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                <title>Prakash Chandra Sharma - Tarun Mitra</title>
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                <description>Prakash Chandra Sharma RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने R4C और 1930 हेल्पलाइन का किया निरीक्षण, साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/chief-minister-bhajanlal-sharma-inspected-r4c-and-1930-helpline-and/article-153527"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/img-20260718-wa0033.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर ,मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय स्थित राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) एवं उसके तहत संचालित 1930 साइबर हेल्पलाइन का निरीक्षण कर प्रदेश में साइबर अपराधों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को साइबर अपराधियों के खिलाफ और अधिक प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।<br />मुख्यमंत्री ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल तकनीकी कार्रवाई से नहीं, बल्कि व्यापक जन-जागरूकता से भी संभव है। उन्होंने सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।<br />उन्होंने बैंकिंग संस्थानों और साइबर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर साइबर ठगों के बैंक खातों को तत्काल फ्रीज करने, आधुनिक तकनीक एवं डेटा विश्लेषण का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों तक शीघ्र पहुंचने तथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों की अवैध संपत्तियों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई हो, जो अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते हैं।</p>
<p>R4C को मिलेगा नया भवन:</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में उन्होंने राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) के लिए नया भवन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि आधुनिक संसाधनों के साथ साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।</p>
<p>1930 हेल्पलाइन हुई और अधिक मजबूत:</p>
<p>बैठक में पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 1930 साइबर हेल्पलाइन पर आने वाली लगभग 95 प्रतिशत शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की जा रही है। पहले हेल्पलाइन पर 30 कॉल लाइनें संचालित थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 53 कर दिया गया है। हेल्पलाइन अब तीन शिफ्टों में संचालित हो रही है और जल्द ही इसे 60 लाइनों तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे प्रत्येक पीड़ित की शिकायत समय पर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।<br />अधिकारियों ने बताया कि जून 2026 के दौरान कॉल रिस्पॉन्स और शिकायत निस्तारण प्रतिशत (टीसीएस एवं एनसीआरपी) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, पांच लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अब तक 412 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 में डिजिटल सुरक्षा एवं अनुसंधान के लिए राजस्थान के 54 पुलिसकर्मियों का विशेष प्रशिक्षण हेतु चयन भी किया गया है।</p>
<p>विशेष अभियानों से साइबर अपराधियों पर शिकंजा:</p>
<p>प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ऑपरेशन वज्र प्रहार, ऑपरेशन साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी वायरस तथा ऑपरेशन म्यूल हंटर जैसे विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन अभियानों के तहत साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों को राशि वापस दिलाने, संदिग्ध सिम कार्ड एवं आईएमईआई ब्लॉक करने जैसी प्रभावी कार्रवाई की गई है।</p>
<p>21 जुलाई को होगी विशेष एसएलबीसी बैठक:</p>
<p>मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना में साइबर पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से 21 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्पेशल स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंकिंग तंत्र और पुलिस के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा होगी।<br />बजट में R4C के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान<br />उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2026-27 में राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। वर्तमान में पुलिस मुख्यालय से R4C का संचालन किया जा रहा है तथा अत्याधुनिक एआई-सक्षम 1930 साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर की स्थापना का कार्य भी तेज़ी से जारी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने पीड़ित से की सीधे बातचीत:</p>
<p>निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने 1930 हेल्पलाइन पर बाड़मेर से आए शिकायतकर्ता भैराराम से सीधे बातचीत की। शिकायतकर्ता ने इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने के नाम पर हुई साइबर ठगी की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने शिकायत दर्ज होने से लेकर संबंधित थाना और बैंक तक सूचना पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर के लाइव डैशबोर्ड और ट्रैकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली भी देखी।<br />साइबर अपराध होने पर तुरंत करें 1930 पर शिकायत<br />मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से "गोल्डन आवर्स" के दौरान प्रभावी कार्रवाई कर ठगी गई राशि को बचाने और अपराधियों तक शीघ्र पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।<br />बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए सावंत सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 21:54:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मरुस्थलीकरण के बढ़ते खतरे के खिलाफ वैश्विक चेतना का दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा,वरिष्ठ पत्रकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/draft-add-your-17th-june-is-a-day-of-global/article-147959"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-06/img-20260615-wa0011.jpg" alt=""></a><br /><p>हर वर्ष 17 जून को विश्वभर में विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस मनाया जाता है। यह दिवस भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण और सूखे जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। तेजी से बढ़ती आबादी, अनियोजित विकास, वनों की कटाई, भूजल के अंधाधुंध दोहन और जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के अनेक हिस्सों में उपजाऊ भूमि तेजी से बंजर होती जा रही है। ऐसे में यह दिवस धरती को बचाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है।</p>
<p>*संयुक्त राष्ट्र की पहल से हुई शुरुआत:*</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (UNCCD) को अपनाने के बाद 17 जून को इस दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। तब से हर वर्ष विभिन्न देशों में जागरूकता अभियान, संगोष्ठियां, वृक्षारोपण कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अनेक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।</p>
<p>*क्या है मरुस्थलीकरण?*</p>
<p>मरुस्थलीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें उपजाऊ भूमि धीरे-धीरे अपनी उत्पादक क्षमता खोकर बंजर क्षेत्र में परिवर्तित होने लगती है। यह समस्या केवल रेगिस्तानी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी क्षेत्र की भूमि अत्यधिक दोहन, जल की कमी, मिट्टी के कटाव और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण प्रभावित हो सकती है।<br />विशेषज्ञों के अनुसार भूमि की गुणवत्ता में गिरावट आने से कृषि उत्पादन घटता है, जैव विविधता प्रभावित होती है और लाखों लोगों की आजीविका संकट में पड़ जाती है। सूखे की बढ़ती घटनाएं इस समस्या को और गंभीर बना रही हैं।</p>
<p>*भूमि क्षरण और जल संकट बना वैश्विक चुनौती:*</p>
<p>दुनिया भर में करोड़ों हेक्टेयर भूमि हर वर्ष क्षरण का शिकार हो रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा चक्र में बदलाव, बढ़ता तापमान और लंबे समय तक पड़ने वाला सूखा कृषि एवं जल संसाधनों पर भारी दबाव बना रहा है। इसका सीधा असर खाद्य सुरक्षा, पेयजल उपलब्धता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।<br />भारत जैसे कृषि प्रधान देश में भी भूमि क्षरण और जल संकट गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। कई राज्यों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जबकि मिट्टी की उर्वरता में कमी किसानों की परेशानियां बढ़ा रही है।</p>
<p>*भूमि संरक्षण: सतत विकास की आधारशिला:*</p>
<p>भूमि केवल खेती का साधन नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, जल संरक्षण, जैव विविधता और मानव जीवन का आधार है। स्वस्थ भूमि वातावरण में कार्बन को अवशोषित कर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए भूमि संरक्षण पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का भी महत्वपूर्ण विषय है।</p>
<p>*समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयास जरूरी:*</p>
<p>मरुस्थलीकरण और सूखे की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग, मिट्टी संरक्षण तकनीकों को अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है। साथ ही स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार भी बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
<p>*धरती बचाने का संकल्प लेने का दिन:*</p>
<p>विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए चेतावनी और संकल्प का अवसर है। यदि आज भूमि, जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में मानवता को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इस दिवस का संदेश स्पष्ट है—<br />“भूमि बचाएं, जल बचाएं और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाएं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 06:51:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस मुख्यालय में प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों का भ्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/visit-of-probationer-ias-officers-to-police-headquarters-special-conversation/article-143319"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260520-wa00231.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर , पुलिस मुख्यालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में बुधवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रोबेशनर अधिकारियों के एक उच्च स्तरीय दल ने आधिकारिक भ्रमण किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य सेवा में कदम रख रहे इन युवा अधिकारियों को पुलिसिंग के बुनियादी ढांचे, कानून व्यवस्था के व्यावहारिक पहलुओं और पुलिस व प्रशासन के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने की बारीकियों से रूबरू कराना था। <br />इस दौरान महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के साथ प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों का एक विशेष संवाद सत्र आयोजित हुआ, जिसमें डीजीपी शर्मा ने फील्ड में सफल प्रशासनिक नेतृत्व के लिए पुलिस और प्रशासन के बेहतर तालमेल को अपरिहार्य बताया। <br />महानिदेशक पुलिस स्पेशल ऑपरेशन्स आनंद कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।<br />राज्य मे सड़क सुरक्षा के वर्तमान परिदृश्य व स्थिति पर महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल ने व्यावहारिक दिशा-निर्देश साझा किए और जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।<br />अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसेफ ने स्टेट पुलिस फ्रेमवर्क विषय पर प्रस्तुतीकरण देते हुए राजस्थान पुलिस की संरचना, कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी।<br />राजस्थान में ड्रग्स लॉ एनफोर्समेंट तथा मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जिला स्तर पर नार्को कोऑर्डिनेशन समिति (NCORD) की भूमिका और पर महानिरीक्षक पुलिस एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स विकास कुमार ने प्रकाश डाला।<br />तकनीकी और समसामयिक चुनौतियों से निपटने के सत्र में उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने प्रोबेशनर्स को साइबर अपराध एवं डिजिटल खतरों' से अवगत कराया। <br />इस दौरान दल ने 1930 साइबर कंट्रोल रूम का प्रत्यक्ष दौरा कर ठगी के मामलों में की जाने वाली त्वरित तकनीकी कार्रवाई को देखा। <br />उप महानिरीक्षक पुलिस सिविल राइट्स श्वेता धनखड़ ने महिला, बच्चों और कमजोर वर्गों के अधिकारों व सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा संचालित की जा रही विशेष योजनाओं के बारे में अधिकारियों को ब्रीफ किया।<br />भ्रमण कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों ने जयपुर कमिश्नरेट स्थित अत्याधुनिक अभय कमांड सेंटर' का अवलोकन किया। वहां जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने शहर की डिजिटल निगरानी, सीसीटीवी सर्विलांस, ई-चालान और आपातकालीन रेस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली का सजीव प्रदर्शन कर अधिकारियों को आधुनिक स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल से परिचित कराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 20:13:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने ली अपराध समीक्षा बैठक, कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[

प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/dgp-rajiv-kumar-sharma-took-crime-review-meeting-and-gave/article-143134"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260519-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div>जयपुर ।पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रदेशभर के रेंज आईजी, पुलिस आयुक्तों एवं जिला पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।</div>
<div> </div>
<div>डीजीपी शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन, बजरी परिवहन और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाने, पुलिस की फील्ड विजिबिलिटी बढ़ाने और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले तीन माह में उनके स्तर पर एक वर्ष से अधिक लंबित कोई भी प्रकरण नहीं रहना चाहिए। झूठे मुकदमों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।</div>
<div> </div>
<h2>गैंगस्टर्स और संगठित अपराध पर विशेष फोकस</h2>
<div> </div>
<div>बैठक में राजस्थान पुलिस की प्राथमिकताओं के आधार पर संगठित अपराध, गैंगस्टर्स के विरुद्ध चल रही कार्रवाई और विभिन्न गंभीर आपराधिक प्रकरणों की समीक्षा की गई। डीजीपी ने प्रभावित जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर फोकस्ड कार्रवाई करने के निर्देश दिए।आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्ति की कुर्की और जब्ती की समीक्षा करते हुए उन्होंने इस दिशा में और अधिक प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। साथ ही नवीन आपराधिक कानूनों में सूचना एवं संचार तकनीक के उपयोग, ई-सम्मन और वारंट की तामील तथा ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।</div>
<div> </div>
<h2>केस ऑफिसर स्कीम में लें महत्वपूर्ण मामले</h2>
<div> </div>
<div>डीजीपी ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण प्रकरणों को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में रेंजवार एरिया डोमिनेशन अभियान तथा मालखानों में जब्त सामान के निस्तारण की भी समीक्षा की गई।</div>
<div> </div>
<h2>सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष अभियान</h2>
<div> </div>
<div>बैठक में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को भी प्रमुखता से लिया गया। भीलवाड़ा और उदयपुर क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में अधिक मृत्यु दर पर चिंता जताते हुए संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी शर्मा ने हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों में हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सप्ताह दो दिन विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इंटरसेप्टर और ब्रेथ एनलाइजर के अधिकतम उपयोग के माध्यम से प्रभावी चेकिंग करने को कहा।साथ ही पुलिसकर्मियों द्वारा बिना हेलमेट दोपहिया वाहन संचालन पर रोक लगाने के लिए पुलिस लाइन एवं कार्यालय परिसरों में विशेष व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।</div>
<div> </div>
<h2>साइबर अपराध नियंत्रण और 1930 हेल्पलाइन की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश</h2>
<div> </div>
<div>बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम और बेहतर अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई गई। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त, निस्तारित एवं लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी एसपी को इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।</div>
<div> </div>
<h2>ऑनलाइन परिवाद दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें</h2>
<div> </div>
<div>डीजीपी शर्मा ने निर्देश दिए कि पुलिस थानों पर आने वाले परिवादियों को ऑनलाइन परिवाद दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण पर की जा रही कार्रवाई की नियमित जानकारी मिलती रहे और समीक्षा प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सके।</div>
<div> </div>
<h2>महिला सुरक्षा और पुलिस सुविधाओं की भी समीक्षा</h2>
<div> </div>
<div>बैठक में महिला सुरक्षा गतिविधियों के प्रभावी संचालन, एसडीआरएफ की सतर्क कार्यप्रणाली, जन सूचना रजिस्टर के संधारण, अभय कमांड सेंटर से जुड़े कैमरों की स्थिति, निजी कैमरों के एकीकरण, पुलिस थानों में महिला कर्मियों के लिए सुविधाओं तथा पुलिस लाइन परिसरों में सामुदायिक सुविधाओं के उन्नयन की भी समीक्षा की गई।</div>
<div>बैठक में डीजी (ट्रेफिक व ट्रेनिंग) अनिल पालीवाल, डीजी (एसओजी) आनंद श्रीवास्तव, एडीजी लाॅ एंड ऑर्डर वी.के.सिंह, एडीजी (क्राइम) बिपीन कुमार पांडे, एडीजी (पीएम एंड डब्ल्यू) डाॅ. प्रशाखा माथुर, एडीजी (कार्मिक) बीजू जाॅर्ज जोसफ, एडीजी (सिविल राइट) लता मनोज कुमार सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 20:04:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस परिवार के कल्याण को मिली नई दिशा,</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/new-direction-for-the-welfare-of-police-families-sensitive-and/article-142156"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260513-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर , राजस्थान पुलिस परिवार के कल्याण, सुरक्षा और सामाजिक संबल को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बुधवार को राजस्थान पुलिस कल्याण निधि बोर्ड की 26वीं बैठक आयोजित की गई। पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता राजीव कुमार शर्मा ने की।<br />बैठक में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ चर्चा की गई। इस दौरान पुलिस कल्याण को नई मजबूती देने वाले अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।<br />बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस बल का मनोबल मजबूत रखना और उनके परिवारों को सुरक्षा व सम्मान का भाव देना विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।<br />बैठक में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर देते हुए राजस्थान पुलिस कल्याण निधि के वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय विवरण का अनुमोदन किया गया। डीजीपी शर्मा ने कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।</p>
<p>अब रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को भी मिलेगी सहायता :</p>
<p>आज की बैठक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के लिए राहत का संदेश लेकर प्रतीत हुई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सेवारत पुलिसकर्मियों के साथ ही अब सेवानिवृत्त पुलिसकार्मिकों को भी गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय के लिए आर्थिक सहायता पुलिस कल्याण निधि से दी जाएगी। </p>
<p>पुलिस परिवारों को राहत : प्रसूति व्यय पर आर्थिक सहायता:</p>
<p>बैठक में एक अत्यंत मानवीय और संवेदनशील निर्णय लेते हुए संतान ऑपरेशन प्रसूति पर होने वाले व्यय के संबंध में राहत प्रदान करने का निर्णय लिया गया। निर्णय अनुसार संतान ऑपरेशन प्रसूति पर होने के बाद गंभीर स्थिति में होने वाले अतिरिक्त व्यय राशि को निर्धारित सीमा में आर्थिक सहायता के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय विशेष रूप से उन पुलिस परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जिन्हें चिकित्सा व्यय के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>दिवंगत पुलिसकर्मी के परिवार के प्रति संवेदनशील पहल:</p>
<p>बैठक में तृतीय बटालियन आरएसी बीकानेर के स्वर्गीय कांस्टेबल रतनदीप मीणा के निधन के उपरांत उनके नाम स्वीकृत 5 लाख रुपये की बकाया ऋण राशि को अपलेखित करने का निर्णय लिया गया।<br /> <br />छात्रवृत्ति दरों में संशोधन पर होगा परीक्षण:</p>
<p>बैठक में सीआईडी-सीबी जयपुर के हैड कांस्टेबल हरिकिशोर द्वारा तकनीकी एवं व्यवसायिक छात्रवृत्ति की दरें बढ़ाने एवं उन्हें समान करने का विषय उठाया गया।<br />बोर्ड ने इस विषय को राजस्थान पुलिस हितकारी निधि से संबंधित मानते हुए इसका परीक्षण कर आगामी बैठक में निर्णय हेतु प्रस्तुत करने का निर्णय लिया।</p>
<p>पुलिस कैंटीनों व लाईब्रेरी के आधुनिकीकरण पर फोकस:</p>
<p>पुलिस लाईंस में संचालित पुलिस कैंटीनों व लाईब्रेरी को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने के लिए उन्हें अपग्रेड करने संबंधी प्रस्ताव प्राप्त करने का भी निर्णय लिया गया। डीजीपी शर्मा ने कहा कि पुलिसकर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके मनोबल और कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<p>नवसृजित जिलों में भी खुलेंगी सीपीसी कैंटीनें:</p>
<p>बैठक में नवसृजित जिला एवं यूनिटों में सीपीसी कैंटीन खोलने के प्रस्ताव आमंत्रित करने का निर्णय भी लिया गया। इससे दूरस्थ एवं नवगठित इकाइयों में कार्यरत पुलिसकर्मियों को भी कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ समान रूप से मिल सकेगा।</p>
<p>कल्याणकारी कार्यों के लिए आमंत्रित होंगे प्रस्ताव:</p>
<p>बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समस्त जिलों, यूनिटों एवं प्रशिक्षण संस्थानों से राजस्थान पुलिस कल्याण निधि नियम 1986 के तहत कल्याणकारी कार्यों हेतु आवश्यक प्रस्ताव मय एस्टीमेट आमंत्रित किए जाएंगे।<br />इस पहल से विभिन्न इकाइयों में आवश्यक सुविधाओं का विकास और पुलिसकर्मियों के कार्यस्थल का वातावरण और अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा।<br />बैठक में अतिरिक्त महानिदेशक (पुलिस कल्याण एवं आधुनिकीकरण) डॉ. प्रशाखा माथुर, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप सहित बोर्ड सदस्य मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/new-direction-for-the-welfare-of-police-families-sensitive-and/article-142156</link>
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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 22:28:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> प्रदेशभर में सघन नाकाबंदी अभियान : 727 पॉइंट्स पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर दो दिन चला विशेष अभियान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/intensive-blockade-campaign-across-the-state-major-police-action-at/article-142094"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260513-wa0023.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रकाश चंद्र शर्मा</p>
<p><br />जयपुर , राजस्थान में कानून—व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय स्तर पर लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में गत सप्ताह 2 दिन विभिन्न पुलिस रेंजों में व्यापक स्तर पर विशेष नाकाबंदी अभियान संचालित किया गया, जिसके अंतर्गत हजारों वाहनों की जांच कर नियम उल्लंघनकर्ताओं एवं संदिग्ध गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई।</p>
<p>727 नाकाबंदी पॉइंट्स पर हुई सघन जांच:</p>
<p>अतिरिक्त महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था वी.के.सिंह ने बताया कि गत सप्ताह पहले दिन बीकानेर, जोधपुर एवं जयपुर रेंज तथा दूसरे दिन भरतपुर, उदयपुर एवं कोटा रेंज में विशेष नाकाबंदी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान प्रदेशभर में कुल 727 नाकाबंदी पॉइंट स्थापित कर सघन जांच की गई। इस अवधि में 16 हजार 676 दुपहिया वाहनों तथा 18 हजार 795 चौपहिया वाहनों की सघन जांच कर कार्यवाही की गई।  </p>
<p>यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई:</p>
<p>एडीजी सिंह ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले 262 चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वहीं बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले 1173 वाहन चालकों, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वाले 1213 चालकों तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने वाले 75 वाहन चालकों के विरुद्ध चालान बनाए गए।</p>
<p>नम्बर प्लेट और ब्लैक फिल्म वाले वाहनों पर कसा शिकंजा:</p>
<p>अभियान के दौरान निर्धारित मानकों के विपरीत नम्बर प्लेट, अस्पष्ट नम्बर प्लेट अथवा ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के विरुद्ध भी व्यापक कार्रवाई की गई। नम्बर प्लेट संबंधी नियमों के उल्लंघन के 857 प्रकरण तथा ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के 739 प्रकरण दर्ज किए गए। वहीं अन्य मोटर वाहन अधिनियम उल्लंघनों में कुल 2856 प्रकरण दर्ज किए गए। इस प्रकार कुल 7185 एमवी एक्ट संबंधी कार्यवाहियां की गईं।</p>
<p>जोधपुर और उदयपुर रेंज में सर्वाधिक कार्रवाई:</p>
<p>रेंजवार कार्यवाही में जोधपुर रेंज में सर्वाधिक 1633 एमवी एक्ट प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि उदयपुर रेंज में 1583 तथा जयपुर रेंज में 1094 प्रकरणों में कार्रवाई की गई। बीकानेर रेंज में 954, भरतपुर रेंज में 986 तथा कोटा रेंज में 935 प्रकरणों में कार्यवाही की गई।</p>
<p>अवैध हथियार, शराब और बजरी परिवहन पर भी कार्रवाई, 150 गिरफ्तार :</p>
<p>अभियान के दौरान कई गंभीर आपराधिक मामलों का भी खुलासा हुआ। विभिन्न रेंजों में अवैध हथियार, मादक पदार्थ एवं आबकारी अधिनियम से संबंधित प्रकरण दर्ज किए गए। इस दौरान 106 बीएनएसएस में 8 वाहन सीज किए गए वहीं एक्साईज एक्ट में 53, आर्मस व एनडीपीएस एक्ट में 10—10 एफआईआर दर्ज की गई। इस अवधि में विभिन्न एफआईआर व प्रकरणों में 89 तथा 170 बीएनएसएस में 161 लोगों को गिरफ्तार किया गया। <br />कोटा रेंज में अवैध धारदार हथियार के 6 प्रकरण दर्ज किए गए और लगभग 200 लीटर देशी शराब जब्त की गई, इसी प्रकार कोटा रेंज में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 75 टन काली बजरी, 4 डम्पर, 4 ट्रैक्टर, 3 पिकअप एवं 3 ट्रेलर जब्त किए गए।</p>
<p>आगे भी जारी रहेंगे विशेष अभियान:</p>
<p>पुलिस महानिदेशक शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए इस प्रकार की सघन नाकाबंदी एवं विशेष अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखते हुए अपराधियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:35:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उदयपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला: स्मार्ट पुलिसिंग से बदलेगी कानून-व्यवस्था की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर ,राजस्थान पुलिस अब परंपरागत ढांचे से आगे बढ़कर डेटा-आधारित, डिजिटल और जन-केंद्रित पुलिसिंग की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। इसी दिशा में उदयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ कार्यशाला ने भविष्य की पुलिसिंग का स्पष्ट विजन सामने रखा, जिसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया।</p>
<h2>वक्ताओं ने रखा स्मार्ट पुलिसिंग का विजन</h2>
<p>आलोक रंजन, निदेशक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपने संबोधन में कहा कि CCTNS 2.0 और ICJS 2.0 जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल और एकीकृत बनाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में डेटा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/state-level-workshop-in-udaipur-smart-policing-will-change-the/article-140350"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-05/img-20260502-wa0040.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर ,राजस्थान पुलिस अब परंपरागत ढांचे से आगे बढ़कर डेटा-आधारित, डिजिटल और जन-केंद्रित पुलिसिंग की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। इसी दिशा में उदयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ कार्यशाला ने भविष्य की पुलिसिंग का स्पष्ट विजन सामने रखा, जिसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया।</p>
<h2>वक्ताओं ने रखा स्मार्ट पुलिसिंग का विजन</h2>
<p>आलोक रंजन, निदेशक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपने संबोधन में कहा कि CCTNS 2.0 और ICJS 2.0 जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल और एकीकृत बनाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में डेटा इंटीग्रेशन और रियल-टाइम सूचना साझाकरण से अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया और अधिक सशक्त होगी।<br />महानिदेशक पुलिस राजीव शर्मा  ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग का असली उद्देश्य केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे तकनीकी दक्षता के साथ आमजन के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही को भी प्राथमिकता दें। डीजीपी शर्मा ने कहा है कि बदलते समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए पुलिस को अपनी कार्यशैली में तकनीकी कौशल और मानवीय संवेदनाओं का बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि 'स्मार्ट पुलिसिंग' का अंतिम लक्ष्य आमजन को त्वरित न्याय दिलाना और अपराधियों में भय पैदा करना है।     <br />कार्यशाला में पुलिसिंग के आधुनिक स्वरूप, तकनीकी नवाचारों और डिजिटल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ते हुए अपराध नियंत्रण और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाना रहा।</p>
<h2>तकनीक को धरातल पर उतारें अधिकारी: डीजीपी</h2>
<p>सत्र को संबोधित करते हुए शर्मा ने उदयपुर रेंज के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी नवाचार केवल फाइलों या एप्स तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनका लाभ थाने पर आने वाले हर पीड़ित को मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्मार्ट पुलिसिंग के सिद्धांतों को अपनाते हुए जन-सेवा के प्रति और अधिक संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया। डीजीपी ने पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों, विशेषकर साइबर अपराध और डेटा-आधारित पुलिसिंग के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।<br />   <br />नवाचार: कांस्टेबल के मोबाइल में होगी बीट बुक</p>
<p>उदयपुर रेंज के आईजी गौरव श्रीवास्तव ने ई-बीट बुक ऐप की प्रस्तुति देते हुए बताया कि यह पारंपरिक बीट बुक का डिजिटल विकल्प है, जो अब पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर उपलब्ध रहेगा। इससे बीट व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी तथा सूचना का आदान-प्रदान सरल होगा।</p>
<p> डेटा एकीकरण से टूटेगा अपराधियों का नेटवर्क:  लांबा: </p>
<p>एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) की उपयोगिता और अपराध नियंत्रण में इसकी भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डेटा का समुचित उपयोग और विश्लेषण अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस की क्षमता को और मजबूत करता है।<br />कार्यशाला में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल स्किल्स का समन्वय ही भविष्य की प्रभावी पुलिसिंग की नींव बनेगा। राज्य स्तरीय इस कार्यशाला को राजस्थान पुलिस के लिए आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/state-level-workshop-in-udaipur-smart-policing-will-change-the/article-140350</link>
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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 21:10:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> मुख्य सचिव श्रीनिवास व पुलिस महानिदेशक शर्मा ने किया 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/chief-secretary-srinivas-and-director-general-of-police-sharma-inspected/article-139606"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-04/img-20260428-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर , राज्य में सुशासन और अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से  मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा द्वारा मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित 'राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र' का  निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि एक प्रकरण को सुनकर केस-स्टडी के माध्यम से समाधान प्रक्रिया की गुणवत्ता की भी जांच की।<br />निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायतों की प्रगति एवं निस्तारण की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को बेहतर एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। <br />निरीक्षण के उपरांत मुख्य सचिव ने संदेश पट्ट पर अपने संदेश में लिखा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल की कार्यक्षमता पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे "देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली" के रूप में प्रमाणित किया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके तार्किक निस्तारण तक की यह डिजिटल यात्रा अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श उदाहरण है।<br />वहीं, पुलिस महानिदेशक ने केंद्र में शिकायतों की लाइव सुनवाई का अनुभव लिया। उन्होंने अपने  संदेश में लिखा कि, "हेल्पलाइन केंद्र का यह भ्रमण एक 'आई-ओपनर' और अत्यंत समृद्ध अनुभव रहा। सार्वजनिक शिकायत निवारण तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में यह प्रणाली मील का पत्थर साबित हो रही है।"<br />निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने जयपुर ग्रामीण के फागी वृत्त के एक प्रकरण में परिवादी हेमराज बुनकर से वार्ता की। इस प्रकरण में परिवादी द्वारा रेनवाल मांझी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज न करने की शिकायत हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई गई थी। उक्त शिकायत के क्रम में वृत्ताधिकारी, द्वारा राजस्थान संपर्क में लिखित जवाब में अवगत कराया गया कि उक्त दिनांक को ही परिवाद दर्ज कर लिया गया था तथा इस केस पर अनुसंधान जारी है।  <br />राजीव कुमार शर्मा, पुलिस महानिदेशक ने निरीक्षण के समय संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए  कि प्राप्त होने वाले परिवादों का सही श्रेणीकरण, सटीक सब्जेक्ट रिवीजन एवं उचित लेवल मैपिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान हो सके।<br />शर्मा ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सर्विस डिलीवरी से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता से तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए तथा लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।<br />संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पुलिस विभाग से संबंधित कुल 1,60,292 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 1,52,444 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह कुल प्रकरणों का लगभग 95 प्रतिशत है, जो शिकायत निवारण प्रणाली की प्रभावशीलता तथा त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:46:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
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                <title>अनुशासन और मुस्तैदी से ही बनती है पुलिस की असली पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/the-real-identity-of-the-police-is-made-only-by/article-138879"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-04/img-20260424-wa00251.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर , पाँचवीं बटालियन आरएसी परिसर में शुक्रवार को आयोजित भव्य अलंकरण समारोह में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने आरएसी के जवानों और अधिकारियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया और बल की कार्यक्षमता बढ़ाने हेतु अनुशासन और तैयारी के महत्व पर विशेष बल दिया।<br />डीजीपी शर्मा ने अपने उद्बोधन में जवानों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि पुलिस की पहचान उसके टर्नआउट और चुस्ती-फुर्ती से होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी चाहे किसी निवास की सुरक्षा की हो, जेल की हो या कानून-व्यवस्था की, जवानों की तैयारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जवानों को सीख दी कि वर्दी पहनने के ढंग से लेकर मौके पर पहुँचते ही चुस्ती के साथ कतारबद्ध होने की प्रक्रिया तक,आपकी हर हरकत में पेशेवर दक्षता नजर आनी चाहिए।</p>
<p><br />शर्मा ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान उपकरणों के सही इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपने अपनी जैकेट किस तरह पहनी है, ढाल और लाठी को पकड़ने का तरीका क्या है और आपके पास मौजूद इक्विपमेंट्स की स्थिति कैसी है, यह आपकी तैयारी का पैमाना है। महानिदेशक ने आह्वान किया कि जहाँ भी सीखने में थोड़ी भी कमी रह गई है, उसे निरंतर अभ्यास और समर्पण से पूरा करें ताकि राजस्थान पुलिस हर मोर्चे पर अच्छे से अच्छा प्रदर्शन कर सके।</p>
<h2><br />उत्कृष्ट कार्य का सम्मान: उत्साहवर्धन की परंपरा</h2>
<p><br />समारोह के दौरान डीजीपी ने आरएसी के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जिन्होंने गत वर्षों में अपनी ड्यूटी के दौरान असाधारण प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा दिया जाने वाला यह पहचान केवल पदक या प्रशस्ति पत्र नहीं है, बल्कि यह जवान की मेहनत का सम्मान है।</p>
<h2><br />315 को मिला पदकरूपी सम्मान</h2>
<p><br />समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। डीजीपी शर्मा द्वारा कुल 49 कार्मिकों को डीजीपी डिस्क और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गए। इसके साथ ही, सराहनीय सेवाओं के लिए 149 कार्मिकों को अति उत्कृष्ट सेवा पदक और 117 कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवा पदक से अलंकृत किया गया। डीजीपी ने कहा कि यह सम्मान आपकी मेहनत और विभाग के प्रति आपकी ईमानदारी का प्रतीक है।</p>
<h2><br /> विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और सराहना</h2>
<p><br />समारोह में डीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय अग्रवाल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल के अटूट अनुशासन, समर्पण और उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की गई। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि आरएसी के जवान कठिन परिस्थितियों में भी जिस धैर्य और निष्ठा के साथ कार्य करते हैं, वह पूरे पुलिस महकमे के लिए प्रेरणादायी है।</p>
<h2><br />​उत्कृष्ट सेवा का सम्मान और आभार प्रदर्शन</h2>
<p><br />समारोह के अंत में एडीजी रुपिंदर सिंघ ने सभी सम्मानित होने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, आमंत्रित अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस प्रकार के सम्मान समारोहों से बल में नई ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य अतिथि शामिल हुए, जिन्होंने सम्मानित पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन किया।</p>
<p><br />"दिखने में यह समारोह छोटा हो सकता है, पर हमारे लिए यह एक बहुत बड़ा आयोजन है। जवानों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य की पहचान करना संगठन के लिए आवश्यक है, ताकि भविष्य में और बेहतर कार्य करने हेतु उनका उत्साहवर्धन हो सके।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 14:40:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लगातार 43वीं सारस गणना पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार, केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान हमारा है गौरव- गृह राज्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[

प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/43rd-consecutive-stork-count-keoladeo-ghana-national-park-is-a/article-138515"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-04/img-20260421-wa0023.jpg" alt=""></a><br /><p>भरतपुर , गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेड़म मंगलवार को भरतपुर के एक दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी द्वारा केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित 43वीं सारस गणना कार्यक्रम में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।<br />गृह राज्यमंत्री ने कहा कि पिछले 43 वर्षों से सारस गणना का यह सतत कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि भरतपुर, राजस्थान और देश की राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण, विकास और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी अध्यक्ष एड. कृष्ण कुमार अरोड़ा को बधाई देते हुए कहा कि वर्षों से पक्षियों एवं वन्यजीवों की इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित किया जा रहा है, जो हमारी संस्कृति, परंपरा और इतिहास को सहेजने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे न केवल प्रकृति का संरक्षण होता है, बल्कि मानव जीवन का संतुलन भी बना रहता है।<br />राज्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान हमारा गौरव है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साइबेरियन सारस की संख्या में कमी एक गंभीर विषय है, जिसका मुख्य कारण ग्लोबल वार्मिंग, कम वर्षा और जल की कमी है।<br />उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन विकास के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। केवलादेव घना पक्षी विहार के साथ-साथ बंध बारैठा, डीग जल महल, धार्मिक स्थलों एवं अन्य धरोहरों को देखने देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, होटल और टैक्सी जैसी सेवाओं के माध्यम से रोजगार प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि वैर के सफेद महल एवं फुलवाडी के सौंदर्यकरण और जीर्णाेद्धार के कार्य जारी हैं, वहीं बंध बारैठा में बायोलॉजिकल पार्क एवं नगर वन विकसित किए जा रहे हैं।<br />राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भरतपुर के समग्र विकास हेतु अनेक परियोजनाएं प्रगतिरत हैं। उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण जल परियोजना के अंतर्गत भरतपुर, सीकरी, बंध बारैठा बांध, धौलपुर, अलवर सहित पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को जोड़ा गया है, जिससे सिंचाई, पेयजल, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार के बीच एमओयू हो चुका है तथा प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि द्वितीय चरण के टेंडर प्रक्रिया में हैं।<br />पुस्तक किया विमोचन:<br />इस अवसर पर राज्यमंत्री ने डॉ. एमएम त्रिगुणायत एवं डॉ. कृतिका त्रिगुणायत द्वारा लिखित पुस्तक “पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण जैविकी” का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के उपरांत राज्यमंत्री ने सारस के नवजात चूजों को देखा तथा उनकी देखभाल के लिए वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। डीएफओ चेतन कुमार बीवी ने बताया कि 43वीं सारस गणना रिपोट घना पक्षी विहार में साईबेरियन सारस संख्या 22 और भरतपुर व डीग जिले के वेटलेण्ड क्षेत्र में 79 से बढ़कर 81 हो गई है। <br />इस मौके पर डीटीओ अभय मुदगल, समिति संरक्षक काका रघुराज सिंह, अध्यक्ष कृष्ण कुमार अरोड़ा, चीफ कोऑर्डिनेटर आनंद शर्मा, पूर्व डीएफओ पुष्पेंद्र खुंटेला सहित वन्यजीव प्रेमी, विद्यार्थी, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 20:58:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंचायती राज विभाग के शासन सचिव ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/government-secretary-of-panchayati-raj-department-inspected-rajasthan-sampark-helpline/article-138335"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-04/img-20260420-wa0022.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर । पंचायती राज विभाग के शासन सचिव डॉ.जोगाराम ने सोमवार को सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) स्टेट कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर आमजन से सीधे संवाद किया तथा शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। </p>
<p>निरीक्षण के दौरान शासन सचिव ने हेल्पलाइन पर परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने उनके समक्ष प्रस्तुत 24 शिकायतों में से 11 शिकायतों पर सीधे परिवादियों से संवाद किया। इन शिकायतों में 2 में परिवादियों ने संतुष्टि जाहिर की। शेष शिकायतों को उन्होंने रिओपन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। </p>
<p>सीकर के फतेहपुर पंचायत समिति के नबीपुरा गांव के परिवादी श्री राम प्रताप ने साफ सफाई के संबंध में परिवाद दर्ज करवाया था, लेकिन गांव में नियमित साफ सफाई न होने और परिवादी के संतुष्ट न होने के कारण शासन सचिव ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश प्रदान किए।</p>
<p>इसी प्रकार टोंक जिले की उनियारा पंचायत समिति के सेदरी गुजरान, मोहम्मद पुरा गांव के श्री किशन लाल को उनके मकान का पट्टा एक साल पूर्व आवेदन करने के उपरांत भी जारी नहीं करने के कारण संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश प्रदान किए गए।</p>
<p>संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में विभाग से संबंधित कुल 2,93,802 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 2,80,996 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जो 95.64 प्रतिशत है। </p>
<p>निरीक्षण के दौरान डॉ.जोगाराम ने हेल्पलाइन 181 में कार्यरत अधिकारियों को लंबित व क्रिटिकल फेस वाली शिकायतों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को एसएमएस/ व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने के निर्देश भी दिए ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के शासन सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर विभाग के राज्य नोडल अधिकारी राम चंद्र सैनी, सहायक आयुक्त भी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 22:01:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस: सुरों की सरिता और बड़े खाने का ज़ायका</title>
                                    <description><![CDATA[प्रकाश चंद्र शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/rajasthan-police-foundation-day-stream-of-tunes-and-taste/article-137730"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-04/img-20260417-wa0003.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर , राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस समारोह को मनाने का सिलसिला गुरुवार की शाम राजस्थान पुलिस अकादमी के स्टेडियम प्रांगण में एक अविस्मरणीय उत्सव के साथ संपन्न हुआ। सजे-धजे स्टेज पर आयोजित मनमोहक प्रस्तुतियों ने जहाँ दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दीं, वहीं हर्ष और आनंद से विभोर दर्शकों ने इस खुशनुमा अंतिम सांझ का भरपूर लुत्फ उठाया। इस अवसर पर आयोजित बड़े खाने में लजीज व्यंजनों की खुशबू और ज़ायके ने पुलिस परिवार के बीच आपसी जुड़ाव और उल्लास को और भी बढ़ा दिया।<br />वीआईपी प्रस्तुतियों ने बांधा समां:<br />कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में लोक गायकी और पुलिस अधिकारियों की सुरीली आवाज का अनूठा संगम देखने को मिला। विख्यात गायक स्वरूप खान और उनकी टीम ने केसरिया बालम जैसे राजस्थानी गीतों से कार्यक्रम का आगाज़ किया। इसके बाद एडीजी इंटेलिजेंस प्रफुल्ल कुमार ने रुक जाना नहीं गाकर प्रेरणा जगाई तो डीआईजी डॉ. रवि के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निशांत भारद्वाज और उनकी टीम ने ये माना मेरी जान गीत पर शानदार समां बांधा। <br />मिताली गर्ग ने 'यारा सिली सिली, हेड कांस्टेबल कुशल सिंह ने ओ रे पिया, अंतिम शर्मा ने लंबी जुदाई और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हेमंत जाखड़ ने 'कुछ ना कहो की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।</p>
<p>डीजीपी ने अपने हाथों से परोसा खाना :</p>
<p>बड़ा खाना के तहत सबसे आकर्षण का केंद्र डीजीपी राजीव कुमार शर्मा द्वारा पुलिस परिवार के सदस्यों को अपने हाथों से खाना परोसने का क्षण रहा। पुलिसकर्मी भी पुलिस मुखिया द्वारा खाना परोसने से बेहद खुश नजर आए। </p>
<p>कलाकारों और सुरों की विविधता:</p>
<p>सांस्कृतिक शाम के रंग को और गहरा करते हुए सूबे सिंह ने लाखों हैं निगाह में और प्रवीण व इंदु की जोड़ी ने जानेजां गीत से तालियां बटोरीं। इस दौरान लक्ष्मी और उनकी टीम के डांस ग्रुप ने अपनी ऊर्जावान परफॉर्मेंस से प्रांगण में जोश भर दिया, वहीं कर्मा गीत पर कोरस टीम की प्रस्तुति बेहद प्रभावशाली रही। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पुलिस बैंड की अनुशासित और सुरीली धुनों ने इस गौरवशाली समारोह को एक भव्य पूर्णता प्रदान की।<br />भजनों और सदाबहार गीतों से शुरुआत:<br />मुख्य अतिथि के आने के उपरांत हबीब खान और टीम द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय भजनों ने वातावरण को शांत और आध्यात्मिक बनाया। इसके पश्चात कुशल सिंह और मितालीवने चुरा लिया, कमलेश जी ने चला जाता हूँ, दलवीर  ने कहीं दूर जबवऔर इंदु ने सिलसिला ये चाहत का जैसे सदाबहार गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं कुशल और नंदकिशोर की जोड़ी ने संदेशे आते हैं गीत के माध्यम से देश के वीर जवानों के जज्बे को नमन किया।<br />मंच संचालन ने बांधा समां:<br />कार्यक्रम की पूरी शाम को सुचारू, रोचक और जीवंत बनाए रखने में डीवाईएसपी दीपक जोशी एवं एसआई डॉ. महेश सोलंकी की जोड़ी ने शानदार भूमिका निभाई। <br />दोनों अधिकारियों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से दर्शकों को लगातार जोड़े रखा और हर प्रस्तुति के बीच उत्साह का स्तर बनाए रखा, जिससे पूरी शाम एक यादगार अनुभव बन गई।<br />वरिष्ठ अधिकारियों और अतिथियों की गरिमामयी मौजूदगी:<br />इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान सेवानिवृत्त डीजीपी एमएल लाठर, बैंस, डीजीपी  राजीव कुमार शर्मा, डीजी संजय अग्रवाल, गोविंद गुप्ता, अनिल पालीवाल व आनंद श्रीवास्तव, गृह सचिव अंजलि राजोरिया सहित विभाग के आला अधिकारी व सेवानिवृत्त अधिकारीगण सपरिवार मौजूद रहे। <br />पूरे प्रदेश भर में मनाए जा रहे इस 77वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इन कर्णप्रिय प्रस्तुतियों ने न केवल पुलिस जवानों, बल्कि विदेशी पर्यटकों और आम दर्शकों का भी दिल जीत लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/rajasthan/rajasthan-police-foundation-day-stream-of-tunes-and-taste/article-137730</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:01:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Prakash Chandra Sharma]]></dc:creator>
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