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                <title>लाइफस्टाइल - Tarun Mitra</title>
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                <title>किन योग आसान से करें बेली फैट को कम ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>योगासन :अगर आपका भी बेली फैट बढ़ा हुआ है तो उसे कंट्रोल करने के लिए अपने वर्कआउट रूटीन में इन कुछ योग आसान को ज़रूर शामिल करें। बाबा रामदेव द्वारा बताए गए ये योग आसान न केवल बेली फैट कम करते हैं बल्कि शरीर के निचले हिस्से को भी मजबूत बनाते हैं। तो चलिए जानते हैं किन योग आसान से करें बेली फैट को कम करने की शुरुआत?</p>
<p>उत्तानपादासन: उत्तानपादासन बेली फैट को कम करने के अलावा पेट के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में बेहद प्रभावी है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। हाथों को शरीर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/which-yoga-can-easily-reduce-belly-fat/article-150773"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/hgbvfdsac.jpg" alt=""></a><br /><p>योगासन :अगर आपका भी बेली फैट बढ़ा हुआ है तो उसे कंट्रोल करने के लिए अपने वर्कआउट रूटीन में इन कुछ योग आसान को ज़रूर शामिल करें। बाबा रामदेव द्वारा बताए गए ये योग आसान न केवल बेली फैट कम करते हैं बल्कि शरीर के निचले हिस्से को भी मजबूत बनाते हैं। तो चलिए जानते हैं किन योग आसान से करें बेली फैट को कम करने की शुरुआत?</p>
<p>उत्तानपादासन: उत्तानपादासन बेली फैट को कम करने के अलावा पेट के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में बेहद प्रभावी है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। हाथों को शरीर के बगल में सटाकर रखें और दोनों पैरों को सीधा रखें। गहरी सांस लेते हुए दोनों पैरों को 30 डिग्री तक ऊपर की ओर उठाएं। इस अवस्था में कुछ सेकंड रुकें। सांस छोड़ते हुए बहुत ही धीमी गति से दोनों पैरों को नीचे लाएं और ज़मीन पर रख दें</p>
<p>सेतुबंधासन: सेतुबंधासन बेली फैट को कम करने में बेहद फायदेमंद है। यह योग आसान सिर्फ वजन ही नहीं कम करता है बल्कि पीठ के लिए भी फायदेमंद है। यह कोर को मजबूत बनाता है, पेट के अंगों को उत्तेजित करके पाचन क्रिया सुधारता है।</p>
<p>पवन मुक्तासन: पवन मुक्तासन पेट की चर्बी को कम करने में बेहद फायदेमंद माना जाता है। बेली फैट को कम करने के अलाव यह यह पाचन क्रिया को सुधारने, कब्ज दूर करने और पेट व पीठ की मांसपेशियों को मजबूती देतता है। शुरुआत में आप यह आसान आधे मिनट से एक मिनट तक करें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:17:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉक्टर ने बताए अंजीर खाने के फायदे और सही तरीका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  अंजीर  : अंजीर एक ऐसा ड्राईफ्रूट है जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है आयुर्वेदिक मेडिसिन में हज़ारों सालों से अंजीर का अलग अलग बीमारियों में इस्तेमाल होते आया है। अंजीर हर तरह की विटामिन, मिनिरल्स और फाइबर सहित कई पोषक तत्वों से भरपूर है। अगर आप सिर्फ 15 दिनों तक रोजाना इसका सेवन करेंगे तो आपके शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं। </p>
<p><br />15 दिनों तक अंजीर खाने के फायदे<br />कब्ज में फायदेमंद: अंजीर में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कब्ज की समस्या को दूर करने में लाभकारी है।  आतों में जाकर स्टूल को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/doctor-explained-the-benefits-and-correct-way-of-eating-figs/article-150772"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/hjnbhgfd.jpg" alt=""></a><br /><p> अंजीर  : अंजीर एक ऐसा ड्राईफ्रूट है जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है आयुर्वेदिक मेडिसिन में हज़ारों सालों से अंजीर का अलग अलग बीमारियों में इस्तेमाल होते आया है। अंजीर हर तरह की विटामिन, मिनिरल्स और फाइबर सहित कई पोषक तत्वों से भरपूर है। अगर आप सिर्फ 15 दिनों तक रोजाना इसका सेवन करेंगे तो आपके शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं। </p>
<p><br />15 दिनों तक अंजीर खाने के फायदे<br />कब्ज में फायदेमंद: अंजीर में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कब्ज की समस्या को दूर करने में लाभकारी है।  आतों में जाकर स्टूल को सॉफ्ट बनाता है और उसे पास करने में मदद करता है। आपको क्रॉनिक से क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन भी हो और अगर आप अंजीर का सेवन करते हैं तो काफी आराम मिल सकता है। रात को सोते समय एक गिलास दूध में दो से तीन अंजीर डालकर उसे पकाएं और फिर सेवन करें। इससे पुरानी से पुरानी कभी में आपको रिलीफ मिलता है। </p>
<p>हार्ट की हेल्थ करता है बेहतर: अंजीर आपके शरीर के अंदर हाई बीपी, खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को कम करने में मदद करता है जिससे हार्ट हेल्थ बेहतर होती है। स्टडीज़ में पाया गया है कि अंजीर शरीर में गुड़ कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। तो इस तरह यह ड्राईफ्रूट लिपिड प्रोफ़ाइल को हेल्दी रखता है। </p>
<p>स्किन के लिए फायदेमंद: अंजीर के सेवन से स्किन हेल्थी भी इम्प्रूव होती है। डॉक्टर सलीम ज़ैदी कहते हैं अगर आपकी स्किन ड्राई है, एक्ज़िमा की परेशानी है या इचिंग, एलर्जी या स्किन पर दाग धब्बे हैं तो इन सभी समस्याओं को कंट्रोल करने में अंजीर का सेवन लाभकारी है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण खुजली, त्वचा की जलन और एक्जिमा जैसी समस्याओं को शांत करने में मदद करते हैं।</p>
<p>अर्थराइटिस में फायदेमंद: अंजीर का सेवन अर्थराइटिस के लिए भी बहुत फायदेमंद है। अगर जॉइंट्स में दर्द, सूजन, मसल्स या बोन कमजोर है तब आप इसका सेवन ज़रूर करें। इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। </p>
<p>कैसे करें सेवन?<br />अंजीर का सेवन आप हमेशा भिगोकर करें। एक दिन में आप एक से दो अंजीर का सेवन कर सकते हैं। रात को पानी में भिगोकर सुबह इसका सेवन करें। इसे खानेके बाद आप इसक पानी भी पी जाएं, इसमें कई विटामिन्स होते हैं जो आपकी सेहत के लिए लाभकारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:12:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वजन घटाने के लिए जल्दबाज़ी नहीं, स्थिरता है जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जन कम करना  : अगर आप भी अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और जल्दी से जल्दी वजन कम करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए हैं।  वजन कम करने के तीन गोल्डन रूल्स बताए हैं। दरअसल, रुजुता दिवेकर ने इस वीडियो में बहुत ज़्यादा डाइटिंग और वजन पर तुरंत असर दिखाने वाले तरीकों के दबाव की आलोचना की है। उन्होंने इस वीडियो में यह बताया है कि वजन सही तरीके से कम होना क्यों ज़रूरी है? चलिए जानते हैं वजन कम करने के लिए क्या है उनकी सलाह?</p>
<p><br />वजन घटाने के लिए जल्दबाज़ी नहीं, स्थिरता है जरूरी<br /> </p>
<p><br />खान-पान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/consistency-is-important-for-weight-loss-not-haste/article-150621"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/kmnjhgv.jpg" alt=""></a><br /><p>जन कम करना  : अगर आप भी अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और जल्दी से जल्दी वजन कम करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए हैं।  वजन कम करने के तीन गोल्डन रूल्स बताए हैं। दरअसल, रुजुता दिवेकर ने इस वीडियो में बहुत ज़्यादा डाइटिंग और वजन पर तुरंत असर दिखाने वाले तरीकों के दबाव की आलोचना की है। उन्होंने इस वीडियो में यह बताया है कि वजन सही तरीके से कम होना क्यों ज़रूरी है? चलिए जानते हैं वजन कम करने के लिए क्या है उनकी सलाह?</p>
<p><br />वजन घटाने के लिए जल्दबाज़ी नहीं, स्थिरता है जरूरी<br /> वज़न कम करना एक लंबी प्रक्रिया है इसलिए वज़न मापने वाली मशीन पर नंबर तेज़ी से कम करने के बजाय अपनी बायोलॉजिकल सेहत पर ध्यान दें। वजन कम करने की जल्दबाज़ी न करें। आराम से वज़न कम करें। चाहे आपको 2 किलो वज़न कम करना हो या 20 किलो, तरीका एक ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेज़ी से वज़न कम करने से शरीर को नुकसान पहुँचता है, जबकि धीरे-धीरे बदलाव करने से शरीर को बहुत फ़ायदे होते हैं। अगर आपको और वज़न कम करना है, तो इसमें और साल लगेंगे, लेकिन वज़न धीरे-धीरे ही कम होना चाहिए। तभी डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड की समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस और कुछ तरह के कैंसर का खतरा कम होता है। तभी आपकी त्वचा, बाल और मूड अच्छे रहते हैं और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी कम होता है। यूरिक एसिड की समस्या भी कम हो जाती है।</p>
<p><br />खान-पान के पारंपरिक नियमों का पालन करें<br /> आप जो डाइट लें, वह आपके खानपान से जुड़ी गाइडलाइंस पर आधारित होनी चाहिए। मतलब आपकी डाइट में वही खाना शामिल होना चाहिए जो आप हमेशा से खाते आ रहे हैं। चाहे आप दाल-चावल, इडली-डोसा, चिकन-चावल या मछली खाते हों, आपकी डाइट उसी के हिसाब से होनी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हर कोई एक ही चीज़ खा रहा हो। उन्होंने चेतावनी दी कि मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (जैसे प्रोटीन, फैट, कार्ब्स) को अलग-अलग करके उन पर बहुत ज़्यादा ध्यान देने से आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है।</p>
<p>प्रोसेस पर भरोसा करें, मैजिक प्रोडक्ट्स पर नहीं<br />फ़िटनेस के लक्ष्यों को सिर्फ़ 'सुपरफ़ूड्स' या खाने की जगह लेने वाले अजीब विकल्पों पर निर्भर न रखें। उन्होंने लोगों को इंटरनेट पर चलने वाले कुछ समय के लिए मशहूर होने वाले तरीकों से दूर रहने की सलाह दी। "तीसरी बात जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए, वह यह है कि आपकी डाइट में कोई 'मैजिक इंग्रीडिएंट'नहीं होनी चाहिए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 07:20:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> क्या है बालों में मेथी इस्तेमाल का सही तरीका?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेथी के फायदे :आजकल ज़्यादातर लोग बालों की कई समस्याओं से परेशान है जैसे - हेयर फॉल, डैंड्रफ, डैमेज हेयर, हेयर थिनिंग, ऑइली स्कैल्प और समय से पहले बालों का सफेद होना। लेकिन क्या आप जानते हैं इन सभी परेशानियों का हल आपके किचन में मौजूद है।आयुर्वेद में सदियों से बालों के लिए मेथी के दाने का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह छोटा सा दिखने वाला मेथी दाना बालों की इन सभी समस्याओं को कंट्रोल करने में बेहद फायदेमंद है। चलिए जानते हैं कैसे?</p>
<p><br />बालों के लिए क्यों फायदेमंद है मेथी दाना?<br />मेथी के बीज में प्रोटीन, निकोटिनिक एसिड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/%C2%A0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A5%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BE/article-150615"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/balo.jpg" alt=""></a><br /><p>मेथी के फायदे :आजकल ज़्यादातर लोग बालों की कई समस्याओं से परेशान है जैसे - हेयर फॉल, डैंड्रफ, डैमेज हेयर, हेयर थिनिंग, ऑइली स्कैल्प और समय से पहले बालों का सफेद होना। लेकिन क्या आप जानते हैं इन सभी परेशानियों का हल आपके किचन में मौजूद है।आयुर्वेद में सदियों से बालों के लिए मेथी के दाने का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह छोटा सा दिखने वाला मेथी दाना बालों की इन सभी समस्याओं को कंट्रोल करने में बेहद फायदेमंद है। चलिए जानते हैं कैसे?</p>
<p><br />बालों के लिए क्यों फायदेमंद है मेथी दाना?<br />मेथी के बीज में प्रोटीन, निकोटिनिक एसिड (nicotinic acid), लेसिथिन (lecithin) और फॉलिक एसिड (folic acid) काफी मात्रा में पाए जाते हैं जो बालों को मजबूत बनाते हैं और डैंड्रफ की समस्या को कंट्रोल करते हैं। प्रोटीन बालों की स्ट्रैंड को मजबूत करता है</p>
<p>कैसे करें इस्तेमाल?<br />मेथी दाना दो बड़े चम्मच भिगोए हुए, दो से तीन हिबिस्कस फूल या पत्तियां, ब्लैक टी आधा कप, आधा कप दही - सीमेन लैक्टिक एसिड होता है जो स्कैल्प को साफ करता है</p>
<p>कैसे बनाएं यथ मास्क<br />रात में मेथी दाना और हिबिस्कस के फूल या पत्तियों को एक साथ भिगोएं। सुबह इन दोनों को पिक्सर एकदम स्मूथ पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में ठंडी ब्लैक टी और दही मिलाकर एक स्मूथ पेस्ट बनाएं। इस मास्क को अपने स्कैल्प से लेकर टिप तक लगाएं। इस मास्क को आधे घंटे तक हेयर पर रहने दें। तय समय के बाद हेयर को वॉश करें। इस मास्क का इस्तेमाल करने से हेयर से जुड़ी सभी परेशानियां कंट्रोल होंगी</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 07:04:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चेहरे से जल्दी पिघल जाता है मेकअप? </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेकअप पिघलने से कैसे बचाएं :कितना भी अच्छा मेकअप कर लो अगर आपकी स्किन डल, बेजान, पिग्मेंटेड और ओपन पोर्स वाली है तो कुछ ही घंटों में मेकअप खराब हो आता है। इस वजह से स्किन फ्लॉलेस की जगह और भद्दी दिखने लगती है। अगर आपके साथ भी यह दिक्कत है तो यह लेख आपके लिए है। फ़ूड कंटेंट क्रिएटर और एंटरप्रेन्योर पूनम देवनानी ने अपने यू ट्यूब चैनल पर आइस क्यूब का बेहतरीन ब्यूटी हैक्स शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया है कि कैसे आप डल और बेजान स्किन को नेचुरली ग्लोइंग बना सकते हैं।</p>
<p>  </p>
<p>डल और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/make-up-melts-quickly-from-face/article-150442"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/skin.jpg" alt=""></a><br /><p>मेकअप पिघलने से कैसे बचाएं :कितना भी अच्छा मेकअप कर लो अगर आपकी स्किन डल, बेजान, पिग्मेंटेड और ओपन पोर्स वाली है तो कुछ ही घंटों में मेकअप खराब हो आता है। इस वजह से स्किन फ्लॉलेस की जगह और भद्दी दिखने लगती है। अगर आपके साथ भी यह दिक्कत है तो यह लेख आपके लिए है। फ़ूड कंटेंट क्रिएटर और एंटरप्रेन्योर पूनम देवनानी ने अपने यू ट्यूब चैनल पर आइस क्यूब का बेहतरीन ब्यूटी हैक्स शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया है कि कैसे आप डल और बेजान स्किन को नेचुरली ग्लोइंग बना सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>डल और बेजान स्किन के लिए इन टिप्स के लिए इन चीजों का करें इस्तेमाल<br />डल और बेजान स्किन के लिए आप टमाटर नींबू, खीरा, संतरा, आलू, फिटकरी जैसी किचेन में पाई जाने वाली चीजों का इस्तेमाल करें। टमाटर को घिसकर उसका जूस निकाले लें। टमाटर का जूस स्किन को नेचुरली ग्लो देता है। टमाटर के बाद आप संतरे का जूस भी निकाल लें। इसमें मौजूद विटाइन सी स्किन को नेचुरली ग्लो देता है। खीरा स्किन को ठंडक देने के साथ हमेशा हाइड्रेटेड रखता है। आप उसका जूस भी निकाल लें। नींबू ऑयली और स्किन की डलनेस को कम करने में मददगार है। आप इसका जूस भी निकाल लें। आलू डार्कनेस और पफीनेस को कम करता है और स्पॉट्स को हटाता है। आप इसका भी जूस भी निकाल लें। अब एक आइस ट्रे में आप इन सभी जूस को अलग अलग भर दें। सभी जूस में आपको थोड़ा थोड़ा पीने वाला पानी भी डालें। अब फिटकरी का एक टुकड़ा लें और उसे कूटकर उसका पाउडर बना लें। अब उसमें पानी डालें और इस मिश्रण को भी आइस क्यूब ट्रे में डालें।</p>
<p>कैसे करें इस्तेमाल?<br />इस आइस क्यूब को फ्रीजर में डालें कर उसे फ्रिज होने दें। जब ये एकदम बर्फ बन जाए तब आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मेकअप करने से पहले हमेशा इस आइस क्यूब का इस्तेमाल अपने चहेरे पर करें। इससे न केवल स्किन हाइड्रेटेड होती है बल्कि ओपन पोर्स भो बंद होता है। मेकअप से पहले इन आइस क्यूब का इस्तेमाल करने से मेकअप घंटों तक खराब नहीं होता है साथ ही स्किन के दाग धब्बे भी हल्के होते हैं</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 07:08:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हेल्दी किडनी और लिवर के लिए इन चीजों का करें सेवन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लिवर और किडनी :आपके शरीर में लिवर और किडनी दो ऐसे अंग हैं जो दिन रात बिना रुके आपको ज़िंदा रखने का कमा करती है। किडनी आपके शरीर से जहां टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है वहीं लिवर आपके शरीर की सबसे बड़ी फैक्टी है जो पांच सौ से से भी ज़्यादा काम करता है। लेकिन तीस साल के बाद ये दोनों ही अंग कमजोर पड़ने लगते हैं। ऐसे में अगर ध्यान न दिया जाए तो लिवर और किडनी से जुडी बीमारियां शरीर में घर करने लगती हैं। डॉक्टर सलीम ज़ैदी बता रहे हैं कि तीस के बाद किडनी और लीवर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/consume-these-things-for-healthy-kidney-and-liver/article-150437"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/liwar.jpg" alt=""></a><br /><p>लिवर और किडनी :आपके शरीर में लिवर और किडनी दो ऐसे अंग हैं जो दिन रात बिना रुके आपको ज़िंदा रखने का कमा करती है। किडनी आपके शरीर से जहां टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है वहीं लिवर आपके शरीर की सबसे बड़ी फैक्टी है जो पांच सौ से से भी ज़्यादा काम करता है। लेकिन तीस साल के बाद ये दोनों ही अंग कमजोर पड़ने लगते हैं। ऐसे में अगर ध्यान न दिया जाए तो लिवर और किडनी से जुडी बीमारियां शरीर में घर करने लगती हैं। डॉक्टर सलीम ज़ैदी बता रहे हैं कि तीस के बाद किडनी और लीवर को हेल्दी रखने के लिए किन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें?</p>
<p>हेल्दी किडनी और लिवर के लिए इन चीजों का करें सेवन:<br />जौ का पानी: जौ बीटा ग्लूटेन नामक फाइबर होता है जो किडनी पर फिल्ट्रेशन का लोड कम करता है और लिवर में जमी एक्स्ट्रा फाइट को धीरे धीरे पिघलता है।दो बड़े चम्मच जौ को चार गिलास पानी में बीस मिनट डालकर उबालें और सुबह एक गिलास और शाम को एक गिलास पिएं।</p>
<p>खीरा और नीम्बू पानी: खीरा में नेचुरल पानी होता है जो किडनी को नेचुरली फ्लश करता है जो क्रेटिनिन को पतला कर के बाहर निकालाता है। और नींबू में सिट्रिस एसिड होता है जो किडनी में पथरी बनने से रोकता है। रोज सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू डालकर पानी पिएं और दोपहर में एक खीरा खाएं।</p>
<p>आंवला: आंवला में संतरा से बीस गुना ज़्यादा विटामिन सी होता है। यह लीवर के सेल्स को रिपयेर करता है। साथ ही किडनी के लिए यह एक एंटी ऑक्सीडेंट्स शील्ड के रूप में काम करता है। रोज सुबह खाली पेट एक से दो कच्चे आंवला खाएं या रोजाना तीस एमएल इसका फ्रेश जूस पिएं।</p>
<p>हल्दी और काली मिर्च: हल्दी के साथ काली मिर्च को मिलाकर इसका सेवन करने से फैटी लिवर कम होता है। करक्यूमिन लिवर के सूजन को कम करता है।  फैटी लिवर में एसजीओटी और एसजीपीटी को भी कम करता है। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच हल्दी और चुटीभर काली मिर्च मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं।</p>
<p>मोरिंगा: मोरिंगा एक ऐसा सुपरफूड है जो किडनी और लिवर में बहुत ज़्यादा फायदेमंद है। सहजन में 90 से ज़्यादा पोषक तत्व हैं। इसी वजह से WHO ने भी किडनी और लिवर के लिए एक मैजिकल ट्री कहा है। आप हफ्ते में तीन बार सहजन की पत्ती की सब्जी खाएं या फिर आप सहजन की फली की सब्जी भी खा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 06:08:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जवानी में कमजोर हो रहे हैं पैर, सूजन, दर्द और चलने फिरने में परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जवानी में कमजोर हो रहे हैं पैर : आजकल युवाओं को पैरों में दर्द, पैरों में सूजन, चलने फिरने में परेशानी होने लगी है। पैर साथ नहीं दे रहे हैं। खड़े रहने से, बैठे रहने, बैठकर खड़े होने से दिक्कत आने लगती है। इसका कारण है कि पैर कमजोर हो रहे हैं। पैरों की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं, जिससे पैरों की ताकत कम होने लगती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसके पीछे के कुछ मुख्य कारण बताए हैं। जिससे जवानी में ही पैर कमजोर हो रहे हैं। </p>
<p>कम उम्र में पैरों में दर्द और सूजन का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/legs-becoming-weak-in-youth-swelling-pain-and-difficulty-in/article-150338"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/jwanimkjnhgv.jpg" alt=""></a><br /><p>जवानी में कमजोर हो रहे हैं पैर : आजकल युवाओं को पैरों में दर्द, पैरों में सूजन, चलने फिरने में परेशानी होने लगी है। पैर साथ नहीं दे रहे हैं। खड़े रहने से, बैठे रहने, बैठकर खड़े होने से दिक्कत आने लगती है। इसका कारण है कि पैर कमजोर हो रहे हैं। पैरों की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं, जिससे पैरों की ताकत कम होने लगती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसके पीछे के कुछ मुख्य कारण बताए हैं। जिससे जवानी में ही पैर कमजोर हो रहे हैं। </p>
<p>कम उम्र में पैरों में दर्द और सूजन का कारण<br />सबसे पहला और बड़ा कारण है आपका तंबाकू का सेवन करना, चाहे वो किसी भी फॉर्म में हो, आप सिगरेट, बीड़ी, पान, तंबाकू, गुटखा, जर्दा, हुक्का पीते हैं तो इससे पैरों की नसें सख्त हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में नसों में खून का थक्का जमने और नसें हार्ड होने से सिकुड़ने लगती हैं। इससे ब्लड सप्लाई कम हो जाती है और नसों को पोषण नहीं मिल पाता है। इससे पैर कमजोर होने लगते हैं। </p>
<p>बहुत ज्यादा वजन बढ़ने से पैरों पर प्रेशर आता है। पैरों में सूजन आने लगती है। इसका कारण है बहुत ज्यादा तली भुनी चीजें खाना, बहुत ज्यादा जंक फूड खाना, कोलेस्ट्रॉल हाई होना, मक्खन, मैदा, मायोनीज खाने से वजन बढ़ता है और इससे पैरों में सूजन बढ़ जाती है। </p>
<p>अगर बहुत ज्यादा आराम करते हैं तो पैर आलसी हो जाते हैं। ज्यादा मूवमेंट नहीं है और सारे दिन बैठकर काम करते हैं तो इससे पैरों की मसल्स कमजोर होने लगती हैं। कम चलने फिरने से खून की पम्पिंग कम होने लगती है। जिससे पैरों में दिक्कत बढ़ जाती है। तो बहुत ज्यादा आराम करने से भी पैर आलसी हो जाते हैं।</p>
<p>गतल जूते चप्पल का असर भी पैरों पर पड़ता है। शरीर में विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी से हड्डियां खोखली होकर दबने लगती हैं और पैर फ्लैट हो जाते हैं। इससे हड्डियों पर असर पड़ने लगता है। जब पैरों की बनावट बिगड़ जाती है तो पैरों की पम्पिंग पर असर होता है। इससे खून की सप्लाई कम होती है।</p>
<p>अगर आप लंबे समय तक पैरों को लटकाकर बैठते हैं तो इससे भी पैरों पर असर पड़ता है। इससे पैरों में खून की सप्लाई ऊपर की ओर नहीं हो पाती हैं। वहीं लंबे समय तक बैठे रहने से पैरों की ताकत कम होने लगती हैं। घुटनों और पैरों पर ज्यादा असर पड़ने लगता है। इसलिए बीच-बीच में चलते फिरते रहें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:30:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाने के बाद सौंफ मिश्री खाने से क्या होता है?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सौंफ और मिश्री : सौंफ में कुछ ऐसे एसेंशियल ऑयल्स पाए जाते हैं जो पेट में पाचक रसों और एंजाइमों के डिस्चार्ज को बढ़ाते हैं। इससे खाना जल्दी और आसानी से पचता है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।</p>
<p>आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ और मिश्री का कॉम्बिनेशन आंखों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। सौंफ में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।</p>
<p>सौंफ मिश्री खाने से मुंह की दुर्गंध भी दूर होती है। सौंफ में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/what-happens-if-you-eat-fennel-candy-after-eating/article-150281"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/misiri.jpg" alt=""></a><br /><p>सौंफ और मिश्री : सौंफ में कुछ ऐसे एसेंशियल ऑयल्स पाए जाते हैं जो पेट में पाचक रसों और एंजाइमों के डिस्चार्ज को बढ़ाते हैं। इससे खाना जल्दी और आसानी से पचता है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।</p>
<p>आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ और मिश्री का कॉम्बिनेशन आंखों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। सौंफ में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।</p>
<p>सौंफ मिश्री खाने से मुंह की दुर्गंध भी दूर होती है। सौंफ में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करते हैं। जब आप इसे मिश्री के साथ चबाते हैं, तो लार का उत्पादन बढ़ता है, जो मुंह को साफ रखने और सांसों को एकदम ताजा बनाए रखने में मदद करता है।</p>
<p>मिश्री में आयरन की मात्रा पाई जाती है। खाने के बाद नियमित रूप से मिश्री और सौंफ का सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर करने में मदद मिलती है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।</p>
<p>भारी या मसालेदार खाना खाने के बाद अक्सर सुस्ती आने लगती है। मिश्री सिंपल कार्बोहाइड्रेट का एक अच्छा स्रोत है। खाने के तुरंत बाद इसे लेने से शरीर को ग्लूकोज मिलता है, जिससे आपकी सुस्ती दूर होती है और तुरंत एनर्जी मिलती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/lifestyle/what-happens-if-you-eat-fennel-candy-after-eating/article-150281</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 06:35:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हड्डियों की बीमारी से दूर कैल्शियम से भरपूर ये 5 फूड्स </title>
                                    <description><![CDATA[<p>कैल्शियम :कैल्शियम हड्डियां मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन हमारे देश में लगभग हर तीसरे व्यक्ति में कैल्शियम की कमी है। ऐसे में इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में इन कैल्शियम रिच फूड्स को शामिल करें। एक दिन में इन फूड्स को कितनी मात्रा में खाना चाहिए ताकि डेली कैल्शियम रिक्वायरमेंट की मात्रा पूरी हो।</p>
<p><br />एक दिन में कितना कैल्शियम खाएं?<br />एक 19-50 वर्ष के लोगों को प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। हालांकि, उम्र के अनुसार यह मात्रा बदलती है। उदाहरण के लिए, 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/these-5-calcium-rich-foods-help-in-getting-rid-of/article-150273"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/asdfghb.jpg" alt=""></a><br /><p>कैल्शियम :कैल्शियम हड्डियां मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन हमारे देश में लगभग हर तीसरे व्यक्ति में कैल्शियम की कमी है। ऐसे में इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में इन कैल्शियम रिच फूड्स को शामिल करें। एक दिन में इन फूड्स को कितनी मात्रा में खाना चाहिए ताकि डेली कैल्शियम रिक्वायरमेंट की मात्रा पूरी हो।</p>
<p><br />एक दिन में कितना कैल्शियम खाएं?<br />एक 19-50 वर्ष के लोगों को प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। हालांकि, उम्र के अनुसार यह मात्रा बदलती है। उदाहरण के लिए, 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और बुजुर्ग पुरुषों के लिए यह आवश्यकता 1200 मिलीग्राम हो जाती है।</p>
<p>कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए इन चीजों को डाइट में करें शामिल<br />रागी: अपनी डाइट में दो मीडियम साइज़ रागी की रोटियों को शामिल करें। दो रागी की रोटियों में लगभग 200 से ढाई सौ मिलीग्राम कैल्शियम होता है।</p>
<p>भुना हुआ तिल: दिन में दो चम्मच भुना हुआ तिल का सेवन करें। दो चम्मच तिल का सेवन करने से आपको एक सौ अस्सी मिलीग्राम से दो सौ मिलीग्राम तक तक कैल्शियम मिलेगा।</p>
<p>हरी पत्तेदार सब्जियां: कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। दिनभर में आप एक कटोरी हरी सब्जियों का सेवन करें। इससे आपको आराम से दो सौ मिलीग्राम कैल्शियम मिल जाएगा।</p>
<p>बादाम: एक दिन में आप आठ से दस बादाम का सेवन करें। अगर आप एक दिन में दस बादाम का सेवन करते हैं तो इससे आपको अस्सी से सौ मिलीग्राम कैल्शियम मिल जाएगा।</p>
<p>छोले: अगर आप एक कटोरी छोले का सेवन करते हैं तो आपको आराम अस्सी से सौ मिलीग्राम कैल्शियम मिल सकते हैं।  अगर आप इनकी मात्रा कैलकुलेट करेंगे तो आपको लगभग 800 मिलीग्राम कैल्शियम इनसे मिल जाएगा। बाकी के बचे हुए दो सौ मिलीग्राम कैल्शियम आपको लंच और डिनर से मिल जाएगा।</p>
<p>हालांकि, डॉक्टर का यह भी कहना है कि अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी है तो कैल्शियम भी कोई काम नहीं कर सकता इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आपके शरीर में विटामिन डी की कमी न हो</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/lifestyle/these-5-calcium-rich-foods-help-in-getting-rid-of/article-150273</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 05:19:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दांतों में लगे कीड़े और कैविटी से छुटकारा दिलाएंगे ये उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दांतों की कैविटी  :अगर एक बार दात में कैविटी बन गई, तो वो वापस से कभी भी ठीक नहीं होगी। ये बात आपने भी सुनी होगी और 90% केसे में ये सच भी होता है। अगर आप अपने दातों में दर्द और सेंसिटिविटी से परिशान हैं। पानी ठंडा गरम लगता हैं या कैविटी बढ़ गयी हैं तो डॉक्टर सलीम ज़ैदी के इन टिप्स को ज़रूर फॉलो करें।</p>
<p><br />दांतों का पीलापन दूर करने के लिए ये नुस्खें आज़माए<br />मुलेथी: मुलेथी को इंग्लिश में लिकोराइस रूट भी कहते हैं और आयुर्वेद में इसे यश्टी मधू कहते हैं।  अगर आप यह सोच रहे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/these-remedies-will-get-rid-of-worms-and-cavities-in/article-150090"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/fdsak.jpg" alt=""></a><br /><p>दांतों की कैविटी  :अगर एक बार दात में कैविटी बन गई, तो वो वापस से कभी भी ठीक नहीं होगी। ये बात आपने भी सुनी होगी और 90% केसे में ये सच भी होता है। अगर आप अपने दातों में दर्द और सेंसिटिविटी से परिशान हैं। पानी ठंडा गरम लगता हैं या कैविटी बढ़ गयी हैं तो डॉक्टर सलीम ज़ैदी के इन टिप्स को ज़रूर फॉलो करें।</p>
<p><br />दांतों का पीलापन दूर करने के लिए ये नुस्खें आज़माए<br />मुलेथी: मुलेथी को इंग्लिश में लिकोराइस रूट भी कहते हैं और आयुर्वेद में इसे यश्टी मधू कहते हैं।  अगर आप यह सोच रहे हैं कि मुलेथी ये गले की खराश के लिए होती है तो हम आपको बता दें यह हजारों साल पुराना नस्का है। UCLA School of Dentistry की एक रिसर्च में पाया गया कि मुलेथी में दो कमपाउंट होते हैं। लाइको रिसिडिन और लाइको राइजो फ्लेवन ए जो स्ट्रेप्टो कोकस म्यूटन्स को यानी कैविटी वाले बैक्टेरिया को सीधा मार देते हैं। आप मुलेथी की एक छोटी स्टिक का एक सिरा अपने मुंह में रखकर उसे धीरे-धीरे चबा सकते हैं या इसका रस चूस सकते हैं। इसके अलावा, आप मुलेथी की चाय (काढ़ा) बनाकर भी पी सकते हैं।</p>
<p>ग्रीन टी: ग्रीन टी आजकल हर एक घर में पी जाती हैं लोग इसके बारे में बहुत अच्छे से जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं यह दांतों से पीलापन और सांसों की बदबू दूर करता है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स (जिन्हें कैटेचिन कहा जाता है) मुंह में बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं, जिससे बदबू की समस्या खत्म होती है।</p>
<p>ऑयल पुलिंग: ऑयल पुलिंग एक प्राचीन आयुर्वेदिक क्रिया है जिसमें लगभग एक चम्मच नारियल, तिल या सूरजमुखी के तेल को 15-20 मिनट तक मुंह में घुमाया जाता है। इसे बाद में थूक दिया जाता है। यह मसूड़ों को मजबूत करने, सांसों की दुर्गंध दूर करने और प्लाक कम करने में मदद करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 07:04:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
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                <title>किसे नहीं करनी चाहिए इंटरमिटेंट फास्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान :वजन घटाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग फिटनेस लोगों का पसंदीदा तरीका बनता जा रहा है। हालांकि भारत में प्राचीन काल से ही उपवास को स्वस्थ रहने के लिए अहम बताया गया है। लेकिन पिछले कुछ सालों में कई मशहूर हस्तियों, फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स और वजन कंट्रोल करने वाले लोगों ने इसे लेकर नया क्रेज पैदा कर दिया है। इंटरमिटेंट फास्टिंग से आपका कैलोरी इनटेक सीमित समय के लिए हो जाता है जिससे वजन पर काफी जल्दी असर होता है। लेकिन क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग हर किसी के लिए सही है। क्या आप इसे बिना सोचे समझे खुद से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/who-should-not-do-intermittent-fasting/article-150086"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/fasting.jpg" alt=""></a><br /><p>इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान :वजन घटाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग फिटनेस लोगों का पसंदीदा तरीका बनता जा रहा है। हालांकि भारत में प्राचीन काल से ही उपवास को स्वस्थ रहने के लिए अहम बताया गया है। लेकिन पिछले कुछ सालों में कई मशहूर हस्तियों, फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स और वजन कंट्रोल करने वाले लोगों ने इसे लेकर नया क्रेज पैदा कर दिया है। इंटरमिटेंट फास्टिंग से आपका कैलोरी इनटेक सीमित समय के लिए हो जाता है जिससे वजन पर काफी जल्दी असर होता है। लेकिन क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग हर किसी के लिए सही है। क्या आप इसे बिना सोचे समझे खुद से ही फॉलो कर सकते हैं। क्योंकि कोई भी फेमस चीज को बिना जांचे परखे तुरंत अपनी दिनचर्या में शामिल करना फायदे की जगह नुकसान भी कर सकता है।</p>
<p>इंटरमिटेंट फास्टिंग में 16:8 नियम, जिसमें 16 घंटे उपवास किया जाता है और आठ घंटे आपको खाना खाना होता है। एक तरीका है 12:12, जिसमें बराबर समय होता है यानि 12 घंटे फास्टिंग और 12 घंटे खाना खाना होता है। इसके अलावा कुछ लोग समय सीमा को हटाकर कितनी बार खाना खाया इस पर ध्यान देते हैं। जैसे एक्ट्रेस कैटरीना कैफ दिन में सिर्फ 2 बार खाना खाती हैं। लेकिन असली सवाल है कि क्या हर कोई सुरक्षित रूप से इंटरमिटेंट फास्टिंग कर सकता है।</p>
<p>कोई भी कर सकता है इंटरमिटेंट फास्टिंग?<br />डाइटिशियन स्वाति सिंह की मानें तो इंटरमिटेंट फास्टिंग हर किसी के लिए सही नहीं है। उन्होंने बताया कि इसके कुछ फायदे हैं जैसे कि मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में सुधार और पाचन तंत्र को लगातार खाना पचाने से आराम मिलना। हालांकि सावधानियां बरतना जरूरी है और इंटरमिटेंट फास्टिंग को अंधाधुंध नहीं अपनाना चाहिए।</p>
<p>किसे नहीं करनी चाहिए इंटरमिटेंट फास्टिंग?<br />जिन लोगों को ब्लड शुगर की समस्याएं हैं उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू नहीं करनी चाहिए। टाइप 2 डायबिटीज, नियमित रूप से हाई ब्लड शुगर और हाई HbA1c वाले लोगों को इंटरमिटेंट फास्टिंग केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करनी चाहिए। टाइप 1 डायबिटीज वाले लोगों के लिए भी इसकी सलाह नहीं दी जाती है। ऐसे लोगों को भी फास्टिंग से बचना चाहिए जिन्हें पोषण की लगातार जरूरत होती है। साथ ही उन लोगों को भी फास्टिंग नहीं करनी चाहिए जो किसी न किसी अंग की कोई बीमारी से पीड़ित हैं। अगर आप गर्भवती महिला हैं या बच्चे को दूध पिलाती हैं तो ऐसी मांओं को भी इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचना चाहिए। बच्चों और युवाओं को भी इससे बचने की सलाह दी जाती है, जिन्हें हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए पर्याप्त पोषक तत्वों की जरूरत होती है। किडनी की बीमारियों या दिल संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए।</p>
<p>इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान<br />इससे आपको कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। डाइटिशियन ने बताया कि लंबे समय तक फास्टिंग से सिरदर्द हो सकता है। दो खाने के बीच लंबा गैप करने से थकान और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। इससे पेट संबंधी समस्याएं जैसे सूजन और दस्त  हो सकते हैं। जब आप एक बार में ही बहुत ज्यादा फाइबर लेते हैं तो इससे असंतुलित पोषण की समस्या हो सकती है। पानी और फाइबर कम होने से कब्ज बढ़ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 06:19:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Subhash Pandey]]></dc:creator>
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                <title> सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के दर्द से छुटकारा पाने के लिए करें ये एक्सरसाइ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस : आजकल की डेस्क जॉब और घंटों कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठे रहने की आदत ने सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या को बेहद आम बना दिया है। गलत पोश्चर में लगातार बैठने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जो धीरे-धीरे दर्द, जकड़न और कभी-कभी चक्कर आने का कारण बन जाता है। यदि आप भी ऑफिस में इस दर्द से परेशान रहते हैं, तो आपको अपना काम छोड़कर कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप अपनी चेयर पर बैठे-बैठे ही कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करके इस दर्द से तुरंत राहत पा सकते हैं। तो चलिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/lifestyle/do-these-exercises-to-get-relief-from-the-pain-of/article-149916"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/hjnbgfd.jpg" alt=""></a><br /><p>सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस : आजकल की डेस्क जॉब और घंटों कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठे रहने की आदत ने सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या को बेहद आम बना दिया है। गलत पोश्चर में लगातार बैठने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जो धीरे-धीरे दर्द, जकड़न और कभी-कभी चक्कर आने का कारण बन जाता है। यदि आप भी ऑफिस में इस दर्द से परेशान रहते हैं, तो आपको अपना काम छोड़कर कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप अपनी चेयर पर बैठे-बैठे ही कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करके इस दर्द से तुरंत राहत पा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं। </p>
<p><br />1. नेक रोटेशन </p>
<p>यह एक्सरसाइज गर्दन की जकड़न को दूर करने के लिए बेहतरीन माना जाता है। इस एक्सरसाइज को करने के लिए आप अपनी कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं। अब अपनी गर्दन को धीरे-धीरे पहले दाईं ओर घुमाएं और कुछ सेकंड के लिए रुकें। फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आएं और गर्दन को बाईं ओर घुमाएं। इसके बाद गर्दन को ऊपर और नीचे की ओर झुकाएं। इस चक्र को 5 से 10 बार दोहराएं। ध्यान रहे, गर्दन को तेजी से या झटके से न घुमाएं।</p>
<p>2. शोल्डर रोल<br />लगातार टाइपिंग करने से कंधों की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। इसे ठीक करने के लिए रीढ़ की हड्डी को सीधा करके बैठें। अब अपने दोनों कंधों को एक साथ ऊपर उठाएं और उन्हें गोल घुमाते हुए पीछे की ओर ले जाएं। इसे 10 बार करें। इसके बाद यही प्रक्रिया उल्टी दिशा में 10 बार दोहराएं। इससे कंधों और ऊपरी पीठ का तनाव तुरंत कम होता है।</p>
<p>3. चिन टक<br />कंप्यूटर स्क्रीन की तरफ देखते हुए अक्सर हमारी गर्दन आगे की ओर झुक जाती है। चिन टक एक्सरसाइज इसे ठीक करती है। सीधे बैठें और सामने की ओर देखें। अब अपनी ठुड्डी को बिना नीचे झुकाए, सीधे पीछे की तरफ खींचें, जैसे आप 'डबल चिन' बना रहे हों। इस स्थिति में 5 सेकंड रुकें और फिर सामान्य हो जाएं। इसे 10 बार करें। यह गर्दन के पिछले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।</p>
<p>4. लेटरल नेक स्ट्रेच <br />अपनी दाहिनी हथेली को सिर के ऊपर से ले जाते हुए बाएं कान के पास रखें। अब हल्के हाथ से सिर को दाहिने कंधे की तरफ झुकाएं, जब तक कि बाईं ओर हल्का खिंचाव महसूस न हो। 15 सेकंड इस पोजीशन में रहें। यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से भी दोहराएं। यह गर्दन के साइड की मांसपेशियों को आराम देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 07:12:03 +0530</pubDate>
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