आर्थिक संकट से बाहर आया श्रीलंका, दो साल बाद अर्थव्यवस्था में आई तेजी

आर्थिक संकट से बाहर आया श्रीलंका, दो साल बाद अर्थव्यवस्था में आई तेजी

कोलंबो। श्रीलंका में आर्थिक सुधार हुआ है। आर्थिक स्तर पर देश में सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है। बता दें, दो साल पहले श्रीलंका आर्थिक संकट से घिर गया था। देश दिवालिया घोषित हो गया था। दो साल बाद पहली बार देश की आर्थिक स्थिति में बढ़ोत्तरी हुई है। श्रीलंकाई अधिकारी ने वृद्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि हमने उम्मीद से कहीं अधिक पहले स्थिरता हासिल की है।

मंदी से उभरा देश..
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की तीसरी तिमही में श्रीलंकाई जीडीपी में पिछले साल की तुलना में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। श्रीलंका के जनगणना और सांख्यिकी विभाग ने शनिवार को यह रिपोर्ट जारी की है। विभाग द्वारा जारी 2Q23 राष्ट्रीय खातों के अनुसार, अर्थव्यवस्था पिछले वर्ष की पहली तिमाही में शुरू हुई मंदी से उभरी है।

श्रीलंकाई केंद्रीय बैंक (Sri Lankan Central Bank) के गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे ने बताया कि अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्र होते हैं, कृषि, उद्योग और सेवाएं। तीसरी तिमाही के दौरान कृषि क्षेत्र में 3.0 प्रतिशत, उद्योग में 0.3 प्रतिशत और सेवाओं में 1.3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। पिछली तिमाही में 12.6 प्रतिशत की वृद्धि के बाद कर रहित सब्सिडी में 13.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वीरसिंघे ने कहा कि हमने अपने अनुमान से कहीं अधिक पहले ही आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। हम इस पर खुशी व्यक्त करते हैं।

इसी साल जुलाई में भारत आए श्रीलंकाई संसद (Sri Lankan Parliament) अध्यक्ष महिंदा यापा अबेवर्धने ने कहा था कि भारत ने वित्तीय संकट के दौरान हमें बचाया। नहीं तो श्रीलंका में एक तरह का नरसंहार होता। श्रीलंका और भारत सांस्कृतिक, राष्ट्रीय और नीतिगत रूप से काफी करीब से जुड़े हैं। इन सबसे बढ़कर भारत श्रीलंका का भरोसेमंद दोस्त रहा है। मुसीबत के समय भारत ने हमेशा मदद की है। भारत हमारे ऋणों के पुनर्गठन को 12 साल के लिए बढ़ाने को तैयार है। इतिहास में किसी ने हमारी ऐसी मदद नहीं की और न ही ऐसे मदद की हमने उम्मीद की थी।

गौरतलब है, विदेशी मुद्रा भंडार की भारी कमी के कारण श्रीलंका (Sri Lankan) download (3)अपने सबसे बुरे आर्थिक संकट की चपेट में आ गया था। सन् 1948 में ब्रिटेन से आजादी के बाद पहली बार सबसे खराब स्थिति से देश गुजरा है। ऐसे में, भारत ने अपनी नेबरहुड फर्स्ट नीति के अनुरूप पिछले साल लगभग 4 अरब डॉलर की सहायता प्रदान की थी। भारत की मदद के लिए श्रीलंकाई सरकार ने कई बार भारत की तारीफ की है।

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