'लिवेबल सिटीज ऑफ़ टूमोरो' आज के समय की मांग है : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल

'लिवेबल सिटीज ऑफ़ टूमोरो' आज के समय की मांग है : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल

गांधीनगर। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा है कि प्रगति और पर्यावरण दोनों को साथ रखकर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के द्वारा 'सिटीज ऑफ़ टूमोरो' आज के समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को वाइब्रेंट गुजरात समिट 2024 के पूर्वाद्ध रूप में प्री वाइब्रेंट सेमिनार के अंतर्गत शहरी विकास विभाग द्वारा आयोजित ‘लिवेबल सिटीज ऑफ़ टूमोरो’ कॉन्फ़्रेन्स को संबोधित किया। इस सेमिनार में शहरी मामलों एवं आवास निर्माण के केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर, शहरी विकास क्षेत्र के विशेषज्ञ, महानगरों के महापौर, कमिश्नर और पदाधिकारी सहभागी हुए।

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राष्ट्र एवं राज्य के बढ़ते विकास के साथ शहरीकरण भी लगातार बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन और संसाधनों की कमी जैसे प्राकृतिक मुद्दे, शहरों में बढ़ती जनसंख्या, वैश्विक दुर्घटनाओं के प्रभाव, और विपरीत सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों जैसी चुनौतियों के खिलाफ सस्टेनेबल और लिवेबल सिटीज़ के फ्यूचरिस्टिक विज़न के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शहरों में ईज़ ऑफ़ लिविंग में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सिटिज़न सेंट्रिक ऑनलाइन सेवाएं, स्मार्ट पार्किंग से लेकर स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, स्मार्ट ड्रेनेज से स्मार्ट जल प्रबंधन, स्मार्ट चार्जिंग से स्मार्ट ई-मोबिलिटी जैसे आयाम शहरी जनजीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाले बने है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से शहरों को ग्रीन-क्लीन सिटी बनाने के लिए अर्बन फ़ॉरेस्ट कॉन्सेप्ट, यू-20 की सफल योजना, स्वच्छ शहरों के निर्माण के साथ अधिक आधुनिकता जोड़कर गुजरात सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट के लिए फ़्यूचर रेडी हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सस्टेनेबल और लिवेबल शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्री-वाइब्रेंट सम्मेलन का निष्कर्ष शहरों को लिवेबल और लवेबल बनाने में उपयुक्त होगा।

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर ने शुक्रवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में इस प्री-वाइब्रेंट सेमिनार का उद्घाटन किया। केन्द्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने गुजरात को विकास का आदर्श मॉडल बताते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने गुजरात के विकास मॉडल से देश के अन्य राज्यों को दिशा दी। गुजरात में अहमदाबाद, गांधीनगर और सूरत जैसे शहर आदर्श शहर की परिभाषा को सही अर्थ में चरितार्थ करते हैं।

इस अवसर पर जर्मनी के ग्लोबल सॉल्यूशन इंस्टीट्यूट के फेलो निकोलस बौचड ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 के दौरान शहरी विकास के संबंध में हुई विभिन्न चर्चाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने शहरी विकास के विभिन्न मुद्दों और पहलुओं पर भी अपने विचार व्यक्त किए। एक दिवसीय समिट में विशेषज्ञों की उपस्थिति में डिजाइनिंग लिवेबल सिटीज, इम्पलिमेंटिंग लिवेबल सिटीज सहित लिवेबिलिटी इनीशेटिव्स इन गुजरात विषय पर विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

अहमदाबाद महनगरपालिका के आयुक्त एम. थेन्नारसन ने आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव राज कुमार, शहरी विकास एवं शहरी आवास विभाग के प्रमुख सचिव अश्विनी कुमार, कार्यक्रम में शहरी क्षेत्र के विधायक, महानगरपालिकाओं के महापौर, उपमहापौर, आयुक्त, नगर पालिकाओं के प्रमुख, गिफ्ट सिटी के सी.ई.ओ. तपन रे, यूनिसेफ सोशल पॉलिसी के चीफ़ ह्यू ही बान, चीफ़ ऑफ़िसर, क्रेडाई अध्यक्ष शेखर पटेल उपस्थित रहे ।

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