तुगलकी फरमान का शिक्षकों ने एक स्वर में विरोध किया

पुरवा -उन्नाव। शिक्षा महानिदेशक द्वारा 20 नवंबर से आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने एवं डिजिटाइजेशन से धरातलीय समस्याओं को दरकिनार करने के तुगलकी फरमान का शिक्षकों ने एक स्वर में विरोध किया। विद्यालय अवधि के पश्चात शिक्षकों ने ब्लाक मुख्यालय पर एकत्रित होकर शिक्षा महानिदेशक के उक्त तानाशाही और सौतेले रवैए की कड़े शब्दों में निन्दा की। सोमवार को विद्यालय अवधि के पश्चात स्थानीय विकास खण्ड के चमियानी में स्थित बीआरसी कार्यालय पर सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं एकत्र हुए।
 
उन्होंने शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद द्वारा जारी किए गए उस आदेश पर आपत्ति जताई जिसमें 20 नवंबर से आनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी थी। शिक्षकों का कहना है कि उनकी दर्जनों जायज समस्याएं हैं जिनका विभाग एवं महानिदेशक द्वारा अभी तक निस्तारण नहीं किया जा सका है। जबकि पिछली बैठक में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को पूर्ण आश्वाशन दिया गया था कि समस्याओं के निराकरण के बाद ही डिजिटाइजेशन व्यवस्था लागू की जाएगी। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशानुरूप सभी परिषदीय विद्यालयों को दो-दो टेबलेट वितरित किए गए हैं
 
जिसके माध्यम से विद्यालय की सुबह की उपस्थिति से लेकर प्रत्येक गतिविधि को शामिल करते हुए विद्यालय बंद होने तक की गतिविधियों को टेबलेट के माध्यम से आनलाइन करना है। शिक्षकों का कहना है कि अभी हमारी 21 बिंदुओं की समस्याओं का निदान विभाग द्वारा नहीं किया गया। इसके अलावा धरातलीय समस्याओं का भी सामना शिक्षकों को करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे समय से विद्यालय नहीं आते और न ही उनके अभिभावक शिक्षकों का साथ देते हैं। ऐसे में उक्त डिजिटाइजेशन धरातल पर बेमानी है।
 
इसके अलावा अंतर्जनपदीय म्युचुअल व अंत:जनपदीय म्युचुअल स्थानान्तरण भी अधर में फंसे हुए हैं। इसके अलावा सिम कार्ड आदि को शिक्षक की आईडी से लेने का फरमान जारी हुआ जिससे उनके निजी जीवन की गोपनीयता भी भंग होने का खतरा है। इस दौरान उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री एवं ब्लाक अध्यक्ष गजेन्द्र वर्मा, मंत्री संजय द्विवेदी, कोषाध्यक्ष श्रवण पटेल, जूनियर शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष रामजनम सिंह, मंत्री मोतीलाल, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार, कौशल किशोर, चंद्रभानु सिंह, राकेश मिश्रा, आकाश, अन्नपूर्णा वर्मा, इंदू गुप्ता, जयति यादव, महेश्वरी वर्मा, असना फातिमा सहित लगभग ढ़ाई सैकड़ा से अधिक शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
 
इसी कड़ी में असोहा विकास खण्ड के सभी शिक्षकों ने ब्लाक मुख्यालय पर एकत्रित होकर डिजिटाइजेशन एवं आनलाइन उपस्थिति भेजने का कड़ा विरोध किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने शासन व प्रशासन के उक्त तानाशाही एवं अव्यवहारिक आदेश को सौतेला बताया और कहा कि पहले उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए। असोहा में ब्लॉक अध्यक्ष संदीप द्विवेदी मंत्री फूलचंद्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरण मौर्या, तहसील प्रभारी श्यामू चौरसिया, सौरभ मिश्रा, राम बाबू, धर्मपाल सिंह, पवन सिंह, मनोज पटेल, पुनीत तिवारी, वी.पी. सिंह, प्रशांत शुक्ल, महेन्द्र पाल, मनीष चंद्र अवस्थी, हरविंदर कौर, ईशा यादव, गरिमा सिंह, नैना श्रीवास्तव, प्रियंका इत्यादि सैकड़ों की संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने विरोध जताया।
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