ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले दो गिरफ्तार

फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर करते थे ठगी

ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले दो गिरफ्तार

  • डिजिटल अरेस्ट कर ठगे करीब 30 लाख
  • विदेश में बैठे जालसाजों को भेज देते थे पैसा
लखनऊ। साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल हाउस अरेस्ट कर पीड़ित के साथ 30.50 लाख की धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि खुद को कस्टम अधिकारी व पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करने का काम करते थे। जब कोई सीधे से नहीं मानता था तो फिर फर्जी वारंट के साथ फर्जी न्यायालय का आदेश दिखाकर धोखाधड़ी करते थे। इनके द्वारा यूपी के अलावा राजस्थान, कर्नाटक, आंध्रा प्रदेश, गुजरात व अन्य प्रदेश के लोगों अपना शिकार बना चुके हैं। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम राजीव भसीन उर्फ राजू ,मोहित चोपड़ा उर्फ नानू है।

पुलिस के अनुसार 25 फरवरी 2024 को वादी  निरंजन सिंह द्वारा सूचना दी गयी कि उनके पास एक अज्ञात कॉल आई अज्ञात व्यक्ति ने अपने आपको कस्टम अधिकारी बताते हुए कहा कि आपके नाम पर कंबोडिया से जो पार्सल बुक है। उसमें कुछ जाली पासपोर्ट एटीएम कार्ड पाया गया है एवं वादी के विरुद्ध मनी लॉनड्रिंग का केस हो गया है। फिर उस व्यक्ति द्बारा कॉल को एक अन्य व्यक्ति को यह बताकर ट्रांसफर किया गया कि सीबीआई एवं एनआईए  के अधिकारी आपसे बात करेंगे फिर उस व्यक्ति ने जोकि अपने आपको सीबीआई अधिकारी बता रहा था उसने वादी को डराया धमकाया व डिजिटल हाउस अरेस्ट कर फर्जी अरेस्ट वारंट व न्यायलय का फर्जी सीजर आर्डर  भेजकर वादी के साथ 30.50 लाख रुपए की ठगी कर ली गयी।
 
इस संबंध पीड़ित की तरफ से थाना गाजीपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया। उक्त घटना का खुलासा करने के लिए साइबर क्राइम थाना लखनऊ पर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गयी । प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ करने पर पता चला कि साइबर अपराध पद्धति साइबर अपराधी कोरियर पैकेट में मिले सिम, इंक्स, आधार कार्ड का दुरुपयोग करके, मनी लॉन्ड्रिंग, एमडीएमए, टेररिस्ट कन्वर्जन में नागरिकों का मोबाइल नंबर व अन्य पहचान आदि का इस्तेमाल होना बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाकर अपराध करते हैं।  साइबर अपराधी खुद को पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई जैसे कानून प्रवर्तन अधिकारियों के रूप में प्रस्तुत करते हैं और उन्हें यह विश्वास दिलाने में हेरफेर करते हैं कि उन्होंने कुछ गंभीर अपराध किया है। कुछ मामलों में, पीड़ितों को डिजिटल रूप से गिरफ्तार किया जाता है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उन्हें अपराधियों के सामने स्काइप या अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफार्मों पर दिखाई देने के लिए मजबूर किया जाता है । साइबर जालसाज पीड़ित को यह विश्वास दिलाने में धोखा देते हैं कि उसे 'डिजिटल गिरफ्तारी' के तहत रखा गया है और यदि वे घोटालेबाजों को बड़ी रकम का भुगतान नहीं करते हैं तो उन पर मुकदमा चलाया जाएगा।
 
साइबर अपराधी अक्सर भोले-भाले पीड़ितों को यह विश्वास दिलाकर कि उन्हें 'डिजिटल गिरफ्तारी' में डाल दिया गया है और जब तक वे पैसे नहीं चुका देते, वे घर से बाहर नहीं निकल सकते, उन्हें आत्म-गिरफ्तार करने या स्वयं को एकांतवास में रखने के लिए मजबूर करते हैं। इसके बाद ठगों द्वारा पुलिस स्टेशन जैसे सेटअप दिखाकर वीडियो कॉल करके डराया जाता हैं। पूछताछ के नाम पर वेबकैम, स्काइप मोबाइल से वीडियो कॉल पर डरा धमकाकर उनसे मोटी रकम की ठगी की जाती है। अभियुक्त राजीव भसीन अपने साथी मोहित चोपड़ा उर्फ नानू के साथ मिलकर फर्जी फर्मों के नाम पर करेन्ट अकाउन्ट खुलवाकर विदेश में बैठे फ्रॉडस्टर को अकाउन्ट के क्रेडेन्शियल व्हाट्सअप तथा टेलीग्राम पर भेज दिया करता था। धोखाधड़ी की ट्रांजैक्शन इन खातों पर होती थी तथा ट्रांजैक्शन की ओटीपी विदेश में बैठे फ्रॉडस्टर को भेजने के लिये एक आटोओटीपी फारवर्ड एपह्व का इस्तेमाल करते थे। इस एप के माध्यम से ओटीपी विदेश में इन्टरनेट के माध्यम से चला जाता था। विदेश में बैठे फ्रॉडस्टर द्वारा सम्पूर्ण ट्रांजैक्शन का 1.8 प्रतिशत राजीव भसीन व उसके साथी मोहित चोपड़ा उर्फ नानू को यूएसडीटी  के रूप में भेज दिया जाता था।
 
यह लोग अपने साथियों के साथ विदेशी फ्रॉडस्टरों से सीधे जुड़े हुए थे। फ्रॉडस्टर इनका हिस्सा इनके बताये हुए खाते में ट्रांसफर करते थे तथा पीड़ितों से धोखाधड़ी कर अर्जित किये गये पैसे को इनके साथी विदेश भेजते थे। इस घटना में राजीव भसीन व मोहित चोपड़ा द्वारा साईं राम टेंट हाउस नामक फर्जी फर्म बनाकर करेन्ट अकाउन्ट इंडसइंड बैंक में खुलवाकर वादी मुकदमा के पैसे धोखाधड़ी से हड़पे थे। साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस खाते से सम्बन्धित डाटा लिया गया तो ज्ञात हुआ कि इस अकाउन्ट में देश के कुल 39 घटनाओं के 1.68 करोड रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। जिसमे उत्तर प्रदेश से एक, आन्ध्र प्रदेश से 6, हरियाणा से 2, महाराष्ट्र से 2, राजस्थान से 3, तेलंगाना से 6, असम से 2, बिहार से 1, गुजरात से 3, केरल से 3, कर्नाटक से 3, मध्य प्रदेश से 2, पश्चिम बंगाल से 1 अपराध पंजीकृत है। मंगलवार को राजीव भसीन व उसके साथी मोहित चोपड़ा उर्फ नानू को धोखाधड़ी के सामान के साथ गिरफ्तार किया गया है।
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