अवैध मिट्टी खनन की पैमाइश करने पहुंचे लेखपाल को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

अवैध मिट्टी खनन की पैमाइश करने पहुंचे लेखपाल को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

शामली-एसडीएस कैराना के आदेश पर अवैध खनन की पैमाइश के लिए पहुंचे हल्का लेखपाल को खनन माफियाओं ने दौडा दौडा कर पीटने के साथ सरकारी अभिलेखों को फाड दिया और नगदी लूट ली। हल्का लेखपाल ने डाक्टरी परीक्षण कराने के बाद आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम खेडाकुर्तान में पिछले कई दिनों से अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें की जा रही थी। शिकायतों के बाद एसडीएम कैराना स्वप्निल यादव ने हल्का लेखपाल पंकज कुमार को मौके पर जाकर मिट्टी खनन की पैमाइश के आदेश दिए थे। जिसके बाद रविवार को हल्का लेखपाल पंकज कुमार गांव खेडाकुर्तान निवासी याकूब पुत्र फैजा के खेत पर पहुंचा।
 
हल्का लेखपाल पंकज कुमार के द्वारा खेत की पैमाइश का प्रयास किया गया। पैमाइश के दौरान हल्का लेखपाल पंकज कुमार और मोनू  के बीच कहां सुनी हो गई। आरोप है कि  झडप के बाद मोनू ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि मोनू के साथ शोयब व मोहित के साथ दो अन्य लोगों ने हल्का लेखपाल को मौके पर दौडा लिया तथा भगा भगा कर उनके साथ डंडों से मारपीट करनी शुरू कर दी। इस दौरान उक्त लोगों ने सरकारी अभिलेखों को फाडने के साथ हल्का लेखपाल की सोने की चैन के साथ जेब से मोबाइल व 6300 रूपए की नगदी भी छीन ली। जिसके बाद आरोपियों ने चैन व मोबाइल लौट दिया। जबकि पैसे नहीं लौटाएं। हल्का लेखपाल ने मारपीट की सूचना स्थानीय थाने में दी।
 
जिसके बाद मौके पर पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गए। हल्का लेखपाल ने मामले में थाने पहुंचकर अपना डाक्टरी परीक्षण कराने के बाद आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले में अभियोग पंजीकृत करने की तैयारी कर रही है।हल्का लेखपाल पंकज कुमार के द्वारा थाने में दी अपनी तहरीर में बताया कि वह उपजिलाधिकारी कैराना के आदेश के बाद मौके पर पहुंचे थे, लेकिन सोचनीय बात है कि हल्का लेखपाल छूट्टी वाले दिन रविवार को वहां क्यों पहुंचे थे, और अगर वह उपजिलाधिकारी कैराना के आदेश पर मौके पर गए थे तो अपने साथ स्थानीय थाने से पुलिस को क्यों साथ नहीं लेकर गए। अगर वह अपने साथ पुलिस को लेकर जातें तो शायद उनके साथ जो घटना हुई उससे बचा जा सकता था।
 
मीडिया का कैमरा चलते ही छिफने लगा लेखपाल
मारपीट के बाद लेखपाल पुलिस के साथ थाने पर पहुंचा जैसे ही मीडिया को लेखपाल के साथ हुई मारपीट की सूचना मिली तो मीडिया लेखपाल की खबर कवरेज करने के लिए पहुंची, मीडिया का कैमरा चलते ही लेखपाल मीडिया कर्मियों पर आग बबूला हो गया,और कैमरा चलने के बाद छिपता हुआ भी नजर आया। फिलहाल यह तो प्रशासनिक जांच में ही पता चलेगा कि रविवार के दिन छुट्टी घोषित होने के बाद भी लेखपाल किस तरह की जांच करने के लिए गांव खेड़ा कुर्तान पहुंचा था।
 
 
 
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