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                <title>उत्तराखंड - Tarun Mitra</title>
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                <description>उत्तराखंड RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नाग पंचमी पर स्वामी चिदानन्द ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>श्रावण तृतीय सोमवार एवं नाग पंचमी की दी मंगलकामनाएँ</strong></li>
<li><strong>घी संक्रांति, लोक और प्रकृति की समृद्ध परंपरा: स्वामी चिदानन्द</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> श्रावण मास का प्रत्येक दिन भारतीय संस्कृति में प्रकृति, साधना और शिवत्व से जुड़ने का अवसर है। श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि प्रकृति के सूक्ष्मतम जीवों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सह-अस्तित्व की भारतीय चेतना का अद्भुत प्रतीक है। </p>
<p style="text-align:justify;">परमार्थ पीठाधीश्वर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नाग केवल एक सर्प नहीं, बल्कि शक्ति, संरक्षण, ऊर्जा, उर्वरता और प्रकृति के संतुलन के प्रतीक हैं। भगवान शिव के कंठ में विराजमान नाग हों, भगवान विष्णु की शय्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/swami-chidanand-gave-the-message-of-nature-conservation-on-nag/article-158381"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/्ेेे2.png" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>श्रावण तृतीय सोमवार एवं नाग पंचमी की दी मंगलकामनाएँ</strong></li>
<li><strong>घी संक्रांति, लोक और प्रकृति की समृद्ध परंपरा: स्वामी चिदानन्द</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> श्रावण मास का प्रत्येक दिन भारतीय संस्कृति में प्रकृति, साधना और शिवत्व से जुड़ने का अवसर है। श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि प्रकृति के सूक्ष्मतम जीवों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सह-अस्तित्व की भारतीय चेतना का अद्भुत प्रतीक है। </p>
<p style="text-align:justify;">परमार्थ पीठाधीश्वर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नाग केवल एक सर्प नहीं, बल्कि शक्ति, संरक्षण, ऊर्जा, उर्वरता और प्रकृति के संतुलन के प्रतीक हैं। भगवान शिव के कंठ में विराजमान नाग हों, भगवान विष्णु की शय्या के रूप में शेषनाग हों अथवा समुद्र मंथन में मंदराचल के साथ वासुकी नाग सनातन परंपरा में नाग जीवन और ब्रह्मांडीय व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">महाभारत से जुड़ी है नाग पंचमी की एक प्रमुख कथा-राजा जनमेजय के सर्पसत्र और ऋषि आस्तीक की कथा प्रमुख है। राजा परीक्षित की मृत्यु नागराज तक्षक के दंश से हुई थी। अपने पिता की मृत्यु से दुःखी राजा जनमेजय ने समस्त नागवंश के विनाश के लिए सर्पसत्र यज्ञ आरंभ किया। यज्ञ की अग्नि में अनेक नाग आहुति के रूप में आने लगे। जब नागवंश के विनाश का संकट गहरा गया, तब ऋषि आस्तीक ने राजा जनमेजय से यज्ञ रोकने का अनुरोध किया।</p>
<p style="text-align:justify;">राजा ने आस्तीक को वरदान देने का वचन दिया और आस्तीक ने नागों की रक्षा के लिए सर्पसत्र रोकने का वर माँगा। राजा ने अपना वचन निभाया और नागवंश का संहार रुक गया। इस घटना को श्रावण शुक्ल पंचमी से जोड़ा जाता है और इसी कारण इस दिन नागों की पूजा की परंपरा शुरू हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड की धरती पर, जहाँ हिमालय, गंगा, वन, पशु-पक्षी और लोकजीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं, आज के दिन उत्तराखंड की लोकपरंपरा में घी संक्रांति/ओलगिया का भी विशेष महत्व है। यह पर्व कृषि, पशुपालन, दुग्ध-समृद्धि और पारस्परिक भेंट की संस्कृति से जुड़ा है। भाद्रपद के प्रथम दिन मनाए जाने वाले इस लोकपर्व में घी, दूध, दही, फल-सब्जियों का आदान-प्रदान की परंपरा रही है। ‘ओलग’ का भाव ही भेंट और कृतज्ञता से जुड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">घी केवल भोजन नहीं था; पहाड़ के पारंपरिक जीवन में यह पशुधन, पोषण और समृद्धि का प्रतीक है। घी संक्रांति हमें संदेश देती है कि प्रकृति जो देती है, उसके प्रति कृतज्ञ रहें और अपनी समृद्धि को दूसरों के साथ बाँटें; नाग पंचमी हमें संदेश देती है कि प्रकृति के प्रत्येक जीव के अस्तित्व का सम्मान करें।</p>
<p style="text-align:justify;">ये दोनों पर्व  उत्तराखंड की उस जीवन-दृष्टि को अभिव्यक्त करते हैं जिसमें धरती, जल, वनस्पति, पशु-पक्षी और मानव, सभी एक ही जीवन-परिवार के अंग हैं। आज नाग पंचमी के अवसर पर आइए संकल्प लें नदियों, वनों और खेतों को सुरक्षित रखें; जैव-विविधता का सम्मान करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को समृद्ध छोड़ें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 17:12:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादी समारोह में दूल्हे का हवाई फायरिंग वीडियो वायरल; मुकदमा दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हरिद्वार। </strong>अपनी ही शादी समारोह में लाइसेंसी पिस्टल से खुलेआम फायरिंग करना एक दूल्हे को भारी पड़ गया। शादी के दौरान पिस्टल से फायरिंग करते हुए बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कनखल पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी। जांच में फायरिंग करने वाले युवक की पहचान योगेश कुमार निवासी टांडा मेहतौली, सुल्तानपुर, थाना लक्सर के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/aerial-firing-video-of-groom-during-wedding-ceremony-goes-viral/article-158351"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/c81e728d9d4c2f636f067f89cc14862c_498613024.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हरिद्वार। </strong>अपनी ही शादी समारोह में लाइसेंसी पिस्टल से खुलेआम फायरिंग करना एक दूल्हे को भारी पड़ गया। शादी के दौरान पिस्टल से फायरिंग करते हुए बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कनखल पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी। जांच में फायरिंग करने वाले युवक की पहचान योगेश कुमार निवासी टांडा मेहतौली, सुल्तानपुर, थाना लक्सर के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक वाटिका फार्म में आयोजित शादी समारोह के दौरान दूल्हा पिस्टल से फायरिंग करता दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि 26 जुलाई को लक्सर रोड स्थित एक वाटिका फार्म में योगेश कुमार की शादी की पार्टी आयोजित की गई थी। आरोप है कि इसी समारोह के दौरान योगेश कुमार ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से बिना अनुमति कई राउंड फायर किए।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो की जांच के आधार पर फायरिंग करने वाले युवक की पहचान की गई और उसके द्वारा शादी समारोह में लाइसेंसी हथियार से फायरिंग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद कनखल पुलिस ने मामले में आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि शादी समारोह में दूल्हे ने पत्नी और रिश्तेदारों के सामने अपना रौब दिखाने के लिए पिस्टल से फायरिंग की। इस दौरान किसी ने फायरिंग का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो पुलिस तक पहुंचा तो मामले की जांच शुरू की गई। गनीमत रही कि फायरिंग के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि शादी समारोह में इस तरह खुलेआम हथियार से फायरिंग करना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर रुतबा दिखाने और वीडियो वायरल कराने के चक्कर में की गई यह हरकत अब दूल्हे के लिए कानूनी कार्रवाई का कारण बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का पुलिस ने संज्ञान लिया था। जांच के दौरान वीडियो में फायरिंग करने वाले युवक की पहचान योगेश कुमार के रूप में हुई। शादी समारोह के दौरान लाइसेंसी पिस्टल से बिना अनुमति फायरिंग किए जाने की पुष्टि होने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने साफ किया कि लाइसेंसी हथियार होने का मतलब सार्वजनिक या शादी समारोह में मनमाने ढंग से फायरिंग करने की अनुमति नहीं है। ऐसे मामलों में नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 14:14:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अलकनंदा-मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता, प्रशासन सतर्क</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>नदियों के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन और आपदा प्रबंधन की नजर</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रमुख नदियों के के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की सोमवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर चेतावनी निशान के आसपास पहुंच गया है, जबकि गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) और मौसम विभाग की नजर बनी हुई है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/rising-water-level-of-alaknanda-mandakini-increases-concern-administration-alert/article-158339"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/े्््3.png" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>नदियों के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन और आपदा प्रबंधन की नजर</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रमुख नदियों के के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की सोमवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर चेतावनी निशान के आसपास पहुंच गया है, जबकि गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) और मौसम विभाग की नजर बनी हुई है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर भी बढ़ने का रुख दर्ज किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर 625.90 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी निशान 626 मीटर और खतरे का निशान 627 मीटर है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 624.88 मीटर रहा, जो चेतावनी निशान 625 मीटर से महज 0.12 मीटर नीचे है। दोनों नदियों का जलस्तर फिलहाल स्थिर दर्ज किया गया है। अलकनंदा नदी का जोशीमठ में जलस्तर 1375.64 मीटर दर्ज हुआ। पिछले 24 घंटों में यहां 17.4 मिमी बारिश हुई। पिंडर नदी के नंदकेसरी में 71.4 मिमी बारिश के बीच जलस्तर 1264.60 मीटर दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 339.10 मीटर रहा, जबकि चेतावनी निशान 339.50 मीटर है। हरिद्वार में जलस्तर 292.26 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी निशान 293 मीटर है। दोनों स्थानों पर नदी का रुख बढ़ने का दर्ज किया गया है। हरिद्वार स्थित भीमगौड़ा बैराज में साेमवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 292 मीटर और डिस्चार्ज 93,700 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं देहरादून के डाकपत्थर बैराज में यमुना का जलस्तर 454.90 मीटर और डिस्चार्ज 20,822 क्यूसेक दर्ज हुआ। सीडब्ल्यूसी ने श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर को बाढ़ पूर्वानुमान के प्रमुख स्थलों के रूप में चिन्हित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश के अत्यंत तीव्र दौर की आशंका है। राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है तथा गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश के दौर आने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में शामा में सर्वाधिक 125 मिमी बारिश दर्ज की गई। तेजम में 120, बंगापानी में 105, डीडीहाट में 90 और लोहारखेत में 83 मिमी बारिश हुई। नैनीताल में 37.5 और चमोली में 35.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">सुबह 8:30 बजे तक देहरादून का न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री, पंतनगर का 25.1, मुक्तेश्वर का 16.4 और नई टिहरी का 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य से सामान्य से अधिक रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">देहरादून में सोमवार को आंशिक से सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों के कुछ दौर होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में एक-दो दौर भारी बारिश के भी हो सकते हैं। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम और नदी जलस्तर की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील नदी घाटियों और निचले इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 13:00:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामकृष्ण परमहंस-अटल जी की पुण्यतिथि पर स्वामी चिदानंद ने किया नमन</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>संत परमहंस रामकृष्ण एवं राष्ट्रऋषि अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन में दी गई श्रद्धांजलि</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> संत, युगद्रष्टा एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रकाशपुंज परमहंस रामकृष्ण जी तथा भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर राष्ट्रवादी, संवेदनशील कवि एवं राष्ट्रऋषि अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन की ओर से दोनों महान विभूतियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों महान व्यक्तित्वों का जीवन अपने-अपने क्षेत्र में भारत की सनातन चेतना, मानवता, राष्ट्रप्रेम और उच्च आदर्शों का अनुपम प्रकाशस्तंभ रहा। परमहंस रामकृष्ण जी ने आत्मसाक्षात्कार, प्रेम, भक्ति, करुणा और सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/swami-chidanand-paid-tribute-to-ramakrishna-paramahansa-atal-ji-on-his/article-158196"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/जी1.png" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>संत परमहंस रामकृष्ण एवं राष्ट्रऋषि अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन में दी गई श्रद्धांजलि</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> संत, युगद्रष्टा एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रकाशपुंज परमहंस रामकृष्ण जी तथा भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर राष्ट्रवादी, संवेदनशील कवि एवं राष्ट्रऋषि अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन की ओर से दोनों महान विभूतियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों महान व्यक्तित्वों का जीवन अपने-अपने क्षेत्र में भारत की सनातन चेतना, मानवता, राष्ट्रप्रेम और उच्च आदर्शों का अनुपम प्रकाशस्तंभ रहा। परमहंस रामकृष्ण जी ने आत्मसाक्षात्कार, प्रेम, भक्ति, करुणा और सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मर्यादा, सुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को अपने जीवन का ध्येय बनाया।</p>
<p style="text-align:justify;">परमहंस रामकृष्ण का जीवन इस महान सत्य की अनुभूति कराता है कि आध्यात्मिकता केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, आत्मबोध और समस्त मानवता में परमात्मा के दर्शन की दिव्य यात्रा है। उन्होंने अपने जीवन और साधना से यह संदेश दिया कि सत्य एक है, उसे प्राप्त करने के मार्ग अनेक हो सकते हैं। उनका सर्वधर्म समभाव आज भी विश्व को शांति, सद्भाव और एकात्मता का मार्ग दिखाता है। वहीं, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन आधुनिक भारत की राष्ट्रचेतना का सशक्त अध्याय है। उन्होंने राजनीति को सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम माना। उनके व्यक्तित्व में विचारों की दृढ़ता के साथ हृदय की कोमलता, राष्ट्रभक्ति के साथ मानवीय संवेदना और नेतृत्व के साथ लोकतांत्रिक मर्यादा का अद्भुत समन्वय दिखाई देता था।</p>
<p style="text-align:justify;">परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रचेतना के अद्भुत समन्वय में निहित है। परमहंस रामकृष्ण ने भारत की आध्यात्मिक आत्मा को जागृत किया और अटल जी ने भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान को सशक्त स्वर दिया। दोनों का जीवन हमें अपने भीतर जागरण और बाहर सेवा, दोनों का संदेश देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वामी ने कहा कि परमहंस रामकृष्ण का संदेश था, अपने भीतर के परमात्मा को पहचानो और हर जीव में उसी दिव्यता का दर्शन करो; अटल जी का जीवन संदेश था, राष्ट्र को सर्वाेपरि रखो और भारत की गरिमा के लिए समर्पित रहो। आज की पीढ़ी के लिए इन दोनों महापुरुषों का जीवन आध्यात्मिक जागरण, सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण का महान मार्गदर्शन है।</p>
<p style="text-align:justify;">अटल की वाणी में राष्ट्र का स्वाभिमान था और हृदय में भारत की आत्मा। उनकी कविताओं में संघर्ष के बीच आशा, निराशा के बीच संकल्प और अंधकार के बीच प्रकाश की खोज दिखाई देती है। परमहंस रामकृष्ण की आध्यात्मिक दृष्टि और अटल बिहारी वाजपेयी जी की राष्ट्रदृष्टि हमें एक ही व्यापक संदेश देती है, अपने भीतर दिव्यता जगाइए और अपने कर्मों से राष्ट्र एवं मानवता की सेवा कीजिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 16:53:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चलती कार में लगी आग, बोनट से धुआं निकलते ही मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>हल्द्वानी का मामला </strong></li>
<li><strong>कार सवारों के उतरते ही गाड़ी का अगला हिस्सा आग की लपटों में घिरा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी। </strong>शनिवार को देर शाम रामपुर रोड स्थित सिंधी चौराहे के पास एक चलती कार में अचानक आग लग गई। कार के बोनट से अचानक धुआं उठते ही मौके पर हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि कार सवार महिला और चालक ने बिना पैनिक हुए तुरंत समझदारी दिखाई और वाहन रोककर बाहर निकल आए।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, कार रामपुर रोड से बाजार की तरफ जा रही थी। जैसे ही वाहन सिंधी चौराहे के समीप पहुंचा, इंजन के हिस्से से तेज धुआं निकलने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/fire-broke-out-in-a-moving-car-there-was-panic/article-158170"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/pngtree-car-collisions-fire-and-she-effects-png-image_10805806.png" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>हल्द्वानी का मामला </strong></li>
<li><strong>कार सवारों के उतरते ही गाड़ी का अगला हिस्सा आग की लपटों में घिरा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी। </strong>शनिवार को देर शाम रामपुर रोड स्थित सिंधी चौराहे के पास एक चलती कार में अचानक आग लग गई। कार के बोनट से अचानक धुआं उठते ही मौके पर हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि कार सवार महिला और चालक ने बिना पैनिक हुए तुरंत समझदारी दिखाई और वाहन रोककर बाहर निकल आए।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, कार रामपुर रोड से बाजार की तरफ जा रही थी। जैसे ही वाहन सिंधी चौराहे के समीप पहुंचा, इंजन के हिस्से से तेज धुआं निकलने लगा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने गाड़ी को तुरंत सड़क किनारे लगा दिया। कार सवारों के उतरते ही गाड़ी के अगले हिस्से को भीषण लपटों ने घेर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दर्दनाक हादसा रामपुर रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप के ठीक सामने हुआ। पेट्रोल पंप के पास आग की तेज लपटें उठती देख आसपास अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम भी बिना देरी किए मौके पर पहुंची। अग्निशमन दल ने समय रहते आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। इस घटना में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है, लेकिन किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।समय रहते वाहन से बाहर निकलने और स्थानीय पेट्रोल पंप कर्मियों की तत्परता से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। गाड़ी में अचानक आग लगने जैसी घटनाओं से बचने के लिए नियमित मेंटेनेंस और कार में अग्निशमन यंत्र रखना बेहद जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:25:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बुजुर्ग महिला से दिनदहाड़े चेन झपटकर भाग निकला बदमाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून: देहरादून के वसंत विहार इलाके में दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग की वारदात सामने आई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाश महिला के गले से चेन झपटकर फरार होता नजर आ रहा है। </p>
<p><br />चेन झपटने के दौरान महिला सड़क पर गिर गई और चोट लगने के बाद कुछ देर तक उठ भी नहीं पाई। खास बात यह है कि वसंत विहार क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर चेन स्नैचिंग की यह दूसरी वारदात बताई जा रही है, जिससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/%C2%A0%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%9D%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B6/article-158107"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/kjmnhg1.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून: देहरादून के वसंत विहार इलाके में दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग की वारदात सामने आई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाश महिला के गले से चेन झपटकर फरार होता नजर आ रहा है। </p>
<p><br />चेन झपटने के दौरान महिला सड़क पर गिर गई और चोट लगने के बाद कुछ देर तक उठ भी नहीं पाई। खास बात यह है कि वसंत विहार क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर चेन स्नैचिंग की यह दूसरी वारदात बताई जा रही है, जिससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाश की तलाश की जा रही है।</p>
<p>सीसीटीवी में दिखी पूरी वारदात<br />महिला के साथ चेन स्नैचिंग की ये वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि काले कलर की टीशर्ट पहने युवक पहले महिला से स्कूटर रोककर बात करता है और कुछ पूछता है। इसके बाद महिला, बदमाश की बातों में आकर उसे कुछ बताने लगती है। इसके बाद मौका पाकर बदमाश अचानक महिला के गले की तरफ झपटता है और चेन खींचकर स्कूटर भगा ले जाता है।</p>
<p>अचानक हुए इस हमले से महिला संभल नहीं पाती है और बुरी तरह गिर जाती है। इसके बाद महिला कई बार जमीन से उठने की कोशिश करती है लेकिन वह उठ नहीं पाती और फिर जमीन पर ही लेट जाती है। उम्र अधिक होने के कारण महिला को काफी चोट आई है और वह इस हमले की वजह से सदमे में हैं। </p>
<p><br />बताया जा रहा है कि वसंत विहार क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर चेन स्नैचिंग की ये दूसरी घटना है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। एक ही इलाके में 24 घंटे के अंदर 2 घटनाएं हो जाएं और पुलिस के हाथ खाली रहें, ये पुलिस के लिए भी शर्मिंन्दा करने वाली बात है। </p>
<p>इलाके के लोगों में इन दो घटनाओं के बाद डर का माहौल है और लोग अकेले घर से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं। जब दिनदहाड़े बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हों तो रात में तो वह किसी भी तरह की घटना को अंजाम दे सकते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 06:39:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छह अफसरों कर्मचारियों को आज दिए जाएंगे पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून: छह अफसरों और कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री का सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा।</p>
<p>आईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे समेत पुलिस के 14 अफसरों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री पदक दिए जाने की घोषणा की गई है। इन में आठ अफसरों और कर्मचारियों को सेवा के आधार पर सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा। जबकि, छह अफसरों और कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री का सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। इनमें पिछले दिनों दिवंगत हुए एलआईयू इंस्पेक्टर मनोज मनराल को भी मरणोपरांत मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक (सेवा के आधार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/medals-will-be-given-to-six-officers-and-employees-today/article-158020"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/uttara.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून: छह अफसरों और कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री का सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा।</p>
<p>आईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे समेत पुलिस के 14 अफसरों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री पदक दिए जाने की घोषणा की गई है। इन में आठ अफसरों और कर्मचारियों को सेवा के आधार पर सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा। जबकि, छह अफसरों और कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री का सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। इनमें पिछले दिनों दिवंगत हुए एलआईयू इंस्पेक्टर मनोज मनराल को भी मरणोपरांत मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक (सेवा के आधार पर)<br />- आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे<br />- एएसपी रेवाधर मठपाल<br />- डीएसपी भास्कर लाल शाह<br />- डीएसपी त्रिवेंद्र सिंह राणा<br />- डीएसपी मनीष जस्वाल<br />- इंस्पेक्टर गिरीबर सिंह रावत<br />- इंस्पेक्टर मोहम्मद यासीन<br />- प्लाटून कमांडर दिनेश चंद्र</p>
<p>विशिष्ट कार्य हेतु मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक<br />- इंस्पेक्टर एलआईयू मनोज मनराल (मरणोपरांत)<br />- एसआई विनोद कुमार (मरणोपरांत)<br />- आईजी सुनील कुमार मीणा<br />- एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर<br />- एएसपी शांतनु पराशर<br />- डीएसपी मनोज असवाल</p>
<p>154 पुलिसकर्मियों और अफसरों को भी मिलेगा सम्मान<br />स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस के 154 पुलिसकर्मियों और अफसरों को भी सम्मानित किया जाएगा। इनमें 25 को डीजीपी प्रशस्ति डिस्क सिल्वर (सेवा के आधार पर) और 12 को डीजीपी डिस्क गोल्ड (सेवा के आधार पर) दी जाएगी। इनके अलावा विशिष्ट कार्य के लिए डीजीपी सिल्वर डिस्क 89 पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को प्रदान की जाएगी। इनके अलावा विशिष्ट कार्य के लिए डीजीपी प्रशस्ति डिस्क गोल्ड के लिए 12 अफसरों और कर्मचारियों का चुनाव हुआ है। इनके साथ ही 16 अफसरों और कर्मचारियों को डीजीपी का प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। डीजीपी दीपम सेठ ने सभी अफसरों और कर्मचारियों को सम्मान के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/medals-will-be-given-to-six-officers-and-employees-today/article-158020</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 06:30:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीपलकोटी सुरंग हादसा: मलबे में जिंदगी की तलाश, रेस्क्यू में जुटीं एजेंसियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल में पानी और मलबा भरने से हुए हादसे में सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि तीन अब भी लापता हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के बाद 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत एवं बचाव अभियान शुक्रवार को भी दिनभर युद्धस्तर पर जारी रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रत्येक श्रमिक की जान बेहद कीमती है और सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।<br /><br />हादसा गुरुवार शाम टनल के टीआरटी फेज-II</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/pipalkoti-tunnel-accident-agencies-engaged-in-rescue-searching-for-life/article-157996"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/f0615763e29b767451ad02255d673f78_557982251.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल में पानी और मलबा भरने से हुए हादसे में सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि तीन अब भी लापता हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के बाद 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत एवं बचाव अभियान शुक्रवार को भी दिनभर युद्धस्तर पर जारी रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रत्येक श्रमिक की जान बेहद कीमती है और सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।<br /><br />हादसा गुरुवार शाम टनल के टीआरटी फेज-II में हुआ, जब अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा टनल में घुस गया। घटना के समय हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) के श्रमिक टनल में काम कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">अचानक पानी और मलबा आने से श्रमिक अंदर फंस गए। बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें जुटी हैं।<br /><br />रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल से पानी और मलबा निकालने और बचाव दलों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विभिन्न उपकरण लगाए गए हैं। टनल के भीतर पानी का स्तर और मलबा बचाव कार्य में चुनौती बने हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बचाव दल लापता तीन श्रमिकों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार टनल में फंसे 22 श्रमिकों में से 19 को बाहर निकाला जा चुका है,जिनमें सात की अस्पताल में मौत हो गई। शेष तीन श्रमिकों की तलाश जारी है।<br /><br />बचाव अभियान में सेना की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) टीम को भी लगाया गया है। जोशीमठ से पहुंची सेना की टीम में अधिकारी, जेसीओ, जवानों के अलावा प्रशिक्षित के-9 और चिकित्सा दल शामिल हैं। टीम ने टनल के भीतर जाकर स्थिति का आकलन किया और बचाव कार्य में सहयोग किया।<br /><br />आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, 36 आईटी पार्क पहुंचकर घटना की समीक्षा एवं निगरानी की। जिलाधिकारी चमोली मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव अभियान का पर्यवेक्षण कर रहे हैं।<br /><br />वर्तमान में स्थानीय थाना एवं पुलिस चौकी के 22 कर्मियों, सीआईएसएफ के 25 जवानों, एनडीआरएफ-105 के 105 बचाव कर्मियों एवं डॉग स्क्वॉड, एसडीआरएफ के 42 बचाव कर्मियों, सेना के 53 जवानों.</p>
<p style="text-align:justify;">आईटीबीपी के 52 जवानों, डीआरएफ के चार बचाव कर्मियों, फायर सर्विस के 14 कर्मियों, जिला प्रशासन, मेडिकल टीम और एचसीसी कंपनी की मशीनों और मानव संसाधन की मदद से खोज एवं बचाव कार्य चल रहा है।<br /><br />रिपोर्ट के अनुसार ESF-9 सर्च एंड रेस्क्यू को भी सक्रिय किया गया है। टनल में फंसे/लापता श्रमिकों तक पहुंचने के लिए विभिन्न एजेंसियां उपलब्ध संसाधनों और विशेष उपकरणों के साथ लगातार अभियान चला रही हैं।<br /><br />टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। कंपनी ने कहा है कि लापता श्रमिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के कारणों और परिस्थितियों का विस्तृत आकलन सक्षम एजेंसियों के समन्वय से किया जाएगा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अधिकारियों से रेस्क्यू की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि प्रत्येक श्रमिक का जीवन बेहद कीमती है और सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल श्रमिकों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।<br /><br />इस बीच मौसम विभाग ने चमोली में 14 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। 14 से 17 अगस्त के दौरान भारी बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने से सड़क, राजमार्ग ओर अन्य ढांचों के प्रभावित होने की आशंका है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने बचाव अभियान के साथ मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 21:32:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mahi Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जसपिंदर नरूला पहुंचीं परमार्थ निकेतन, गंगा आरती में हुईं शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><strong>ऋषिकुमारों के भजनों ने किया भावविभोर</strong></li>
<li><strong>स्वामी चिदानन्द सरस्वती का सद्साहित्य आशीर्वाद स्वरूप किया भेंट</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> हिंदी एवं पंजाबी सिनेमा की सुप्रसिद्ध पार्श्व एवं शास्त्रीय गायिका, गुरबाणी और धार्मिक संगीत की सशक्त साधिका तथा पद्म सम्मान से अलंकृत जसपिंदर नरूला जी परमार्थ निकेतन आयी। उन्होंने मां गंगा का दर्शन, स्नान एवं पूजन किया तथा विश्वविख्यात परमार्थ गंगा आरती में श्रद्धापूर्वक सहभाग किया। </p>
<p style="text-align:justify;">स्वामी द्वारा रचित सद्साहित्य जसपिंदर नरूला जी को भेंट किया। संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली जसपिंदर नरूला जी ने हिंदी और पंजाबी सिनेमा के साथ-साथ गुरबाणी, भक्ति एवं धार्मिक संगीत के क्षेत्र में भी अपनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/jaspinder-narula-reached-parmarth-niketan-and-participated-in-ganga-aarti/article-157958"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/जी.png" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>ऋषिकुमारों के भजनों ने किया भावविभोर</strong></li>
<li><strong>स्वामी चिदानन्द सरस्वती का सद्साहित्य आशीर्वाद स्वरूप किया भेंट</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> हिंदी एवं पंजाबी सिनेमा की सुप्रसिद्ध पार्श्व एवं शास्त्रीय गायिका, गुरबाणी और धार्मिक संगीत की सशक्त साधिका तथा पद्म सम्मान से अलंकृत जसपिंदर नरूला जी परमार्थ निकेतन आयी। उन्होंने मां गंगा का दर्शन, स्नान एवं पूजन किया तथा विश्वविख्यात परमार्थ गंगा आरती में श्रद्धापूर्वक सहभाग किया। </p>
<p style="text-align:justify;">स्वामी द्वारा रचित सद्साहित्य जसपिंदर नरूला जी को भेंट किया। संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली जसपिंदर नरूला जी ने हिंदी और पंजाबी सिनेमा के साथ-साथ गुरबाणी, भक्ति एवं धार्मिक संगीत के क्षेत्र में भी अपनी मधुर एवं भावपूर्ण स्वर-साधना से विशेष स्थान बनाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ के शीर्षक गीत के लिए उन्हें वर्ष 1999 में फ़िल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त मिशन कश्मीर, मोहब्बतें, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और बंटी और बबली जैसी लोकप्रिय फिल्मों में भी उनके स्वर ने संगीतप्रेमियों के हृदय को स्पर्श किया है। शास्त्रीय संगीत की गहराई, पार्श्व गायन की लोकप्रियता और गुरबाणी एवं धार्मिक संगीत की आध्यात्मिक अनुभूति, इन सभी का सुंदर समन्वय उनके संगीत व्यक्तित्व की विशेषता है।</p>
<p style="text-align:justify;">परमार्थ निकेतन पहुंचकर जसपिंदर नरूला ने मां गंगा में पवित्र स्नान किया और विधिवत पूजन-अर्चन कर मां गंगा से विश्व शांति, सद्भाव, करुणा और मंगल की प्रार्थना की।  उन्होंने मां गंगा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि मां गंगा भारत की आत्मा हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">मां गंगा के तट पर आकर मन अपने आप शांत होने लगता है और भीतर एक ऐसी अनुभूति जागती है जिसे शब्दों में बांधना कठिन है। यहां प्रकृति, अध्यात्म, भक्ति और सेवा एक साथ दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामी जी गंगा जी की आरती के माध्यम से देशभक्ति और देव भक्ति का जो संदेश देेते है, उसने अनेकों हृदयों को जागृत कर विलक्षण परिवर्तन किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जसपिंदर नरूला ने गंगा आरती में अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव से सहभाग किया। इस संपूर्ण अनुभव का सबसे भावुक कर देने वाला क्षण तब आया जब परमार्थ निकेतन के नन्हे-नन्हे ऋषिकुमारों ने भक्ति एवं आध्यात्मिक भाव से भजन गाये। बाल ऋषिकुमारों के निर्मल स्वर, उनके सहज भाव, अनुशासन और भक्ति से ओतप्रोत गायन ने जसपिंदर नरूला जी के हृदय को गहराई से छू लिया। संगीत की साधना को अपना जीवन समर्पित करने वाली जसपिंदर जी इन नन्हे साधकों को भजन गाते देखकर भावुक हो उठीं। </p>
<p style="text-align:justify;">जसपिंदर नरूला ने स्वामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परमार्थ निकेतन में आना उनके लिए अत्यंत आत्मिक और आनंददायक अनुभव रहा। डॉ. जसपिंदर नरूला के साथ उनके पति प्रमोद कौल, सुप्रसिद्ध गायिका सलोनी शाह, आर.के. प्रोडक्शन से ज्योतिका भट्ट जी एवं सुश्री मधु तथा भारतीय सेना के सैनिक नरेन्द्र लाल जीने भी मां गंगा का दर्शन एवं पूजन कर विश्वविख्यात गंगा आरती में श्रद्धापूर्वक सहभाग किया। सभी ने मां गंगा के पावन तट पर आरती में सम्मिलित होकर राष्ट्र, समाज एवं समस्त विश्व के कल्याण, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 18:44:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीपलकोटी सुरंग हादसा: सात लोगों की मौत, रेस्क्यू अभियान जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में मलबा और पानी भरने से हुए हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">शेष अन्य लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को बेहद खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे हैं।<br /><br />जिला प्रशासन के अनुसार, विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल में गुरुवार शाम भू-धंसाव के कारण करीब 1.50 किलोमीटर हिस्से में मलबा और पानी भर गया। टनल की कुल लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। हादसे के बाद टनल में 22 लोगों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/uttarakhand-pipalkoti-tunnel-accident-seven-dead-rescue-underway/article-157890"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/07304e56c452be73ad2b51a4647d0300_125609218.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में मलबा और पानी भरने से हुए हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">शेष अन्य लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को बेहद खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे हैं।<br /><br />जिला प्रशासन के अनुसार, विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल में गुरुवार शाम भू-धंसाव के कारण करीब 1.50 किलोमीटर हिस्से में मलबा और पानी भर गया। टनल की कुल लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। हादसे के बाद टनल में 22 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी।<br /><br />जिलाधिकारी गौरव कुमार रातभर घटनास्थल पर मौजूद रहकर बचाव अभियान की निगरानी करते रहे। प्रशासन के मुताबिक बचाव अभियान में अब तक शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग के लिए टनल के भीतर गए छह बचावकर्मी भी सुरक्षित हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, घायलों का जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में उपचार किया जा रहा है।<br /><br />एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस तथा अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। टनल के भीतर मलबा और पानी होने के कारण बचाव दल को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।<br /><br />जिलाधिकारी ने अधिकारियों और बचाव दलों को सभी उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी सहायता का इस्तेमाल करते हुए फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने कहा कि अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ जारी रखा गया है।<br /><br />मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को बेहद खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी कठिन परिस्थितियों में हुई।<br /><br />मुख्यमंत्री यहां टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सुरंग में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।<br /><br />हादसे में मृतकों की सूची में प्रदीप सिंह पवार (31), मुकेश, दुर्लभ शर्मा, विजय (28), जितेंद्र कुमार, लोकेश्वर और भुनेश्वर के नाम शामिल हैं। प्रदीप सिंह पवार टिहरी जिले के चंबा क्षेत्र के ग्राम गेंवाल के निवासी थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुकेश चमोली जिले के उर्गम के रहने वाले बताए गए हैं। दुर्लभ शर्मा बिहार, जबकि विजय और जितेंद्र कुमार झारखंड के निवासी थे। लोकेश्वर और भुनेश्वर के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।<br /><br />जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराए गए कर्मचारियों की सूची में सुनील दीवान (20) छत्तीसगढ़, हाबिल गुड़िया (27), निस्तार भिगरा (24), विनोद रावना (46), दीना बैगरा (26) और खेला राम बिसरा (22) झारखंड के निवासी बताए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">छबेर सिंह (45) पंजाब, तिलक राज (48) हिमाचल प्रदेश, चंदन कुमार (39), अवधेश, नन्दलाल और रोहित पांडे (20) बिहार तथा पेन सिंह (33) छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रोहित पांडे को श्रीनगर रेफर किया गया है। सूची में गोविन्द को डिस्चार्ज बताया गया है, जबकि उनके अन्य विवरण की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 10:55:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mahi Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धामी ने प्रदेशवासियों से किया तिरंगा अभियान में शामिल होने का आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और गौरव की भावना का उत्सव है।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में तिरंगा लगाकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से राष्ट्रध्वज के सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ अपने-अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और गौरव की भावना का उत्सव है। तिरंगा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/dhami-called-upon-the-people-of-the-state-to-join/article-157868"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/dhami1.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और गौरव की भावना का उत्सव है।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में तिरंगा लगाकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से राष्ट्रध्वज के सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ अपने-अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और गौरव की भावना का उत्सव है। तिरंगा देश की अस्मिता, स्वाभिमान, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रध्वज के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रारंभ हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज जन-जन का अभियान बन चुका है। यह अभियान प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने का माध्यम है। उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश की रक्षा और सेवा में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। ऐसे में प्रदेश का प्रत्येक परिवार इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली परंपरा को और सशक्त बनाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 07:40:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
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                <title>पीपलकोटी सुरंग हादसा: छह श्रमिकों की मौत, 14 घायल; दो अब भी फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी के पास मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम पानी रिसने और भूस्खलन के बाद हुए हादसे में छह श्रमिकों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए।</p>
<p>राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रात 11 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, सुरंग में फंसे 22 श्रमिकों में से 20 को बाहर निकाल लिया गया है। इनमें छह की मौत हो गई, जबकि 14 घायल हैं। सुरंग में फंसे शेष लोगों की तलाश और सुरक्षित निकासी के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलने के बाद जिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/pipalkoti-tunnel-accident-six-workers-killed-14-injured-two-still/article-157867"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/14aug1.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी के पास मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम पानी रिसने और भूस्खलन के बाद हुए हादसे में छह श्रमिकों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए।</p>
<p>राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रात 11 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, सुरंग में फंसे 22 श्रमिकों में से 20 को बाहर निकाल लिया गया है। इनमें छह की मौत हो गई, जबकि 14 घायल हैं। सुरंग में फंसे शेष लोगों की तलाश और सुरक्षित निकासी के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस और चिकित्सा दलों को तत्काल मौके पर भेजा गया। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान की निगरानी की। टीएचडीसी की मशीनरी और मानव संसाधन को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है।</p>
<p>घायलों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति को देखते हुए बेस चिकित्सालय श्रीनगर और एम्स ऋषिकेश को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने उपचार, दवाइयों, भोजन और आवास समेत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। धामी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स या अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजा जाए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली से फोन पर बातचीत कर अभियान की प्रगति और चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। राज्य आपदा परिचालन केंद्र में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव विनोद कुमार सुमन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p>राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने भी पीपलकोटी में सुरंग में पानी और मलबा आने की घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सचिव, आपदा प्रबंधन से वार्ता कर घटनाक्रम और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन समेत सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तत्परता से युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं। उन्होंने सुरंग में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित श्रमिकों के संबंध में झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने दोनों राज्यों को राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी देते हुए प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।</p>
<p>धामी ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनके उपचार तथा अन्य आवश्यक जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और मानव जीवन की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<p>घटनास्थल पर जिला प्रशासन और पुलिस के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, फायर सर्विस और चिकित्सा दल तैनात हैं। बचाव अभियान में भारी मशीनरी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, सुरंग के भीतर स्थिति का आकलन करते हुए फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p>टीएचडीसी के कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं) कुमार शरद के अनुसार, चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेलरेस सुरंग में गुरुवार शाम अचानक पानी का प्रवाह बढ़ गया। इसके कारण सुरंग के भीतर एक कैविटी बनी और बाद में मलबा गिरने से वहां काम कर रहे करीब 22 श्रमिक फंस गए।</p>
<p>उन्होंने बताया कि बचाव दल सुरंग में फंसे शेष श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। कंपनी प्रभावित श्रमिकों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। घायलों को चिकित्सा सुविधा दी जा रही है और गंभीर श्रमिकों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है</p>
<p>कुमार शरद ने कहा कि पिछले कई दिनों से बारिश की संभावना को देखते हुए परियोजना में काम रोकने की संभावना पर भी विचार किया गया था। हालांकि, घटना के समय सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन करते हुए काम किया जा रहा था। उनके अनुसार, हादसा अचानक पानी के प्रवाह बढ़ने के कारण हुआ।राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने हादसे से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।</p>
<p>-1070</p>
<p>-0135-2710334</p>
<p>-82188 67005</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 07:27:29 +0530</pubDate>
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