई है।<br /><br />उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए स्थानीय निकायों, रेडक्रॉस और सुरक्षा कर्मियों को भी तैनात किया गया है। भूस्खलन का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह समिति भेरी नगरपालिका और बाजुरा की त्रिवेणी नगरपालिका में हुए भूस्खलन का भी भूगर्भीय अध्ययन करेगी। प्राधिकरण ने समिति को अगले तीन दिनों के भीतर मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया है।<br /><br />प्राधिकरण ने कहा कि हिमालयी और पहाड़ी क्षेत्रों के कई स्थानों पर लगातार बारिश के कारण जमीन कमजोर और दलदली हो गई है, जिससे भूस्खलन की घटनाओं और जोखिम में बढ़ोतरी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही अन्य क्षेत्रों में बाढ़, अचानक आने वाली बाढ़, मलबे के बहाव और जलभराव जैसी आपदाओं का खतरा भी बना हुआ है। प्राधिकरण ने मानसून की अवधि में लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/international/heavy-rain-wreaks-havoc-in-nepal-21-people-killed-in/article-158323</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 11:40:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mahi Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलोच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान के 26 सैन्य अधिकारी मारे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">इस्लामाबाद। बलोचिस्तान को पाकिस्तान से स्वतंत्र कराने के लिए सशस्त्र अभियान का नेतृत्व कर रहे संगठन ने सेना को भारी क्षति पहुंचाई है। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के प्रवक्ता जयंद (जैंद) बलोच ने मीडिया को भेजे बयान में कहा कि पाकिस्तान के क्रूर शासकों के इशारों पर कत्लेआम करने वाली संघीय सेना से बदला लिया गया है। बीएलए के लड़ाकों ने बलोचिस्तान में आठ दिनों में 26 सैन्य अधिकारियों को मार गिराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने पिछले दिनों सोराब और पंजगुर में निर्दोष लोगों और कैदियों का नरसंहार कर बर्बरता की सारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/baloch-liberation-army-kills-26-pakistani-army-officers/article-158295"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/17aug12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इस्लामाबाद। बलोचिस्तान को पाकिस्तान से स्वतंत्र कराने के लिए सशस्त्र अभियान का नेतृत्व कर रहे संगठन ने सेना को भारी क्षति पहुंचाई है। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के प्रवक्ता जयंद (जैंद) बलोच ने मीडिया को भेजे बयान में कहा कि पाकिस्तान के क्रूर शासकों के इशारों पर कत्लेआम करने वाली संघीय सेना से बदला लिया गया है। बीएलए के लड़ाकों ने बलोचिस्तान में आठ दिनों में 26 सैन्य अधिकारियों को मार गिराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने पिछले दिनों सोराब और पंजगुर में निर्दोष लोगों और कैदियों का नरसंहार कर बर्बरता की सारी हदें लांघ दी। यह देखकर हर देशप्रेमी का खून खौल उठा। जैंद बलोच ने 16 अगस्त की देरशाम भेजे बयान में कहा कि विद्रोहियों ने आठ दिन में 22 अलग-अलग स्थानों पर पाकिस्तान सेना और मौत के दस्तों के ठिकानों पर हमला कर 26 सैन्य अफसरों को मार गिराया। इस दौरान मौत के दस्ते के एक सदस्य को जीवित दबोच लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जैंद बलोच के मुताबिक, विद्रोहियों ने थानों और सुरक्षा चौकियों समेत कई पुलों को विस्फोट कर उड़ा दिया। नौ सरकारी वाहनों को उड़ा दिया। इस दौरान बीएलए के दो कमांड भी शहीद हो गए। यह झड़पें 9 अगस्त से 16 अगस्त के बीच हुईं। बीएलए विद्रोहियों ने इस दौरान प्रमुख रूप से सैन्य ठिकानों और थानों से सैकड़ों हथियार लूट लिए। 12 अगस्त को दिन में चगाई में चेथर थाने को विस्फोट कर उड़ा दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दिन रात को कलात के रुडिंजो में सैन्य वाहनों पर हमलाकर 17 अफसर और जवान मार गिराए।रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने आज सवेरे मस्तंग और खुजदारी में हेलीकॉप्टर से गोलाबारी करते हुए ड्रोन दागे हैं। क्वेटा में अफगान सेना के एक पूर्व कमांडर की गोली लगने से मौत हो गई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ड्रोन रिहायशी इलाके में दागे गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/international/baloch-liberation-army-kills-26-pakistani-army-officers/article-158295</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 07:17:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shishir Patel]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल: भूस्खलन में तीन लोगों की मौत, चार अभी भी लापता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>काठमांडू</strong>। नेपाल के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण जाजरकोट जिले के भेरी नगरपालिका के रिसाड़ क्षेत्र में हुए भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि 4 लोग लापता हैं। सशस्त्र पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी शैलेन्द्र थापा ने बताया कि लापता लोगों की तलाश की जा रही है।<br /><br />पुलिस के अनुसार, लापता लोगों में रिसाड़ की 54 वर्षीय उमा सिंह खत्री और 83 वर्षीय रती खत्री के शव बरामद हो चुके हैं। घायल 52 वर्षीय केदार कार्की की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">भेरी नगरपालिका चिसापानी निवासी 70 वर्षीय भीम बहादुर कार्की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/three-killed-four-still-missing-in-nepal-landslide/article-158166"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/f752167fca2ecaf38964ffaff639b8d8_1333910335.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>काठमांडू</strong>। नेपाल के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण जाजरकोट जिले के भेरी नगरपालिका के रिसाड़ क्षेत्र में हुए भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि 4 लोग लापता हैं। सशस्त्र पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी शैलेन्द्र थापा ने बताया कि लापता लोगों की तलाश की जा रही है।<br /><br />पुलिस के अनुसार, लापता लोगों में रिसाड़ की 54 वर्षीय उमा सिंह खत्री और 83 वर्षीय रती खत्री के शव बरामद हो चुके हैं। घायल 52 वर्षीय केदार कार्की की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">भेरी नगरपालिका चिसापानी निवासी 70 वर्षीय भीम बहादुर कार्की और गैरीगांव निवासी 14 वर्षीय हरिस बीके अभी भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, भूस्खलन से आठ घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">रविवार सुबह करीब 5:30 बजे हुए भूस्खलन में उसी क्षेत्र के 62 वर्षीय राम बहादुर शाही, 45 वर्षीय सिद्धि बहादुर कामी, 58 वर्षीय कमला कार्की, 23 वर्षीय अनिता कार्की, 10 वर्षीय युनिस शाही, 45 वर्षीय सुन्तली चदरा और 61 वर्षीय भद्रकला कार्की घायल हो गए।<br /><br />राम बहादुर शाही और भद्रकला कार्की की हालत गंभीर है। उन्हें नेपालगंज और सुर्खेत भेजा गया है। लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल गुल्म जाजरकोट और नेपाल पुलिस की संयुक्त टीम को आज सुबह से तैनात किया गया है। इस टीम का नेतृत्व सशस्त्र पुलिस निरीक्षक कमल कार्की कर रहे हैं।<br /><br />घटनास्थल पर सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल गुल्म जाजरकोट, नेपाली सेना और नेपाल पुलिस के कुल 155 जवानों की संयुक्त टीम तैनात है। पुलिस के अनुसार, भूस्खलन के खतरे को देखते हुए संबंधित वार्ड के 200 लोगों को त्रिभुवन आधारभूत विद्यालय के भवन में स्थानांतरित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:00:06 +0530</pubDate>
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