बेधवापथरा के किसानाें को धान बेचने 15 किमी का सफर, किसानों में आक्रोश

गट्टासिल्ली केन्द्र में यथावत रखने की मांग

बेधवापथरा के किसानाें को धान बेचने 15 किमी का सफर, किसानों में आक्रोश

धमतरी। धान खरीद केन्द्र संशोधित करने से वनांचल के किसानों में आक्रोश है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने 15 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा। पहले से निर्धारित खरीद केन्द्र में नाम यथावत रखने की मांग की है। मांगे पूरी नहीं होने पर किसानों ने धान नहीं बेचने की चेतावनी दी है। फिलहाल यहां के एक भी किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान नहीं बेचा है। नगरी ब्लाक अंतर्गत ग्राम बेधवापथरा के किसान सोमनाथ, मंगलूराम, पुनाराम, सतरूपा बाई, रामलाल, जैनूराम, सुमेर सिंह, कलेश कुमार, गणेशराम, मेहतरीन बाई, सहदेव, श्रवण कुमार, वासुदेव, प्यारी लाल, हरीराम आदि ने बताया कि सालों से यहां के किसान अपना धान समर्थन मूल्य पर गट्टासिल्ली खरीदी केन्द्र में बेचते आ रहे हैं। उनके गांव से खरीदी केन्द्र गट्टासिल्ली की दूरी पांच से छह किलोमीटर है, ऐसे में उन्हें ज्यादा परिवहन खर्च नहीं करना पड़ता। समय पर यहां के किसान खरीद केन्द्र आ जा सकते हैं, उन्हें अपना धान बेचने किसी तरह की कोई दिक्कतें नहीं है। यहां के किसानों ने कभी भी शासन-प्रशासन से धान खरीदी केन्द्र बदलने की मांग नहीं किए है न ही कोई शिकायत।

किसानों ने यह भी बताया कि पिछले साल खरीफ सीजन वर्ष 2022 में खरीदी केन्द्र गट्टासिल्ली से बदलकर सभी का नाम खरीद केन्द्र करैहा (आमदी) कर दिया था, इसका जमकर विरोध किया और कलेक्ट्रेट में शिकायत कर खरीद केन्द्र यथावत रखने की मांग की थी, इसके बाद पुन: गट्टासिल्ली खरीद केन्द्र में किया गया, तब जाकर किसानों ने अपना धान समर्थन मूल्य पर बेचे थे। इस साल खरीफ सीजन 2023 में पुन: ग्राम बेधवापथरा के सभी किसानों का नाम समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए खरीद केन्द्र करैहा कर दिया है। इससे किसानों में भारी आक्रोश है। क्योंकि करैहा खरीद केन्द्र की दूरी बेधवापथरा से करीब 15 से 20 किलोमीटर जंगल रास्ता से है। ऐसे में यहां खरीद केन्द्र में नाम जोड़ने से यहां के किसानों को अधिक परिवहन खर्च लगेगा। अतिरिक्त रुपये खर्च करना पड़ेगा। इसके अलावा धान बेचने जाने के लिए किसानों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

जंगल मार्ग होने की वजह से रात में आने-जाने के लिए जंगली जानवरों से खतरा बना रहेगा। क्योंकि धान बेचने के बाद आने-जाने में कई बार रात हो जाता है। ऐसे में पीड़ित किसानों ने पुन: धान खरीद केन्द्र गट्टासिल्ली में किसानों के नाम जोड़ने की गुहार लगाई है। खरीद केन्द्र बदलने से यहां के एक भी किसानों ने अभी तक अपना धान समर्थन मूल्य पर नहीं बेचा है। पिछले दिनों यहां के किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर इसकी शिकायत कर खरीदी केन्द्र बदलने की मांग की थी, लेकिन अभी तक किसी तरह कार्रवाई नहीं की है, इससे किसानों में नाराजगी बनी हुई है।

 

 

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