पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ हाय-हाय के नारे

पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ हाय-हाय के नारे

पीओके : मणिशंकर अय्यर भले ही पाकिस्तान की जय -जय कर रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ हाय-हाय के नारे लग रहे हैं. वहां अब आजादी की लड़ाई सड़कों पर आ गई है.पीओके  का नागरिक पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के खिलाफ पहले तो सिर्फ आवाज़ बुलंद करती थी लेकिन अब वहां सेना से टकराने को भी तैयार है.पीओके जो खबरें आई हैं...वो पाकिस्तान के कब्जे से आजाद होने का संकेत दे रही हैं. पाकिस्तान समर्थक मणिशंकर अय्यर को पीओके  से आई ये रिपोर्ट जरूर पढ़नी चाहिए. 
पीओके  में तेज हुई बगावत
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अब बगावत तेज हो गई है. पीओके  की बेटियां...भी अब पाकिस्तान हाय-हाय के नारे लगा रही हैं. पाकिस्तान से पीछा छुड़ाने के लिए पीओके  की जनता सड़कों पर आ चुकी है. अंधाधुंध महंगाई और पाकिस्तानी रेंजर्स के ज़ुल्म के ख़िलाफ पीओके  की जनता अब आर-पार के मूड में है. 
पीओके में पाकिस्तानी आर्मी की फ्रंटियर कॉप्स और रेंजर सेना की लामबंदी के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. मुज़फ़्फ़राबाद के ददयाल इलाके की हैं जहां बड़ी संख्या में लोगों ने लामबंद होकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. जब पाकिस्तानी रेंजर्स ने भीड़ को रोकने की कोशिश की तो उनके सब्र का बांध टूट गया और एक जवान को भीड़ ने पीट दिया.
लोगों के सब्र का टूटा बांध
इधर, गुस्साई भीड़ को रोकने कोशिश कर रहे पाकिस्तानी रेंजर्स की गाड़ी में भी लोगों ने तोड़फोड़ कर दी. इस प्रदर्शन में पीओके के छात्र भी उतर आए. जिन्हें रोकने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स ने बल प्रयोग किया. जिसमें कई छात्राओं की आंखों में काफी परेशानी हुई. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

पीओके  से निकले ये नारे इस्लामाबाद तक पहुंच रहे हैं. ये नारे बता रहे हैं कि पीओके  पर इस्लामाबाद का कब्ज़ा अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला. पाकिस्तान जो खुद अंदरूनी समस्याओं से जूझ रहा है. उसनेपीओके  के हालात को बिगाड़कर रख दिया है. पीओके  में बिजली की कीमतें आसमान पर हैं. गेंहू पर सब्सिडी घट गई है और जनता को बुनियादी चीज़ें नहीं मिल पा रही हैं.
आखिर क्यों भड़के हुए हैं लोग?
इन तमाम मुद्दों के खिलाफ पीओके  की जनता लगातार आवाज़ उठा रही है. प्रोटेस्ट इसलिए हो रहे हैं क्योंकि वहां पर रोज़मर्रा की चीजें काफी महंगी हो गई हैं और कुछ राजनीतिक कारण भी लगते हैं क्योंकि काफी सूचना मिल नहीं पाती है. ऐसे मसलों को लेकर पाकिस्तानी सरकार द्वारा सूचना आना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. 
पीओके के लोगों का प्रोटेस्ट इसलिए भी है क्योंकि पाकिस्तान पीओके के प्राकृतिक संसाधनों को पड़ोसी देश चीन को बेच रहा है. इसका अदाहरण है पाकिस्तान के CPEC कॉरिडोर. पाकिस्तान ने बलूचिस्तान से लेकर पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान तक के इलाका चीन के पास गिरवी रख चुका है. 

पीओके  का हिस्सा चीन को बेचने की साजिश

चीन अब पीओके  में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का फेज-2 लॉन्च करने जा रहा है. इसका खुलासा तब हुआ, जब पाकिस्तान के योजना मंत्री एहसान इकबाल चीन के दौरे पर पहुंचे और उन्होंने चीनी विदेश मंत्रालय के वाइस मिनिस्टर सुन वीदोंग से मुलाकात की. सुन वीदोंग गलवान की घटना के समय भारत में राजदूत रह चुके हैं .
पाकिस्तान को इस वक्त पैसों की बहुत जरूरत है और इसी वजह से पीओके  का हिस्सा चीन को बेचकर पाकिस्तान पैसा जुटाना चाहता है. ये बात पीओके  की जनता बखूबी समझ रही है. इसीलिए वहां बगावत की आवाज उठ रही है.पीओके  का यही गुस्सा पाकिस्तान को भारी पड़ने वाला है. 

 

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