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                <title>Gargi Vishwakarma - Tarun Mitra</title>
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                <description>Gargi Vishwakarma RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ISRO में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों के इस्तीफे! सरकार ने कड़े किए नियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>नई दिल्ली: </strong>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में हाल के महीनों में <strong>100 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफे</strong> की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने अहम अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के नियम सख्त कर दिए हैं। विशेष रूप से <strong>गगनयान</strong>  और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्यरत वैज्ञानिकों के मामलों में अब सीधे <strong>Department of Space (DoS)</strong> फैसला करेगा।</p>
<h6><span><strong>क्या बदले हैं नियम?</strong></span></h6>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 14 जुलाई को जारी एक आंतरिक ज्ञापन (Internal Memorandum) में ISRO के सभी केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि<strong> </strong>Group 'A' के वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारियों,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/national/resignation-of-more-than-100-scientists-in-isro-government-tightened/article-153078"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/isro-resignation.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>नई दिल्ली: </strong>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में हाल के महीनों में <strong>100 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफे</strong> की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने अहम अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के नियम सख्त कर दिए हैं। विशेष रूप से <strong>गगनयान</strong> और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्यरत वैज्ञानिकों के मामलों में अब सीधे <strong>Department of Space (DoS)</strong> फैसला करेगा।</p>
<h6><span><strong>क्या बदले हैं नियम?</strong></span></h6>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 14 जुलाई को जारी एक आंतरिक ज्ञापन (Internal Memorandum) में ISRO के सभी केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि<strong> </strong>Group 'A' के वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारियों, जो गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े हैं, उनके इस्तीफे या VRS के आवेदन सीधे स्वीकार न किए जाएं। अब ऐसे सभी मामलों को अंतिम निर्णय के लिए <strong>Department of Space</strong> को भेजा जाएगा।</p>
<h6><strong><span>क्यों उठाना पड़ा यह कदम?</span></strong></h6>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के महीनों में <strong>100 से 120 वैज्ञानिकों</strong> ने ISRO छोड़ दिया है।</p>
<p>टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक - यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर (URSC), बेंगलुरु से लगभग 80 वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दिया। विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC), तिरुवनंतपुरम से करीब 20 वैज्ञानिकों के संगठन छोड़ने की जानकारी सामने आई है। हालांकि Department of Space ने इस्तीफों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।</p>
<h6><span><strong>ISRO प्रमुख ने क्या कहा?</strong></span></h6>
<p>ISRO अध्यक्ष <strong>डॉ. वी. नारायणन</strong> ने इस्तीफों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह किसी भी बड़े संगठन का सामान्य हिस्सा है।उन्होंने कहा कि नए निर्देश केवल कर्मचारियों को रोकने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि महत्वपूर्ण अंतरिक्ष परियोजनाएं अचानक प्रभावित न हों। उन्होंने कहा, <em>"अगर कोई जाता भी है तो उसकी जिम्मेदारी कोई दूसरा संभाल लेगा। हम इस स्थिति को संभाल रहे हैं।"</em></p>
<h6><span><strong>गगनयान क्यों है अहम?</strong></span></h6>
<p><strong>गगनयान मिशन</strong> भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसके तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा ISRO चंद्रमा, अंतरिक्ष स्टेशन और भविष्य के कई महत्वाकांक्षी मिशनों पर भी काम कर रहा है। ऐसे में अनुभवी वैज्ञानिकों का एक साथ बड़ी संख्या में संगठन छोड़ना इन परियोजनाओं के लिए चुनौती माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/national/resignation-of-more-than-100-scientists-in-isro-government-tightened/article-153078</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 15:26:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'हर नागरिक का जीवन अनमोल है', सोनम वांगचुक की रोजाना मेडिकल मॉनिटरिंग के निर्देश: दिल्ली हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> दिल्ली हाईकोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार को उनके स्वास्थ्य की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि <em>"हर नागरिक का जीवन अनमोल है और उसे बचाने के लिए सरकार को हरसंभव प्रयास करने चाहिए।"</em></p>
<p>मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने यह निर्देश अधिवक्ता राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान दिए। याचिका में सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/national/life-of-every-citizen-is-precious-delhi-high-court-directs/article-153065"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/delhi-hc-sonam.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> दिल्ली हाईकोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार को उनके स्वास्थ्य की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि <em>"हर नागरिक का जीवन अनमोल है और उसे बचाने के लिए सरकार को हरसंभव प्रयास करने चाहिए।"</em></p>
<p>मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने यह निर्देश अधिवक्ता राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान दिए। याचिका में सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की मांग की गई थी।</p>
<p>सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम पहले से ही वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि डॉक्टरों की सलाह के आधार पर आवश्यक चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p>सरकार के इस रुख की सराहना करते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि वांगचुक की प्रतिदिन क्लीनिकल मॉनिटरिंग जारी रखी जाए और यदि डॉक्टर आवश्यक समझें तो तुरंत चिकित्सा हस्तक्षेप किया जाए। अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा, <strong>"हर नागरिक का जीवन अनमोल है।"</strong></p>
<p>याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि सोनम वांगचुक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर तरल आहार, पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल्स देकर उनका जीवन सुरक्षित किया जाए। हालांकि अदालत ने इस संबंध में कोई अलग निर्देश नहीं दिया और सरकार को चिकित्सकीय विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आवश्यक कदम उठाने को कहा।</p>
<p>सोनम वांगचुक <strong>28 जून </strong>से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका प्रदर्शन कथित परीक्षा अनियमितताओं, विशेष रूप से NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। यह विरोध प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>रिपोर्टों के अनुसार, अनशन के दौरान वांगचुक का वजन 8 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है और उनके ब्लड शुगर स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह जनहित याचिका दायर की गई थी।</p>
<p>मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए केंद्र और संबंधित सरकारी एजेंसियों को वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और जरूरत पड़ने पर आवश्यक चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 13:13:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर दान विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने UP SIT से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, ट्रस्ट को जारी किया नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> अयोध्या के राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से स्टेटस रिपोर्ट तलब की। साथ ही अदालत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "SIT अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट और टीम की संरचना भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे।" सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से नोटिस स्वीकार किया।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला?</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में कई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/delhi/ram-temple-donation-controversy-supreme-court-asked-for-status-report/article-152553"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/sc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> अयोध्या के राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से स्टेटस रिपोर्ट तलब की। साथ ही अदालत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "SIT अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट और टीम की संरचना भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे।" सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से नोटिस स्वीकार किया।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला?</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दाखिल कर राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित धन के गबन, हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की SIT जांच कर रही है, लेकिन इतने बड़े वित्तीय मामले की जांच के लिए उसके पास आवश्यक फोरेंसिक और तकनीकी संसाधन नहीं हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया कि SIT ने बिना FIR दर्ज किए जांच शुरू की, जिससे उसकी जांच पर सवाल उठ सकते हैं।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>याचिकाओं में क्या मांग की गई?</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">याचिकाओं में अदालत से मांग की गई है कि:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>मामले की जांच CBI को सौंपी जाए।</li>
<li>दान रजिस्टर, बैंक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, UPI लॉग, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाएं।</li>
<li>ट्रस्ट को नियमित रूप से ऑडिट रिपोर्ट और दान के उपयोग का विवरण सार्वजनिक करने का निर्देश दिया जाए।<br />सुनवाई के दौरान क्या हुआ?</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा, "अपनी ऊर्जा बचाकर रखिए, उसकी जरूरत बाहर पड़ेगी।"</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए उत्तर प्रदेश SIT से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत जांच की प्रगति और SIT की रिपोर्ट पर विचार करेगी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/barandbench/status/2076577533253099827?s=20">https://twitter.com/barandbench/status/2076577533253099827?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/delhi/ram-temple-donation-controversy-supreme-court-asked-for-status-report/article-152553</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 14:12:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय रेलवे में 4 साल में AC कोच से गायब हुए 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम, RTI में बड़ा खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली : </strong>भारतीय रेलवे की एसी ट्रेनों में यात्रियों को दिए जाने वाले बेडरोल की चोरी लगातार बढ़ती जा रही है। द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा दायर सूचना के अधिकार (RTI) आवेदन से खुलासा हुआ है कि जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच रेलवे के एसी कोचों से 1.27 करोड़ से अधिक बेडरोल आइटम गायब हो गए। इनमें बेडशीट, तौलिए, कंबल, तकिए और पिलो कवर शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा रेलवे के 69 में से 54 मंडलों से प्राप्त RTI जवाबों पर आधारित है। इन आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच बेडरोल चोरी की घटनाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/national/127-crore-bedroll-items-missing-from-ac-coaches-in-indian/article-152545"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/bedsheet-railway.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली : </strong>भारतीय रेलवे की एसी ट्रेनों में यात्रियों को दिए जाने वाले बेडरोल की चोरी लगातार बढ़ती जा रही है। द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा दायर सूचना के अधिकार (RTI) आवेदन से खुलासा हुआ है कि जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच रेलवे के एसी कोचों से 1.27 करोड़ से अधिक बेडरोल आइटम गायब हो गए। इनमें बेडशीट, तौलिए, कंबल, तकिए और पिलो कवर शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा रेलवे के 69 में से 54 मंडलों से प्राप्त RTI जवाबों पर आधारित है। इन आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच बेडरोल चोरी की घटनाओं में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सबसे ज्यादा कौन-सी चीज हुई चोरी?</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">RTI के अनुसार, सबसे अधिक चोरी फेस टॉवल की हुई। चार वर्षों में 46.54 लाख तौलिए गायब हुए। इसके बाद 41.13 लाख बेडशीट, 23.59 लाख पिलो कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए चोरी हुए।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>किन रेलवे मंडलों में सबसे ज्यादा चोरी हुई?</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">बेडरोल चोरी के मामलों में बीकानेर मंडल सबसे ऊपर रहा, जहां 25.76 लाख आइटम गायब हुए। इसके बाद रांची (9.31 लाख), दिल्ली (8.21 लाख), मुंबई (8.17 लाख), जोधपुर (8.09 लाख) और अहमदाबाद (6.94 लाख) का स्थान रहा।</p>
<h6><strong>₹104 करोड़ से ज्यादा का नुकसान</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, इन चोरियों से बेडरोल उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों को करीब ₹104.51 करोड़ का नुकसान हुआ है। रेलवे के अनुसार, बेडरोल की जिम्मेदारी ठेका एजेंसियों की होती है और कमी मिलने पर इसकी भरपाई उनके भुगतान से की जाती है। कई मामलों में यह रकम कोच अटेंडेंट के वेतन से काट ली जाती है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>रेलवे ने क्या कहा?</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे "गंभीर चिंता का विषय" बताया है। उनका कहना है कि चोरी रोकने के लिए CCTV, कोच मित्र (Coach Mitra) ऐप, स्टाफ की काउंसलिंग और पुलिस सत्यापन जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही यात्रियों को स्टेशन आने से पहले बेडरोल वापस करने के निर्देश भी दिए जाते हैं।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली ने दिखाई सुधार की तस्वीर</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">जहां अधिकांश मंडलों में चोरी बढ़ी, वहीं दिल्ली मंडल ने इस अवधि में बेडरोल चोरी के मामलों में 79 प्रतिशत की कमी दर्ज की। वहीं तिरुचिरापल्ली और पालक्काड मंडलों ने बेडरोल चोरी का कोई मामला दर्ज नहीं होने की जानकारी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/national/127-crore-bedroll-items-missing-from-ac-coaches-in-indian/article-152545</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 12:58:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'यह एक कलंक है... हम सब खुद को बहुत छोटा महसूस कर रहे हैं', अयोध्या में बोले राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या:</strong> राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन और चोरी के मामले को लेकर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि सभी श्रद्धालुओं के लिए "शर्म की बात" है और इससे "हम सब खुद को बहुत छोटा महसूस कर रहे हैं।"</p>
<p>मासिक निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मंदिर में ऐसी घटना होना एक "कलंक" है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/this-is-a-stigma-we-all-are-feeling-very-small/article-152354"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/nripendra-mishra.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या:</strong> राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन और चोरी के मामले को लेकर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि सभी श्रद्धालुओं के लिए "शर्म की बात" है और इससे "हम सब खुद को बहुत छोटा महसूस कर रहे हैं।"</p>
<p>मासिक निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मंदिर में ऐसी घटना होना एक "कलंक" है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।</p>
<h6><strong>'यह प्रबंधन का मामला है, व्यवस्था में सुधार होगा'</strong></h6>
<p>नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि भी इस घटना को कलंक बता चुके हैं। उन्होंने कहा, "यह प्रबंधन का मामला है। मुझे पूरा विश्वास है कि व्यवस्था में सुधार होगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।"</p>
<h6><strong>CEO चयन पर क्या बोले?</strong></h6>
<p>मंदिर प्रबंधन के लिए अलग मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत सुझाव नहीं था। उन्होंने बताया कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति CEO के चयन की प्रक्रिया देख रही है।</p>
<p>गौरतलब है कि इससे पहले मिश्रा ने मंदिर प्रबंधन को और पेशेवर बनाने के लिए अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी को CEO नियुक्त करने और पूरे मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई थी।</p>
<h6><strong>30 जुलाई तक पूरा होगा मंदिर निर्माण</strong></h6>
<p>निर्माण कार्य की समीक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य 30 जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अस्थायी रामलला मंदिर की स्मृति में बनने वाला स्मारक, अखंड ज्योति की व्यवस्था और दूसरा स्मारक भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि चार किलोमीटर लंबी परकोटा (बाउंड्री वॉल), ऑडिटोरियम और राम कथा संग्रहालय का काम वर्ष के अंत तक जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 12:04:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते? न्यूजीलैंड में उठे सवाल पर भारतीय राजनयिक का जवाब </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली/ऑकलैंड : </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान एक बार फिर उनसे जुड़े उस सवाल ने सुर्खियां बटोरीं, जो अक्सर उनके विदेशी दौरों में उठता रहा है रूआखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?ऑकलैंड में भारतीय समुदाय और मीडिया से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार ने विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) और न्यूजीलैंड में भारत के उच्चायुक्त रुद्रेंद्र टंडन से यही सवाल पूछा।</p>
<p>जवाब में टंडन ने मुस्कुराते हुए कहा, "आपका सवाल 'Déjà vu' जैसा है। "हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक सिविल सेवक होने के नाते प्रधानमंत्री की राजनीतिक कार्यशैली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/international/indian-voters-are-mainly-rural-they-want-direct-communication-%E2%80%93/article-152218"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/rudendra.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली/ऑकलैंड : </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान एक बार फिर उनसे जुड़े उस सवाल ने सुर्खियां बटोरीं, जो अक्सर उनके विदेशी दौरों में उठता रहा है रूआखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?ऑकलैंड में भारतीय समुदाय और मीडिया से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार ने विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) और न्यूजीलैंड में भारत के उच्चायुक्त रुद्रेंद्र टंडन से यही सवाल पूछा।</p>
<p>जवाब में टंडन ने मुस्कुराते हुए कहा, "आपका सवाल 'Déjà vu' जैसा है। "हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक सिविल सेवक होने के नाते प्रधानमंत्री की राजनीतिक कार्यशैली पर टिप्पणी करना उनके लिए उचित नहीं होगा।</p>
<h6><strong>'भारतीय मतदाता मुख्यतः ग्रामीण हैं'</strong></h6>
<p>रुद्रेंद्र टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी राजनीति सीधे जनता से संवाद पर आधारित बनाई है। उन्होंने कहा, "भारतीय मतदाता मुख्यतः ग्रामीण हैं। वे सीधे संवाद चाहते हैं। उन्हें बिचौलियों के जरिए बात करना पसंद नहीं है और न ही वे चाहते हैं कि कोई उन पर ऊपर से बात करे।"</p>
<p>टंडन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से सीधे संपर्क बनाने की इस शैली को प्रभावी ढंग से अपनाया है और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुने जाना इसी राजनीतिक मॉडल की सफलता को दर्शाता है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/SupriyaShrinate/status/2075870848200900813?s=20">https://twitter.com/SupriyaShrinate/status/2075870848200900813?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<h6><strong>पहले भी उठ चुका है यही सवाल</strong></h6>
<p>यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर विदेश दौरे के दौरान सवाल पूछा गया हो। मई 2026 में नॉर्वे दौरे के दौरान भी संयुक्त मीडिया कार्यक्रम के बाद एक स्थानीय पत्रकार ने प्रधानमंत्री से पूछा था कि वह पत्रकारों के सवाल क्यों नहीं लेते। उस समय प्रधानमंत्री बिना कोई जवाब दिए कार्यक्रम स्थल से चले गए थे। उस घटना पर भी मीडिया और सोशल मीडिया में व्यापक चर्चा हुई थी।</p>
<h6><strong>न्यूजीलैंड दौरे पर क्या बोले प्रधानमंत्री?</strong></h6>
<p>प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे व्यापार, निवेश और प्रतिभा के आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताते हुए आर्थिक, रणनीतिक और लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने पर जोर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/international/indian-voters-are-mainly-rural-they-want-direct-communication-%E2%80%93/article-152218</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:16:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना में सनसनी: POCSO आरोपी ने किशोरी समेत 6 लोगों की हत्या की, जमानत पर था रिहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हैदराबाद: </strong>तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। पुलिस के अनुसार, POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के एक आरोपी ने कथित तौर पर 16 वर्षीय किशोरी, उसकी मां और दादी की हत्या करने के बाद अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की भी जान ले ली। घटना के बाद आरोपी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।</p>
<h6><strong>पहले किशोरी के घर पहुंचा, फिर किया हमला</strong></h6>
<p>पुलिस के मुताबिक, 35 वर्षीय आरोपी रात करीब 10:45 बजे अपनी कार से गांव से कस्बे पहुंचा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/sensation-pocso-accused-in-telangana-who-killed-6-people-including/article-152195"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2025-03/murder.png" alt=""></a><br /><p><strong>हैदराबाद: </strong>तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। पुलिस के अनुसार, POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के एक आरोपी ने कथित तौर पर 16 वर्षीय किशोरी, उसकी मां और दादी की हत्या करने के बाद अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की भी जान ले ली। घटना के बाद आरोपी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।</p>
<h6><strong>पहले किशोरी के घर पहुंचा, फिर किया हमला</strong></h6>
<p>पुलिस के मुताबिक, 35 वर्षीय आरोपी रात करीब 10:45 बजे अपनी कार से गांव से कस्बे पहुंचा, जहां किशोरी का परिवार रहता था। आरोपी के खिलाफ किशोरी के परिवार ने मई में पीछा करने (स्टॉकिंग) के आरोप में POCSO के तहत मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि दरवाजा खुलते ही उसने किशोरी की मां पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद घर के अंदर सो रही किशोरी की 60 वर्षीय दादी की भी हत्या कर दी।</p>
<h6><strong>किशोरी का अपहरण कर झील के किनारे की हत्या</strong></h6>
<p>पुलिस के अनुसार, आरोपी किशोरी को जबरन अपनी कार में बैठाकर गांव के पास एक झील तक ले गया, जहां उसने कथित तौर पर उसकी भी हत्या कर दी। किशोरी का शव झील के किनारे बरामद हुआ। इस दौरान घर में मौजूद किशोरी की मानसिक रूप से दिव्यांग बहन को आरोपी ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।</p>
<h6><strong>पत्नी और दो मासूम बेटों की भी हत्या</strong></h6>
<p>इसके बाद आरोपी अपने घर पहुंचा और कथित तौर पर अपनी 31 वर्षीय पत्नी तथा चार साल और 18 महीने के दो बेटों की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चे उस समय सो रहे थे।</p>
<h6><strong>पिता को फोन कर किया जुर्म कबूल, फिर फरार</strong></h6>
<p>वारदात के बाद आरोपी ने अपने पिता को फोन कर कथित तौर पर पूरी घटना की जानकारी दी और फिर कार लेकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।</p>
<h6><strong>पिछले महीने मिली थी अग्रिम जमानत</strong></h6>
<p>पुलिस के अनुसार, मई में आरोपी के खिलाफ POCSO के तहत मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया था। बाद में उसने अदालत से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) ली। चूंकि संबंधित धाराओं में अधिकतम सजा सात वर्ष से कम थी, इसलिए उसे व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।</p>
<h6><strong>हत्या की वजह की जांच जारी</strong></h6>
<p>पुलिस ने बताया कि फिलहाल हत्या के पीछे की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है। आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/sensation-pocso-accused-in-telangana-who-killed-6-people-including/article-152195</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:58:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेखर सुमन के करीबी फिल्म निर्माता धर्मेश सांगानी पर ED का शिकंजा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई: </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई के कारोबारी और फिल्म निर्माता धर्मेश नरेंद्र सांगानी के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। 9 जुलाई को की गई तलाशी के दौरान एजेंसी ने अघोषित विदेशी संपत्तियों, विदेशी बैंक खातों और संदिग्ध सीमा-पार वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया है।</p>
<p>धर्मेश सांगानी अभिनेता शेखर सुमन के साथ Shekhar Suman Film Academy (SSFA) के सह-संस्थापक भी रहे हैं। इसी वजह से ED की कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DYXEqi4v5rl/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==">https://www.instagram.com/reel/DYXEqi4v5rl/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==</a></strong></blockquote>
<p>
//&gt;&lt;!--

//--&gt;&lt;!</p>
<h6><strong>कनाडा, अमेरिका और UAE</strong></h6>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/maharashtra/ed-fema-probe-dharmesh-sangani-shekhar-suman/article-152053"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/dharmesh-sangani.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई के कारोबारी और फिल्म निर्माता धर्मेश नरेंद्र सांगानी के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। 9 जुलाई को की गई तलाशी के दौरान एजेंसी ने अघोषित विदेशी संपत्तियों, विदेशी बैंक खातों और संदिग्ध सीमा-पार वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया है।</p>
<p>धर्मेश सांगानी अभिनेता शेखर सुमन के साथ Shekhar Suman Film Academy (SSFA) के सह-संस्थापक भी रहे हैं। इसी वजह से ED की कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DYXEqi4v5rl/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==">https://www.instagram.com/reel/DYXEqi4v5rl/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<h6><strong>कनाडा, अमेरिका और UAE में मिले विदेशी खातों के सुराग</strong></h6>
<p>ED के अनुसार, जांच के दौरान धर्मेश सांगानी से जुड़े कनाडा, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अघोषित बैंक खातों का पता चला है। एजेंसी का दावा है कि कनाडा की एक कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी भी सामने आई है, जिसकी जानकारी संबंधित भारतीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसके अलावा UAE में एक अघोषित कारोबारी इकाई के दस्तावेज भी मिले हैं।</p>
<h6><strong>निर्यात लेनदेन भी जांच के घेरे में</strong></h6>
<p>जांच एजेंसी का कहना है कि कुछ विदेशी खरीदारों से मिलने वाली निर्यात राशि तय समय के भीतर भारत नहीं लाई गई। कई मामलों में अधिकृत बैंक से समय बढ़ाने की अनुमति भी नहीं ली गई। ED ने यह भी दावा किया कि कुछ निर्यात भुगतान उन तीसरे पक्षों से प्राप्त हुए जिनका नाम निर्यात दस्तावेजों में खरीदार या कंसाइनी के रूप में दर्ज नहीं था। इन सभी पहलुओं की FEMA के तहत जांच की जा रही है।</p>
<h6><strong>मोबाइल फोन फेंकने का आरोप</strong></h6>
<p>ED ने आरोप लगाया कि तलाशी के दौरान धर्मेश सांगानी ने डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से अपना मोबाइल फोन इमारत की 13वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया। एजेंसी ने फोन बरामद कर जब्त कर लिया और इस संबंध में मुंबई पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।</p>
<h6><strong>विदेशी एजेंसियां भी कर रही हैं जांच</strong></h6>
<p>ED के मुताबिक, धर्मेश सांगानी से जुड़े कुछ लेनदेन की जांच अमेरिका और ब्रिटेन के कस्टम्स प्राधिकरण भी कर रहे हैं। भारतीय एजेंसी इन मामलों में FEMA उल्लंघन के पहलुओं की भी जांच कर रही है।</p>
<h6><strong>कौन हैं धर्मेश सांगानी?</strong></h6>
<p>धर्मेश नरेंद्र सांगानी मुंबई के कारोबारी और फिल्म निर्माता हैं। वह Kalanee Impex Private Limited के निदेशक हैं और GBM Studios Private Limited से भी जुड़े हैं। इसी बैनर के तहत अभिनेता शेखर सुमन के साथ Shekhar Suman Film Academy की स्थापना की गई थी।</p>
<h6><strong>सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?</strong></h6>
<p>ED की कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर धर्मेश सांगानी और शेखर सुमन के कारोबारी संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि धर्मेश सांगानी शेखर सुमन के करीबी सहयोगी हैं और दोनों ने मिलकर फिल्म अकादमी की स्थापना की थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए लिखा, "Now go join the dots."</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/sardesairajdeep/status/2075455701468786914?s=20">https://twitter.com/sardesairajdeep/status/2075455701468786914?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>वहीं, राजनीतिक व्यंग्य मंच The DeshBhakt ने भी X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि शेखर सुमन ने इंटरनेट पर राजनीतिक व्यंग्य के जरिए सरकार की आलोचना की और अब उनके करीबी सहयोगी पर ED की कार्रवाई हुई है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/TheDeshBhakt/status/2075475730528686314?s=20">https://twitter.com/TheDeshBhakt/status/2075475730528686314?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है। ED ने अपनी कार्रवाई को केवल धर्मेश सांगानी, उनकी कंपनियों और कथित FEMA उल्लंघनों तक सीमित बताया है। एजेंसी ने शेखर सुमन के खिलाफ किसी भी प्रकार की जांच, तलाशी या कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है।</p>
<h6><strong>अभी जांच जारी</strong></h6>
<p>फिलहाल ED जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और विदेशी वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। एजेंसी की ओर से अभी तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है और जांच आगे भी जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>महाराष्ट्र</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/maharashtra/ed-fema-probe-dharmesh-sangani-shekhar-suman/article-152053</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 14:34:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'जिसे कुत्ता भी नहीं पूछता...': देवेंद्र फडणवीस के बयान पर मचा सियासी बवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के Missing Link प्रोजेक्ट को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक टिप्पणी पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं महायुति गठबंधन के सहयोगी दल NCP ने भी परियोजना की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में फडणवीस कथित तौर पर कहते नजर आए, "जिन्हें कुत्ता भी नहीं पूछता, वे आजकल सोशल मीडिया पर आकर सभी को गालियां देते हैं, मुख्यमंत्री को भी गालियां देते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग पैसे लेकर मुंबई-पुणे Missing</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/maharashtra/political-uproar-over-devendra-fadnaviss-statement-which-even-a-dog/article-152029"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/devendra-fadnavis.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के Missing Link प्रोजेक्ट को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक टिप्पणी पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं महायुति गठबंधन के सहयोगी दल NCP ने भी परियोजना की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में फडणवीस कथित तौर पर कहते नजर आए, "जिन्हें कुत्ता भी नहीं पूछता, वे आजकल सोशल मीडिया पर आकर सभी को गालियां देते हैं, मुख्यमंत्री को भी गालियां देते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग पैसे लेकर मुंबई-पुणे Missing Link परियोजना को बदनाम कर रहे हैं और महाराष्ट्र का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<h6><strong>विपक्ष ने साधा निशाना</strong></h6>
<p>शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री के बयान को अहंकार और असफलता का प्रतीक बताते हुए कहा कि सरकार आलोचना दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में असहमति की आवाजों को कुचलने का प्रयास हो रहा है।</p>
<p>महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी कहा कि किसी सरकारी परियोजना पर सवाल उठाना महाराष्ट्र का अपमान नहीं है। उनके मुताबिक सरकार की आलोचना और राज्य की आलोचना दोनों अलग-अलग बातें हैं।</p>
<p>शिवसेना (UBT) की नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि जनता सरकार से सवाल पूछ रही है, महाराष्ट्र से नहीं। उन्होंने कहा कि करदाताओं को सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/rautsanjay61/status/2075069115580961209?s=20">https://twitter.com/rautsanjay61/status/2075069115580961209?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<h6><strong>सहयोगी NCP ने भी उठाए सवाल</strong></h6>
<p>विवाद केवल विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। महायुति सरकार के सहयोगी NCP विधायक संजय बनसोड ने भी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली ही भारी बारिश में सुरंग के प्रवेश द्वार के पास नुकसान हुआ, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।</p>
<p>उन्होंने परियोजना की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने और निर्माण में कथित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।</p>
<h6><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h6>
<p>करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे Missing Link परियोजना का उद्घाटन मई 2026 में किया गया था। हाल ही में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन की घटना के बाद मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।</p>
<p>महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) ने इसे 'प्राकृतिक आपदा (Act of God)' बताया है और कहा है कि सुरंग की मुख्य संरचना सुरक्षित है। हालांकि घटना के बाद परियोजना की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>महाराष्ट्र</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/maharashtra/political-uproar-over-devendra-fadnaviss-statement-which-even-a-dog/article-152029</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 12:00:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Samsung Galaxy Z Flip सीरीज हो सकती है बंद! Galaxy Z Flip 8 बन सकता है आखिरी फ्लिप फोन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: </strong>Samsung की लोकप्रिय Galaxy Z Flip सीरीज को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। मशहूर टिप्स्टर Ice Universe के अनुसार, आने वाला Galaxy Z Flip 8 इस सीरीज का आखिरी फ्लिप स्मार्टफोन हो सकता है। हालांकि, Samsung ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।</p>
<p>अगर यह दावा सही साबित होता है, तो कई वर्षों से चली आ रही Galaxy Z Flip सीरीज का सफर यहीं खत्म हो सकता है।</p>
<h6><strong>लीक में क्या कहा गया?</strong></h6>
<p>मशहूर टेक टिप्स्टर Ice Universe के दावे के अनुसार, Samsung Galaxy Z Flip 8 कंपनी का आखिरी फ्लिप फोल्डेबल स्मार्टफोन हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/tech/samsung-galaxy-z-flip-series-may-be-discontinued-galaxy-z/article-152024"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/samsung1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>Samsung की लोकप्रिय Galaxy Z Flip सीरीज को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। मशहूर टिप्स्टर Ice Universe के अनुसार, आने वाला Galaxy Z Flip 8 इस सीरीज का आखिरी फ्लिप स्मार्टफोन हो सकता है। हालांकि, Samsung ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।</p>
<p>अगर यह दावा सही साबित होता है, तो कई वर्षों से चली आ रही Galaxy Z Flip सीरीज का सफर यहीं खत्म हो सकता है।</p>
<h6><strong>लीक में क्या कहा गया?</strong></h6>
<p>मशहूर टेक टिप्स्टर Ice Universe के दावे के अनुसार, Samsung Galaxy Z Flip 8 कंपनी का आखिरी फ्लिप फोल्डेबल स्मार्टफोन हो सकता है। इसके बाद Samsung इस सीरीज को बंद कर सकता है। हालांकि, यह जानकारी फिलहाल केवल लीक और रिपोर्ट्स पर आधारित है। Samsung की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।</p>
<h6><strong>क्यों बंद हो सकती है Flip सीरीज?</strong></h6>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, Flip स्मार्टफोन स्टाइल और कॉम्पैक्ट डिजाइन के लिए पसंद किए जाते हैं, लेकिन बुक-स्टाइल फोल्डेबल फोन प्रोडक्टिविटी और बड़े डिस्प्ले के कारण ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं। इसी वजह से Samsung भविष्य में अपने नए वाइड फोल्डेबल डिजाइन पर ज्यादा ध्यान दे सकता है, जिसकी शुरुआत कथित तौर पर Galaxy Z Fold 8 से हो सकती है।</p>
<p><img src="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/samsung1.jpg" alt="samsung1" width="1200" height="720"></img></p>
<h6><strong>दूसरे ब्रांड भी पीछे हट रहे</strong></h6>
<p>Samsung अकेला ऐसा ब्रांड नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई कंपनियों ने भी फ्लिप फोल्डेबल फोन लॉन्च करना कम कर दिया है।</p>
<ul>
<li>OPPO और Vivo ने 2023 के बाद नया Flip फोन पेश नहीं किया।</li>
<li>Xiaomi का MIX Flip 2 2025 में आया, लेकिन वह चीन तक सीमित रहा।</li>
<li>Motorola अभी भी Razr सीरीज बना रहा है, लेकिन उसने भी बुक-स्टाइल फोल्डेबल सेगमेंट में कदम रख दिया है।</li>
</ul>
<h6><strong>क्या कम हो रही है Flip फोन्स की मांग?</strong></h6>
<p>विश्लेषकों का मानना है कि फ्लिप फोल्डेबल स्मार्टफोन का बाजार अपेक्षाकृत छोटा है। वहीं मेमोरी और कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के लिए इस श्रेणी में निवेश करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में Samsung भी अपने संसाधनों को ज्यादा मांग वाले फोल्डेबल डिवाइसों पर केंद्रित कर सकता है।</p>
<p>यदि यह लीक सही साबित होती है, तो Galaxy Z Flip 8 Samsung की लोकप्रिय फ्लिप फोल्डेबल सीरीज का आखिरी मॉडल हो सकता है। फिलहाल कंपनी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक-मित्र</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/tech/samsung-galaxy-z-flip-series-may-be-discontinued-galaxy-z/article-152024</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:07:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'अगर माइलेज घटी तो कौन देगा मुआवजा?' E20 पेट्रोल पर केजरीवाल ने ऑटो कंपनियों को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li><em>केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर 29 ऑटो कंपनियों से लिखित आश्वासन मांगा।</em></li>
<li><em>दावा- 10% से ज्यादा माइलेज घटने या वाहन खराब होने पर कंपनियां मुआवजा दें।</em></li>
<li><em>केंद्र सरकार से E20 को अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक बनाने की मांग।</em></li>
</ul>
<p><strong>नई दिल्ली: </strong>आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर केंद्र सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह Maruti Suzuki, Toyota Kirloskar, Hero MotoCorp समेत करीब 29 वाहन निर्माताओं को पत्र लिखकर E20 ईंधन की सुरक्षा और प्रदर्शन पर लिखित आश्वासन मांगेंगे।</p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि अगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/delhi/politics-heated-up-again-on-e20-petrol-arvind-kejriwal-asked/article-151710"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/kejriwal-letter.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><em>केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर 29 ऑटो कंपनियों से लिखित आश्वासन मांगा।</em></li>
<li><em>दावा- 10% से ज्यादा माइलेज घटने या वाहन खराब होने पर कंपनियां मुआवजा दें।</em></li>
<li><em>केंद्र सरकार से E20 को अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक बनाने की मांग।</em></li>
</ul>
<p><strong>नई दिल्ली: </strong>आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर केंद्र सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह Maruti Suzuki, Toyota Kirloskar, Hero MotoCorp समेत करीब 29 वाहन निर्माताओं को पत्र लिखकर E20 ईंधन की सुरक्षा और प्रदर्शन पर लिखित आश्वासन मांगेंगे।</p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि अगर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन की माइलेज 10% से अधिक घटती है या इंजन व अन्य पुर्जों को नुकसान होता है, तो कंपनियां इसकी जिम्मेदारी लेते हुए ग्राहकों को मुआवजा दें।</p>
<h6><strong>क्या मांग रहे हैं केजरीवाल?</strong></h6>
<p>केजरीवाल का कहना है कि वाहन कंपनियां लिखित रूप में बताएं कि क्या उनके 2023 से पहले बने मॉडल E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। साथ ही यदि E20 के कारण किसी वाहन में खराबी आती है या पुर्जे जल्दी घिसते हैं, तो कंपनियां उन्हें मुफ्त में बदलने की गारंटी दें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कंपनियों को सात दिन के भीतर जवाब देना चाहिए और वह इन पत्रों को सार्वजनिक भी करेंगे।</p>
<h6><strong>वाहन कंपनियों पर क्या आरोप लगाए?</strong></h6>
<p>AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि कई वाहन कंपनियों के ओनर मैनुअल और उनके सार्वजनिक बयानों में विरोधाभास है। उनके मुताबिक, कुछ मैनुअल में अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जबकि सार्वजनिक मंचों पर कंपनियां E20 को पूरी तरह सुरक्षित बता रही हैं। हालांकि, Maruti Suzuki, Toyota Kirloskar और Hero MotoCorp की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>
<h6><strong>30 करोड़ वाहनों पर जताई चिंता</strong></h6>
<p>केजरीवाल ने दावा किया कि देश में करीब 22 करोड़ मोटरसाइकिल और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं, जो E20 के अनुरूप नहीं हैं। उनका आरोप है कि यदि E20 को अनिवार्य रखा गया, तो करोड़ों वाहन प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखने की बात कही है और मांग की है कि E20 पेट्रोल को अनिवार्य बनाने के बजाय लोगों को सामान्य पेट्रोल और E20 के बीच विकल्प दिया जाए।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/2074743255078740047?s=20">https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/2074743255078740047?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<h6> </h6>
<p>केंद्र सरकार पहले ही E20 कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों का खंडन कर चुकी है। सरकार का कहना है कि E20 से इंजन को नुकसान, बीमा रद्द होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने जैसे दावों का कोई ठोस आधार नहीं है। फिलहाल E20 पेट्रोल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई है, जबकि ऑटो कंपनियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/delhi/politics-heated-up-again-on-e20-petrol-arvind-kejriwal-asked/article-151710</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/delhi/politics-heated-up-again-on-e20-petrol-arvind-kejriwal-asked/article-151710</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:59:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Gargi Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moto G77 Power भारत में लॉन्च: 7000mAh बैटरी, 50MP कैमरा और Dimensity 6400 के साथ जानें कीमत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: </strong>मोटोरोला ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन Moto G77 Power लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को बड़ी बैटरी और दमदार परफॉर्मेंस वाले डिवाइस के तौर पर पेश किया है। इसमें 7000mAh की बैटरी, MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर, 50MP Sony कैमरा और 120Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले जैसे फीचर्स दिए गए हैं। फोन की बिक्री 13 जुलाई से शुरू होगी।</p>
<h6><strong>Moto G77 Power की कीमत और सेल डेट</strong></h6>
<p>Moto G77 Power को भारत में ₹25,999 की कीमत पर लॉन्च किया गया है। यह केवल 8GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट में उपलब्ध होगा। फोन की बिक्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/tech/moto-g77-power-launched-in-india-with-7000mah-battery-50mp/article-151707"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/moto-g77.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>मोटोरोला ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन Moto G77 Power लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को बड़ी बैटरी और दमदार परफॉर्मेंस वाले डिवाइस के तौर पर पेश किया है। इसमें 7000mAh की बैटरी, MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर, 50MP Sony कैमरा और 120Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले जैसे फीचर्स दिए गए हैं। फोन की बिक्री 13 जुलाई से शुरू होगी।</p>
<h6><strong>Moto G77 Power की कीमत और सेल डेट</strong></h6>
<p>Moto G77 Power को भारत में ₹25,999 की कीमत पर लॉन्च किया गया है। यह केवल 8GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट में उपलब्ध होगा। फोन की बिक्री 13 जुलाई से Flipkart और Motorola India की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू होगी।</p>
<p>लॉन्च ऑफर के तहत Axis Bank और HDFC Bank के क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने पर ₹2,000 का इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा। इसके अलावा, ग्राहकों को ₹2,000 तक का एक्सचेंज बोनस भी दिया जाएगा। यह स्मार्टफोन Pantone Fuchsia Red, Pantone Impenetrable और Pantone Nautical Blue रंगों में उपलब्ध होगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/motorolaindia/status/2074743371713941610?s=20">https://twitter.com/motorolaindia/status/2074743371713941610?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<h6><strong>डिस्प्ले और प्रोसेसर</strong></h6>
<p>Moto G77 Power में 6.72 इंच का Full HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 120Hz टच सैंपलिंग रेट और 1,050 निट्स पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर दिया गया है, जो 6 नैनोमीटर (nm) तकनीक पर आधारित ऑक्टा-कोर चिपसेट है। इसके साथ ARM Mali-G57 MP2 ग्राफिक्स प्रोसेसर (GPU), 8GB LPDDR4X रैम और 128GB UFS 2.2 स्टोरेज मिलती है।</p>
<p>फोन Android 16 आधारित Hello UI पर चलता है। कंपनी ने 1 साल का Android OS अपडेट और 3 साल के सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है। साथ ही, फोन को IP64 रेटिंग मिली है, जो इसे धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रखती है।</p>
<h6><strong>कैमरा</strong></h6>
<p>फोटोग्राफी के लिए फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका मुख्य कैमरा 50 मेगापिक्सल Sony LYT-600 सेंसर के साथ आता है, जबकि दूसरा 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड कैमरा है, जो 120 डिग्री तक का व्यू कैप्चर कर सकता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जिससे 2K रिजॉल्यूशन में 30 फ्रेम प्रति सेकंड (fps) तक वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है।</p>
<h6><strong>बैटरी और अन्य फीचर्स</strong></h6>
<p>Moto G77 Power की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh बैटरी है। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर 59 घंटे तक का बैकअप दे सकती है। फोन 30W फास्ट वायर्ड चार्जिंग और 6W रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करता है, जिससे जरूरत पड़ने पर दूसरे डिवाइस भी चार्ज किए जा सकते हैं।</p>
<p>कनेक्टिविटी के लिए इसमें 5G, 4G LTE, डुअल-बैंड Wi-Fi, Bluetooth 5.4, USB Type-C और GPS का सपोर्ट मिलता है। सिक्योरिटी के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक फीचर दिया गया है। फोन का वजन 215 ग्राम है और इसकी मोटाई 8.89 मिमी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक-मित्र</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/tech/moto-g77-power-launched-in-india-with-7000mah-battery-50mp/article-151707</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:36:24 +0530</pubDate>
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