बैंक का मुनाफा 60 फीसदी बढ़कर 927 करोड़ रुपये पर पहुंचा…

सरकार ने आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने लिए बोलियां कीं आमंत्रित
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (आईडीबीआई) ने वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में बैंक का मुनाफा 60 फीसदी बढ़कर 927 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही में बैंक ने 578 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

आईडीबीआई बैंक ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि वित्तीय प्रावधान में कमी और ब्याज आय बढ़ने से उसका लाभ बढ़ा है। बैंक ने बताया कि तीसरी तिमाही में उसका मुनाफा 60 फीसदी बढ़कर 927 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे 578 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इस दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय भी 23 फीसदी बढ़कर 2,925 करोड़ रुपये हो गई जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 2,383 करोड़ रुपये रही थी।बैंक ने बताया कि इस दौरान उसकी सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात सुधरकर 13.82 फीसदी हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 21.68 फीसदी रहा था। इसकी वजह से बैंक को तीसरी तिमाही में फंसे कर्जों के लिए 233 करोड़ रुपये का ही वित्तीय प्रावधान करना पड़ा जबकि दिसंबर, 2021 की तिमाही में यह राशि 939 करोड़ रुपये थी।

उल्लेखनीय है कि सरकार आईडीबीअई बैंक में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के साथ मिलकर अपनी बहुलांश हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। सरकार और एलआईसी दोनों की बैंक में सम्मिलित रूप से 94.71 फीसदी हिस्सेदारी है जिसमें से 60.72 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए संभावित निवेशकों से रुचि पत्र आमंत्रित किए गए हैं।

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