प्रोडक्ट डिलीवर करने के नाम पर 80,000 रुपये की ठगी 

Fraud of Rs 80,000 in the name of delivering product

  प्रोडक्ट डिलीवर करने के नाम पर 80,000 रुपये की ठगी 

साइबर क्राइम : देश और दुनिया में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं. कभी ऑनलइन शॉपिंग, नौकरी, तो कभी बैंक अकाउंट के नाम पर, तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर साइबर अपराधी लोगों को चूना लगा देते हैं.laiptaop

चंडीगढ़ में एक महिला से कोरियर डिलीवरी एजेंट होने का दावा करके एक शख्स ने 80,000 रुपये ठग लिए. हैरानी की बात है कि ठगी की इस वारदात को इस तरह अंजाम दिया कि पीड़ित महिला कुछ समझ नहीं पाई कि आखिर उसके साथ ये धोखा कैसे हो गया.

5 रुपये के बहाने 80,000 का चूना
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मोहाली की रहने वाली एक महिला को पिछले दिनों एक अनजान नंबर से कॉल आया. फोन करने वाले ने कहा कि वह कोरियर सर्विस से बोल रहा है और आपके नाम पर एक पार्सल है. इसके बाद इस शख्स ने महिला से डिलीवरी शुल्क के रूप में 5 रुपये का भुगतान करने को कहा.

महिला इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि उसके साथ बड़ी ठगी होने वाली है. जैसे ही महिला ने पेमेंट लिंक पर क्लिक किया. उसके तुरंत बाद, बैंक अकाउंट से 40,000 रुपये के दो अनधिकृत लेनदेन हुए और उसे 80,000 रुपये का नुकसान हो गया. धोखाधड़ी का एहसास होने पर महिला ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

साइबर ठगों से कैसे बचें?
हालांकि, यह कोई नया मामला नहीं है जब इस तरह का कोई ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है. देश में हर दिन ऐसे मामले आते रहते हैं बस ये शातिर लोग ठगी के तरीके बदलते रहते हैं. सरकार और RBI बार-बार साइबर अपराधों से बचने के लिए लोगों को सचेत करती रहती है. फिर भी लोग अक्सर साइबर ठगों के भरोसे में आकर गलती कर बैठते हैं.

– याद रखें जब भी कोई अनजान व्यक्ति आपसे ऑनलाइन भुगतान करने को कहे तो उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि जरूर करें. अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करें, इसलिए पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड डिटेल्स जैसी जानकारी कभी भी अज्ञात व्यक्तियों या संगठनों को फ़ोन, ईमेल या टेक्स्ट मैसेज पर नहीं दें. क्योंकि, प्रमाणित कंपनी कभी भी अनचाहे चैनलों के माध्यम से इस प्रकार की जानकारी नहीं मांगती है.

– जब भी आपको मोबाइल फोन, ईमेल या व्हाट्स ऐप और अन्य किसी ऐप पर कोई अटैचमेंट का लिंक मिले, तो बेहद सावधान रहें.  किसी भी लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट ओपन करने से पहले सेंडर की पहचान को वेरिफाई करें. साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए लिंक हमेशा असामान्य ईमेल आईडी या डोमेन नाम से आते हैं.

– अपने सभी ऑनलाइन अकाउंट के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें, जिसमें अपरकेस और लोअरकेस अक्षरों, संख्याओं और सिम्बल्स का कॉम्बिनेशन हो. पासवर्ड बनाने में अपना नाम, जन्मतिथि या सामान्य शब्दों जैसी आसानी से अनुमान लगाने योग्य जानकारी का उपयोग करने से बचें. इसके अलावा, टू फैक्टर अथॉन्टिकेशन (2FA) को इनेबल करें.  कभी भी किसी अजनबी के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और अपने बैंकिंग क्रेडेंशियल किसी के साथ शेयर न करें.

 

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