जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने पोषण ट्रैक पर लाभार्थियों की शत-प्रतिशत फील्डिंग करने के निर्देश

जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने पोषण ट्रैक पर लाभार्थियों की शत-प्रतिशत फील्डिंग करने के निर्देश

हाथरस। बाल विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित विभागीय एप पोषण ट्रैकर, बाल पिटारा, एकसंग, यूनिलर्न एवं सहयोग ऐप के संचालन/फीडिंग के सम्बन्ध में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने पोषण ट्रैकर पर लाभार्थियों की शत-प्रतिशत फीडिंग कराने के निर्देश दिए।
    बैठक के दौरान जिलाधिकारी विभागीय पोर्टल पर डाटा फीडिंग, जनपद में सैम/मैम बच्चों की स्थिति, आंगनबाडी केन्द्र, भवन निर्माण आदि की समीक्षा की। उन्होंने जनपद का आधार वेरीफिकेशन 99.66 प्रतिशत होने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी ने गृह भ्रमण एवं वजन फीडिंग की स्थिति, पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से प्राप्त करने वाली प्रोत्साहन धनराशि की प्रगति की ब्लॉकवार समीक्षा की। जिसमें से बाल विकास परियोजना सादाबाद, सहपऊ, मुरसान की प्रगति कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शत प्रतिशत डाटा पूर्ण करने के निर्देश दिये। जनपद में पूर्व में 35 निर्मित आंगनबाडी केन्द्र एवं वर्तमान में निर्मित हो रहे कुल 78 आंगनबाडी केन्द्रों की कार्यदायी संस्थाओं से स्थिति के बारे में समीक्षा की। उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करते हुए कार्य कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो द्वारा किये जाने वाले होम विजिट में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सैम बच्चों को अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से दिये जा रहे लाभों के बारे में सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिन कुपोषित बच्चों के परिवारों को सहभागिता योजना के अंतर्गत दुधारू गाय उपलब्ध कराने तथा उनकी यथास्थिति का सर्वे कराते हुए रिर्पोट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 
    जिलाधिकारी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रदान की जाने वाली पीएलआई/(प्रोत्साहन राशि) के बारे में समीक्षा करते हुए निर्धारित मानक के अनुसार सभी को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अवगत कराया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दो तरह की प्रोत्साहन राशि प्राप्त होती है पीएलआई चार के तहत उन्हें शत प्रतिशत पुष्टाहार वितरण करने पर रू0 500 की प्रोत्साहन राशि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाती है। पीएलआई 5 के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 80 प्रतिशत बच्चों का वजन एवं 60 प्रतिशत होम विजिट का टारगेट पोषण ट्रैकर एप पर फीड करने पर रू0 1000 प्रतिमाह प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि रूपये 500 की प्रोत्साहन धनराशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है जो कि सितम्बर माह से देय है। इस माह पीएलआई 5 के तहत कुल 1689 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का डाटा पोषण ट्रैकर एप पर फीड होने के कारण प्रोत्साहन राशि पाने योग्य पाई गई है। जिनकी सूचना पीएफएमएस पोर्टल पर फ़ीड कराई जा रही है।    
    बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं यथा जनपद में आई0सी0डी0एस0 विभाग की स्थापना, पोषण ट्रैकर ऐप, चयनित सैम व मैम बच्चों एवं एन0आर0सी की समीक्षा, बाल पिटारा ऐप, आर्दश आंगनवाडी केन्द्र की स्थिति, आंगनवाडी केन्द्रो के निर्माण व आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा, आंगनवाडी केन्द्र का कायाकल्प सर्वे रिर्पोट, सक्षम आंगनवाडी केन्द्र की रिर्पोट, जनपद में 7 लर्निग लैब का विवरण, पोषण वाटिका एवं कुपोषित बच्चों के परिवारो को दी गयी गौवंश की प्रगति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
    बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, परियोजना निदेशक, डी0सी0 मनरेगा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, उपायुक्त वाणिज्यकर, खण्ड विकास अधिकारी, सीडीपीओ तथा सुपरवाईजर आदि उपस्थित रहे।

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