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                <title>Rajesh Singh - Tarun Mitra</title>
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                <description>Rajesh Singh RSS Feed</description>
                
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                <title>नहीं हटेगा अंबेडकर का अस्थि कलश </title>
                                    <description><![CDATA[<p>लखनऊ ।  बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थिकलश को शहर के ऐशबाग में बन रहे अंबेडकर पेरणा स्थल में विस्थापित करने की चर्चा बीते कई माह से तेज है। इसे लेकर कुछ राजनीतिक दलों एवं अनुयाइयों द्वारा धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जा रहा है। मंगलवार को आरपीआई ने शांति मार्च निकाल विरोध जताया। इसी बीच पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि डॉ आंबेडकर के अस्थिकलश को किसी भी प्रकार का स्थानांतरण संबंधी निर्णय नहीं लिया गया है।  इसे स्थानांतरित किए जाने संबंधी चर्चा भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं।<br />जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार बाबा साहेब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/ambedkars-ashes-urn-will-not-be-removed/article-150411"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-30-at-16.47.45.jpeg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ ।  बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थिकलश को शहर के ऐशबाग में बन रहे अंबेडकर पेरणा स्थल में विस्थापित करने की चर्चा बीते कई माह से तेज है। इसे लेकर कुछ राजनीतिक दलों एवं अनुयाइयों द्वारा धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जा रहा है। मंगलवार को आरपीआई ने शांति मार्च निकाल विरोध जताया। इसी बीच पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि डॉ आंबेडकर के अस्थिकलश को किसी भी प्रकार का स्थानांतरण संबंधी निर्णय नहीं लिया गया है।  इसे स्थानांतरित किए जाने संबंधी चर्चा भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं।<br />जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार बाबा साहेब से जुड़े सभी स्थलों को गरिमापूर्ण स्वरूप देने और उन्हें सांस्कृतिक एवं सामाजिक चेतना के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐशबाग में निमार्णाधीन लगभग 16.20 करोड़ रुपये की लागत से स्मारक परिसर के बाह्य विकास, फसाड और हॉर्टीकल्चर से जुड़े कार्य तेजी से चल रहे हैं। बाउंड्रीवाल, स्टोन क्लैडिंग, तीन गेटों एवं तीन गार्ड रूम के स्ट्रक्चर, तोरण द्वार तथा प्रतिमा के पैडेस्टल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।  लगभग 43.69 करोड़ रुपये की लागत से आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र के  निर्माण कार्य पहले ही पूर्ण किए जा चुके हैं। इसमें कार्यालय भवन, बेसमेंट, प्रतिमा हेतु फाउंडेशन, सब-स्टेशन, पम्प रूम, गार्ड रूम, आंतरिक सड़क, सीवर लाइन का निर्माण कराया गया है। वहीं लगभग 44.43 करोड़ रुपये की लागत से 500 सीट क्षमता वाले अत्याधुनिक प्रेक्षागृह एवं आॅडिटोरियम की आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। इस परियोजना को 31 जुलाई 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अस्थिकलश के संबंध में किसी भी प्रकार की अपुष्ट अथवा भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 20:24:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rajesh Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेट परीक्षा 2 से, 46 केंद्रों पर 96,454 अभ्यर्थी देंगे एक्जाम </title>
                                    <description><![CDATA[<p>टेट परीक्षा 2 से, 46 केंद्रों पर 96,454 अभ्यर्थी देंगे एक्जाम </p>
<p>लखनऊ । आगामी 2 से 4 जुलाई तक आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जनपद में 46 परीक्षा केन्द्र बनाये गये है। इसमें 96,945 अभ्यार्थी परीक्षा देंगे। इस परीक्षा को लेकर मंगलवार को  जिलाधिकारी विशाख जी एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार द्वारा समस्त केंद्र व्यवस्थापकों, नोडल अधिकारियों, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। <br />इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 2 एवं 3 जुलाई को परीक्षा दो पालियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/96454-candidates-will-appear-for-tet-exam-at-2-to/article-150404"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-30-at-18.38.17.jpeg" alt=""></a><br /><p>टेट परीक्षा 2 से, 46 केंद्रों पर 96,454 अभ्यर्थी देंगे एक्जाम </p>
<p>लखनऊ । आगामी 2 से 4 जुलाई तक आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जनपद में 46 परीक्षा केन्द्र बनाये गये है। इसमें 96,945 अभ्यार्थी परीक्षा देंगे। इस परीक्षा को लेकर मंगलवार को  जिलाधिकारी विशाख जी एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार द्वारा समस्त केंद्र व्यवस्थापकों, नोडल अधिकारियों, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। <br />इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 2 एवं 3 जुलाई को परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली प्रात: 09:30 बजे से 12:00 तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। 4 जुलाई को परीक्षा केवल प्रथम पाली में आयोजित होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा प्रारंभ होने से 45 मिनट पूर्व सभी परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार की वीडियोग्राफी कराते हुए उन्हें बंद कर दिया जाए, जिसके पश्चात किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए  जनपद में 46 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं 46 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गत परीक्षाओं की भांति इस बार भी रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन पर हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे। इन हेल्पडेस्क पर परीक्षा से संबंधित जानकारी, परीक्षा केंद्रों की जियो-टैग लोकेशन तथा अन्य आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अभ्यर्थियों द्वारा अपना प्रवेश पत्र प्रदर्शित करने पर उन्हें परीक्षा केंद्र की जियो-टैग लोकेशन सहित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही हेल्पडेस्क पर सिविल डिफेंस के वार्डनों की तैनाती भी  की जाएगी। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग एवं रेलवे अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डों पर स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग, पर्स, बेल्ट, गॉगल्स, खाद्य सामग्री अथवा अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 20:18:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rajesh Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपर मुख्य सचिव ने शिक्षकों से किसा संवाद </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>लखनऊ, ।  प्रदेश में पहली बार शिक्षकों के अनुभव, बच्चों के सीखने के साक्ष्य, परख के निष्कर्ष, टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज अध्ययन और निपुण भारत मिशन के अनुभवों एवं शैक्षणिक रणनीति पर  मंथन किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के  तत्वावधान में 'पॉलिसी टू प्रैक्टिस डायलॉग' एवं टीएलपीएस उत्तर प्रदेश रिपोर्ट-2025 का  विमोचन अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने किया। <br />शहर के  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में निपुण भारत मिशन की प्रगति, अब तक हुए शिक्षा सुधारों, कक्षा-कक्ष में आए बदलाव तथा  गुणवत्ता सुधार के लिए अपनाई गई रणनीतियों का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/what-did-the-additional-chief-secretary-communicate-to-the-teachers/article-150397"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-30-at-15.36.45.jpeg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>लखनऊ, ।  प्रदेश में पहली बार शिक्षकों के अनुभव, बच्चों के सीखने के साक्ष्य, परख के निष्कर्ष, टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज अध्ययन और निपुण भारत मिशन के अनुभवों एवं शैक्षणिक रणनीति पर  मंथन किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के  तत्वावधान में 'पॉलिसी टू प्रैक्टिस डायलॉग' एवं टीएलपीएस उत्तर प्रदेश रिपोर्ट-2025 का  विमोचन अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने किया। <br />शहर के  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में निपुण भारत मिशन की प्रगति, अब तक हुए शिक्षा सुधारों, कक्षा-कक्ष में आए बदलाव तथा  गुणवत्ता सुधार के लिए अपनाई गई रणनीतियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान परख के निष्कर्ष, शिक्षा सुधारों के प्रमुख आयाम, प्रभावी कक्षा-कक्षीय शिक्षण की 10 प्रमुख शिक्षण पद्धतियों, 15 कैच-अप रणनीतियों, हॉलीस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, अकादमिक कैलेंडर तथा निपुण 2 की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे-2025 उत्तर प्रदेश रिपोर्ट में कक्षा 1 एवं 2 में भाषा और गणित शिक्षण की वर्तमान स्थिति, कक्षा का वातावरण, शिक्षण समय का उपयोग, शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक सहयोग तथा निपुण भारत मिशन के प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि  शिक्षा सुधार केवल नीतियां बनाने से संभव नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक शिक्षक द्वारा कक्षा-कक्ष में अपनाई जाने वाली शिक्षण पद्धति से परिवर्तन आएगा।  किसी भी शिक्षण प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण आधार बच्चों का जुड़ाव है। उन्होंने एक जुलाई से प्रारंभ हो रहे स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष से अधिक आयु का कोई भी बच्चा बाल वाटिका से तथा छह वर्ष से अधिक आयु का कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर नहीं रहना चाहिए।  निपुण उत्तर प्रदेश का दायरा अब कक्षा 1 और 2 से बढ़ाकर कक्षा 3 से 5 तक किया जा रहा है। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा महानिदेशक  मोनिका रानी, एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार तथा बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुवेर्दी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 20:12:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rajesh Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज से ग्राम सचिवालय मेंं बैठेंगे लेखपाल </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ : </strong>आम तौर पर ढूंढे न मिलने वाले लेखपाल बुधवार एक जुलाई से ग्राम सचिवालयों में नियमित बैठेंगे। इस दौरान ग्रामीणों को आय, जााित एवं निवास प्रमाणपत्र तथा खतौनी के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने होंगे। राजस्व परिषद की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर रोस्टर तैयार कर इस व्यवस्थाको लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। <br />  ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्राम सचिवालयों का उद्देश्य विभिन्न विभागों की सेवाओं को ग्रामीणों तक आसानी से गांव में ही एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।</p>
<p>पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम सचिवालयों में संबधित विभागों के कर्मचारियों के बैठने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/lekhpal-will-sit-in-the-village-secretariat-from-today/article-150370"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/gram-sachivalaya.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ : </strong>आम तौर पर ढूंढे न मिलने वाले लेखपाल बुधवार एक जुलाई से ग्राम सचिवालयों में नियमित बैठेंगे। इस दौरान ग्रामीणों को आय, जााित एवं निवास प्रमाणपत्र तथा खतौनी के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने होंगे। राजस्व परिषद की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर रोस्टर तैयार कर इस व्यवस्थाको लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। <br /> ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्राम सचिवालयों का उद्देश्य विभिन्न विभागों की सेवाओं को ग्रामीणों तक आसानी से गांव में ही एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।</p>
<p>पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम सचिवालयों में संबधित विभागों के कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।  ग्राम सचिवालयों के माध्यम से पंचायत सहायकों द्वारा आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, हैसियत प्रमाणपत्र, खतौनी की नकल सहित लगभग दस प्रमुख सेवाएं ग्रामीणों को उपलब्ध कराने के आदेश पूर्व में दिेये गये हैं। इन सेवाओं के समय से निस्तारण में लेखपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में ग्राम सचिवालय में उनकी नियमित उपलब्धता से ग्रामीणों को तहसील के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी।</p>
<p>राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया कितहसील दिवस, थाना दिवस, वरासत, स्वामित्व योजना, किसान सम्मान निधि, राहत एवं पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, भूमि विवादों का निस्तारण, कृषि गणना, जनगणना, फसल गिरदावरी, प्राकृतिक आपदाओं की रिपोर्ट, अवैध कब्जों की जांच, खनन संबंधी सत्यापन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े सत्यापन तथा धान-गेहूं क्रय केंद्रों के सत्यापन जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्व भी लेखपाल निभाते हैं।</p>
<p>इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में भी लेखपालों की रिपोर्ट और सत्यापन की आवश्यकता पड़ती है। ग्रामीणों को कई बार लेखपाल से मिलने के लिए तहसील या अन्य स्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस नई व्यवस्था से ग्राम सचिवालय ग्रामीणों के लिए 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर' के रूप में विकसित होंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:36:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rajesh Singh]]></dc:creator>
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