<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.tarunmitra.in/harshit+/author-12" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Tarun Mitra RSS Feed Generator</generator>
                <title>Harshit - Tarun Mitra</title>
                <link>https://www.tarunmitra.in/author/12/rss</link>
                <description>Harshit RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डीआईजी के तेवर सख्त: फरियादियों से दुर्व्यवहार पर थानेदारों को दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[उमेश श्रीवास्तव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/digs-tough-attitude-warns-police-station-officers-on-misbehavior-with/article-150942"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/img-20260703-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गोंडा।</strong> देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल जनसुनवाई के दौरान एक्शन मोड में नजर आए। जमीन विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की लापरवाही और फरियादियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और पीड़ितों को थाने से लौटाने जैसी प्रवृत्ति अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ी तो सीधे थानेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>जनसुनवाई के दौरान वजीरगंज थाना क्षेत्र का एक मामला सामने आया, जिसमें पिछड़ा वर्ग के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे जमीन दिलाने के नाम पर अनुसूचित जाति के व्यक्ति के नाम बैनामा कराया गया। आवश्यक अनुमति मिलने के बाद भी आरोपितों ने जमीन देने से इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप था कि उसने थाना और क्षेत्राधिकारी कार्यालय में कई बार शिकायत की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई और उसे थाने से भगा दिया गया।</p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने तत्काल वजीरगंज थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। शिकायत में एक होमगार्ड जवान का भी नाम सामने आया है। डीआईजी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो संबंधित थाना प्रभारी सहित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध स्वयं कार्रवाई कराएंगे।</p>
<p>जनसुनवाई में जमीन विवाद से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें एक बुजुर्ग फरियादी के साथ कथित अभद्र व्यवहार की शिकायत की गई। इस पर डीआईजी ने वजीरगंज थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि थाने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए हैं, न कि उन्हें अपमानित कर वापस भेजने के लिए।</p>
<p>उन्होंने कहा, "यदि पुलिस किसी की मदद नहीं कर सकती तो कम से कम उसे मानसिक पीड़ा भी न दे। फरियादियों से सम्मानजनक व्यवहार हर पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है। यदि थाने पर आने वाले व्यक्ति को एक गिलास पानी तक नहीं पिला सकते तो कम से कम उसे परिसर से भगाने की गलती न करें।"</p>
<p>डीआईजी ने कहा कि हाल के दिनों में थानेदारों के व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि कई स्थानों पर पुलिस व्यवस्था अपेक्षित ढंग से काम नहीं कर रही है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी दी कि जनसुनवाई में लापरवाही, फरियादियों से दुर्व्यवहार और शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली पाए जाने पर सीधे निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>डीआईजी के इस सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि अब जनशिकायतों के निस्तारण और थानों में फरियादियों के साथ व्यवहार को लेकर जवाबदेही और बढ़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/digs-tough-attitude-warns-police-station-officers-on-misbehavior-with/article-150942</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/digs-tough-attitude-warns-police-station-officers-on-misbehavior-with/article-150942</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:18:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/img-20260703-wa0020.jpg"                         length="300747"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नौ घंटे तक रेलवे टावर पर डटी रही महिला, पुलिस-प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[उमेश श्रीवास्तव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/woman-standing-on-railway-tower-for-nine-hours-questions-raised/article-150941"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/img-20260703-wa0019.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>बलरामपुर से एसडीआरएफ टीम बुलानी पड़ी, शाम चार बजे सुरक्षित उतारी गई महिला व तीन बच्चे</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>गोंडा । </strong>रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार को एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ रेलवे टावर पर चढ़ गई और करीब नौ घंटे तक पुलिस व रेलवे प्रशासन उसे नीचे उतारने में सफल नहीं हो सके। अंततः बलरामपुर से बुलाई गई एसडीआरएफ टीम ने शाम करीब चार बजे रेस्क्यू अभियान चलाकर पहले बच्चों और फिर महिला को सुरक्षित नीचे उतारा। इस पूरी घटना ने जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था और त्वरित रेस्क्यू क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, तरबगंज थाना क्षेत्र के तिवारी बाजार निवासी गीता मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गई थीं। मुलाकात नहीं होने के बाद वह सीधे गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचीं और सुबह लगभग छह बजे अपने तीन बच्चों के साथ रेलवे टावर पर चढ़ गईं। सूचना मिलने पर आरपीएफ ने जिला पुलिस को अवगत कराया।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर कोतवाल विदेश्वरी मणि त्रिपाठी, महिला पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद महिला को नीचे नहीं उतारा जा सका। बाद में क्षेत्राधिकारी (सिटी) आनंद राय, तरबगंज के क्षेत्राधिकारी उमेश्वर प्रताप सिंह तथा स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला को समझाने के साथ उसके परिचित राम इकबाल से भी बातचीत कराई, लेकिन इसका तत्काल कोई असर नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब दो घंटे बाद बलरामपुर से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। टीम ने लंबा रेस्क्यू अभियान चलाकर पहले तीनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा और उसके बाद महिला को भी सकुशल नीचे लाकर पुलिस के सुपुर्द किया। घटना के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि इसी महिला ने एक जून को भी रघुकुल क्षेत्र में रेलवे टावर पर चढ़कर हंगामा किया था, तब भी बाहरी रेस्क्यू टीम की मदद से उसे नीचे उतारा गया था। दोबारा हुई इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पूर्व की घटना से सबक लेकर निगरानी, काउंसिलिंग और सुरक्षा संबंधी प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी (सिटी) आनंद राय ने घटना के पीछे एक अधिवक्ता और दो पत्रकारों की भूमिका होने का आरोप लगाया है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/woman-standing-on-railway-tower-for-nine-hours-questions-raised/article-150941</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/woman-standing-on-railway-tower-for-nine-hours-questions-raised/article-150941</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:16:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/img-20260703-wa0019.jpg"                         length="376026"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई की चेतावनी: बैंकिंग सुरक्षा पर एआई साइबर हमलों की चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[प्रतिभा सिन्हा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/business/rbi-warns-of-ai-cyber-attacks-on-banking-security/article-150940"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/ोेे.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>आरबीआई बोला-अगले एक साल में सबसे बड़ा साइबर खतरा बन सकते हैं एआई हमले</strong></li>
<li><strong>कम आईटी निवेश पर भी चिंता, सुरक्षा ढांचा आधुनिक बनाने की बैंकों को नसीहत</strong></li>
</ul>
<p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश की बैंकिंग व्यवस्था एक ऐसे खतरे के मुहाने पर खड़ी है, जिसका चेहरा दिखाई नहीं देता, लेकिन जिसकी मार पूरे वित्तीय तंत्र को हिला सकती है। यह खतरा है कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित साइबर हमलों का। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी नवीनतम वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में साफ चेतावनी दी है कि आने वाले एक वर्ष में एआई से संचालित साइबर हमले बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर सकते हैं। </p>
<p>केंद्रीय बैंक का कहना है कि अपराधी अब उसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे दुनिया भविष्य की सबसे बड़ी ताकत मान रही है। आरबीआई के अनुसार, एआई ने साइबर अपराध की प्रकृति पूरी तरह बदल दी है। पहले जहां हैकरों को किसी नेटवर्क में सेंध लगाने में लंबा समय लगता था, वहीं अब एआई की मदद से बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियां तेजी से खोजी जा सकती हैं। ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों को झांसे में लेने वाले फर्जी ई-मेल, संदेश और कॉल पहले से कहीं अधिक वास्तविक प्रतीत होते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक साइबर सुरक्षा उपाय लगातार कमजोर पड़ते जा रहे हैं।</p>
<p>रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था को नई तकनीक के अनुरूप मजबूत नहीं किया गया तो बैंकिंग सेवाओं में रुकावट, संवेदनशील वित्तीय डेटा की चोरी और डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे केवल किसी एक बैंक को नुकसान नहीं होगा, बल्कि पूरे वित्तीय तंत्र में ग्राहकों का भरोसा भी प्रभावित हो सकता है।</p>
<p>वैश्विक साइबर परिदृश्य का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट बताती है कि रूस में सबसे अधिक साइबर हमले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद यूक्रेन और भारत का स्थान है। तुर्की, मैक्सिको और चीन भी उन देशों में शामिल हैं जहां साइबर गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इससे स्पष्ट है कि साइबर अपराध अब सीमाओं में बंधा अपराध नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बन चुका है।</p>
<p>आरबीआई ने बैंकों की तैयारियों का भी आकलन किया। सर्वेक्षण में लगभग 98 प्रतिशत बैंकों ने अपने वर्तमान साइबर जोखिम को 'बहुत निम्न' से 'मध्यम' श्रेणी में रखा और अधिकांश संस्थानों ने जोखिम को नियंत्रित बताया। हालांकि केंद्रीय बैंक ने आगाह किया कि एआई आधारित हमलों की बदलती प्रकृति को देखते हुए केवल मौजूदा व्यवस्था पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं होगा।</p>
<p>रिपोर्ट का एक चिंताजनक पहलू सूचना प्रौद्योगिकी पर होने वाला खर्च भी है। वित्त वर्ष 2025-26 में 81 प्रतिशत बैंकों ने अपने कुल राजस्व का पांच प्रतिशत से कम हिस्सा आईटी पर खर्च किया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब अपराधी अत्याधुनिक एआई का इस्तेमाल कर रहे हों, तब साइबर सुरक्षा पर सीमित निवेश भविष्य में महंगा साबित हो सकता है। आरबीआई ने बैंकों को एआई आधारित सुरक्षा समाधान अपनाने, नियमित सुरक्षा आॅडिट और रेड-टीम परीक्षण कराने, थ्रेट इंटेलिजेंस को मजबूत करने तथा कर्मचारियों को लगातार प्रशिक्षित करने की सलाह दी है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/business/rbi-warns-of-ai-cyber-attacks-on-banking-security/article-150940</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/business/rbi-warns-of-ai-cyber-attacks-on-banking-security/article-150940</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:13:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/%E0%A5%8B%E0%A5%87%E0%A5%87.jpg"                         length="225082"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर स्वामी चिदानन्द का आह्वान, कपड़े के थैले अपनाने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[कपड़े का थैला केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि पृथ्वी के प्रति प्रेम, गंगा के प्रति श्रद्धा और मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक: चिदानन्द सरस्वती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/swami-chidanandas-call-on-plastic-bag-free-day-appeals-to/article-150939"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-03-at-20.52.21.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>ऋषिकेश।</strong> विश्व प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने आह्वान किया कि आज पृथ्वी केवल जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण या कचरे के संकट से नहीं जूझ रही है, बल्कि मानव की उपभोगवादी मानसिकता के कारण अपनी करुण पुकार व्यक्त कर रही है। यह दिवस केवल प्लास्टिक बैग छोड़ने का अभियान नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली, सोच और संस्कृति का पुनर्मूल्यांकन करने का अवसर भी है।</p>
<p>आज विश्व प्रतिवर्ष लगभग 40 करोड़ टन प्लास्टिक का उत्पादन कर रहा है, जिसका एक बड़ा भाग केवल एक बार उपयोग के बाद कचरे में बदल जाता है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अनुसार, हर वर्ष लगभग 1.1 से 1.4 करोड़ टन प्लास्टिक समुद्रों में पहुँचकर जलीय जीवन और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर रहा है।  विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो वर्ष 2050 तक समुद्रों में मछलियों से अधिक प्लास्टिक हो सकता है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि प्लास्टिक अब केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि माइक्रोप्लास्टिक के रूप में हवा, जल, भोजन, नमक, शहद, मानव रक्त, फेफड़ों और यहाँ तक कि गर्भनाल में भी पहुँच चुका है। यह बढ़ता प्रदूषण कैंसर, हार्मोनल असंतुलन, हृदय रोग, प्रजनन संबंधी समस्याओं तथा प्रतिरक्षा तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों को जन्म दे रहा है।</p>
<p><img src="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-03-at-20.52.22.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-07-03 at 20.52.22" width="740" height="450"></img></p>
<p>महाकुम्भ 2025 में परमार्थ निकेतन शिविर से प्लास्टिक मुक्त कुम्भ मेला को लेकर अनेक प्रयोग किये गये। महाकुम्भ में आये वाले श्रद्धालुओं को कपड़े के थैले वितरित किये ताकि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम से कम हो और इसके परिणाम भी अद्भुत थे। झोला आन्दोलन का प्रभाव व्यापक और सफल रहा। मेरी थाली मेरा थैला कुम्भ कभी न होगा मैला, इस स्लोगन से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने लगभग, 15 लाख थालियों का पर परमार्थ निकेतन ने थैले का वितरण किया और इसे अपार सफलता मिली।</p>
<p>स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा, हमारी नदियाँ प्लास्टिक से भर रही हैं, ऐसे में केवल जल प्रदूषित नहीं होता, बल्कि हमारी संवेदनाएँ भी प्रदूषित हो रही हैं। एक साधारण-सा दिखने वाला प्लास्टिक बैग कुछ मिनटों की सुविधा देता है, लेकिन उसका दुष्प्रभाव दशकों तक पृथ्वी पर बना रहता है। यही प्लास्टिक नालियों को जाम करता है, नदियों को प्रदूषित करता है, खेतों की उर्वरता को प्रभावित करता है, समुद्रों में पहुँचकर जलीय जीवन को नष्ट करता है और अंततः सूक्ष्म प्लास्टिक (माइक्रोप्लास्टिक) के रूप में हमारे भोजन, जल, वायु और शरीर तक पहुँच जाता है। यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का संकट है।</p>
<p>स्वामी ने कहा कि सनातन संस्कृति हमें उपभोग नहीं, उपयोग का संदेश देती है, संग्रह नहीं, संयम का मार्ग दिखाती है, और प्रकृति पर अधिकार नहीं, उसके साथ आत्मीय सह-अस्तित्व का दर्शन कराती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में यही धर्म कि धरती को बचाए, जल को निर्मल बनाए, वायु को शुद्ध रखे और प्रत्येक जीव के जीवन की रक्षा करे। यदि हमारी पूजा के बाद प्लास्टिक नदी में पहुँच जाए, तो हमें अपनी पूजा की पवित्रता पर भी विचार करना होगा क्योंकि बंदगी व गंदगी साथ साथ नहीं जा सकते।</p>
<p>स्वामी ने कहा कि आज आवश्यकता केवल सरकारी नीतियों की नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संकल्पों की है। जब हम अपने घर से निकले तो कपड़े का थैला साथ लेकर चले। जब प्रत्येक परिवार प्लास्टिक की जगह प्रकृति-अनुकूल विकल्प अपनाए, जब प्रत्येक विद्यालय अपने विद्यार्थियों में पर्यावरणीय संस्कार विकसित करेगा और जब प्रत्येक धार्मिक स्थल प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था का आदर्श बनेगा, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होगा।</p>
<p>स्वामी जी ने उद्योग जगत, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, नगर निकायों, धार्मिक संस्थाओं और नीति-निर्माताओं से आग्रह किया कि वे प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े, जूट, बाँस और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। ऐसा विकास ही स्थायी है जो पृथ्वी को सुरक्षित रखे।</p>
<p>कपड़े का थैला केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि पृथ्वी के प्रति प्रेम, गंगा के प्रति श्रद्धा और मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। प्रकृति को बचाना किसी एक संस्था का कार्य नहीं, यह हम सबका साझा धर्म, साझा दायित्व और साझा भविष्य है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/swami-chidanandas-call-on-plastic-bag-free-day-appeals-to/article-150939</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/uttarakhand/swami-chidanandas-call-on-plastic-bag-free-day-appeals-to/article-150939</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:06:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-03-at-20.52.21.jpeg"                         length="502432"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दमनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग, संघर्ष समिति का सरकार से आग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) द्वारा लगातार सातवें वर्ष बिजली की दरों में कोई वृद्धि न किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों, अभियंताओं एवं अधिकारियों की अथक मेहनत, समर्पण और बेहतर कार्य संस्कृति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।</p>
<p>संघर्ष समिति ने कहा कि नियामक आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि विद्युत वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा 11,602.24 करोड़ रुपये के नियामकीय सरप्लस (Regulatory Surplus) के कारण वर्ष 2026-27 में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/sangharsh-committee-urges-government-to-withdraw-repressive-action/article-150938"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-03-at-20.51.55.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) द्वारा लगातार सातवें वर्ष बिजली की दरों में कोई वृद्धि न किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों, अभियंताओं एवं अधिकारियों की अथक मेहनत, समर्पण और बेहतर कार्य संस्कृति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।</p>
<p>संघर्ष समिति ने कहा कि नियामक आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि विद्युत वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा 11,602.24 करोड़ रुपये के नियामकीय सरप्लस (Regulatory Surplus) के कारण वर्ष 2026-27 में बिजली की दरें बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं रही। प्रदेश में एटी एंड सी (AT&amp;C) हानियों में लगातार कमी आई है, राजस्व संग्रह में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा विद्युत व्यवस्था पहले की अपेक्षा कहीं अधिक सुदृढ़ हुई है। यही कारण है कि लगातार सात वर्षों से प्रदेश के उपभोक्ताओं पर बिजली दरों का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया।</p>
<p>संघर्ष समिति ने कहा कि जब प्रदेश सरकार स्वयं यह स्वीकार कर रही है कि विद्युत क्षेत्र की वित्तीय एवं परिचालन स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है, बिजली दरें बढ़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ी है और ऊर्जा निगमों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है, तो फिर निजीकरण के नाम पर पिछले दो वर्षों से ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।</p>
<p>संघर्ष समिति ने कहा कि इन सभी उपलब्धियों के पीछे बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की निष्ठा, कठिन परिश्रम और जनसेवा की भावना है। कर्मचारियों ने हर परिस्थिति में प्रदेश की जनता को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की है। इसलिए कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के बजाय उन पर निजीकरण का संकट और दमनात्मक कार्रवाई थोपना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि ऊर्जा क्षेत्र के हितों के भी प्रतिकूल है।</p>
<p>संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि, ऊर्जा निगमों में व्याप्त औद्योगिक अशांति का वातावरण तत्काल समाप्त किया जाए। निजीकरण की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित सभी कार्रवाई वापस ली जाए। मार्च 2023 के  आंदोलन के दौरान विद्युत कर्मचारियों एवं अभियंताओं पर की गई सभी अनुशासनात्मक, दंडात्मक एवं उत्पीड़नात्मक कार्रवाई  तत्काल वापस ली जाए। ऊर्जा निगमों में सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध स्थापित कर कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक संवाद की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।</p>
<p>संघर्ष समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सरकार कर्मचारियों और अभियंताओं के अनुभव, समर्पण और सहयोग पर भरोसा बनाए रखेगी, तो उत्तर प्रदेश का विद्युत क्षेत्र आने वाले वर्षों में भी देश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन का उदाहरण बना रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/sangharsh-committee-urges-government-to-withdraw-repressive-action/article-150938</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/sangharsh-committee-urges-government-to-withdraw-repressive-action/article-150938</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:01:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-03-at-20.51.55.jpeg"                         length="408103"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में कर राजस्व लक्ष्य का 73.4% प्राप्त: खन्ना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश की सुदृढ़ वित्तीय व्यवस्था, पारदर्शी कर प्रशासन तथा प्रभावी राजस्व प्रबंधन के परिणामस्वरूप राज्य के प्रमुख कर एवं करेत्तर राजस्व मदों में लगातार सकारात्मक वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) में प्रमुख कर राजस्व वाली मदों के अंतर्गत 60,825.60 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 73.4 प्रतिशत है।</p>
<p>राज्य कर मद में 50,499.71 करोड़ रूपये के लक्ष्य के सापेक्ष 31,928.64 करोड़ रूपये की प्राप्ति दर्ज की गई है। आबकारी मद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/khanna-achieved-734-of-the-tax-revenue-target-in-the/article-150937"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/ेेे9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश की सुदृढ़ वित्तीय व्यवस्था, पारदर्शी कर प्रशासन तथा प्रभावी राजस्व प्रबंधन के परिणामस्वरूप राज्य के प्रमुख कर एवं करेत्तर राजस्व मदों में लगातार सकारात्मक वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) में प्रमुख कर राजस्व वाली मदों के अंतर्गत 60,825.60 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 73.4 प्रतिशत है।</p>
<p>राज्य कर मद में 50,499.71 करोड़ रूपये के लक्ष्य के सापेक्ष 31,928.64 करोड़ रूपये की प्राप्ति दर्ज की गई है। आबकारी मद में 16,500 करोड़ रूपये के लक्ष्य के सापेक्ष 15,812.21 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित कर 95.8 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है, जबकि परिवहन विभाग ने 3,635.84 करोड़ रूपये के लक्ष्य के सापेक्ष 3,667.98 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित कर 100.9 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रथम तिमाही के ये परिणाम प्रदेश की मजबूत आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन तथा प्रभावी वित्तीय प्रबंधन को दर्शाते हैं।</p>
<p>खन्ना ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के जून माह में प्रदेश के प्रमुख कर एवं करेत्तर राजस्व मदों से 19,551 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई, जबकि गत वर्ष जून, 2025 में यह प्राप्ति 17,983 करोड़ रूपये थी। इस प्रकार प्रदेश ने गत वर्ष के जून माह की तुलना में वर्तमान वित्तीय वर्ष के जून में 1,568 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि दर्ज की है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि जीएसटी के अंतर्गत जून, 2026 में 7,279 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो जून, 2025 के 6,646 करोड़ रूपये के सापेक्ष 633 करोड़ रूपये अधिक है। इसी प्रकार वैट से जून, 2026 में 3,197 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 146 करोड़ रूपये अधिक है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार तथा कर अनुपालन में सुधार का परिणाम है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग ने जून, 2026 में 5,174 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष जून, 2025 की तुलना में 716 करोड़ रूपये अधिक है। वहीं परिवहन विभाग से 1,123 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की तुलना में 293 करोड़ रूपये की वृद्धि दर्शाता है। इसके अतिरिक्त भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग के अंतर्गत 428 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में प्राप्त राजस्व से 96 करोड़ रूपये अधिक है। स्टाम्प एवं निबंधन मद में जून, 2026 के दौरान 2,350 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की तुलना में 316 करोड़ रूपये कम है।</p>
<p>सुरेश कुमार खन्ना ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग राजस्व संग्रह की गति बनाए रखने, कर प्रशासन को और अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने तथा प्रदेश को एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/khanna-achieved-734-of-the-tax-revenue-target-in-the/article-150937</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/khanna-achieved-734-of-the-tax-revenue-target-in-the/article-150937</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:56:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/%E0%A5%87%E0%A5%87%E0%A5%879.jpg"                         length="242125"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ-2025 को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, यूपी ने रचा नया इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[स्वच्छता के बाद ई-गवर्नेंस में भी महाकुंभ ने रचा इतिहासः ऊर्जा मंत्री]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-up-created-new-history/article-150936"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/ेेे56.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने महाकुंभ-2025 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश की उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन और सुशासन की राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतिष्ठा का प्रमाण है।उन्होंने कहा कि महाकुंभ-2025 अनेक मायनों में दिव्य, भव्य, अद्भुत और विलक्षण आयोजन रहा। इस आयोजन ने न केवल भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को विश्व के सामने गौरवपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, बल्कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल नवाचार और कुशल प्रशासन के माध्यम से विकसित भारत की नई तस्वीर भी दुनिया को दिखाई।</p>
<p>श्री शर्मा ने कहा कि महाकुंभ 2025 को इससे पूर्व भारत सरकार द्वारा स्वच्छता-उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और अब केंद्र सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश ने आयोजन, प्रबंधन, स्वच्छता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए राष्ट्रीय मानक स्थापित किए हैं।उन्होंने कहा कि जब महाकुंभ की तैयारियां प्रारंभ हुई थीं, तभी यह स्पष्ट किया गया था कि यह महाकुंभ डिजिटल होगा, आधुनिक तकनीक से संचालित होगा। आज राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने उस संकल्प पर भारत सरकार की भी मुहर लगा दी है।</p>
<p>नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रेरणा और सतत दिशा-निर्देश को देते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।</p>
<p>उन्होंने महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों, स्वच्छता कर्मियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े प्रत्येक कर्मयोगी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनके समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम ने इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल बनाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश आगे भी सुशासन, डिजिटल नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-up-created-new-history/article-150936</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-up-created-new-history/article-150936</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:44:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/%E0%A5%87%E0%A5%87%E0%A5%8756.png"                         length="583011"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिछले वर्ष की तुलना में इस जून 16.05% अधिक राजस्व प्राप्त: नितिन अग्रवाल</title>
                                    <description><![CDATA[अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरूद्ध कार्यवाही में जून माह तक 29,267 अभियोग पंजीकृत, 9.00 लाख ली0 अवैध मदिरा बरामद, 4,641 व्यक्ति किये गये गिरफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/nitin-aggarwal-received-1605-more-revenue-this-june-than-last/article-150935"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/gllog63w4aauobt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>प्रदेश के आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तथा पारदर्शी नीतियों व तकनीकी निगरानी के कारण आबकारी विभाग के राजस्व प्राप्ति में लगातार वृद्धि हो रही है और अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही</p>
<p>आबकारी मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग का 71,278 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे प्राप्त करने केे लिए विभागीय अधिकारी पूर्ण उत्तरदायित्व एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष मंे आबकारी विभाग ने जून, 2026 तक 15,809.25 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया, जो की गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में प्राप्त 14,228.91 करोड़ रूपये के राजस्व से 1,580.34 करोड़ रूपये अर्थात 11.11 प्रतिशत अधिक है। वहीं माह जून, 2026 में 5,173.56 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया गया, जोकि गतवर्ष इसी माह में प्राप्त 4,458.23 करोड़ रूपये के राजस्व से 16.05 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p> आबकारी मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरूद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही करते हुए माह जून, 2026 तक कुल 2,65,870 छापे डाले गये। इसमें से 29,267 अभियोग पंजीकृत किये गये और 9.00 लाख ली0 अवैध मदिरा बरामद की गयी। इस कार्यवाही में 4,641 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और इसमें से 804 व्यक्तियों को जेल भेजा गया तथा अवैध मदिरा की तस्करी मंे प्रयोग किये गये 31 वाहनों को जब्त किया गया।</p>
<p>वहीं जून माह में व्यापक अभियान चलाकर 87,646 छापे डाले गये, जिसमें 9,764 अभियोग पंजीकृत करते हुए 2.56 लाख लीटर अवैध मदिरा बरामद की गयी। इस कार्यवाही में 1,513 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, इसमें से 283 व्यक्तियों को जेल भेजा गया और अवैध मदिरा की तस्करी में प्रयोग किये गये 07 वाहनों को जब्त किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/nitin-aggarwal-received-1605-more-revenue-this-june-than-last/article-150935</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/nitin-aggarwal-received-1605-more-revenue-this-june-than-last/article-150935</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:37:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/gllog63w4aauobt.jpg"                         length="200318"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महापुरुषों की प्रतिमाएं राष्ट्र की चेतना, भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का अमर स्रोत -जयवीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसके महापुरुषों, उसके इतिहास और उसकी संस्कृति से होती है। प्रतिमाएँ केवल कला का उत्कृष्ट उदाहरण नहीं होतीं, बल्कि वे राष्ट्र की सामूहिक स्मृति और सांस्कृतिक चेतना की जीवंत प्रतीक हैं। सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित ये प्रतिमाएँ नई पीढ़ी को निरंतर यह संदेश देती हैं कि महान व्यक्तित्वों ने अपने जीवन से राष्ट्र और समाज के लिए किन आदर्शों की स्थापना की। यही कारण है कि प्रदेश सरकार महापुरुषों की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाकर उन्हें जन-जन की प्रेरणा का स्रोत बना रही है। जयवीर सिंह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/statues-of-great-men-are-the-consciousness-of-the-nation/article-150934"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/रोगनााी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसके महापुरुषों, उसके इतिहास और उसकी संस्कृति से होती है। प्रतिमाएँ केवल कला का उत्कृष्ट उदाहरण नहीं होतीं, बल्कि वे राष्ट्र की सामूहिक स्मृति और सांस्कृतिक चेतना की जीवंत प्रतीक हैं। सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित ये प्रतिमाएँ नई पीढ़ी को निरंतर यह संदेश देती हैं कि महान व्यक्तित्वों ने अपने जीवन से राष्ट्र और समाज के लिए किन आदर्शों की स्थापना की। यही कारण है कि प्रदेश सरकार महापुरुषों की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाकर उन्हें जन-जन की प्रेरणा का स्रोत बना रही है। जयवीर सिंह ने आज यह जानकारी दी।</p><p> उन्होंने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लगभग 43 महापुरुषों, राष्ट्रनायकों एवं संत-महात्माओं की प्रतिमाएँ स्थापित की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 14 प्रतिमाएँ पूर्ण होकर स्थापना के लिए तैयार हैं, जिन्हें आगामी एक-दो माह में स्थापित किया जाएगा। वहीं 17 अन्य प्रतिमाओं के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा उनका निर्माण कार्य प्रगति पर है।</p><p>मंत्री ने बताया कि वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की साढ़े बारह फीट ऊँची अश्वारोही कांस्य प्रतिमाएँ एटा, बलिया, फिरोजाबाद तथा सिरसागंज (मैनपुरी) सहित विभिन्न स्थानों पर स्थापित की जा चुकी हैं। वाराणसी एवं मुरादाबाद में उनकी प्रतिमाएँ स्थापना के लिए तैयार हैं, जबकि देवलास (मऊ) एवं बाराबंकी में उनका निर्माण कार्य चल रहा है। इसी प्रकार सम्राट पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज तथा रानी लक्ष्मीबाई की साढ़े बारह फीट ऊँची अश्वारोही कांस्य प्रतिमाओं की स्थापना भी प्रदेश के विभिन्न जनपदों में की जा रही है।</p><p>उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 65-65 फीट ऊँची भव्य प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं, जो राष्ट्रवाद, सुशासन और लोकसेवा के आदर्शों का संदेश देती हैं। प्रयागराज में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा मैनपुरी में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएँ भी स्थापित की जा चुकी हैं।</p><p>उन्होंने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ की साढ़े बारह फीट ऊँची प्रतिमा गोरखपुर हवाई अड्डे पर स्थापित किए जाने हेतु तैयार है। सरदार वल्लभभाई पटेल की साढ़े बारह फीट ऊँची प्रतिमाएँ प्रतापगढ़ एवं मिर्जापुर में स्थापित की जाएँगी। मेरठ में अमर शहीद मंगल पांडेय, वाराणसी में संत कबीरदास एवं उनके पाँच प्रमुख शिष्यों, मैनपुरी में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर एवं दानवीर भामाशाह, अयोध्या, चित्रकूट एवं मैनपुरी में महर्षि वाल्मीकि, तथा एटा, मैनपुरी, अलीगढ़, औरैया एवं सीतापुर में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबू कल्याण सिंह की छह फीट ऊँची प्रतिमाओं का निर्माण एवं स्थापना का कार्य कराया गया है अथवा प्रगति पर है। वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा बाँदा में स्थापित हो चुकी है तथा रायबरेली एवं आगरा में उनका निर्माण कार्य चल रहा है।</p><p>जयवीर सिंह ने बताया कि प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम में भगवान श्रीराम एवं निषादराज के ऐतिहासिक मिलन को दर्शाती 51 फीट ऊँची भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो भारतीय संस्कृति में सामाजिक समरसता, समानता और आत्मीयता के शाश्वत संदेश का प्रतीक होगी। बहराइच के चित्तौरा स्थित स्मारक परिसर में महाराजा सुहेलदेव की 40 फीट ऊँची अश्वारोही प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है। वाराणसी में संत गुरु रविदास की प्रतिमा तथा चित्रकूट में श्रीरामचरितमानस की रचना करते हुए गोस्वामी तुलसीदास की लगभग साढ़े बारह फीट ऊँची भव्य प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है। वहीं महाराजा सूरजमल की प्रतिमा आगरा के फतेहपुर सीकरी में स्थापित की जा रही है।</p><p>पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल प्रतिमाओं की स्थापना करना नहीं, बल्कि उन महापुरुषों के विचारों, आदर्शों और जीवन मूल्यों को समाज में स्थायी रूप से प्रतिष्ठित करना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है और भविष्य में भी महापुरुषों की स्मृतियों के संरक्षण तथा उनके आदर्शों के व्यापक प्रसार का यह अभियान पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर जारी रहेगा।</p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, राष्ट्रनायकों, संत-महात्माओं एवं महान विभूतियों के सम्मान तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना का अभियान इसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य केवल प्रतिमाओं का निर्माण कराना नहीं, बल्कि समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास, राष्ट्रभक्ति, त्याग, शौर्य, सामाजिक समरसता और लोकसेवा के आदर्शों से जोड़ना है।<br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/statues-of-great-men-are-the-consciousness-of-the-nation/article-150934</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/state/uttar-pradesh/statues-of-great-men-are-the-consciousness-of-the-nation/article-150934</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:29:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%BE%E0%A5%80.jpg"                         length="215260"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ई-रिक्शा को रोक देने वाले ऐप्स पर केंद्र सरकार ने दिखाई सख्ती, ऐप स्टोर से हटाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा को दूर से रोक देने वाले ऐप्स को ऐप स्टोर से हटवा दिया है। साथ ही ऐप स्टोर को इस संबंध में सावधानी बरतने को भी कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने बीएटी-बीएमएस, लोसिगी और इपोच-आई-इओन ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है, जिनका कथित तौर पर बैटरी से चलने वाले वाहनों को दूर से निष्क्रिय करने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा था। </p>
<p>सूत्रों के अनुसार दुरुपयोग किए जा रहे ऐसे अन्य ऐप्स को भी ब्लॉक कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रोनिक्स एवं आईटी मंत्रालय में सचिव एस कृष्णनन ने एक कार्यक्रम से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/national/central-government-showed-strictness-on-apps-that-stop-e-rickshaws-removed/article-150932"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/ोोो.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा को दूर से रोक देने वाले ऐप्स को ऐप स्टोर से हटवा दिया है। साथ ही ऐप स्टोर को इस संबंध में सावधानी बरतने को भी कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने बीएटी-बीएमएस, लोसिगी और इपोच-आई-इओन ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है, जिनका कथित तौर पर बैटरी से चलने वाले वाहनों को दूर से निष्क्रिय करने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा था। </p>
<p>सूत्रों के अनुसार दुरुपयोग किए जा रहे ऐसे अन्य ऐप्स को भी ब्लॉक कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रोनिक्स एवं आईटी मंत्रालय में सचिव एस कृष्णनन ने एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में इसकी पुष्टी की है। उन्होंने कहा कि कल हमारे संज्ञान में ई-रिक्शा को रोकने वाली कुछ ऐप्स संज्ञान में आई थी। इन्हें ऐप स्टोर से हटा लिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/national/central-government-showed-strictness-on-apps-that-stop-e-rickshaws-removed/article-150932</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/national/central-government-showed-strictness-on-apps-that-stop-e-rickshaws-removed/article-150932</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:23:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/%E0%A5%8B%E0%A5%8B%E0%A5%8B.png"                         length="470694"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगले सप्ताह न्यूजीलैंड दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, लक्सन ने जताई खुशी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा की पुष्टि करते हुए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने खुशी जताई और कहा कि भारत उनके देश की आर्थिक समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों देशों के संबंध तेजी से नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं और हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी 10 जुलाई को आॅकलैंड पहुंचेंगे और 11 जुलाई को स्वदेश लौटेंगे। उनकी यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/national/pm-modi-will-visit-new-zealand-next-week-laxan-expressed/article-150930"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/जस-सद्ग.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा की पुष्टि करते हुए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने खुशी जताई और कहा कि भारत उनके देश की आर्थिक समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों देशों के संबंध तेजी से नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं और हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी 10 जुलाई को आॅकलैंड पहुंचेंगे और 11 जुलाई को स्वदेश लौटेंगे। उनकी यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के करीब दो महीने बाद हो रही है। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और बाजार पहुंच को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय निर्यात पर लगने वाले शुल्क समाप्त किए गए हैं, जबकि न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। </p>
<p>कृषि क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सेब, कीवी, मनुका शहद, बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन और वानिकी सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनाई है। दोनों देशों को उम्मीद है कि यह साझेदारी व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/national/pm-modi-will-visit-new-zealand-next-week-laxan-expressed/article-150930</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/national/pm-modi-will-visit-new-zealand-next-week-laxan-expressed/article-150930</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:18:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/%E0%A4%9C%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%97.jpg"                         length="189890"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की सुरक्षा को मिलेगा नया बल, 52 हजार करोड़ से बढ़ेगी तीनों सेनाओं की ताकत  </title>
                                    <description><![CDATA[ड्रोन, मिसाइल, एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम से बढ़ेगी मारक क्षमता ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.tarunmitra.in/national/the-countrys-security-will-get-new-strength-the-strength-of/article-150924"><img src="https://www.tarunmitra.in/media/400/2026-07/लोनब.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत ने अपनी सैन्य ताकत को नई धार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए करीब 52 हजार करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए अत्याधुनिक हथियारों, ड्रोन, मिसाइल प्रणालियों और निगरानी उपकरणों की खरीद को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इन सौदों का उद्देश्य बदलते सुरक्षा परिदृश्य में तीनों सेनाओं की मारक क्षमता और परिचालन दक्षता को मजबूत करना है।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय सेना के लिए मानव रहित हवाई यान (यूएवी), 'आकाश तरंग' इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम), मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एमआरएसएएम), बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (वी-शोराड्स), टैंकों के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और जेट आधारित कामिकाजे ड्रोन सिस्टम की खरीद को मंजूरी दी गई है।</p>
<p>'आकाश तरंग' प्रणाली सेना को दुश्मन के ड्रोन हमलों से बेहतर सुरक्षा देगी, जबकि नई एंटी-टैंक मिसाइलें दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ सेना की क्षमता बढ़ाएंगी। एमआरएसएएम और वी-शोराड्स जैसे एयर डिफेंस सिस्टम हवाई खतरों से सुरक्षा को और मजबूत करेंगे। वहीं, जेट आधारित कामिकाजे ड्रोन सटीक निशाना साधने के साथ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>
<p>भारतीय नौसेना के लिए मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन, नेवल शिपबोर्न अनमैन्ड एरियल सिस्टम तथा इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम की परीक्षण सुविधा स्थापित करने के प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए हैं। इससे समुद्री निगरानी, युद्धक तैयारी और नौसैनिक अभियानों की क्षमता बढ़ेगी।</p>
<p>वायुसेना के लिए हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (एचएपीएस) की खरीद को भी मंजूरी मिली है। यह प्रणाली लंबे समय तक खुफिया निगरानी, टोही, दूरसंचार और रिमोट सेंसिंग जैसी रणनीतिक जरूरतों को पूरा करेगी। उविशेषज्ञों का मानना है कि ये रक्षा सौदे न केवल भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक तकनीक से लैस करेंगे, बल्कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन, मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी कई गुना बढ़ाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.tarunmitra.in/national/the-countrys-security-will-get-new-strength-the-strength-of/article-150924</link>
                <guid>https://www.tarunmitra.in/national/the-countrys-security-will-get-new-strength-the-strength-of/article-150924</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:15:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.tarunmitra.in/media/2026-07/%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%AC.png"                         length="544614"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Harshit]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        