भारतीय रिजर्व बैंक ने जीआईसी सखावतपुर में किया कैम्प आयोजन।

वित्तीय साक्षरता से ही देश की आर्थिक व्यवस्था होगी मजबूत।

भारतीय रिजर्व बैंक ने जीआईसी सखावतपुर में किया कैम्प आयोजन।

गढ़ी सखावतपुर कालेज के दो बच्चों ने प्रदेश स्तर पर किया नाम रोशन।

मुजफ्फरनगर। भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबन्धक ने कहा कि वित्तीय साक्षरता से ही देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। वित्तीय साक्षरता से ही पैसे का प्रबन्धन किया जा सकता है।उन्होने बुढ़ाना के गढी सखावतपुर के राजकीय इंटर कालेज में वित्तीय साक्षरता कैम्प को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्तीय साक्षरता के लिए अनेक जागरूकता कार्यक्रर्मों का आयोजन करवाया जा रहा है। 

अप्रैल-जुलाई 2023 में आरबीआई द्वारा ऑल इण्डिया फाइनेंशियल एजूकेशन क्विज का आयोजन स्कूली बच्चों के लिए ब्लॉक स्तर, जिला स्तर व प्रदेश स्तर पर कराया गया था। राजकीय इंटर कालेज के दो बच्चों ने इस क्विज में सफलता हासिल करते हुए प्रदेश स्तर तक प्रतिभाग किया था। इसी कड़ी मंे राजकीय इंटर कालेज गढ़ी सखावतपुर में वित्तीय साक्षरता कैम्प का आयोजन किया गया है। उन्होंने स्कूली बच्चों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए बताया कि कैसे अपने धन का प्रबन्धन करना है। 

उन्होंने बच्चों को समझाया कि कैसे छोटी-छोटी बचत से एक बड़ी रकम बनाई जा सकती है। उन्होंने छात्रों को समझाया कि बैंकिग व्यवस्था कैसे चलती है। बैंक जहां लोगों की जमापूंजी को सुरक्षित रखने के साथ ही उसमें वृद्धि करता है, वहीं जरूरत पड़ने पर बैंक लोन भी देता है।जिला अग्रणी प्रबन्धक सुरेन्द्र सिंह ने कैम्प को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत एक विकासशील देश है। भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना है, जिसके लिए भारत के लोगों को वित्तीय साक्षर होना बेहद जरूरी है। 

उन्होंने कहा कि स्कूल के बच्चे कल के भारत का गौरव है, यदि स्कूली बच्चों को वित्तीय साक्षरता का महत्व समझ में आ गया तो फिर भारत को विकसित होने से कोई ताकत नहीं रोक सकती है।
सीएफएल कार्यक्रम की सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक शीजा खानम ने कहा कि एक आम आदमी पूरी जिन्दगी पैसे के लिए कार्य करता है, जबकि अमीर आदमी इसी पैसे को काम पर लगा देता है और तरक्की की ओर अग्रसर हो जाता है। आम आदमी भी यदि अपने पैसे को काम पर लगायेगा, तो उसे भी तरक्की करने से कोई नहीं रोक सकता है। 

पैसे को काम पर लगाने के लिए पैसा होना जरूरी है और पैसा तब आयेगा, जब हम बचत को अपनी जिन्दगी का हिस्सा बनायेंगे। जरूरतों को पूरा करते हुए इच्छाओं पर अंकुश लगाना पड़ेगा। इच्छा उसी स्थिति में पूरी करें, जब इच्छा के सापेक्ष तीन गुणा बचत हमारे पास हो। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा, निवेश पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

वित्तीय साक्षरता सलाहकार अनिल गर्ग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जहां बचत को परिभाषित किया, वहीं सामाजिक सुरक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेन्शन योजना को विस्तार से समझाया। उन्होंने डिजीटल बैंकिंग, फ्रॉड आदि पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान कालेज के शिक्षक व स्कूली छात्रों के अलावा एलडीएम ऑफिस से प्रबन्धक हेमन्त त्यागी, अनूप व क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

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