<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.tarunmitra.in/prakash-chandra-sharma/author-79" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Tarun Mitra RSS Feed Generator</generator>
                <title>Prakash Chandra Sharma - Tarun Mitra</title>
                <link>https://www.tarunmitra.in/author/79/rss</link>
                <description>Prakash Chandra Sharma RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बीजलपुर नर्सरी में जिला स्तरीय वन महोत्सव, 500 से अधिक पौधों का रोपण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/pledge-to-protect-environment-district-level-van-mahotsav-planting-of/article-161162"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-09/img-20260903-wa0041.jpg" alt=""></a><br /><p>करौली- पर्यावरण संरक्षण एवं जिले में हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को बीजलपुर गांव के समीप स्थित बीजलपुर नर्सरी में 77वां जिला स्तरीय वन महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रभारी सचिव एवं पर्यटन विभाग की सचिव शुचि त्यागी ने बरगद का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और अधिकाधिक वृक्षारोपण का संदेश दिया।<br />प्रभारी सचिव शुचि त्यागी ने कहा कि वन महोत्सव को जन-अभियान का स्वरूप देते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही जिले में हरित आवरण बढ़ाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण की विरासत सौंपी जा सकती है।<br />उन्होंने वन विभाग के कार्मिकों एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 22 वनकर्मियों एवं वन्यजीव संरक्षकों को सम्मानित किया।</p>
<h3>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मां यशोदा के नाम किया पौधारोपण</h3>
<p>वन महोत्सव के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में ‘मां यशोदा’ के नाम पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इनमें बरगद, कदंब, कल्पवृक्ष एवं बिल्वपत्र सहित अनेक प्रजातियां शामिल रहीं। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ भारतीय संस्कृति एवं प्रकृति के बीच के गहरे संबंध का संदेश भी दिया गया।<br />जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को प्रकृति से जोड़कर उनमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित की जानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण के महत्व को समझ सके।<br />उन्होंने जिलेवासियों से अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना तभी सार्थक होगा, जब उसकी जिम्मेदारी लेकर उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाए।</p>
<p>वन विभाग की कार्ययोजना की दी जानकारी:</p>
<p>कार्यक्रम में वन विभाग के उपवन संरक्षक ओमप्रकाश जांगिड़ ने जिले में अब तक किए गए पौधारोपण एवं विभाग की आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने, पौधों के संरक्षण तथा जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।<br />इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह मीना, वन संरक्षक एवं वन विभाग के जिला प्रभारी हरि किशन सारस्वत, उपवन संरक्षक संजीव शर्मा, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र मीना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।<br />कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, वनकर्मियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने 500 से अधिक पौधों का रोपण किया। वन महोत्सव के माध्यम से जिले को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के साथ पौधों के संरक्षण को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/pledge-to-protect-environment-district-level-van-mahotsav-planting-of/article-161162</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/pledge-to-protect-environment-district-level-van-mahotsav-planting-of/article-161162</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 21:09:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-09/img-20260903-wa0041.jpg"                         length="328176"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने झुंझुनूं में ली अपराध समीक्षा बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/dgp-rajiv-kumar-sharma-took-crime-review-meeting-in-jhunjhunu/article-161140"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-09/img-20260903-wa0031.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर : महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने गुरुवार को झुंझुनूं के रिजर्व पुलिस लाईन सभागार में जिले की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में आईजी राहुल प्रकाश, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप, जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर सहित जिले के पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे। <br />बैठक में  पुलिस महानिदेशक द्वारा परिवादियों के साथ सदैव विनम्र एवं शालीन व्यवहार सुनिश्चित करने, पुलिस थानों के स्वागत कक्षों में साफ-सफाई के साथ बिजली एवं पानी की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। उन्होंने हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर एवं सक्रिय अपराधियों पर पूर्ण निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध प्रभावी एवं नियमानुसार कार्रवाई करने, आगामी नगरीय निकाय चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने देने के लिए प्रभावी सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सीएलजी एवं युवा सीएलजी सदस्यों के साथ निरंतर संवाद एवं समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सूचना तंत्र अपडेट रखने के निर्देश :</strong><br />डीजीपी ने प्रत्येक गांव एवं मोहल्ले की आपराधिक गतिविधियों तथा पीड़ित व्यक्तियों से संबंधित जानकारी को अपडेट रखने, आसूचना तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने, यातायात व्यवस्था में सुधार एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रभावी प्रयास करने तथा आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। <br />             <br /><strong>सीएलजी सदस्यों से किया संवाद:</strong><br />बैठक उपरांत पुलिस थाना सदर झुंझुनूं में युवा सीएलजी सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस एवं आमजन के बीच बेहतर समन्वय, अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  द्वारा रिजर्व पुलिस लाईन स्थित सभागार परिसर में पौधारोपण किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सदर थाने का किया निरीक्षण:</strong><br />इस दौरान पुलिस महानिदेशक द्वारा पुलिस थाना सदर झुंझुनूं का निरीक्षण किया गया। उन्होंने थाना परिसर, स्वागत कक्ष, हवालात, मालखाना एवं कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही पुलिस सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने थाने पर आने वाले परिवादियों के साथ संवेदनशीलता एवं शालीनता से व्यवहार करने तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण एवं सक्रिय अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/dgp-rajiv-kumar-sharma-took-crime-review-meeting-in-jhunjhunu/article-161140</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/dgp-rajiv-kumar-sharma-took-crime-review-meeting-in-jhunjhunu/article-161140</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 19:48:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-09/img-20260903-wa0031.jpg"                         length="297444"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महानिदेशक पुलिस  ने  पुलिस समन्वय समिति की बैठक में लिया हिस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/director-general-of-police-rajeev-kumar-sharma-participated-in-the/article-156857"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-08/img-20260807-wa0032.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर/इंदौर, मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित 13वीं वेस्टर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राजस्थान के महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने भाग लिया। बैठक में मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और गोवा के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार के साथ विभिन्न राज्यों के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ऑफलाइन व ऑनलाइन जुड़कर अंतरराज्यीय सहयोग व समन्वय से अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। <br />राजस्थान पुलिस की ओर से महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के साथ अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) वी.के. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक के.बी. वंदना तथा चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र  सिंह ने बैठक में सहभागिता की और विविध विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चाएं कर सुझाव दिए। </p>
<p>*समसामयिक चुनौतियों पर हुई प्रस्तुतियां:*</p>
<p>बैठक के दौरान विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं। इनमें बड़े धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा एवं प्रभावी पुलिस प्रबंधन, गुमशुदा बच्चों की खोज के नवाचारों, साइबर अपराधों के पीछे के इन्फ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त करने की रणनीति, आपराधिक न्याय प्रणाली में आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल समाधान का उपयोग तथा नारकोटिक्स ड्रग्स की बढ़ती चुनौतियों के समाधान जैसे विषयों पर वरि​ष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा विविध प्रस्तुतियां दी गई व प्रत्येक प्रस्तुति के उपरांत प्रतिभागी राज्यों के अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा कर अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए।</p>
<p>*राजस्थान पुलिस ने साझा किए नवाचार एवं अनुभव:*</p>
<p>महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने बैठक में राजस्थान पुलिस द्वारा साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीक आधारित पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, अपराध नियंत्रण तथा अंतरराज्यीय समन्वय के क्षेत्र में किए जा रहे विविध नवाचारों एवं प्रभावी प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विविध राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान, समन्वित रणनीति तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग भविष्य की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p>*इन विषयों पर भी हुई चर्चा :*</p>
<p>बैठक में पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों ने अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम, संगठित अपराध एवं साइबर अपराध के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग तथा पुलिस बलों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। साथ ही विभिन्न राज्यों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करते हुए उन्हें अन्य राज्यों में भी अपनाने पर सहमति व्यक्त की गई।</p>
<p>*भविष्य की कार्ययोजना पर भी हुआ मंथन:*</p>
<p>बैठक के समापन सत्र में प्रतिभागी राज्यों के अधिकारियों ने अन्य समसामयिक विषयों पर भी चर्चा की। साथ ही पश्चिमी क्षेत्र में पुलिस सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाने, साझा कार्ययोजना तैयार करने तथा आगामी समन्वय बैठक के आयोजन से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/director-general-of-police-rajeev-kumar-sharma-participated-in-the/article-156857</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/director-general-of-police-rajeev-kumar-sharma-participated-in-the/article-156857</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 20:22:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-08/img-20260807-wa0032.jpg"                         length="206076"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्च न्यायालय के आदेश से स्थिति हुई स्पष्ट : राजेश्वर सिंह राज्य निर्वाचन आयुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/the-process-of-ward-and-post-reservation-is-within-the/article-154233"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/img-20260720-wa0035.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वार्डों एवं पदों के आरक्षण की लॉटरी निकालने का अधिकार राज्य सरकार के पास है, न कि राज्य निर्वाचन आयोग के पास। इस तथ्य को स्पष्ट होने में कई महीने लगे, जिसके कारण राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं कर सका। चुनाव की घोषणा तभी संभव है, जब राज्य सरकार द्वारा आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण कर आयोग को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाए।</p>
<p>राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि इस विषय को लेकर लंबे समय तक विभिन्न स्तरों पर भ्रम की स्थिति बनी रही। उन्होंने कहा कि अब माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से यह स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है कि वार्ड एवं पदों के आरक्षण की प्रक्रिया राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है। ऐसे में आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाना संभव नहीं था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में हुई देरी का कारण राज्य निर्वाचन आयोग नहीं, बल्कि ओबीसी आयोग की कार्यवाही तथा राज्य सरकार के स्तर पर लंबित रही आरक्षण संबंधी प्रक्रिया थी। उच्च न्यायालय के आदेश ने इस संवैधानिक व्यवस्था को स्पष्ट कर दिया है।</p>
<p>राजेश्वर सिंह ने कहा कि अब जबकि न्यायालय के आदेश से स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, इस विषय पर पहले व्यक्त किए गए विभिन्न दृष्टिकोणों का भी तथ्यों के आधार पर पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग सदैव संवैधानिक प्रावधानों एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप कार्य करता है और चुनाव संबंधी सभी निर्णय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिए जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/the-process-of-ward-and-post-reservation-is-within-the/article-154233</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/the-process-of-ward-and-post-reservation-is-within-the/article-154233</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:55:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/img-20260720-wa0035.jpg"                         length="14346"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने R4C और 1930 हेल्पलाइन का किया निरीक्षण, साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/chief-minister-bhajanlal-sharma-inspected-r4c-and-1930-helpline-and/article-153527"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/img-20260718-wa0033.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर ,मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय स्थित राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) एवं उसके तहत संचालित 1930 साइबर हेल्पलाइन का निरीक्षण कर प्रदेश में साइबर अपराधों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को साइबर अपराधियों के खिलाफ और अधिक प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।<br />मुख्यमंत्री ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल तकनीकी कार्रवाई से नहीं, बल्कि व्यापक जन-जागरूकता से भी संभव है। उन्होंने सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।<br />उन्होंने बैंकिंग संस्थानों और साइबर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर साइबर ठगों के बैंक खातों को तत्काल फ्रीज करने, आधुनिक तकनीक एवं डेटा विश्लेषण का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों तक शीघ्र पहुंचने तथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों की अवैध संपत्तियों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई हो, जो अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते हैं।</p>
<p>R4C को मिलेगा नया भवन:</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में उन्होंने राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) के लिए नया भवन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि आधुनिक संसाधनों के साथ साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।</p>
<p>1930 हेल्पलाइन हुई और अधिक मजबूत:</p>
<p>बैठक में पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 1930 साइबर हेल्पलाइन पर आने वाली लगभग 95 प्रतिशत शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की जा रही है। पहले हेल्पलाइन पर 30 कॉल लाइनें संचालित थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 53 कर दिया गया है। हेल्पलाइन अब तीन शिफ्टों में संचालित हो रही है और जल्द ही इसे 60 लाइनों तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे प्रत्येक पीड़ित की शिकायत समय पर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।<br />अधिकारियों ने बताया कि जून 2026 के दौरान कॉल रिस्पॉन्स और शिकायत निस्तारण प्रतिशत (टीसीएस एवं एनसीआरपी) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, पांच लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अब तक 412 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 में डिजिटल सुरक्षा एवं अनुसंधान के लिए राजस्थान के 54 पुलिसकर्मियों का विशेष प्रशिक्षण हेतु चयन भी किया गया है।</p>
<p>विशेष अभियानों से साइबर अपराधियों पर शिकंजा:</p>
<p>प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ऑपरेशन वज्र प्रहार, ऑपरेशन साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी वायरस तथा ऑपरेशन म्यूल हंटर जैसे विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन अभियानों के तहत साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों को राशि वापस दिलाने, संदिग्ध सिम कार्ड एवं आईएमईआई ब्लॉक करने जैसी प्रभावी कार्रवाई की गई है।</p>
<p>21 जुलाई को होगी विशेष एसएलबीसी बैठक:</p>
<p>मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना में साइबर पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से 21 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्पेशल स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंकिंग तंत्र और पुलिस के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा होगी।<br />बजट में R4C के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान<br />उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2026-27 में राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। वर्तमान में पुलिस मुख्यालय से R4C का संचालन किया जा रहा है तथा अत्याधुनिक एआई-सक्षम 1930 साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर की स्थापना का कार्य भी तेज़ी से जारी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने पीड़ित से की सीधे बातचीत:</p>
<p>निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने 1930 हेल्पलाइन पर बाड़मेर से आए शिकायतकर्ता भैराराम से सीधे बातचीत की। शिकायतकर्ता ने इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने के नाम पर हुई साइबर ठगी की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने शिकायत दर्ज होने से लेकर संबंधित थाना और बैंक तक सूचना पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर के लाइव डैशबोर्ड और ट्रैकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली भी देखी।<br />साइबर अपराध होने पर तुरंत करें 1930 पर शिकायत<br />मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से "गोल्डन आवर्स" के दौरान प्रभावी कार्रवाई कर ठगी गई राशि को बचाने और अपराधियों तक शीघ्र पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।<br />बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए सावंत सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/chief-minister-bhajanlal-sharma-inspected-r4c-and-1930-helpline-and/article-153527</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/chief-minister-bhajanlal-sharma-inspected-r4c-and-1930-helpline-and/article-153527</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 21:54:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/img-20260718-wa0033.jpg"                         length="818207"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मरुस्थलीकरण के बढ़ते खतरे के खिलाफ वैश्विक चेतना का दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा,वरिष्ठ पत्रकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/draft-add-your-17th-june-is-a-day-of-global/article-147959"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/img-20260615-wa0011.jpg" alt=""></a><br /><p>हर वर्ष 17 जून को विश्वभर में विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस मनाया जाता है। यह दिवस भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण और सूखे जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। तेजी से बढ़ती आबादी, अनियोजित विकास, वनों की कटाई, भूजल के अंधाधुंध दोहन और जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के अनेक हिस्सों में उपजाऊ भूमि तेजी से बंजर होती जा रही है। ऐसे में यह दिवस धरती को बचाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है।</p>
<p>*संयुक्त राष्ट्र की पहल से हुई शुरुआत:*</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (UNCCD) को अपनाने के बाद 17 जून को इस दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। तब से हर वर्ष विभिन्न देशों में जागरूकता अभियान, संगोष्ठियां, वृक्षारोपण कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अनेक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।</p>
<p>*क्या है मरुस्थलीकरण?*</p>
<p>मरुस्थलीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें उपजाऊ भूमि धीरे-धीरे अपनी उत्पादक क्षमता खोकर बंजर क्षेत्र में परिवर्तित होने लगती है। यह समस्या केवल रेगिस्तानी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी क्षेत्र की भूमि अत्यधिक दोहन, जल की कमी, मिट्टी के कटाव और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण प्रभावित हो सकती है।<br />विशेषज्ञों के अनुसार भूमि की गुणवत्ता में गिरावट आने से कृषि उत्पादन घटता है, जैव विविधता प्रभावित होती है और लाखों लोगों की आजीविका संकट में पड़ जाती है। सूखे की बढ़ती घटनाएं इस समस्या को और गंभीर बना रही हैं।</p>
<p>*भूमि क्षरण और जल संकट बना वैश्विक चुनौती:*</p>
<p>दुनिया भर में करोड़ों हेक्टेयर भूमि हर वर्ष क्षरण का शिकार हो रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा चक्र में बदलाव, बढ़ता तापमान और लंबे समय तक पड़ने वाला सूखा कृषि एवं जल संसाधनों पर भारी दबाव बना रहा है। इसका सीधा असर खाद्य सुरक्षा, पेयजल उपलब्धता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।<br />भारत जैसे कृषि प्रधान देश में भी भूमि क्षरण और जल संकट गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। कई राज्यों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जबकि मिट्टी की उर्वरता में कमी किसानों की परेशानियां बढ़ा रही है।</p>
<p>*भूमि संरक्षण: सतत विकास की आधारशिला:*</p>
<p>भूमि केवल खेती का साधन नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, जल संरक्षण, जैव विविधता और मानव जीवन का आधार है। स्वस्थ भूमि वातावरण में कार्बन को अवशोषित कर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए भूमि संरक्षण पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का भी महत्वपूर्ण विषय है।</p>
<p>*समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयास जरूरी:*</p>
<p>मरुस्थलीकरण और सूखे की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग, मिट्टी संरक्षण तकनीकों को अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है। साथ ही स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार भी बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
<p>*धरती बचाने का संकल्प लेने का दिन:*</p>
<p>विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए चेतावनी और संकल्प का अवसर है। यदि आज भूमि, जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में मानवता को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इस दिवस का संदेश स्पष्ट है—<br />“भूमि बचाएं, जल बचाएं और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाएं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/draft-add-your-17th-june-is-a-day-of-global/article-147959</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/draft-add-your-17th-june-is-a-day-of-global/article-147959</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 06:51:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-06/img-20260615-wa0011.jpg"                         length="115128"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस मुख्यालय में प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों का भ्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/visit-of-probationer-ias-officers-to-police-headquarters-special-conversation/article-143319"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260520-wa00231.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर , पुलिस मुख्यालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में बुधवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रोबेशनर अधिकारियों के एक उच्च स्तरीय दल ने आधिकारिक भ्रमण किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य सेवा में कदम रख रहे इन युवा अधिकारियों को पुलिसिंग के बुनियादी ढांचे, कानून व्यवस्था के व्यावहारिक पहलुओं और पुलिस व प्रशासन के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने की बारीकियों से रूबरू कराना था। <br />इस दौरान महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के साथ प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों का एक विशेष संवाद सत्र आयोजित हुआ, जिसमें डीजीपी शर्मा ने फील्ड में सफल प्रशासनिक नेतृत्व के लिए पुलिस और प्रशासन के बेहतर तालमेल को अपरिहार्य बताया। <br />महानिदेशक पुलिस स्पेशल ऑपरेशन्स आनंद कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।<br />राज्य मे सड़क सुरक्षा के वर्तमान परिदृश्य व स्थिति पर महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल ने व्यावहारिक दिशा-निर्देश साझा किए और जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।<br />अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसेफ ने स्टेट पुलिस फ्रेमवर्क विषय पर प्रस्तुतीकरण देते हुए राजस्थान पुलिस की संरचना, कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी।<br />राजस्थान में ड्रग्स लॉ एनफोर्समेंट तथा मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जिला स्तर पर नार्को कोऑर्डिनेशन समिति (NCORD) की भूमिका और पर महानिरीक्षक पुलिस एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स विकास कुमार ने प्रकाश डाला।<br />तकनीकी और समसामयिक चुनौतियों से निपटने के सत्र में उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने प्रोबेशनर्स को साइबर अपराध एवं डिजिटल खतरों' से अवगत कराया। <br />इस दौरान दल ने 1930 साइबर कंट्रोल रूम का प्रत्यक्ष दौरा कर ठगी के मामलों में की जाने वाली त्वरित तकनीकी कार्रवाई को देखा। <br />उप महानिरीक्षक पुलिस सिविल राइट्स श्वेता धनखड़ ने महिला, बच्चों और कमजोर वर्गों के अधिकारों व सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा संचालित की जा रही विशेष योजनाओं के बारे में अधिकारियों को ब्रीफ किया।<br />भ्रमण कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों ने जयपुर कमिश्नरेट स्थित अत्याधुनिक अभय कमांड सेंटर' का अवलोकन किया। वहां जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने शहर की डिजिटल निगरानी, सीसीटीवी सर्विलांस, ई-चालान और आपातकालीन रेस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली का सजीव प्रदर्शन कर अधिकारियों को आधुनिक स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल से परिचित कराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/visit-of-probationer-ias-officers-to-police-headquarters-special-conversation/article-143319</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/visit-of-probationer-ias-officers-to-police-headquarters-special-conversation/article-143319</guid>
                <pubDate>Wed, 20 May 2026 20:13:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-05/img-20260520-wa00231.jpg"                         length="344806"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने ली अपराध समीक्षा बैठक, कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[

प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/dgp-rajiv-kumar-sharma-took-crime-review-meeting-and-gave/article-143134"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260519-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div>जयपुर ।पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रदेशभर के रेंज आईजी, पुलिस आयुक्तों एवं जिला पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।</div>
<div> </div>
<div>डीजीपी शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन, बजरी परिवहन और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाने, पुलिस की फील्ड विजिबिलिटी बढ़ाने और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले तीन माह में उनके स्तर पर एक वर्ष से अधिक लंबित कोई भी प्रकरण नहीं रहना चाहिए। झूठे मुकदमों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।</div>
<div> </div>
<h2>गैंगस्टर्स और संगठित अपराध पर विशेष फोकस</h2>
<div> </div>
<div>बैठक में राजस्थान पुलिस की प्राथमिकताओं के आधार पर संगठित अपराध, गैंगस्टर्स के विरुद्ध चल रही कार्रवाई और विभिन्न गंभीर आपराधिक प्रकरणों की समीक्षा की गई। डीजीपी ने प्रभावित जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर फोकस्ड कार्रवाई करने के निर्देश दिए।आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्ति की कुर्की और जब्ती की समीक्षा करते हुए उन्होंने इस दिशा में और अधिक प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। साथ ही नवीन आपराधिक कानूनों में सूचना एवं संचार तकनीक के उपयोग, ई-सम्मन और वारंट की तामील तथा ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।</div>
<div> </div>
<h2>केस ऑफिसर स्कीम में लें महत्वपूर्ण मामले</h2>
<div> </div>
<div>डीजीपी ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण प्रकरणों को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में रेंजवार एरिया डोमिनेशन अभियान तथा मालखानों में जब्त सामान के निस्तारण की भी समीक्षा की गई।</div>
<div> </div>
<h2>सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष अभियान</h2>
<div> </div>
<div>बैठक में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को भी प्रमुखता से लिया गया। भीलवाड़ा और उदयपुर क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में अधिक मृत्यु दर पर चिंता जताते हुए संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी शर्मा ने हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों में हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सप्ताह दो दिन विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इंटरसेप्टर और ब्रेथ एनलाइजर के अधिकतम उपयोग के माध्यम से प्रभावी चेकिंग करने को कहा।साथ ही पुलिसकर्मियों द्वारा बिना हेलमेट दोपहिया वाहन संचालन पर रोक लगाने के लिए पुलिस लाइन एवं कार्यालय परिसरों में विशेष व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।</div>
<div> </div>
<h2>साइबर अपराध नियंत्रण और 1930 हेल्पलाइन की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश</h2>
<div> </div>
<div>बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम और बेहतर अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई गई। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त, निस्तारित एवं लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी एसपी को इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।</div>
<div> </div>
<h2>ऑनलाइन परिवाद दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें</h2>
<div> </div>
<div>डीजीपी शर्मा ने निर्देश दिए कि पुलिस थानों पर आने वाले परिवादियों को ऑनलाइन परिवाद दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण पर की जा रही कार्रवाई की नियमित जानकारी मिलती रहे और समीक्षा प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सके।</div>
<div> </div>
<h2>महिला सुरक्षा और पुलिस सुविधाओं की भी समीक्षा</h2>
<div> </div>
<div>बैठक में महिला सुरक्षा गतिविधियों के प्रभावी संचालन, एसडीआरएफ की सतर्क कार्यप्रणाली, जन सूचना रजिस्टर के संधारण, अभय कमांड सेंटर से जुड़े कैमरों की स्थिति, निजी कैमरों के एकीकरण, पुलिस थानों में महिला कर्मियों के लिए सुविधाओं तथा पुलिस लाइन परिसरों में सामुदायिक सुविधाओं के उन्नयन की भी समीक्षा की गई।</div>
<div>बैठक में डीजी (ट्रेफिक व ट्रेनिंग) अनिल पालीवाल, डीजी (एसओजी) आनंद श्रीवास्तव, एडीजी लाॅ एंड ऑर्डर वी.के.सिंह, एडीजी (क्राइम) बिपीन कुमार पांडे, एडीजी (पीएम एंड डब्ल्यू) डाॅ. प्रशाखा माथुर, एडीजी (कार्मिक) बीजू जाॅर्ज जोसफ, एडीजी (सिविल राइट) लता मनोज कुमार सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/dgp-rajiv-kumar-sharma-took-crime-review-meeting-and-gave/article-143134</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/dgp-rajiv-kumar-sharma-took-crime-review-meeting-and-gave/article-143134</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 20:04:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-05/img-20260519-wa0067.jpg"                         length="535114"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस परिवार के कल्याण को मिली नई दिशा,</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/new-direction-for-the-welfare-of-police-families-sensitive-and/article-142156"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260513-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर , राजस्थान पुलिस परिवार के कल्याण, सुरक्षा और सामाजिक संबल को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बुधवार को राजस्थान पुलिस कल्याण निधि बोर्ड की 26वीं बैठक आयोजित की गई। पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता राजीव कुमार शर्मा ने की।<br />बैठक में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ चर्चा की गई। इस दौरान पुलिस कल्याण को नई मजबूती देने वाले अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।<br />बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस बल का मनोबल मजबूत रखना और उनके परिवारों को सुरक्षा व सम्मान का भाव देना विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।<br />बैठक में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर देते हुए राजस्थान पुलिस कल्याण निधि के वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय विवरण का अनुमोदन किया गया। डीजीपी शर्मा ने कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।</p>
<p>अब रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को भी मिलेगी सहायता :</p>
<p>आज की बैठक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के लिए राहत का संदेश लेकर प्रतीत हुई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सेवारत पुलिसकर्मियों के साथ ही अब सेवानिवृत्त पुलिसकार्मिकों को भी गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय के लिए आर्थिक सहायता पुलिस कल्याण निधि से दी जाएगी। </p>
<p>पुलिस परिवारों को राहत : प्रसूति व्यय पर आर्थिक सहायता:</p>
<p>बैठक में एक अत्यंत मानवीय और संवेदनशील निर्णय लेते हुए संतान ऑपरेशन प्रसूति पर होने वाले व्यय के संबंध में राहत प्रदान करने का निर्णय लिया गया। निर्णय अनुसार संतान ऑपरेशन प्रसूति पर होने के बाद गंभीर स्थिति में होने वाले अतिरिक्त व्यय राशि को निर्धारित सीमा में आर्थिक सहायता के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय विशेष रूप से उन पुलिस परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जिन्हें चिकित्सा व्यय के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>दिवंगत पुलिसकर्मी के परिवार के प्रति संवेदनशील पहल:</p>
<p>बैठक में तृतीय बटालियन आरएसी बीकानेर के स्वर्गीय कांस्टेबल रतनदीप मीणा के निधन के उपरांत उनके नाम स्वीकृत 5 लाख रुपये की बकाया ऋण राशि को अपलेखित करने का निर्णय लिया गया।<br /> <br />छात्रवृत्ति दरों में संशोधन पर होगा परीक्षण:</p>
<p>बैठक में सीआईडी-सीबी जयपुर के हैड कांस्टेबल हरिकिशोर द्वारा तकनीकी एवं व्यवसायिक छात्रवृत्ति की दरें बढ़ाने एवं उन्हें समान करने का विषय उठाया गया।<br />बोर्ड ने इस विषय को राजस्थान पुलिस हितकारी निधि से संबंधित मानते हुए इसका परीक्षण कर आगामी बैठक में निर्णय हेतु प्रस्तुत करने का निर्णय लिया।</p>
<p>पुलिस कैंटीनों व लाईब्रेरी के आधुनिकीकरण पर फोकस:</p>
<p>पुलिस लाईंस में संचालित पुलिस कैंटीनों व लाईब्रेरी को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने के लिए उन्हें अपग्रेड करने संबंधी प्रस्ताव प्राप्त करने का भी निर्णय लिया गया। डीजीपी शर्मा ने कहा कि पुलिसकर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके मनोबल और कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<p>नवसृजित जिलों में भी खुलेंगी सीपीसी कैंटीनें:</p>
<p>बैठक में नवसृजित जिला एवं यूनिटों में सीपीसी कैंटीन खोलने के प्रस्ताव आमंत्रित करने का निर्णय भी लिया गया। इससे दूरस्थ एवं नवगठित इकाइयों में कार्यरत पुलिसकर्मियों को भी कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ समान रूप से मिल सकेगा।</p>
<p>कल्याणकारी कार्यों के लिए आमंत्रित होंगे प्रस्ताव:</p>
<p>बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समस्त जिलों, यूनिटों एवं प्रशिक्षण संस्थानों से राजस्थान पुलिस कल्याण निधि नियम 1986 के तहत कल्याणकारी कार्यों हेतु आवश्यक प्रस्ताव मय एस्टीमेट आमंत्रित किए जाएंगे।<br />इस पहल से विभिन्न इकाइयों में आवश्यक सुविधाओं का विकास और पुलिसकर्मियों के कार्यस्थल का वातावरण और अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा।<br />बैठक में अतिरिक्त महानिदेशक (पुलिस कल्याण एवं आधुनिकीकरण) डॉ. प्रशाखा माथुर, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप सहित बोर्ड सदस्य मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/new-direction-for-the-welfare-of-police-families-sensitive-and/article-142156</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/new-direction-for-the-welfare-of-police-families-sensitive-and/article-142156</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 22:28:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-05/img-20260513-wa0025.jpg"                         length="72871"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> प्रदेशभर में सघन नाकाबंदी अभियान : 727 पॉइंट्स पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर दो दिन चला विशेष अभियान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/intensive-blockade-campaign-across-the-state-major-police-action-at/article-142094"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260513-wa0023.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रकाश चंद्र शर्मा</p>
<p><br />जयपुर , राजस्थान में कानून—व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय स्तर पर लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में गत सप्ताह 2 दिन विभिन्न पुलिस रेंजों में व्यापक स्तर पर विशेष नाकाबंदी अभियान संचालित किया गया, जिसके अंतर्गत हजारों वाहनों की जांच कर नियम उल्लंघनकर्ताओं एवं संदिग्ध गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई।</p>
<p>727 नाकाबंदी पॉइंट्स पर हुई सघन जांच:</p>
<p>अतिरिक्त महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था वी.के.सिंह ने बताया कि गत सप्ताह पहले दिन बीकानेर, जोधपुर एवं जयपुर रेंज तथा दूसरे दिन भरतपुर, उदयपुर एवं कोटा रेंज में विशेष नाकाबंदी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान प्रदेशभर में कुल 727 नाकाबंदी पॉइंट स्थापित कर सघन जांच की गई। इस अवधि में 16 हजार 676 दुपहिया वाहनों तथा 18 हजार 795 चौपहिया वाहनों की सघन जांच कर कार्यवाही की गई।  </p>
<p>यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई:</p>
<p>एडीजी सिंह ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले 262 चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वहीं बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले 1173 वाहन चालकों, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वाले 1213 चालकों तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने वाले 75 वाहन चालकों के विरुद्ध चालान बनाए गए।</p>
<p>नम्बर प्लेट और ब्लैक फिल्म वाले वाहनों पर कसा शिकंजा:</p>
<p>अभियान के दौरान निर्धारित मानकों के विपरीत नम्बर प्लेट, अस्पष्ट नम्बर प्लेट अथवा ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के विरुद्ध भी व्यापक कार्रवाई की गई। नम्बर प्लेट संबंधी नियमों के उल्लंघन के 857 प्रकरण तथा ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के 739 प्रकरण दर्ज किए गए। वहीं अन्य मोटर वाहन अधिनियम उल्लंघनों में कुल 2856 प्रकरण दर्ज किए गए। इस प्रकार कुल 7185 एमवी एक्ट संबंधी कार्यवाहियां की गईं।</p>
<p>जोधपुर और उदयपुर रेंज में सर्वाधिक कार्रवाई:</p>
<p>रेंजवार कार्यवाही में जोधपुर रेंज में सर्वाधिक 1633 एमवी एक्ट प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि उदयपुर रेंज में 1583 तथा जयपुर रेंज में 1094 प्रकरणों में कार्रवाई की गई। बीकानेर रेंज में 954, भरतपुर रेंज में 986 तथा कोटा रेंज में 935 प्रकरणों में कार्यवाही की गई।</p>
<p>अवैध हथियार, शराब और बजरी परिवहन पर भी कार्रवाई, 150 गिरफ्तार :</p>
<p>अभियान के दौरान कई गंभीर आपराधिक मामलों का भी खुलासा हुआ। विभिन्न रेंजों में अवैध हथियार, मादक पदार्थ एवं आबकारी अधिनियम से संबंधित प्रकरण दर्ज किए गए। इस दौरान 106 बीएनएसएस में 8 वाहन सीज किए गए वहीं एक्साईज एक्ट में 53, आर्मस व एनडीपीएस एक्ट में 10—10 एफआईआर दर्ज की गई। इस अवधि में विभिन्न एफआईआर व प्रकरणों में 89 तथा 170 बीएनएसएस में 161 लोगों को गिरफ्तार किया गया। <br />कोटा रेंज में अवैध धारदार हथियार के 6 प्रकरण दर्ज किए गए और लगभग 200 लीटर देशी शराब जब्त की गई, इसी प्रकार कोटा रेंज में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 75 टन काली बजरी, 4 डम्पर, 4 ट्रैक्टर, 3 पिकअप एवं 3 ट्रेलर जब्त किए गए।</p>
<p>आगे भी जारी रहेंगे विशेष अभियान:</p>
<p>पुलिस महानिदेशक शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए इस प्रकार की सघन नाकाबंदी एवं विशेष अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखते हुए अपराधियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/intensive-blockade-campaign-across-the-state-major-police-action-at/article-142094</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/intensive-blockade-campaign-across-the-state-major-police-action-at/article-142094</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:35:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-05/img-20260513-wa0023.jpg"                         length="310255"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उदयपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला: स्मार्ट पुलिसिंग से बदलेगी कानून-व्यवस्था की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर ,राजस्थान पुलिस अब परंपरागत ढांचे से आगे बढ़कर डेटा-आधारित, डिजिटल और जन-केंद्रित पुलिसिंग की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। इसी दिशा में उदयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ कार्यशाला ने भविष्य की पुलिसिंग का स्पष्ट विजन सामने रखा, जिसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया।</p>
<h2>वक्ताओं ने रखा स्मार्ट पुलिसिंग का विजन</h2>
<p>आलोक रंजन, निदेशक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपने संबोधन में कहा कि CCTNS 2.0 और ICJS 2.0 जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल और एकीकृत बनाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में डेटा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/state-level-workshop-in-udaipur-smart-policing-will-change-the/article-140350"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260502-wa0040.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर ,राजस्थान पुलिस अब परंपरागत ढांचे से आगे बढ़कर डेटा-आधारित, डिजिटल और जन-केंद्रित पुलिसिंग की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। इसी दिशा में उदयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ कार्यशाला ने भविष्य की पुलिसिंग का स्पष्ट विजन सामने रखा, जिसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया।</p>
<h2>वक्ताओं ने रखा स्मार्ट पुलिसिंग का विजन</h2>
<p>आलोक रंजन, निदेशक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपने संबोधन में कहा कि CCTNS 2.0 और ICJS 2.0 जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल और एकीकृत बनाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में डेटा इंटीग्रेशन और रियल-टाइम सूचना साझाकरण से अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया और अधिक सशक्त होगी।<br />महानिदेशक पुलिस राजीव शर्मा  ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग का असली उद्देश्य केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे तकनीकी दक्षता के साथ आमजन के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही को भी प्राथमिकता दें। डीजीपी शर्मा ने कहा है कि बदलते समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए पुलिस को अपनी कार्यशैली में तकनीकी कौशल और मानवीय संवेदनाओं का बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि 'स्मार्ट पुलिसिंग' का अंतिम लक्ष्य आमजन को त्वरित न्याय दिलाना और अपराधियों में भय पैदा करना है।     <br />कार्यशाला में पुलिसिंग के आधुनिक स्वरूप, तकनीकी नवाचारों और डिजिटल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ते हुए अपराध नियंत्रण और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाना रहा।</p>
<h2>तकनीक को धरातल पर उतारें अधिकारी: डीजीपी</h2>
<p>सत्र को संबोधित करते हुए शर्मा ने उदयपुर रेंज के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी नवाचार केवल फाइलों या एप्स तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनका लाभ थाने पर आने वाले हर पीड़ित को मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्मार्ट पुलिसिंग के सिद्धांतों को अपनाते हुए जन-सेवा के प्रति और अधिक संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया। डीजीपी ने पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों, विशेषकर साइबर अपराध और डेटा-आधारित पुलिसिंग के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।<br />   <br />नवाचार: कांस्टेबल के मोबाइल में होगी बीट बुक</p>
<p>उदयपुर रेंज के आईजी गौरव श्रीवास्तव ने ई-बीट बुक ऐप की प्रस्तुति देते हुए बताया कि यह पारंपरिक बीट बुक का डिजिटल विकल्प है, जो अब पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर उपलब्ध रहेगा। इससे बीट व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी तथा सूचना का आदान-प्रदान सरल होगा।</p>
<p> डेटा एकीकरण से टूटेगा अपराधियों का नेटवर्क:  लांबा: </p>
<p>एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) की उपयोगिता और अपराध नियंत्रण में इसकी भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डेटा का समुचित उपयोग और विश्लेषण अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस की क्षमता को और मजबूत करता है।<br />कार्यशाला में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल स्किल्स का समन्वय ही भविष्य की प्रभावी पुलिसिंग की नींव बनेगा। राज्य स्तरीय इस कार्यशाला को राजस्थान पुलिस के लिए आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/state-level-workshop-in-udaipur-smart-policing-will-change-the/article-140350</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/state-level-workshop-in-udaipur-smart-policing-will-change-the/article-140350</guid>
                <pubDate>Sat, 02 May 2026 21:10:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-05/img-20260502-wa0040.jpg"                         length="171434"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुख्य सचिव श्रीनिवास व पुलिस महानिदेशक शर्मा ने किया 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/chief-secretary-srinivas-and-director-general-of-police-sharma-inspected/article-139606"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-04/img-20260428-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर , राज्य में सुशासन और अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से  मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा द्वारा मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित 'राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र' का  निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि एक प्रकरण को सुनकर केस-स्टडी के माध्यम से समाधान प्रक्रिया की गुणवत्ता की भी जांच की।<br />निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायतों की प्रगति एवं निस्तारण की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को बेहतर एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। <br />निरीक्षण के उपरांत मुख्य सचिव ने संदेश पट्ट पर अपने संदेश में लिखा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल की कार्यक्षमता पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे "देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली" के रूप में प्रमाणित किया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके तार्किक निस्तारण तक की यह डिजिटल यात्रा अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श उदाहरण है।<br />वहीं, पुलिस महानिदेशक ने केंद्र में शिकायतों की लाइव सुनवाई का अनुभव लिया। उन्होंने अपने  संदेश में लिखा कि, "हेल्पलाइन केंद्र का यह भ्रमण एक 'आई-ओपनर' और अत्यंत समृद्ध अनुभव रहा। सार्वजनिक शिकायत निवारण तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में यह प्रणाली मील का पत्थर साबित हो रही है।"<br />निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने जयपुर ग्रामीण के फागी वृत्त के एक प्रकरण में परिवादी हेमराज बुनकर से वार्ता की। इस प्रकरण में परिवादी द्वारा रेनवाल मांझी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज न करने की शिकायत हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई गई थी। उक्त शिकायत के क्रम में वृत्ताधिकारी, द्वारा राजस्थान संपर्क में लिखित जवाब में अवगत कराया गया कि उक्त दिनांक को ही परिवाद दर्ज कर लिया गया था तथा इस केस पर अनुसंधान जारी है।  <br />राजीव कुमार शर्मा, पुलिस महानिदेशक ने निरीक्षण के समय संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए  कि प्राप्त होने वाले परिवादों का सही श्रेणीकरण, सटीक सब्जेक्ट रिवीजन एवं उचित लेवल मैपिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान हो सके।<br />शर्मा ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सर्विस डिलीवरी से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता से तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए तथा लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।<br />संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पुलिस विभाग से संबंधित कुल 1,60,292 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 1,52,444 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह कुल प्रकरणों का लगभग 95 प्रतिशत है, जो शिकायत निवारण प्रणाली की प्रभावशीलता तथा त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/chief-secretary-srinivas-and-director-general-of-police-sharma-inspected/article-139606</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/chief-secretary-srinivas-and-director-general-of-police-sharma-inspected/article-139606</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:46:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-04/img-20260428-wa0020.jpg"                         length="485357"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        