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                <title>नारी व बाल जगत - Tarun Mitra</title>
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                <description>नारी व बाल जगत RSS Feed</description>
                
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                <title>रात भर ट्रेन में तेज आवाज में रील देखती रही महिला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय ट्रेन : सोशल मीडिया पर एक नई घटना वायरल हो रही है, जिसमें एक महिला रात भर ट्रेन के कोच में तेज आवाज में रीलें देखती रही। दूसरे यात्री नींद नहीं ले पाए और इसकी शिकायत एक पैसेंजर ने पोस्ट कर दी। वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो गया, जिस पर यूजर्स ने भारी प्रतिक्रिया दी। कई ने इसे "सिविक सेंस की कमी" बताया, जबकि कुछ ने कहा कि भारतीयों के साथ यात्रा करना अब मुश्किल हो गया है। इस पोस्ट को काफ़ी लोकप्रियता मिली है और कई यूजर्स ने लंबी दूरी की यात्रा के दौरान लापरवाह सहयात्रियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/the-woman-kept-watching-the-reel-at-high-volume-in/article-150094"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/train.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय ट्रेन : सोशल मीडिया पर एक नई घटना वायरल हो रही है, जिसमें एक महिला रात भर ट्रेन के कोच में तेज आवाज में रीलें देखती रही। दूसरे यात्री नींद नहीं ले पाए और इसकी शिकायत एक पैसेंजर ने पोस्ट कर दी। वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो गया, जिस पर यूजर्स ने भारी प्रतिक्रिया दी। कई ने इसे "सिविक सेंस की कमी" बताया, जबकि कुछ ने कहा कि भारतीयों के साथ यात्रा करना अब मुश्किल हो गया है। इस पोस्ट को काफ़ी लोकप्रियता मिली है और कई यूजर्स ने लंबी दूरी की यात्रा के दौरान लापरवाह सहयात्रियों से होने वाली परेशानियों को महसूस किया है।</p>
<p> </p>
<p>रेडिट पर शेयर कई पोस्ट <br />इस पोस्ट को रेडिट पर r/indianrailways ग्रुप पर Front_Equivalent_954 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। रेडिट पोस्ट के शीर्षक में लिखा था, 'जब मेरी यात्रा आखिरकार शांतिपूर्ण होने लगती है, तब मुझे इस तरह के यात्रियों का सामना करना पड़ता है।'</p>
<p><br />यात्री ने बताया कि वे आखिरकार एक अपेक्षाकृत शांत ट्रेन के डिब्बे में सवार हुए थे, जहां अधिकांश यात्री शांत थे और रात में आराम करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यह शांति ज्यादा देर तक नहीं रही, क्योंकि अपने पति और बच्चे के साथ यात्रा कर रही एक महिला ने उनकी शांतिपूर्ण यात्रा में खलल डाल दिया। यात्री ने कहा कि, 'सिविक सेंस की कमी वाली यह मूर्ख महिला पूरी परेशानी के दौरान उपद्रव मचाती रही। सोचिए, आखिरकार आपको एक ऐसी ट्रेन मिली जहां कोई बच्चे चिल्ला नहीं रहे थे, कोई हंगामा नहीं कर रहे थे, रात की यात्रा के दौरान सब लोग शांत थे और तभी आपको अपने डिब्बे में सबसे खराब यात्री मिल गई।'  </p>
<p><br />साथी यात्री भी हुए परेशान <br />यात्री ने कहा 'यह महिला पहले तो अपने पति से छोटी-छोटी बातों पर शिकायत करती रही। यात्री ने बताया कि उसका पति और बच्चा ऊपर की बर्थ पर सो रहे थे, जबकि वह बगल वाली बर्थ पर सो रही थी। उन्होंने दावा किया कि बाद में उसने अपने पति से बर्थ बदलने के लिए कहा, जबकि ऐसा करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं था। इस अदला-बदली के बाद, महिला अपने फोन पर तेज़ आवाज़ में वीडियो देखने लगी, जबकि बाकी लोग सोने की कोशिश कर रहे थे। बाद में वह आखिरकार तीन-चार घंटे सोई और फिर सुबह साढ़े चार बजे उठकर अपने पति से शिकायत करने लगी।' उन्होंने आगे कहा कि उसने यात्रा व्यवस्था और कोच के अंदर एयर कंडीशनिंग की शिकायत की। बाद में उसने तब बत्तियां जला दीं जब बाकी लोग सो रहे थे। 'उसके पति ने भी उससे बत्तियां बंद करने को कहा और हमने भी विनम्रता से कहा। वह कुछ बुदबुदाई और बत्तियां बंद नहीं कीं। मतलब ऐसे ​अशिष्टों को सीट मिल जाती है, इतनी दिक्कत है तो प्राइवेट जेट खरीद लो और हमसे आओ। लेकिन पैसा नहीं है तो रवैया भी उसके हिसाब से दिखाओ। और अगर आपके पास उतने पैसे नहीं हैं, तो उसी हिसाब से अपना रवैया दिखाएं। वैसे, बच्चे उससे कहीं ज्यादा अच्छे व्यवहार वाले थे।' </p>
<p>यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया <br />इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'मैं भी आज यात्रा कर रहा हूं और मेरे डिब्बे में एक परिवार है जो सुबह 4 बजे उठा था। तब से लगातार बातचीत और खाने-पीने का सिलसिला चल रहा है, साथ ही लाउडस्पीकर पर तेज़ आवाज़ में संगीत और भजन भी। इस शोर-शराबे से सभी सो रहे लोग जाग गए। जब ​​उनसे शोर कम करने को कहा गया, तो उन्होंने साफ-साफ कहा, "कितनी देर सोओगे? जागने का समय हो गया है। पूरी दुनिया जाग चुकी है।'</p>
<p>दूसरे ने लिखा कि, 'अभी सफर कर रहा था, एक अंकल तेज़ आवाज़ में गाने और रीलें सुन रहे थे। एक घंटे इंतज़ार किया और उनसे आवाज़ कम करने को कहा। उनकी इज़्ज़त को ठेस पहुंची, लेकिन मैंने उनसे सबके सामने कहा, तो उन्होंने 5 मिनट बाद आवाज़ कम कर दी। समझ नहीं आता ऐसे लोगों को दूसरों को परेशान करना कैसे ठीक लगता है। मैंने इस तरह का व्यवहार ज़्यादातर गुजरात के लोगों में देखा है। अंकल भी वहीं से हैं।'</p>
<p>तीसरे ने लिखा कि, 'इन लोगों का घमंड हद से ज़्यादा है। जैसे तेज़ आवाज़ में वीडियो चलाना और मना करने पर भी लाइट बंद न करना, ये सब दिखाता है कि इनमें बुनियादी सहानुभूति की कमी है और ये बेहद आत्ममुग्ध हैं। मुझे उम्मीद है कि इन लोगों के खिलाफ शिकायत करने और कम से कम 6 महीने के लिए यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की कोई व्यवस्था होगी।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 07:15:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला जर्मनी से 15 साल बाद भारत लौटना कैसा लगता है?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय महिला : जर्मनी में 15 साल से अधिक समय बिताने के बाद हाल ही में पुणे लौटी एक महिला ने बताया कि भारत लौटने पर उन्हें कई तरह के एडजस्टमेंट करने पड़े हैं। इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में उन्होंने विदेश में एक दशक से अधिक समय बिताने के बाद रोजमर्रा की जिंदगी में फिर से ढलने के अपने अनुभव के बारे में बताया और इसे उल्टा सांस्कृतिक झटके जैसा कहा। </p>
<p><br />इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल <br />इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @bretzel_and_biryani नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसमें उसने कहा कि भारत लौटने से उसकी रोजमर्रा की दिनचर्या भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/how-does-a-woman-feel-returning-to-india-from-germany/article-149925"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/mjnhgbv.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय महिला : जर्मनी में 15 साल से अधिक समय बिताने के बाद हाल ही में पुणे लौटी एक महिला ने बताया कि भारत लौटने पर उन्हें कई तरह के एडजस्टमेंट करने पड़े हैं। इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में उन्होंने विदेश में एक दशक से अधिक समय बिताने के बाद रोजमर्रा की जिंदगी में फिर से ढलने के अपने अनुभव के बारे में बताया और इसे उल्टा सांस्कृतिक झटके जैसा कहा। </p>
<p><br />इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल <br />इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @bretzel_and_biryani नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसमें उसने कहा कि भारत लौटने से उसकी रोजमर्रा की दिनचर्या भी नई सी लगने लगी है। उन्होंने कहा कि जर्मनी में एक दशक से अधिक समय तक रहने के बाद उन्हें और उनके परिवार को भारत वापस आए दो से तीन सप्ताह हो गए हैं, और हर दिन ऐसा लगता है जैसे जीवन के तौर-तरीकों को फिर से सीख रहे हों। </p>
<p><br />ठंडे मौसम से आम खाने तक हर चीज बदली <br />उन्होंने बताया कि वे ठंडे और बादल वाले मौसम से धूप, गर्मी व पसीने के मौसम में और चेरी के फूलों और ट्यूलिप को देखने से गुलमोहर और बोगनविला का आनंद लेती थीं। उन्होंने जामुन और सेब खाने से भारतीय आम, खरबूजे और जामुन खाने की ओर बदलाव और हर दिन जर्मन बोलने से अब अंग्रेजी, मराठी और हिंदी का उपयोग करने के बारे में भी बात की। महिला ने आगे कहा कि वे शांत सड़कों से चहल-पहल और हॉर्न की आवाज से भरी व्यस्त सड़कों पर आ गई हैं। इससे पहले और अनुशासित ट्रैफिक के अनुकूल होने की कोशिश कर रही थीं। </p>
<p>जुगाड़ की आदत डालनी होगी <br />महिला ने आगे बताया कि, इस कदम का मतलब यह भी है कि मॉर्डन तकनीकों के बजाय लचीले जुगाड़ समाधानों की आदत डालनी होगी। कई लोगों के लिए सुबह की शुरुआत देर से होगी और 30 से 60 मिनट की देरी को सामान्य माना जाएगा। उन्होंने लाइफस्टाइल और सामाजिक मेलजोल में आए बदलावों पर भी विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं-सेवा वाली संस्कृति से सुविधा और सेवा-उन्मुख समाज की ओर, निजता पर केंद्रित संस्कृति से ऐसी संस्कृति की ओर बढ़ रहे हैं जहां अजनबी लोग सहजता से व्यक्तिगत प्रश्न पूछते हैं, और एक संकोची समुदाय से अधिक खुले और स्वागत करने वाले समुदाय की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि, मैंने कुछ ही मिनटों में घर के दरवाजे पर किराने का सामान पहुंचने की सुविधा और यूरोपीय शहरों के दृश्यों और ऊंची इमारतों और निरंतर विकास से भरे पुणे के  के बीच अंतर को देखा है।' </p>
<p>कई चीजें जानी पहचानी भी लगीं <br />महिला ने कहा कि कुछ चीजें जानी-पहचानी सी लगीं, जबकि कुछ बिल्कुल नई सी लगीं। उन्होंने आगे कहा कि इतने वर्षों बाद अपने देश लौटना एक तरह का उल्टा सांस्कृतिक झटका था और वे इस बदलाव को अपनाने, नई लाइफस्टाइल के विकल्प चुनने और पुणे में अपना जीवन फिर से संवारने के लिए उत्सुक हैं। वीडियो के साथ एक भावपूर्ण कैप्शन भी था जिसमें उन्होंने कहा कि वे धीरे-धीरे और लगातार चीजों को समझ रही हैं। उन्होंने लिखा कि कुछ दिन आसान लगते हैं तो कुछ बेहद चुनौतीपूर्ण, लेकिन हर दिन उन्हें कुछ नया सिखाता है। उन्होंने आगे कहा कि विदेश में 15 साल बिताने के बाद जीवन का पुनर्निर्माण करना केवल देश बदलना ही नहीं, बल्कि दिनचर्या, अपेक्षाओं और सोच को नए सिरे से ढालना भी है। पुणे में अपना जीवन बनाते हुए, वे एक-एक करके बदलाव, सबक और दिन-प्रतिदिन के विकास के साथ आगे बढ़ रहे हैं</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 07:33:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UNICEF रिपोर्ट: भारत के 97% बच्चे जलवायु संकट की चपेट में</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के लगभग सभी बच्चे अब जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े कई खतरों का सामना कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की नई रिपोर्ट के अनुसार, देश के 97 प्रतिशत बच्चे कम से कम दो जलवायु या आपदा संबंधी खतरों के संपर्क में हैं, जबकि 55 प्रतिशत से अधिक बच्चे तीन या उससे अधिक खतरों का एक साथ सामना कर रहे हैं।</p>
<p>16 जून 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 41.16 करोड़ बच्चे सूखा, बाढ़, चक्रवात, भीषण गर्मी, जंगल की आग और धूल भरी आंधियों जैसे दो या अधिक खतरों से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/chhattisgarh/unicef-report-97-children-of-india-are-vulnerable-to-climate/article-149129"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/untitled-1-copy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के लगभग सभी बच्चे अब जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े कई खतरों का सामना कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की नई रिपोर्ट के अनुसार, देश के 97 प्रतिशत बच्चे कम से कम दो जलवायु या आपदा संबंधी खतरों के संपर्क में हैं, जबकि 55 प्रतिशत से अधिक बच्चे तीन या उससे अधिक खतरों का एक साथ सामना कर रहे हैं।</p>
<p>16 जून 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 41.16 करोड़ बच्चे सूखा, बाढ़, चक्रवात, भीषण गर्मी, जंगल की आग और धूल भरी आंधियों जैसे दो या अधिक खतरों से प्रभावित हैं। वहीं 23.4 करोड़ से अधिक बच्चों पर तीन या उससे अधिक जलवायु खतरों का असर पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p><strong>सूखा और भीषण गर्मी सबसे बड़ा खतरा</strong></p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में बच्चों के लिए सबसे आम खतरा सूखा और अत्यधिक गर्मी का संयुक्त प्रभाव है। इससे लगभग 15.88 करोड़ बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। वहीं 8.41 करोड़ बच्चे चक्रवात, सूखा और अत्यधिक गर्मी के संयुक्त जोखिम का सामना कर रहे हैं।</p>
<p>यूनिसेफ के अनुसार, देश के 96 प्रतिशत से अधिक बच्चे ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां सूखे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा करीब 15.57 करोड़ बच्चे चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि लगभग 8.93 करोड़ बच्चे हीटवेव की चपेट में आने वाले इलाकों में निवास करते हैं।</p>
<p><strong>वायु प्रदूषण भी गंभीर चुनौती</strong></p>
<p>रिपोर्ट में वायु प्रदूषण को बच्चों के लिए सबसे गंभीर स्वास्थ्य खतरों में से एक बताया गया है। अनुमान के अनुसार भारत के करीब 42.1 करोड़ बच्चे, यानी लगभग 99 प्रतिशत बाल आबादी, असुरक्षित स्तर के वायु प्रदूषण के संपर्क में है।</p>
<p>इसके अलावा लगभग 29.4 करोड़ बच्चे मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं। तापमान और वर्षा में बदलाव के कारण मलेरिया का जोखिम और बढ़ सकता है।</p>
<p><strong> शिक्षा पर भी पड़ रहा असर</strong></p>
<p>जलवायु परिवर्तन का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2024 में दुनिया भर में जलवायु संबंधी आपदाओं के कारण 24.2 करोड़ छात्रों की शिक्षा प्रभावित हुई थी। इनमें से लगभग 5.48 करोड़ छात्र भारत के थे। रिपोर्ट के अनुसार, भीषण गर्मी स्कूलों में पढ़ाई बाधित होने का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरी है।</p>
<p>हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गर्मी के कारण स्कूलों के समय में बदलाव करना पड़ा या समय से पहले गर्मी की छुट्टियां घोषित करनी पड़ीं।</p>
<p><strong>सामाजिक सुरक्षा की कमी बढ़ा रही जोखिम</strong></p>
<p>यूनिसेफ का कहना है कि भारत में 15 वर्ष से कम आयु के लगभग 48 प्रतिशत बच्चे किसी सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के दायरे में नहीं आते। ऐसे में जलवायु आपदाओं के दौरान उनके परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक दबाव और बढ़ जाता है।</p>
<p>विश्व बैंक पहले ही चेतावनी दे चुका है कि कृषि क्षेत्र पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और बीमारियों के बढ़ते खतरे के कारण वर्ष 2030 तक भारत में करीब 4.5 करोड़ लोग फिर से गरीबी में जा सकते हैं।</p>
<p><strong> यूनिसेफ की अपील</strong></p>
<p>यूनिसेफ ने सरकारों से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने, जलवायु अनुकूलन उपायों को मजबूत करने और आपदा प्रबंधन प्रणालियों को बच्चों की जरूरतों के अनुरूप बनाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और जल आपूर्ति प्रणालियों को जलवायु संकट के प्रति अधिक सक्षम बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।</p>
<p>रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जलवायु नीति और जलवायु वित्त से जुड़े निर्णयों में बच्चों की जरूरतों और उनके दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/chhattisgarh/unicef-report-97-children-of-india-are-vulnerable-to-climate/article-149129</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 11:53:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेल्फी के चक्कर में गई मां-बेटे की जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बाड़मेर: जिले में सेल्फी लेते समय गलती से पानी के गड्ढे में गिरने से एक महिला और उसके 7 साल के बेटे की डूबने से मौत हो गई। घटना सदर पुलिस थाना क्षेत्र के बानो की बेरी दूध गांव में हुई। SHO करतार सिंह ने बताया कि जिया देवी (30) अपने बेटे हितेश (7) के साथ अपने मायके आई हुई थी। सुबह, जब मां-बेटे घर के पास बनी पानी की टंकी के पास सेल्फी ले रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। मौके पर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें बुलाई गईं। पानी निकालने के लिए JCB मशीन से टंकी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/mother-and-son-lost-their-lives-due-to-selfie/article-148894"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/lkjmnh.jpg" alt=""></a><br /><p>बाड़मेर: जिले में सेल्फी लेते समय गलती से पानी के गड्ढे में गिरने से एक महिला और उसके 7 साल के बेटे की डूबने से मौत हो गई। घटना सदर पुलिस थाना क्षेत्र के बानो की बेरी दूध गांव में हुई। SHO करतार सिंह ने बताया कि जिया देवी (30) अपने बेटे हितेश (7) के साथ अपने मायके आई हुई थी। सुबह, जब मां-बेटे घर के पास बनी पानी की टंकी के पास सेल्फी ले रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। मौके पर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें बुलाई गईं। पानी निकालने के लिए JCB मशीन से टंकी की दीवार का एक हिस्सा तोड़ा गया। SHO ने बताया कि करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शव बाहर निकाले गए। उन्होंने बताया कि शवों को धोरीमन्ना अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और मृतकों के ससुराल वालों को सूचना दे दी गई है।</p>
<p><br />सेल्फी लेते समय हुआ हादसा<br />दरअसल, सदर थाना क्षेत्र में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में मां और बेटे की जान चली गई। यहां खेत में सिंचाई के लिए बने पानी के गड्ढे के पास सेल्फी लेते समय यह दर्दनाक घटना हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जानकारी के अनुसार, जीया देवी (30) पत्नी गोसाईराम अपने 7 वर्षीय बेटे हितेश के साथ तीन दिन पहले पीहर बानो की बेरी, दूध गांव आई हुई थी। रविवार सुबह परिवार के अन्य सदस्य एक सामाजिक कार्यक्रम में गए हुए थे, जबकि मां-बेटा घर पर अकेले थे। इसी दौरान दोनों खेत में बने पानी के गड्ढे के पास पहुंचे और सेल्फी लेने लगे। </p>
<p>बेटे को बचाने में गई मां की जान<br />बताया जा रहा है कि सेल्फी के दौरान अचानक हितेश का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। बेटे को डूबता देख मां जीया देवी बिना देर किए उसे बचाने के लिए गड्ढे में कूद पड़ी। पानी की गहराई अधिक होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके और डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस टीम और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जेसीबी की मदद से डिग्गी की दीवार तोड़कर पानी निकाला गया। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मां-बेटे के शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने दोनों शवों को धोरीमन्ना अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मामले की जांच जारी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 06:47:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>5 महीने के अंदर लुटेरी दुल्हन ने कीं 3 अलग-अलग शादियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के गलोड़ क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी के एक सनसनीखेज मामले ने लोगों को हैरान कर दिया है। आरोप है कि शीतल नाम की एक महिला ने महज 5 महीने के भीतर 3 अलग-अलग युवकों से शादी की और कुछ समय बाद बहाने बनाकर फरार हो गई। मामले ने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ऐसे गिरोहों की आशंका को भी जन्म दे दिया है, जो विवाह के नाम पर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।</p>
<p>पहले दिखाई देता था सबकुछ सामान्य<br />मिली जानकारी के अनुसार, महिला पर जनवरी महीने में बिलासपुर जिले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/robber-bride-did-3-different-marriages-within-5-months/article-148887"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/olkijuhy.jpg" alt=""></a><br /><p>हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के गलोड़ क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी के एक सनसनीखेज मामले ने लोगों को हैरान कर दिया है। आरोप है कि शीतल नाम की एक महिला ने महज 5 महीने के भीतर 3 अलग-अलग युवकों से शादी की और कुछ समय बाद बहाने बनाकर फरार हो गई। मामले ने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ऐसे गिरोहों की आशंका को भी जन्म दे दिया है, जो विवाह के नाम पर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।</p>
<p>पहले दिखाई देता था सबकुछ सामान्य<br />मिली जानकारी के अनुसार, महिला पर जनवरी महीने में बिलासपुर जिले के जेजवीं क्षेत्र, फरवरी में हमीरपुर के गलोड़ और मई में बिलासपुर के बल्हसीना क्षेत्र में शादी करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवारों का दावा है कि शादी के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य दिखाई देता था, लेकिन बाद में महिला कभी मंदिर जाने तो कभी किसी रिश्तेदार के निधन का हवाला देकर घर से निकलती और फिर वापस नहीं लौटती थी।</p>
<p>किसी संगठित गिरोह की साजिश<br />तीनों घटनाओं का एक जैसा तरीका सामने आने के बाद पीड़ित परिवारों ने इसे किसी संगठित गिरोह की साजिश बताया है। उनका कहना है कि ऐसे गिरोह विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के अविवाहित युवकों और उनके परिवारों को निशाना बनाकर आर्थिक और मानसिक रूप से ठग रहे हैं। मामले की शिकायत संबंधित पुलिस थानों में दर्ज कराई गई है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है।</p>
<p>पुलिस ने की लोगों से खास अपील<br />यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह प्रदेश में शादी के नाम पर ठगी करने वाले नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है। वहीं, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विवाह तय करते समय पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।</p>
<p>लोगों में दिख रहा लुटेरी दुल्हन का खौफ<br />हमीरपुर और बिलासपुर जिले में लुटेरी दुल्हन का खौफ साफ नजर आ रहा है। अब लोग कहीं भी शादी तय करने से पहले कई बार स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। ये सब खौफ फरार लुटेरी दुल्हन को लेकर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 05:40:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्लाइट में एयर होस्टेस बनी 5 साल की नन्हीं बच्ची</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केबिन क्रू : एमिरेट्स की फ्लाइट में केबिन क्रू के तौर पर स्वयंसेवा करती पांच साल की बच्ची का क्यूट वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। आयला नाम की यह नन्हीं बच्ची एयरलाइन की खास वर्दी पहने हुए यात्रियों की मदद और क्रू के साथ उत्साहपूर्वक काम करती नजर आ रही है। वीडियो को इंस्टाग्राम पर @whataboutnegin नामक हैंडल से शेयर किया गया था। कैप्शन में लिखा गया कि, 'आयला की अमीरात केबिन क्रू के तौर पर यह दूसरी शिफ्ट थी और उन्होंने लगभग पूरी फ्लाइट में काम किया, एक सच्चे प्रोफेशनल की तरह सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभाईं! इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/5-year-old-little-girl-becomes-air-hostess-in-flight/article-148701"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/kjiuhyt.jpg" alt=""></a><br /><p>केबिन क्रू : एमिरेट्स की फ्लाइट में केबिन क्रू के तौर पर स्वयंसेवा करती पांच साल की बच्ची का क्यूट वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। आयला नाम की यह नन्हीं बच्ची एयरलाइन की खास वर्दी पहने हुए यात्रियों की मदद और क्रू के साथ उत्साहपूर्वक काम करती नजर आ रही है। वीडियो को इंस्टाग्राम पर @whataboutnegin नामक हैंडल से शेयर किया गया था। कैप्शन में लिखा गया कि, 'आयला की अमीरात केबिन क्रू के तौर पर यह दूसरी शिफ्ट थी और उन्होंने लगभग पूरी फ्लाइट में काम किया, एक सच्चे प्रोफेशनल की तरह सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभाईं! इस शानदार क्रू को बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने इस अनुभव को संभव बनाया और उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह अपनाया। आपने उनका सपना सच कर दिखाया और ऐसी यादें बनाईं जिन्हें वह हमेशा संजोकर रखेंगी। EK315 क्रू, SIN से DXB तक।' </p>
<p><br />बच्ची ने बखूबी निभाई केबिन क्रू की ड्यूटी<br /> वीडियो में बच्ची को एमिरेट्स की वर्दी पहने हुए, हाथ में ट्रॉली लिए विमान के अंदर चलते हुए देखा जा सकता है। जैसे ही वह अंदर आती है, केबिन क्रू के सदस्य उसे टोपी और बैज पहनने में मदद करते हैं, जिससे वह पूरी तरह से यूनिफॉर्म कैरी किए हुए दिखती है। इसके बाद वह आत्मविश्वास से यात्रियों का स्वागत करते हुए कहती है, 'दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एयरलाइन, अमीरात में आपका स्वागत है।' बाद में, वह यात्रियों से पूछती हुई दिखाई देती है, 'क्या आप चिकन या बीफ लेना चाहेंगे?' और फिर भोजन और चाय परोसने में मदद करती है। पूरी उड़ान के दौरान, आयला क्रू के साथ कई तरह के कामों में मदद करती है, जिसमें यात्रियों से बचे हुए खाने की ट्रे और हेडफोन इकट्ठा करना शामिल है।  </p>
<p><br />यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया <br />इस वीडियो को देखने के बाद इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि, 'मुझे वह और उसका आत्मविश्वास बहुत पसंद है। उम्मीद है यह कभी कम न हो।'</p>
<p>दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'हे भगवान! यह कितनी प्यारी है। एक पूर्व केबिन क्रू सदस्य की ओर से उसे और आप सभी को ढेर सारा प्यार।' </p>
<p>तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'वह पहले से ही सुपरवाइजर है।'</p>
<p>चौथे यूजर ने लिखा कि, 'वह बहुत प्यारी लड़की है। भगवान उसे बुरी नजर से बचाए।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/women-children/5-year-old-little-girl-becomes-air-hostess-in-flight/article-148701</link>
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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 07:20:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेनी महिला ने भारतीय थिएटर को यूरोप से बेहतर बताया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यूक्रेनी महिला  : भारत में रहने वाली एक यूक्रेनी महिला ने भारतीय सिनेमाघरों में फिल्में देखने के अपने अनुभव को साझा किया है और इसकी तुलना यूरोप के सिनेमाघरों से की है। सैंड्रा नाम की इस महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह फिल्म देखने जाते समय पॉपकॉर्न पकड़े हुए हैं। वीडियो क्लिप पर लिखे टेक्स्ट में कहा गया था, 'भारतीय सिनेमा बनाम यूरोपीय सिनेमा।'</p>
<p><br />भारत के थिएटर्स को बताया एयरपोर्ट जैसा<br />इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @SandraOn नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसके कैप्शन में सैंड्रा ने भारत में सिनेमाघरों में होने वाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/ukrainian-woman-described-indian-theater-as-better-than-europe/article-148510"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/yukreni.jpg" alt=""></a><br /><p>यूक्रेनी महिला  : भारत में रहने वाली एक यूक्रेनी महिला ने भारतीय सिनेमाघरों में फिल्में देखने के अपने अनुभव को साझा किया है और इसकी तुलना यूरोप के सिनेमाघरों से की है। सैंड्रा नाम की इस महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह फिल्म देखने जाते समय पॉपकॉर्न पकड़े हुए हैं। वीडियो क्लिप पर लिखे टेक्स्ट में कहा गया था, 'भारतीय सिनेमा बनाम यूरोपीय सिनेमा।'</p>
<p><br />भारत के थिएटर्स को बताया एयरपोर्ट जैसा<br />इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @SandraOn नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसके कैप्शन में सैंड्रा ने भारत में सिनेमाघरों में होने वाली सुरक्षा जांचों के बारे में बात करते हुए शुरुआत की। उन्होंने लिखा, "भारत में, आपको एक ऐसी जांच से गुजरना पड़ता है जो लगभग हवाई अड्डे जैसी लगती है। बैग, मेटल डिटेक्टर, सब कुछ। हालांकि, पासपोर्ट पर कोई मुहर नहीं लगती।" यूरोप से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि वहां प्रक्रिया कहीं अधिक सहज है। उन्होंने लिखा, "यूरोप में यह प्रक्रिया कहीं अधिक सहज है, शायद इसलिए कि यह कुल मिलाकर अधिक सुरक्षित है, लेकिन फिर भी, अंतर स्पष्ट है।"</p>
<p><br />फूड ऑप्शन देख दिमाग हिल गया <br />सैंड्रा ने कहा कि भारतीय सिनेमाघरों में मिलने वाले खाने के विकल्प उन्हें सबसे ज़्यादा पसंद आए। उनके अनुसार, भारत के सिनेमाघरों में यूरोप के विपरीत, जहां आमतौर पर पॉपकॉर्न, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक जैसे विकल्प ही सीमित होते हैं, एक अच्छा मेनू मिलता है जिसमें असली खाना होता है। वे लिखती हैं कि, 'ठीक है, यह तो कोई प्रतियोगिता ही नहीं है। भारत में एक वास्तविक मेनू होता है, जिसमें असली खाना होता है। इसलिए, अगर आपको भूख लगी है, तो आप वास्तव में पूरा भोजन कर सकते हैं, सिर्फ नाश्ता नहीं।' उन्होंने भारत में चीज़ पॉपकॉर्न खाने के बारे में भी बात की और उसे बेहद मसालेदार बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका पसंदीदा चीज पॉपकॉर्न अभी भी यूरोप में मिलने वाला ही है। जिस अनुभव ने उन्हें सबसे ज्यादा आश्चर्यचकित किया, वह था सीट से सीधे खाना ऑर्डर करने की सुविधा। उन्होंने लिखा, 'यह बात मेरे लिए अविश्वसनीय थी। भारत में, आप सीधे सिनेमा हॉल में जा सकते हैं, बैठ सकते हैं और फिल्म चलते समय ही ऐप के माध्यम से खाना ऑर्डर कर सकते हैं। वे खाना सीधे आपकी सीट पर पहुंचा देते हैं।' <br />विदेशों से की थिएटर की तुलना <br />सैंड्रा ने यह भी बताया कि भारतीय सिनेमाघरों में छोटी हॉलीवुड फिल्मों के लिए भी 15 मिनट का अंतराल होता है। उन्होंने कहा कि लंबी बॉलीवुड फिल्मों के लिए तो यह बात समझ में आती है, लेकिन 90 मिनट की फिल्मों में भी ऐसा क्यों होता है, यह बात उन्हें अभी भी समझ नहीं आ रही है। उन्हें ऑडियो और सबटाइटल सिस्टम भी दिलचस्प लगा, उन्होंने कहा कि भारत में हॉलीवुड फिल्में अंग्रेजी में अंग्रेजी सबटाइटल के साथ चलती हैं, जबकि पोलैंड में पोलिश सबटाइटल का उपयोग होता है और यूक्रेन में आमतौर पर पूरी तरह से यूक्रेनी डबिंग होती है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/women-children/ukrainian-woman-described-indian-theater-as-better-than-europe/article-148510</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 06:05:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साड़ी पहनकर लड़की ने माइकल जैक्सन के मशहूर डांस स्टेप्स को किया फॉलो</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />साड़ी पहनकर : एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं जब उन्होंने पारंपरिक साड़ी पहनकर माइकल जैक्सन से प्रेरित अपने प्रभावशाली डांस मूव्स दिखाए। उनकी कुशलता, संतुलन और क्रिएटिविटी की खूब तारीफ हो रही है। वीडियो में कोमल कुमारी माइकल जैक्सन के मशहूर गीत 'बिली जीन' पर परफॉर्म करती नजर आ रही हैं। इस परफॉर्मेंस की खासियत सिर्फ उनके सटीक मूव्स ही नहीं, बल्कि साड़ी पहने हुए भी सहजता से किए गए उनके डांस मूव्स हैं। </p>
<p>इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो <br />इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @komal__aadya नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/girl-wearing-saree-followed-michael-jacksons-famous-dance-steps/article-148151"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/jnhbgvfdc.jpg" alt=""></a><br /><p><br />साड़ी पहनकर : एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं जब उन्होंने पारंपरिक साड़ी पहनकर माइकल जैक्सन से प्रेरित अपने प्रभावशाली डांस मूव्स दिखाए। उनकी कुशलता, संतुलन और क्रिएटिविटी की खूब तारीफ हो रही है। वीडियो में कोमल कुमारी माइकल जैक्सन के मशहूर गीत 'बिली जीन' पर परफॉर्म करती नजर आ रही हैं। इस परफॉर्मेंस की खासियत सिर्फ उनके सटीक मूव्स ही नहीं, बल्कि साड़ी पहने हुए भी सहजता से किए गए उनके डांस मूव्स हैं। </p>
<p>इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो <br />इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @komal__aadya नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो को एक ऐसे नाटक के रूप में प्रस्तुत किया गया है जिसमें यह कल्पना की गई है कि अगर उसकी मां 2026 की म्यूजिकल फिल्म 'माइकल' देखे और अचानक पॉप के किंग की डांस स्टाइल को लेकर प्रति जुनूनी हो जाए तो क्या होगा। म्यूजिक शुरू होते ही कोमल सहजता से माइकल जैक्सन से प्रेरित कई क्लासिक मूव्स करने लगती हैं, जिनमें तेज बॉडी आइसोलेशन, रोबोटिक पॉपिंग सीक्वेंस और यहां तक ​​कि मशहूर मूनवॉक भी शामिल हैं। पारंपरिक पोशाक की भारी-भरकम बनावट और सीमित गतिशीलता के बावजूद, वह हर स्टेप को उल्लेखनीय सटीकता और आत्मविश्वास के साथ करती हैं। </p>
<p><br />यूजर्स को पसंद आया वीडियो <br />इस वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स ने इसकी तारीफ की है। अपनी तारीफ में लोगों ने कमेंट सेक्शन में जमकर इस वीडिया की तारीफ की है। कई लोगों ने लड़की के असाधारण कौशल और तालमेल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण मूव्स को साधारण डांस कॉस्ट्यूम में भी करना मुश्किल होता है, साड़ी में तो और भी ज्यादा। कुछ लोगों ने इस हास्यप्रद प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इसने पहले से ही प्रभावशाली प्रदर्शन में मनोरंजन का एक और आयाम जोड़ दिया। कई दर्शकों ने मज़ाक में कहा कि माइकल जैक्सन खुद भी इस श्रद्धांजलि को पसंद करते, जबकि अन्य ने इसे इस बात का एक आदर्श उदाहरण बताया कि कैसे वैश्विक पॉप संस्कृति भारतीय परंपराओं के साथ सहजता से घुलमिल सकती है। एक यूजर ने लिखा, 'वह वाकई में बहुत अच्छी डांसर है।' दूसरे ने​ कमेंट किया, 'वाह वाह... शाबाश लड़की!' तीसरे ने लिखा कि, 'मम्मी, आपके डांस मूव्स तो कमाल के हैं।' </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 06:38:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पति संग मसूरी घूमने गई महिला की खून से लथपथ लाश बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी में पति के साथ घूमने गई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। महिला का शव कमरे में नग्न अवस्था में फर्श पर मिला। इसके अलावा शराब की बोतलें भी मिलीं। महिला की नाक से खून और फर्श पर यूरिन भी निकला हुआ था। जानकारी के मुताबिक पति-पत्नी दोनों अलग-अलग आईटी कंपनियों में काम करते थे।</p>
<p>होम स्टे के कमरे में मिला शव<br />पुलिस ने बताया कि कोतवाली मसूरी को कंट्रोल रूम के माध्यम से एक सूचना प्राप्त हुई। बताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/blood-soaked-body-of-woman-who-had-gone-to-mussoorie/article-147958"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/jknmhbgf.jpg" alt=""></a><br /><p>मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी में पति के साथ घूमने गई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। महिला का शव कमरे में नग्न अवस्था में फर्श पर मिला। इसके अलावा शराब की बोतलें भी मिलीं। महिला की नाक से खून और फर्श पर यूरिन भी निकला हुआ था। जानकारी के मुताबिक पति-पत्नी दोनों अलग-अलग आईटी कंपनियों में काम करते थे।</p>
<p>होम स्टे के कमरे में मिला शव<br />पुलिस ने बताया कि कोतवाली मसूरी को कंट्रोल रूम के माध्यम से एक सूचना प्राप्त हुई। बताया गया कि टिपरीधार के कियाना होम स्टे के एक कमरे में ठहरे दंपति में से महिला की हालत गंभीर है। वह हलचल नहीं कर रही थी। सूचना प्राप्त होते ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मसूरी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही 08 एंबुलेंस को भी मौके पर बुलवाया गया। एंबुलेंस में मौजूद फार्मासिस्ट राकेश कुमार द्वारा जांच करने पर महिला को मृत घोषित किया गया।</p>
<p>दिल्ली से घूमने आए थे मसूरी<br />मृतक महिला की पहचान पी. राधा गायत्री (27) के रूप में हुई। वह अपने पति सौम्या श्रीचरण के साथ 13 जून को दिल्ली से ऋषिकेश आई थी। यहां से 14 जून को दोनों लोग रात में करीब 11:30 बजे होम स्टे में पहुंचे थे। दोनों ने रात में शराब का सेवन किया और देर रात करीब 3:30 बजे "ब्लीस " नामक कमरे में सो गए थे। महिला के पति के मुताबिक उसने सुबह उठकर देखा तो उसकी पत्नी के नाक से खून निकला हुआ था और यूरिन भी निकला हुआ था। </p>
<p>पति-पत्नी दोनों आईटी कंपनी में करते थे काम<br />पुलिस ने बताया कि मृतका नग्न अवस्था में फर्श पर लेटी पाई गई। बेड की चादर पर खून फैला हुआ था। कमरे में दो खाली शराब की बोतल और खाने की चाजें भी रखी हुई थीं। मृतका के पति द्वारा यह भी बताया गया कि दोनों ने रात में शराब का सेवन किया था। दोनों की शादी 08 नवम्बर 2025 को हुई था। महिला का गुरुग्राम की आईटी कंपनी में काम करती थी, जबकि उसका पति पुणे की आईटी कंपनी में काम करता है।</p>
<p>मामले की जांच में जुटी पुलिस<br />पुलिस ने कमरे की वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी करते हुए आवश्यक सैंपल कब्जे में लिए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने का भी आग्रह किया गया है। घटना की सूचना पर मृतका के सास-ससुर घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं मृतका के माता- पिता को भी इसकी सूचना दे दी गई है। जानकारी के मुताबिक दोनों ही परिवार मूल रूप से विशाखापट्टनम के रहने वाले हैं। पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 06:50:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुल्हन शादी के 4 महीने बाद ही प्रेमी के साथ साइकिल से भागी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जोधपुर: राजस्थान के बनाड़ थाना क्षेत्र में एक कथित "लुटेरी दुल्हन" का मामला सामने आया है। चार माह पहले झारखंड से विवाह कर घर लाई गई महिला अचानक घर से गायब हो गई। पति का आरोप है कि महिला घर से नकदी और आभूषण लेकर अपने प्रेमी के साथ साइकिल पर बैठकर फरार हो गई। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>क्या है पूरा मामला?<br />30 वर्षीय पीड़ित अमराराम सेन  पुत्र नारायणराम सेन, मूल निवासी पांचला गांव, तहसील तिवरी, हाल निवासी सारण नगर, जोधपुर ने बनाड़ थाने में रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/the-bride-ran-away-with-her-lover-on-a-bicycle/article-147470"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/kmjnbv.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर: राजस्थान के बनाड़ थाना क्षेत्र में एक कथित "लुटेरी दुल्हन" का मामला सामने आया है। चार माह पहले झारखंड से विवाह कर घर लाई गई महिला अचानक घर से गायब हो गई। पति का आरोप है कि महिला घर से नकदी और आभूषण लेकर अपने प्रेमी के साथ साइकिल पर बैठकर फरार हो गई। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>क्या है पूरा मामला?<br />30 वर्षीय पीड़ित अमराराम सेन  पुत्र नारायणराम सेन, मूल निवासी पांचला गांव, तहसील तिवरी, हाल निवासी सारण नगर, जोधपुर ने बनाड़ थाने में रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसका विवाह करीब चार महीने पहले एक दलाल के माध्यम से झारखंड निवासी 20 वर्षीय गुंजन सिंह से हुआ था। विवाह के लिए उसने लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च किए थे। विवाह के बाद महिला उसके साथ जोधपुर में रह रही थी।</p>
<p>अमराराम के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 5:20 बजे उसकी पत्नी बिना बताए घर से निकल गई। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। घर की जांच करने पर कुछ नकदी और चांदी के आभूषण भी गायब मिले। पीड़ित ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी, जिसमें महिला घर के पास खड़े एक व्यक्ति की ओर दौड़ते हुए जाती दिखाई दी। फुटेज में वह उस व्यक्ति की साइकिल पर बैठकर वहां से निकलती नजर आई।</p>
<p>अमराराम ने पुलिस को बताया कि उसे अपने पड़ोस में रहने वाले एक नेपाली युवक पर संदेह है। उसके अनुसार, घटना से एक रात पहले एक अज्ञात व्यक्ति उस युवक के पास आया था और घटना के बाद से वह युवक भी दिखाई नहीं दे रहा है। बनाड़ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर महिला एवं संदिग्ध युवक की तलाश कर रही है।</p>
<p>इस घटना के सामने आने के बाद इलाके के लोग भी हैरानी जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि शादी के बाद प्रेमी के साथ भागना गलत है। अगर किसी और से प्रेम था तो शादी ही नहीं करनी चाहिए थी। इस तरह से तो पति का जीवन बर्बाद हो गया और समाज में भी बदनामी हो गई। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 05:47:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्लास में पढ़ रही थीं छात्राएं तभी ऊपर से गिरा छत का प्लास्टर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कलबुर्गी: कर्नाटक के कलबुर्गी शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज की छत का प्लास्टर गिरने से कई छात्राएं घायल हो गई हैं। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि टीचर छात्राओं को पढ़ा रहे थे, तभी अचानक छत से प्लास्टर का बड़ा सा हिस्सा टूटकर गिर गया। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में छात्राओं ने भागकर जान बचाई। हालांकि इस घटना में घायल छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घटना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/the-students-were-studying-in-the-class-when-the-ceiling/article-147290"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/jmnhbg.jpg" alt=""></a><br /><p>कलबुर्गी: कर्नाटक के कलबुर्गी शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज की छत का प्लास्टर गिरने से कई छात्राएं घायल हो गई हैं। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि टीचर छात्राओं को पढ़ा रहे थे, तभी अचानक छत से प्लास्टर का बड़ा सा हिस्सा टूटकर गिर गया। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में छात्राओं ने भागकर जान बचाई। हालांकि इस घटना में घायल छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद कांग्रेस विधायक ने भी अस्पताल का दौरान किया और घायलों का हाल जाना।</p>
<p>दस साल पहले बनी थी इमारत<br />जानकारी के मुताबिक घटना कलबुर्गी शहर में सरकारी प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज की बताई जा रही है। यहां क्लास के दौरान छत की प्लास्टर का एक हिस्सा गिरने से 5 छात्राएं घायल हो गईं। कलबुर्गी शहर के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में यह घटना हुई, जिसमें छात्राएं स्नेहा, शीतल, पूजा और दिव्या घायल हो गईं। जानकारी के मुताबिक जब छात्राएं कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं, तभी ये हादसा हुआ, जिसके बाद छात्राएं क्लास रूम से बाहर आ गईं। आनन-फानन में घायल छात्राओं को GIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं कांग्रेस विधायक अल्लामाप्रभु पाटिल ने अस्पताल का दौरा किया और जांच की मांग की। बताया जा रहा है कि यह इमारत 10 साल के भीतर ही गिर गई। घटना स्टेशन बाज़ार पुलिस थाना क्षेत्र में हुई, जिसके बाद इस सम्बंध में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<p><br />ग्रेटर नोएडा में कार पर गिरा प्लास्टर<br />ऐसा ही एक मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी देखने को मिला है। यहां एक बहुमंजिला इमारत से प्लास्टर का हिस्सा गिरने का मामला सामने आया। जानकारी के मुताबिक तेज आंधी के चलते 20वी मंजिल से प्लास्टर का हिस्सा नीचे गाड़ी पर जा गिरा, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि उस दौरान वहां पर कोई व्यक्ति नहीं था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना रात्रि में हुई लेकिन इस प्लास्टर गिरने से गाड़ी में काफी नुकसान हुआ है और उसकी छत क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में काफी रोष है, उनका कहना है कि उनसे मोटा मेंटेनेंस चार्ज वसूला जाता है, लेकिन उसके बावजूद भी उनकी जान जोखिम में है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/women-children/the-students-were-studying-in-the-class-when-the-ceiling/article-147290</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 07:01:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जानें हो सकती हैं और बच्चों में दौरे पड़ने के कौन सी वजहें?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बच्चों में दौरे  :बच्चों में बार बार पड़ने वाले दौरे को अक्सर मिर्गी समझा जाता है, मगर हम आपको बता दें, हर दौरा मिर्गी का संकेत नहीं होता है। अगर इसके दूसरे पहलू को समझें तो यह कई बार दिमाग से जुड़ी कोई दूसरी समस्या का भी संकेत हो सकता है। दरअसल इन समस्याओं को शुरुआती स्तर पर हम समझ नहीं पाते, क्योंकि इनके लक्षण सामान्य मिर्गी, विकास में देरी, व्यवहार में बदलाव या ध्यान लगाने में परेशानी जैसे दिखाई देते हैं। चलिए जानते हैं किन किन वजहों से बच्चों में दौरा पड़ सकता है और आपको कब सावधान हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/women-children/%C2%A0%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8C%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%82/article-147105"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/asdder.jpg" alt=""></a><br /><p>बच्चों में दौरे  :बच्चों में बार बार पड़ने वाले दौरे को अक्सर मिर्गी समझा जाता है, मगर हम आपको बता दें, हर दौरा मिर्गी का संकेत नहीं होता है। अगर इसके दूसरे पहलू को समझें तो यह कई बार दिमाग से जुड़ी कोई दूसरी समस्या का भी संकेत हो सकता है। दरअसल इन समस्याओं को शुरुआती स्तर पर हम समझ नहीं पाते, क्योंकि इनके लक्षण सामान्य मिर्गी, विकास में देरी, व्यवहार में बदलाव या ध्यान लगाने में परेशानी जैसे दिखाई देते हैं। चलिए जानते हैं किन किन वजहों से बच्चों में दौरा पड़ सकता है और आपको कब सावधान हो जाना चाहिए?</p>
<p>बच्चों में दौरे पड़ने के कारण?<br />अगर बच्चे को दौरा पड़ रहा है तो इसके पीछे मिर्गी के अलावा तेज बुखार, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, कम ब्लड शुगर और संक्रमण जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं जैसी वजहें हो सकती हैं।</p>
<p>कब हो जाना चाहिए सावधान?<br />जॉली हेल्थकेयर में डॉ. सूफी रूमी, कहते हैं कि अगर बहुत कम उम्र में दौरे शुरू हो जाएं, यदि बच्चे को अचानक से झटके आएं, वह बिना वजह गिर जाए, बार-बार नीचे देखे तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। इस स्थिति की गहराई से जांच करानी चाहिए। अगर बच्चे को इलाज के बावजूद बार-बार दौरे पड़ रहे हों, उसकी उम्र के अनुसार विकास नहीं हो रहा हो, शरीर में असामान्य हरकतें दिखाई दे रही हों या वह पहले सीखी हुई बातें भूलने लगा हो, तो इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेकर विस्तृत जांच कराना जरूरी है।</p>
<p>सही इलाज है ज़रूरी<br />डॉ. सूफी रूमी, का मानना है कि सही समय पर जागरूकता और जांच से बीमारी की पहचान और इलाज आसान हो सकता है। समय पर पहचान और सही इलाज से न केवल दौरों को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि बच्चे के विकास, पढ़ाई और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाया जा सकता है।</p>
<p>यदि कोई लक्षण किसी गहरी समस्या की ओर संकेत कर रहा हो, तो उसे केवल मिर्गी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही जानकारी, समय पर जांच और विशेषज्ञों की देखरेख बच्चे के बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नारी व बाल जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 07:00:22 +0530</pubDate>
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